RBSE Class 10 Hindi अपठित गद्यांश 2026–27 | 20 Solved Passages

📅 Monday, 12 October 2026 📖 पढ़ रहे हैं...
NCERTClasses.com | कक्षा 10 | 2026–27

RBSE Class 10 Hindi अपठित गद्यांश अभ्यास 2026–27: 20 गद्यांश, 100 प्रश्न और उत्तर

मौलिक अभ्यास-संग्रह: पाठ-बोध, तथ्य-आधारित उत्तर, शब्दार्थ, शीर्षक चयन और निष्कर्ष निकालने का अभ्यास।

यह स्वतंत्र शैक्षणिक अभ्यास सामग्री है, RBSE का आधिकारिक प्रश्नपत्र या प्रश्नों की निश्चित परीक्षा-सूची नहीं।

अपठित गद्यांश क्या है?

अपठित गद्यांश वह पाठ है जिसे विद्यार्थी पहले से पढ़कर याद नहीं करता, बल्कि प्रश्नपत्र या अभ्यास के समय पढ़कर समझता है। उत्तर लिखने के लिए गद्यांश के शब्दों, अर्थ और संदर्भ का उपयोग करना चाहिए। अनुमान तभी उचित है जब पाठ उसका समर्थन करता हो।

हल करने की पाँच-चरण विधि

  1. पहले पूरे गद्यांश को ध्यान से पढ़ें।
  2. मुख्य विचार और प्रमुख शब्द पहचानें।
  3. प्रश्न में पूछी गई बात को गद्यांश में खोजें।
  4. उत्तर संक्षिप्त और स्पष्ट लिखें; आवश्यकता हो तो अपने शब्दों में लिखें।
  5. अंत में उत्तर की वर्तनी और पाठ से संगति जाँचें।

अभ्यास योजना: प्रतिदिन दो गद्यांश हल करें। पहले उत्तर छिपाकर लिखें, फिर समाधान खोलकर मिलान करें। इस तरह 10 दिनों में सभी 20 गद्यांश पूरे हो सकते हैं।

गद्यांश 01: जल संरक्षण

पठन-अभ्यास | लगभग 101 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

जल जीवन का आधार है। घरों, खेतों और उद्योगों में पानी की आवश्यकता होती है। वर्षा का पानी यदि बिना उपयोग के बह जाए तो गर्मियों में जल-संकट बढ़ सकता है। राजस्थान के अनेक क्षेत्रों में लोग परंपरागत रूप से टांके और जोहड़ बनाकर वर्षा जल सहेजते रहे हैं। आज शहरों में छतों से वर्षा जल संग्रह करना भी उपयोगी उपाय है। नल खुला छोड़ना, रिसाव की अनदेखी करना और जरूरत से अधिक पानी बहाना छोटी लगने वाली, पर गंभीर आदतें हैं। जल संरक्षण का अर्थ केवल पानी बचाना नहीं, बल्कि उपलब्ध जल का समझदारी से उपयोग करना भी है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 1.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: पानी की बचत और समझदारी से उपयोग।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “पानी की बचत और समझदारी से उपयोग” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 1.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: टांके और जोहड़।

क्यों? पाठ में “टांके और जोहड़” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 1.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: छतों से वर्षा जल संग्रह।

क्यों? गद्यांश में “छतों से वर्षा जल संग्रह” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 1.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: रिसाव ठीक करना और नल बंद रखना।

क्यों? यह सीख “रिसाव ठीक करना और नल बंद रखना” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 1.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: व्यक्तिगत आदतों का सामूहिक प्रभाव।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “व्यक्तिगत आदतों का सामूहिक प्रभाव” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 02: पुस्तकालय का महत्त्व

पठन-अभ्यास | लगभग 106 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

विद्यालय का पुस्तकालय केवल पुस्तकों की अलमारी नहीं होता; वह जिज्ञासा और विचारों का केंद्र होता है। पाठ्यपुस्तकें परीक्षा की तैयारी में सहायता करती हैं, जबकि कहानियाँ, जीवनियाँ और विज्ञान की लोकप्रिय पुस्तकें हमारी समझ का विस्तार करती हैं। नियमित पठन से शब्द-भंडार बढ़ता है और अपने विचार स्पष्ट रूप से लिखने की क्षमता विकसित होती है। पुस्तकालय में शांत वातावरण पाठक को ध्यान केंद्रित करने में सहायता देता है। पुस्तकों को समय पर लौटाना और उन्हें स्वच्छ रखना प्रत्येक पाठक का उत्तरदायित्व है। जब विद्यार्थी पढ़ी हुई पुस्तक पर मित्रों से चर्चा करते हैं, तब पढ़ना एक साझा सीखने का अनुभव बन जाता है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 2.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: जिज्ञासा और विचारों का केंद्र।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “जिज्ञासा और विचारों का केंद्र” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 2.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: शब्द-भंडार और लेखन क्षमता।

क्यों? पाठ में “शब्द-भंडार और लेखन क्षमता” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 2.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: शांत वातावरण।

क्यों? गद्यांश में “शांत वातावरण” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 2.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: समय पर लौटाना और स्वच्छ रखना।

क्यों? यह सीख “समय पर लौटाना और स्वच्छ रखना” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 2.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: पढ़ी पुस्तक पर चर्चा।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “पढ़ी पुस्तक पर चर्चा” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 03: डिजिटल शिक्षा

पठन-अभ्यास | लगभग 104 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

डिजिटल साधनों ने सीखने के नए अवसर खोले हैं। विद्यार्थी वीडियो, चित्र और अभ्यास प्रश्नों की सहायता से कठिन विषयों को दोबारा समझ सकते हैं। लेकिन स्क्रीन पर दिखाई देने वाली हर सूचना विश्वसनीय नहीं होती। किसी तथ्य को स्वीकार करने से पहले उसका स्रोत और प्रकाशन तिथि देखना आवश्यक है। ऑनलाइन अध्ययन में समय-सारिणी बनाना भी उपयोगी है, क्योंकि लगातार आने वाली सूचनाएँ ध्यान भटका सकती हैं। शिक्षक का मार्गदर्शन, पुस्तक से अध्ययन और डिजिटल सामग्री—तीनों का संतुलित उपयोग सीखने को अधिक प्रभावी बना सकता है। तकनीक साधन है; सोचने और प्रश्न पूछने का काम विद्यार्थी को स्वयं करना होता है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 3.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: सीखने के नए अवसर।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “सीखने के नए अवसर” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 3.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: स्रोत और प्रकाशन तिथि जाँचना।

क्यों? पाठ में “स्रोत और प्रकाशन तिथि जाँचना” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 3.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: सूचनाएँ ध्यान भटकाती हैं।

क्यों? गद्यांश में “सूचनाएँ ध्यान भटकाती हैं” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 3.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: शिक्षक, पुस्तक और डिजिटल सामग्री का संतुलन।

क्यों? यह सीख “शिक्षक, पुस्तक और डिजिटल सामग्री का संतुलन” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 3.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: तकनीक साधन है, सोच विद्यार्थी की।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “तकनीक साधन है, सोच विद्यार्थी की” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 04: पेड़ और पर्यावरण

पठन-अभ्यास | लगभग 103 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

पेड़ हमें छाया, फल और अनेक जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं। उनकी पत्तियाँ वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करती हैं और प्रकाश संश्लेषण के दौरान ऑक्सीजन छोड़ती हैं। वृक्षों की जड़ें मिट्टी को थामने में सहायता करती हैं, जिससे कटाव कम हो सकता है। शहरों में पेड़ गर्मी के प्रभाव को कुछ सीमा तक घटाने में भी उपयोगी होते हैं। केवल पौधारोपण कर देना पर्याप्त नहीं है; पौधे को नियमित पानी, सुरक्षा और देखभाल चाहिए। स्थानीय जलवायु के अनुकूल प्रजातियों का चुनाव करना बेहतर रहता है। हर व्यक्ति अपने आसपास लगे पौधों की देखभाल करके पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकता है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 4.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: छाया, फल और आश्रय।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “छाया, फल और आश्रय” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 4.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: मिट्टी का कटाव कम करना।

क्यों? पाठ में “मिट्टी का कटाव कम करना” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 4.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: पौधे की नियमित देखभाल।

क्यों? गद्यांश में “पौधे की नियमित देखभाल” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 4.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधे।

क्यों? यह सीख “स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधे” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 4.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: पौधारोपण से आगे संरक्षण।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “पौधारोपण से आगे संरक्षण” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 05: समय प्रबंधन

पठन-अभ्यास | लगभग 104 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

समय सभी को समान मात्रा में मिलता है, लेकिन उसका उपयोग अलग-अलग होता है। परीक्षा की तैयारी करने वाला विद्यार्थी यदि बड़े लक्ष्य को छोटे कार्यों में बाँट दे तो पढ़ाई कम कठिन लगती है। दिन की शुरुआत में तीन आवश्यक काम लिखना और उनके लिए उचित समय तय करना एक सरल उपाय है। बीच-बीच में छोटे विश्राम से थकान कम हो सकती है। केवल घंटों की गिनती करना पर्याप्त नहीं; यह देखना भी जरूरी है कि कितना समझा और कितना याद रहा। समय-सारिणी कठोर बंधन नहीं, बल्कि दिशा देने वाला उपकरण है। परिस्थितियों के अनुसार उसमें बदलाव करना समझदारी है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 5.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: लक्ष्य को छोटे कार्यों में बाँटना।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “लक्ष्य को छोटे कार्यों में बाँटना” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 5.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: तीन आवश्यक काम लिखना।

क्यों? पाठ में “तीन आवश्यक काम लिखना” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 5.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: छोटे विश्राम।

क्यों? गद्यांश में “छोटे विश्राम” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 5.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: समझ और याददाश्त की जाँच।

क्यों? यह सीख “समझ और याददाश्त की जाँच” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 5.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: समय-सारिणी में लचीलापन।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “समय-सारिणी में लचीलापन” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 06: स्वच्छता और स्वास्थ्य

पठन-अभ्यास | लगभग 86 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

स्वच्छता का संबंध केवल सुंदर दिखाई देने से नहीं, स्वास्थ्य से भी है। भोजन से पहले हाथ धोना, पीने के पानी को सुरक्षित रखना और आसपास कचरा न फैलाना अच्छी आदतें हैं। गीले और सूखे कचरे को अलग रखने से उसके उचित निपटान में सुविधा होती है। विद्यालय में स्वच्छ शौचालय और साफ पेयजल विद्यार्थियों के लिए आवश्यक हैं। स्वच्छता अभियान तभी सफल होता है जब लोग उसे एक दिन का कार्यक्रम न मानकर रोजमर्रा की जिम्मेदारी समझें। छोटी आदतें मिलकर बड़े परिवर्तन ला सकती हैं।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 6.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: स्वास्थ्य से संबंध।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “स्वास्थ्य से संबंध” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 6.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: भोजन से पहले हाथ धोना।

क्यों? पाठ में “भोजन से पहले हाथ धोना” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 6.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: गीला-सूखा कचरा अलग करना।

क्यों? गद्यांश में “गीला-सूखा कचरा अलग करना” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 6.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: स्वच्छ शौचालय और पेयजल।

क्यों? यह सीख “स्वच्छ शौचालय और पेयजल” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 6.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: दैनिक जिम्मेदारी।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “दैनिक जिम्मेदारी” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 07: राजस्थान की लोकसंस्कृति

पठन-अभ्यास | लगभग 92 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

राजस्थान की लोकसंस्कृति में गीत, नृत्य, वेशभूषा, चित्रकला और हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा दिखाई देती है। अलग-अलग क्षेत्रों की बोलियाँ और लोककथाएँ वहाँ के जीवन का अनुभव सँजोए रखती हैं। मेलों और उत्सवों में कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। पारंपरिक शिल्प केवल सौंदर्य का विषय नहीं; अनेक परिवारों की आजीविका से भी जुड़ा है। नई पीढ़ी यदि बुजुर्गों से लोकगीत और कहानियाँ सीखे तथा स्थानीय कलाकारों के काम को समझे, तो सांस्कृतिक विरासत जीवित रह सकती है। परंपरा का सम्मान करते हुए उसमें नए प्रयोग करना भी संभव है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 7.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: गीत, नृत्य और हस्तशिल्प।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “गीत, नृत्य और हस्तशिल्प” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 7.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: जीवन का अनुभव।

क्यों? पाठ में “जीवन का अनुभव” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 7.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: आजीविका से जुड़ाव।

क्यों? गद्यांश में “आजीविका से जुड़ाव” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 7.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: बुजुर्गों से सीखना।

क्यों? यह सीख “बुजुर्गों से सीखना” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 7.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: परंपरा और नए प्रयोग।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “परंपरा और नए प्रयोग” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 08: वैज्ञानिक दृष्टिकोण

पठन-अभ्यास | लगभग 93 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अर्थ है किसी दावे को बिना जाँचे स्वीकार न करना। जब हमें कोई प्रश्न परेशान करता है, तब हम अवलोकन करते हैं, संभावित उत्तर सोचते हैं और प्रमाण खोजते हैं। प्रयोग में अपेक्षित परिणाम न मिले तो उसे असफलता मानकर छोड़ना उचित नहीं; वह नई जानकारी भी दे सकता है। विज्ञान में प्रश्न पूछना कमजोरी नहीं, सीखने की शुरुआत है। विश्वसनीय जानकारी के लिए प्रमाण, तर्क और पुनः परीक्षण का महत्त्व है। दैनिक जीवन में भी वैज्ञानिक सोच हमें अफवाह और तथ्य के बीच अंतर करने में सहायता करती है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 8.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: दावे को जाँचना।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “दावे को जाँचना” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 8.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: अवलोकन और प्रमाण।

क्यों? पाठ में “अवलोकन और प्रमाण” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 8.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: नई जानकारी का अवसर।

क्यों? गद्यांश में “नई जानकारी का अवसर” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 8.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: प्रश्न पूछना सीखने की शुरुआत।

क्यों? यह सीख “प्रश्न पूछना सीखने की शुरुआत” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 8.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: अफवाह और तथ्य में अंतर।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “अफवाह और तथ्य में अंतर” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 09: खेल और अनुशासन

पठन-अभ्यास | लगभग 97 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

खेल शरीर को सक्रिय रखते हैं और सहयोग की भावना विकसित कर सकते हैं। टीम में खेलने वाला विद्यार्थी समझता है कि केवल व्यक्तिगत प्रतिभा पर्याप्त नहीं; साथियों के साथ तालमेल भी आवश्यक है। अभ्यास के दौरान नियमों का पालन, समय पर पहुँचना और प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना खेलभावना के अंग हैं। हार मिलने पर कारण समझना और फिर अभ्यास करना प्रगति का रास्ता है। पढ़ाई और खेल को विरोधी मानने के बजाय संतुलित दिनचर्या में दोनों के लिए स्थान रखना चाहिए। खेल का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, स्वस्थ और जिम्मेदार व्यक्तित्व का विकास भी है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 9.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: सहयोग और सक्रियता।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “सहयोग और सक्रियता” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 9.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: साथियों से तालमेल।

क्यों? पाठ में “साथियों से तालमेल” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 9.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: नियम और प्रतिद्वंद्वी का सम्मान।

क्यों? गद्यांश में “नियम और प्रतिद्वंद्वी का सम्मान” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 9.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: हार से सीखना।

क्यों? यह सीख “हार से सीखना” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 9.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: पढ़ाई-खेल संतुलन।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “पढ़ाई-खेल संतुलन” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 10: सड़क सुरक्षा

पठन-अभ्यास | लगभग 89 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

सड़क पर सुरक्षा केवल वाहन चालक की जिम्मेदारी नहीं; पैदल चलने वाले और साइकिल सवार भी इसमें भागीदार हैं। सड़क पार करते समय निर्धारित स्थान का उपयोग करना और दोनों ओर देखकर आगे बढ़ना आवश्यक है। दोपहिया वाहन पर उपयुक्त हेलमेट तथा कार में सीट बेल्ट सुरक्षा के महत्त्वपूर्ण साधन हैं। मोबाइल पर ध्यान लगाकर वाहन चलाना खतरनाक हो सकता है। यातायात संकेतों का पालन दूसरों के जीवन का सम्मान करना भी है। जल्दबाजी में नियम तोड़कर बचाए गए कुछ मिनट कभी बड़ी हानि का कारण बन सकते हैं।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 10.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: सभी सड़क उपयोगकर्ताओं की जिम्मेदारी।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “सभी सड़क उपयोगकर्ताओं की जिम्मेदारी” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 10.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: निर्धारित स्थान से पार करना।

क्यों? पाठ में “निर्धारित स्थान से पार करना” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 10.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: हेलमेट और सीट बेल्ट।

क्यों? गद्यांश में “हेलमेट और सीट बेल्ट” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 10.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: मोबाइल से ध्यान भटकना।

क्यों? यह सीख “मोबाइल से ध्यान भटकना” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 10.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: जल्दबाजी से नियम न तोड़ना।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “जल्दबाजी से नियम न तोड़ना” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 11: ऊर्जा की बचत

पठन-अभ्यास | लगभग 90 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

बिजली हमारे दैनिक जीवन को सुविधाजनक बनाती है। पंखे, रोशनी, कंप्यूटर और अनेक उपकरण इससे चलते हैं। ऊर्जा बचाने के लिए खाली कमरे की बत्ती बंद करना, दिन में प्राकृतिक प्रकाश का उपयोग करना और आवश्यकता के अनुसार उपकरण चलाना उपयोगी आदतें हैं। ऊर्जा-दक्ष उपकरण लंबे समय में बिजली की खपत कम कर सकते हैं। ऊर्जा संरक्षण का लाभ केवल बिजली के बिल तक सीमित नहीं; इससे संसाधनों पर दबाव भी घट सकता है। परिवार के सभी सदस्य मिलकर छोटी-छोटी सावधानियाँ अपनाएँ तो उनका प्रभाव बढ़ जाता है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 11.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 11.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: प्राकृतिक प्रकाश।

क्यों? पाठ में “प्राकृतिक प्रकाश” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 11.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: ऊर्जा-दक्ष उपकरण।

क्यों? गद्यांश में “ऊर्जा-दक्ष उपकरण” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 11.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: संसाधनों पर दबाव कम।

क्यों? यह सीख “संसाधनों पर दबाव कम” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 11.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: परिवार की सामूहिक भागीदारी।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “परिवार की सामूहिक भागीदारी” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 12: मिलजुलकर सीखना

पठन-अभ्यास | लगभग 87 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

कक्षा में प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की गति समान नहीं होती। कोई गणित जल्दी समझता है तो कोई भाषा में अधिक सहज होता है। समूह में पढ़ते समय विद्यार्थी एक-दूसरे से प्रश्न पूछ सकते हैं और अलग तरीके से समझा सकते हैं। लेकिन समूह-अध्ययन तभी उपयोगी है जब सभी को बोलने और सोचने का अवसर मिले। किसी साथी की गलती पर हँसने के बजाय उसे समझाना बेहतर है। शिक्षक की सहायता और स्वयं अभ्यास के साथ सहयोगी अध्ययन सीखने का अच्छा माध्यम बन सकता है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 12.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: अलग-अलग सीखने की गति।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “अलग-अलग सीखने की गति” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 12.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: एक-दूसरे से प्रश्न पूछना।

क्यों? पाठ में “एक-दूसरे से प्रश्न पूछना” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 12.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: सभी को अवसर देना।

क्यों? गद्यांश में “सभी को अवसर देना” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 12.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: गलती पर सहायता।

क्यों? यह सीख “गलती पर सहायता” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 12.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: सहयोग और स्वयं अभ्यास।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “सहयोग और स्वयं अभ्यास” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 13: संतुलित भोजन

पठन-अभ्यास | लगभग 83 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

स्वस्थ रहने के लिए भोजन में विविधता महत्त्वपूर्ण है। अनाज, दालें, फल, सब्जियाँ और अन्य उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थ शरीर को अलग-अलग पोषक तत्व प्रदान करते हैं। भोजन की मात्रा व्यक्ति की आयु, गतिविधि और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार बदल सकती है। केवल स्वाद के आधार पर भोजन चुनना पर्याप्त नहीं है। स्वच्छ पानी पीना और भोजन तैयार करते समय सफाई रखना भी जरूरी है। घर में उपलब्ध स्थानीय और मौसमी खाद्य पदार्थ संतुलित भोजन का उपयोगी हिस्सा हो सकते हैं।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 13.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: भोजन में विविधता।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “भोजन में विविधता” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 13.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: अलग-अलग पोषक तत्व।

क्यों? पाठ में “अलग-अलग पोषक तत्व” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 13.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: आयु और गतिविधि।

क्यों? गद्यांश में “आयु और गतिविधि” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 13.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: भोजन की स्वच्छता।

क्यों? यह सीख “भोजन की स्वच्छता” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 13.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: स्थानीय मौसमी खाद्य पदार्थ।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “स्थानीय मौसमी खाद्य पदार्थ” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 14: ईमानदारी का मूल्य

पठन-अभ्यास | लगभग 97 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

ईमानदारी का अर्थ केवल सच बोलना नहीं, अपने कार्यों की जिम्मेदारी स्वीकार करना भी है। यदि विद्यार्थी परीक्षा में अनुचित साधन का उपयोग करता है तो उसे अंक भले मिल जाएँ, पर वास्तविक सीख कम रह जाती है। अपनी गलती स्वीकार करना कभी कठिन लगता है, फिर भी इससे विश्वास बनता है। ईमानदार व्यवहार परिवार, विद्यालय और समाज में संबंधों को मजबूत कर सकता है। जब व्यक्ति किसी लाभ के बिना भी सही काम करता है, तब उसका चरित्र स्पष्ट होता है। ईमानदारी एक बार का निर्णय नहीं, रोज किए जाने वाले छोटे चुनावों का परिणाम है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 14.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: सच और जिम्मेदारी।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “सच और जिम्मेदारी” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 14.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: वास्तविक सीख कम होना।

क्यों? पाठ में “वास्तविक सीख कम होना” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 14.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: विश्वास बनना।

क्यों? गद्यांश में “विश्वास बनना” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 14.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: सही काम करना।

क्यों? यह सीख “सही काम करना” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 14.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: दैनिक छोटे चुनाव।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “दैनिक छोटे चुनाव” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 15: कचरे से संसाधन

पठन-अभ्यास | लगभग 92 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

कई वस्तुएँ उपयोग के बाद तुरंत बेकार नहीं हो जातीं। पुराने कागज के एक ओर खाली हिस्से पर अभ्यास किया जा सकता है। कपड़े के थैले को बार-बार उपयोग में लाना एकल-उपयोग वाली वस्तुओं की आवश्यकता घटाता है। कुछ प्रकार के कचरे का पुनर्चक्रण संभव है, लेकिन उसके लिए उचित छँटाई और स्थानीय व्यवस्था जरूरी है। हर वस्तु को पुनर्चक्रित किया जा सकता है, ऐसा मानना सही नहीं। सबसे पहले अनावश्यक खरीद से बचना, फिर पुनः उपयोग करना और जहाँ संभव हो वहाँ पुनर्चक्रण अपनाना अधिक समझदारी भरा क्रम है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 15.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: अनावश्यक खरीद कम करना।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “अनावश्यक खरीद कम करना” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 15.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: कागज का पुनः उपयोग।

क्यों? पाठ में “कागज का पुनः उपयोग” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 15.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: कपड़े का थैला।

क्यों? गद्यांश में “कपड़े का थैला” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 15.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: उचित छँटाई।

क्यों? यह सीख “उचित छँटाई” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 15.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: कम उपयोग, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “कम उपयोग, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 16: संचार कौशल

पठन-अभ्यास | लगभग 90 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

अच्छा संचार केवल स्पष्ट बोलने से नहीं बनता; ध्यान से सुनना भी उतना ही आवश्यक है। बातचीत में सामने वाले की बात पूरी होने देना सम्मान का संकेत है। यदि कोई बात समझ न आए तो विनम्रता से प्रश्न पूछना चाहिए। लिखित संदेश में सरल भाषा और उचित क्रम पाठक की सहायता करते हैं। क्रोध में भेजा गया संदेश संबंधों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए उत्तर देने से पहले विचार करना उपयोगी है। प्रभावी संचार का उद्देश्य अपनी बात थोपना नहीं, अर्थ को सही ढंग से साझा करना है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 16.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: सुनना और बोलना।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “सुनना और बोलना” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 16.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: बात पूरी होने देना।

क्यों? पाठ में “बात पूरी होने देना” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 16.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: विनम्र प्रश्न।

क्यों? गद्यांश में “विनम्र प्रश्न” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 16.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: सरल भाषा और क्रम।

क्यों? यह सीख “सरल भाषा और क्रम” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 16.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: अर्थ साझा करना।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “अर्थ साझा करना” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 17: किसान और मौसम

पठन-अभ्यास | लगभग 86 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

कृषि का मौसम से गहरा संबंध है। वर्षा, तापमान और मिट्टी की दशा फसलों के विकास को प्रभावित करती हैं। किसान अपने अनुभव के साथ मौसम की जानकारी का उपयोग करके बुवाई और सिंचाई की योजना बनाते हैं। अचानक मौसम बदलने से कठिनाइयाँ बढ़ सकती हैं। पानी का विवेकपूर्ण उपयोग, मिट्टी की देखभाल और उपयुक्त फसल का चयन जोखिम कम करने में सहायता कर सकते हैं। खेती केवल अन्न उत्पादन का कार्य नहीं; इसमें निरंतर अवलोकन, श्रम और निर्णय लेने की क्षमता भी आवश्यक होती है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 17.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: मौसम और कृषि का संबंध।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “मौसम और कृषि का संबंध” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 17.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: बुवाई-सिंचाई की योजना।

क्यों? पाठ में “बुवाई-सिंचाई की योजना” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 17.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: अचानक मौसम परिवर्तन।

क्यों? गद्यांश में “अचानक मौसम परिवर्तन” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 17.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: मिट्टी और जल की देखभाल।

क्यों? यह सीख “मिट्टी और जल की देखभाल” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 17.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: अवलोकन और निर्णय।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “अवलोकन और निर्णय” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 18: यात्रा से सीख

पठन-अभ्यास | लगभग 89 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

यात्रा हमें नए स्थान दिखाने के साथ अलग जीवन-शैलियों को समझने का अवसर देती है। किसी ऐतिहासिक स्थल पर पहुँचकर उसकी बनावट, उपयोग और संरक्षण के बारे में प्रश्न उठ सकते हैं। स्थानीय लोगों से सम्मानपूर्वक बातचीत करने पर नई जानकारी मिलती है। यात्रा के दौरान कचरा न फैलाना और स्मारकों को नुकसान न पहुँचाना आवश्यक है। फोटो लेना आनंददायक है, पर अनुभव को ध्यान से देखना भी महत्त्वपूर्ण है। यदि विद्यार्थी यात्रा के बाद अपने अनुभव लिखें, तो अवलोकन और लेखन दोनों कौशल विकसित हो सकते हैं।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 18.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: नए जीवन अनुभव।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “नए जीवन अनुभव” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 18.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: ऐतिहासिक स्थल के प्रश्न।

क्यों? पाठ में “ऐतिहासिक स्थल के प्रश्न” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 18.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: सम्मानपूर्वक बातचीत।

क्यों? गद्यांश में “सम्मानपूर्वक बातचीत” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 18.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: स्मारक संरक्षण।

क्यों? यह सीख “स्मारक संरक्षण” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 18.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: यात्रा-वृत्तांत लिखना।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “यात्रा-वृत्तांत लिखना” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 19: आपदा के समय सहयोग

पठन-अभ्यास | लगभग 91 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

कभी-कभी बाढ़, तेज आँधी या अन्य आपदाएँ सामान्य जीवन को प्रभावित करती हैं। ऐसी स्थिति में घबराहट फैलाने के बजाय विश्वसनीय निर्देशों का पालन करना चाहिए। परिवार के सदस्यों को सुरक्षित स्थान और आवश्यक संपर्क जानकारी की जानकारी होना उपयोगी है। अफवाहें संकट को बढ़ा सकती हैं, इसलिए अपुष्ट संदेश आगे नहीं भेजने चाहिए। प्रशिक्षित राहतकर्मियों के कार्य में बाधा न डालना और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। आपदा की तैयारी का उद्देश्य भय पैदा करना नहीं, कठिन समय में समझदारी से कार्य करने की क्षमता बढ़ाना है।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 19.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: विश्वसनीय निर्देशों का पालन।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “विश्वसनीय निर्देशों का पालन” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 19.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: सुरक्षित स्थान और संपर्क।

क्यों? पाठ में “सुरक्षित स्थान और संपर्क” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 19.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: अफवाह न फैलाना।

क्यों? गद्यांश में “अफवाह न फैलाना” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 19.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: राहतकर्मियों को सहयोग।

क्यों? यह सीख “राहतकर्मियों को सहयोग” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 19.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: तैयारी से समझदारी।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “तैयारी से समझदारी” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

गद्यांश 20: लक्ष्य और निरंतर अभ्यास

पठन-अभ्यास | लगभग 93 शब्द | 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अभ्यास अंक (स्व-मूल्यांकन हेतु)

बड़ा लक्ष्य अचानक प्राप्त नहीं होता। संगीत सीखना हो, गणित में दक्षता बढ़ानी हो या भाषा सुधारनी हो—नियमित अभ्यास महत्त्वपूर्ण है। शुरुआत में कठिनाई आने पर अपनी प्रगति की तुलना केवल दूसरों से करना निराश कर सकता है। बेहतर है कि विद्यार्थी पिछले सप्ताह के अपने प्रदर्शन से आज के काम की तुलना करे। छोटी उपलब्धियों को पहचानना उत्साह बनाए रखता है। यदि किसी विधि से लाभ न हो तो शिक्षक से सलाह लेकर तरीका बदला जा सकता है। धैर्य, प्रतिक्रिया और निरंतर अभ्यास मिलकर सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करते हैं।

अभ्यास प्रश्न एवं समाधान

प्रश्न 20.1. इस गद्यांश का केंद्रीय विषय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: नियमित अभ्यास।

क्यों? गद्यांश का मुख्य विचार “नियमित अभ्यास” के आसपास विकसित होता है।

प्रश्न 20.2. गद्यांश में कौन-सा प्रमुख उदाहरण या उपाय बताया गया है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: स्वयं की प्रगति से तुलना।

क्यों? पाठ में “स्वयं की प्रगति से तुलना” का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

प्रश्न 20.3. लेखक के अनुसार कौन-सी बात उपयोगी या आवश्यक है?

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: छोटी उपलब्धियों को पहचानना।

क्यों? गद्यांश में “छोटी उपलब्धियों को पहचानना” को उपयोगी या आवश्यक बताया गया है।

प्रश्न 20.4. पाठ से एक व्यावहारिक सीख लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: शिक्षक से सलाह।

क्यों? यह सीख “शिक्षक से सलाह” गद्यांश के विचारों से निकलती है।

प्रश्न 20.5. गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक या निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: धैर्य और प्रतिक्रिया।

क्यों? यह शीर्षक/निष्कर्ष पाठ के व्यापक संदेश “धैर्य और प्रतिक्रिया” को समेटता है।

↑ ऊपर जाएँ

स्व-मूल्यांकन: अपनी प्रगति मापें

प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अभ्यास अंक निर्धारित करें। अर्थ सही हो और उत्तर गद्यांश से समर्थित हो तो 1 अंक दें। उत्तर आंशिक हो तो शिक्षक के मार्गदर्शन में अंक दें। यह केवल स्व-अभ्यास का सुझाव है, बोर्ड की आधिकारिक अंकन योजना नहीं।

अभ्यासप्रश्नअधिकतम अंक
गद्यांश 1–52525
गद्यांश 6–102525
गद्यांश 11–152525
गद्यांश 16–202525
कुल100100

गलत उत्तरों के लिए केवल समाधान याद न करें; संबंधित गद्यांश की वह पंक्ति दोबारा पढ़ें जिससे उत्तर निकलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

अपठित गद्यांश के उत्तर कितने लंबे लिखें?

प्रश्न के अनुरूप उतना ही लिखें जितना आवश्यक है। एक तथ्य पूछने पर एक स्पष्ट वाक्य पर्याप्त हो सकता है।

क्या उत्तर गद्यांश से शब्दशः लिखना जरूरी है?

नहीं। सामान्यतः अपने शब्दों में भी सही उत्तर दिया जा सकता है, बशर्ते अर्थ और तथ्य न बदलें। विशिष्ट परीक्षा निर्देश अलग हों तो उनका पालन करें।

शीर्षक कैसे चुनें?

ऐसा छोटा शीर्षक चुनें जो पूरे गद्यांश के केंद्रीय विचार को व्यक्त करे, केवल एक उदाहरण को नहीं।

क्या ये 2026–27 के आधिकारिक RBSE प्रश्न हैं?

नहीं। ये 2026–27 की तैयारी के लिए स्वतंत्र रूप से तैयार किए गए मौलिक अभ्यास गद्यांश हैं। आधिकारिक पाठ्यक्रम और प्रश्नपत्र संबंधी जानकारी बोर्ड से ही सत्यापित करें।

NCERTClasses.com — पढ़ें, समझें, अभ्यास करें।

संपादकीय टिप्पणी: इस सामग्री के गद्यांश अभ्यास हेतु रचे गए हैं। परीक्षा में प्रश्नों की संख्या, अंकभार और प्रकार के लिए वर्तमान आधिकारिक निर्देश देखें।

Advertisement

📤 शेयर करें:

📚 आगे क्या पढ़ें?

💬 टिप्पणियाँ

No comments:

Post a Comment