RBSE Class 11 Maths Syllabus 2026-27 | कक्षा 11 गणित

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अंतिम अपडेट: 27 अक्टूबर 2026 · आधार: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर का सत्र 2026–27 पाठ्यक्रम (PDF पृष्ठ 36–37)
यह लेख गणित (Mathematics), विषय कोड-15 के लिए है। अन्य विषयों के लिए कक्षा 11 पन्ना देखें। इन्हें भी देखें: कक्षा 11 अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम 2026-27; कक्षा 11 English पाठ्यक्रम 2026-27; कक्षा 11 हिंदी अनिवार्य पाठ्यक्रम 2026-27।

RBSE कक्षा 11 गणित (Mathematics, विषय कोड-15) का सत्र 2026–27 का पाठ्यक्रम राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर ने जारी किया है। इसमें एक प्रश्न पत्र है, जो 100 अंक का है और 3:15 घंटे का है। पाठ्यक्रम में 14 अध्याय हैं, और बोर्ड ने हर अध्याय के अंक अलग-अलग दिए हैं। यानी आप पहले से जान सकते हैं कि कौन-सा अध्याय कितने अंक का है।

इस लेख में सभी 14 अध्यायों के अंक और विषय-बिंदु, हर अध्याय के मुख्य सूत्र, हल किए हुए उदाहरण, अभ्यास-प्रश्न (उत्तर सहित), 8 सप्ताह की तैयारी योजना और FAQ हैं। इसमें एक ज़रूरी बात भी है: PDF में कुछ विषय-बिंदु हिंदी और अंग्रेज़ी सूची में अलग-अलग दिख रहे हैं (जैसे शंकु परिच्छेद में अतिपरवलय), और कुछ सामान्य उप-विषय सूची में नहीं हैं। इन्हें नीचे साफ़ बताया गया है, ताकि आप विद्यालय से पुष्टि कर सकें।

एक नज़र में
  • कुल अंक: 100 · समय: 3:15 घंटे · प्रश्न पत्र: एक · अध्याय: 14
  • सबसे ज़्यादा अंक: संबंध एवं फलन (10) और त्रिकोणमितीय फलन (10)
  • तीसरा स्थान: सीमा और अवकलज (9)
  • 7 अंक के 8 अध्याय: समुच्चय, सम्मिश्र संख्याएँ, क्रमचय-संचय, अनुक्रम-श्रेणी, सरल रेखाएँ, शंकु परिच्छेद, सांख्यिकी, प्रायिकता (कुल 56 अंक)
  • सबसे कम अंक: त्रिविमीय ज्यामिति (4) और रैखिक असमिकाएँ (5)
  • पुस्तक: कक्षा 11 की NCERT गणित

आधिकारिक 2026–27 पाठ्यक्रम PDF खोलें — गणित, पृष्ठ 36–37 ↗

गणित · कक्षा 11 · 2026–27
बोर्डमाध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर
सत्र2026–2027
विषय / कोडगणित (Mathematics) / 15
प्रश्न पत्रएक
समय3 घंटे 15 मिनट
पूर्णांक100
अध्याय14 (अंक अध्यायवार दिए गए हैं)
निर्धारित पुस्तकगणित — NCERT, कक्षा 11 (प्रतिलिप्यधिकार के अंतर्गत)
विषय-सूची

अध्यायवार अंक विभाजन

प्रश्न पत्रसमय (घंटे)प्रश्न पत्र के लिए अंक
एक3:15100

बोर्ड ने हर अध्याय के अंक इस प्रकार दिए हैं:

क्र.अध्यायChapterअंक
1समुच्चयSets7
2संबंध एवं फलनRelations and Functions10
3त्रिकोणमितीय फलनTrigonometric Functions10
4सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरणComplex Numbers and Quadratic Equations7
5रैखिक असमिकाएँLinear Inequalities5
6क्रमचय और संचयPermutations and Combinations7
7द्विपद प्रमेयBinomial Theorem6
8अनुक्रम तथा श्रेणीSequences and Series7
9सरल रेखाएँStraight Lines7
10शंकु परिच्छेदConic Sections7
11त्रिविमीय ज्यामिति का परिचयIntroduction to Three Dimensional Geometry4
12सीमा और अवकलजLimits and Derivatives9
13सांख्यिकीStatistics7
14प्रायिकताProbability7
कुल100
7
10
10
7
5
7
6
7
7
7
4
9
7
7
पट्टी के खाने अध्याय 1 से 14 के क्रम में हैं; संख्या = अंक।

अंकों के क्रम से पढ़ें

अंकअध्यायजोड़
10संबंध एवं फलन; त्रिकोणमितीय फलन20
9सीमा और अवकलज9
7समुच्चय; सम्मिश्र संख्याएँ; क्रमचय और संचय; अनुक्रम तथा श्रेणी; सरल रेखाएँ; शंकु परिच्छेद; सांख्यिकी; प्रायिकता56
6द्विपद प्रमेय6
5रैखिक असमिकाएँ5
4त्रिविमीय ज्यामिति का परिचय4
कुल100

शाखा के अनुसार अंक-भार

नीचे अध्यायों को गणित की शाखाओं में बाँटकर उनका कुल अंक दिया गया है। यह वर्गीकरण तैयारी की सुविधा के लिए मेरा किया हुआ है, बोर्ड का नहीं। अंक बोर्ड की तालिका से जोड़े गए हैं।

शाखाअध्यायजोड़ (अंक)
बीजगणितसमुच्चय 7, संबंध-फलन 10, सम्मिश्र संख्याएँ 7, असमिकाएँ 5, क्रमचय-संचय 7, द्विपद प्रमेय 6, अनुक्रम-श्रेणी 749
त्रिकोणमितित्रिकोणमितीय फलन 1010
निर्देशांक ज्यामितिसरल रेखाएँ 7, शंकु परिच्छेद 7, त्रिविमीय ज्यामिति 418
कलनसीमा और अवकलज 99
सांख्यिकी और प्रायिकतासांख्यिकी 7, प्रायिकता 714
कुल100
  • लगभग आधे अंक (49) बीजगणित के हैं, इसलिए इसकी नींव कमज़ोर नहीं रहनी चाहिए।
  • निर्देशांक ज्यामिति (18) में सूत्र और आकृति दोनों का अभ्यास चाहिए।
  • कलन (9) के सीमित सूत्र हैं, इसलिए यह अपेक्षाकृत जल्दी तैयार होने वाला अध्याय है।
  • सांख्यिकी और प्रायिकता (14) में सूत्र कम हैं और गणना सीधी है; यहाँ अंक आसानी से सुरक्षित किए जा सकते हैं।

3:15 घंटे का समय-प्रबंधन

कुल 195 मिनट हैं, यानी लगभग 1.95 मिनट प्रति अंक। नीचे का बँटवारा सुझाव है:

शाखाअंकसुझाया समय (मिनट)
बीजगणित4990
त्रिकोणमिति1020
निर्देशांक ज्यामिति1835
कलन920
सांख्यिकी और प्रायिकता1420
दोहराव और जाँच—10
कुल100195

PDF में प्रश्नों के प्रकार (objective, short, long) और उनके अंक नहीं दिए गए हैं, इसलिए प्रश्न-पत्र की संरचना के लिए विद्यालय में मिले नमूना पत्र देखें।

PDF की जाँच: जिन बातों की पुष्टि करें

सिलेबस PDF को हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों सूचियों के साथ पढ़ने पर ये बातें दिखीं। इनका मतलब यह नहीं है कि कोई टॉपिक हटा या जुड़ा है। मतलब सिर्फ़ यह है कि PDF में सूची एक जैसी नहीं है, और अंतिम पुष्टि विद्यालय या बोर्ड के निर्देश से करनी चाहिए।

अध्यायPDF में क्या दिखाक्या करें
10. शंकु परिच्छेदहिंदी सूची में वृत्त, परवलय, दीर्घवृत्त और अतिपरवलय हैं। अंग्रेज़ी सूची में केवल Circle, Parabola, Ellipse हैं (Hyperbola नहीं)अतिपरवलय की पढ़ाई के बारे में शिक्षक से पूछें; इस लेख में अतिपरवलय का एक संक्षिप्त नोट अलग से रखा गया है
8. अनुक्रम तथा श्रेणीविषय-बिंदु में अनुक्रम, श्रेणी, गुणोत्तर श्रेणी (G.P.) और A.M.–G.M. संबंध हैं; समांतर श्रेणी (A.P.) अलग से सूचीबद्ध नहीं हैA.M. समझने के लिए A.P. का आधार चाहिए, इसलिए विद्यालय से पूछें कि A.P. पढ़ाई जा रही है या नहीं
4. सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरणशीर्षक में द्विघातीय समीकरण है, पर विषय-बिंदु की सूची में अलग से द्विघातीय समीकरण नहीं दिया गयापुस्तक और विद्यालय के निर्देश से पुष्टि करें
11. त्रिविमीय ज्यामितिविषय-बिंदु: निर्देशाक्ष, निर्देशांक-तल, बिंदु के निर्देशांक और दो बिंदुओं के बीच की दूरी; विभाजन सूत्र नहीं दिया गयापुष्टि करें
3. त्रिकोणमितीय फलनविषय-बिंदु: कोण, त्रिकोणमितीय फलन, और दो कोणों के योग और अंतर के फलनबहुकोण सूत्र, त्रिकोणमितीय समीकरण जैसे उप-विषय सूची में नहीं हैं; पुष्टि करें
14. प्रायिकताविषय-बिंदु: घटना और प्रायिकता का अभिगृहीतीय दृष्टिकोणयादृच्छिक प्रयोग और प्रतिदर्श समष्टि की समझ फिर भी आवश्यक है

बीजगणित के अध्याय (49 अंक)

यह भाग अध्याय 1, 2, 4, 5, 6, 7 और 8 को समेटता है। हर अध्याय में पहले PDF के अनुसार विषय-बिंदु हैं, फिर मुख्य सूत्र और एक हल किया हुआ उदाहरण।

अध्याय 1: समुच्चय (7 अंक)

PDF के विषय: भूमिका, समुच्चय और उनका निरूपण, रिक्त समुच्चय, परिमित और अपरिमित समुच्चय, समान समुच्चय, उपसमुच्चय, सार्वत्रिक समुच्चय, वेन आरेख, समुच्चयों पर संक्रियाएँ, समुच्चय का पूरक।

  • निरूपण: रोस्टर (सूची) रूप {1, 2, 3} और समुच्चय-निर्माण रूप {x : x प्राकृत संख्या, x < 4}।
  • उपसमुच्चयों की संख्या: n अवयव वाले समुच्चय के 2n उपसमुच्चय होते हैं।
  • संक्रियाएँ: संघ (A ∪ B), सर्वनिष्ठ (A ∩ B), अंतर (A − B), पूरक (A′)।
  • सूत्र: n(A ∪ B) = n(A) + n(B) − n(A ∩ B)।
  • डी-मॉर्गन नियम: (A ∪ B)′ = A′ ∩ B′ और (A ∩ B)′ = A′ ∪ B′।
हल किया हुआ उदाहरण
एक कक्षा में 25 विद्यार्थी क्रिकेट, 18 फ़ुटबॉल और 7 दोनों खेलते हैं। कितने विद्यार्थी कम-से-कम एक खेल खेलते हैं?
n(A ∪ B) = 25 + 18 − 7 = 36।  |  4 अवयव वाले समुच्चय के उपसमुच्चय = 24 = 16।

अध्याय 2: संबंध एवं फलन (10 अंक)

PDF के विषय: भूमिका, समुच्चयों का कार्तीय गुणन, संबंध, फलन।

  • कार्तीय गुणन: A × B = {(a, b) : a ∈ A, b ∈ B}; n(A × B) = n(A) × n(B)।
  • संबंध: A × B का कोई उपसमुच्चय। A से B तक कुल संबंधों की संख्या = 2n(A) × n(B)।
  • फलन: ऐसा संबंध जिसमें A का हर अवयव B के ठीक एक अवयव से जुड़े। A प्रांत (domain) है, B सहप्रांत (co-domain) और वास्तविक मानों का समुच्चय परिसर (range)।
  • जाँच: किसी संबंध में एक ही इनपुट के दो अलग आउटपुट हों तो वह फलन नहीं है।
हल किया हुआ उदाहरण
A = {1, 2} और B = {a, b, c} हों तो n(A × B) = 2 × 3 = 6 और A से B तक कुल संबंध = 26 = 64।
f(x) = x² + 1, प्रांत {−1, 0, 1, 2}: f(−1) = 2, f(0) = 1, f(1) = 2, f(2) = 5 → परिसर = {1, 2, 5}।

अध्याय 4: सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण (7 अंक)

PDF के विषय: भूमिका, सम्मिश्र संख्याएँ, सम्मिश्र संख्याओं का बीजगणित, सम्मिश्र संख्या का मापांक और संयुग्मी, आर्गंड तल और ध्रुवीय निरूपण।

  • i² = −1; i³ = −i, i⁴ = 1। i की घात निकालने के लिए घात को 4 से भाग देकर शेष देखें।
  • सम्मिश्र संख्या: z = a + ib; वास्तविक भाग a और काल्पनिक भाग b।
  • मापांक: |z| = √(a² + b²); संयुग्मी: z̄ = a − ib।
  • भाग: 1/z = z̄ ÷ |z|²।
  • ध्रुवीय रूप: z = r(cos θ + i sin θ), जहाँ r = |z| और θ कोण।
  • इस अध्याय के शीर्षक में द्विघातीय समीकरण है, पर PDF की विषय-सूची में उसका अलग उल्लेख नहीं है। इसके लिए पुस्तक और विद्यालय का निर्देश देखें।
हल किए हुए उदाहरण
(2 + 3i)(1 − i) = 2 − 2i + 3i − 3i² = 2 + i + 3 = 5 + i
|3 + 4i| = √(9 + 16) = 5, संयुग्मी = 3 − 4i
1 ÷ (1 + i) = (1 − i) ÷ 2 = ½ − ½ i
i²³ = i³ (क्योंकि 23 = 4×5 + 3) = −i
1 + i का ध्रुवीय रूप: r = √2, θ = π/4 → √2 (cos π/4 + i sin π/4)

अध्याय 5: रैखिक असमिकाएँ (5 अंक)

PDF के विषय: भूमिका, असमिकाएँ, एक चर राशि की रैखिक असमिकाओं का बीजगणितीय हल और उनका आलेखी निरूपण।

  • दोनों ओर समान संख्या जोड़ने-घटाने पर असमिका का चिह्न नहीं बदलता।
  • ऋणात्मक संख्या से गुणा या भाग करने पर चिह्न पलट जाता है (< से >, ≤ से ≥)।
  • हल को संख्या-रेखा और अंतराल के रूप में लिखें। जैसे x < 4 का अंतराल (−∞, 4)।
  • संख्या-रेखा पर < या > में खाली वृत्त और ≤ या ≥ में भरा वृत्त बनाते हैं।
हल किए हुए उदाहरण
3x − 5 < 7 → 3x < 12 → x < 4 → हल: (−∞, 4)
−2x ≥ 6 → x ≤ −3 (ऋणात्मक से भाग, इसलिए चिह्न पलटा) → हल: (−∞, −3]

अध्याय 6: क्रमचय और संचय (7 अंक)

PDF के विषय: भूमिका, गणना का आधारभूत सिद्धांत, क्रमचय, संचय।

  • गणना का सिद्धांत: काम 1 को m तरीकों से और उसके बाद काम 2 को n तरीकों से कर सकें तो दोनों साथ m × n तरीकों से होंगे।
  • क्रमचय (क्रम मायने रखता है): nPr = n! ÷ (n − r)!
  • संचय (केवल चुनाव): nCr = n! ÷ [r! (n − r)!]; nCr = nCn−r
  • पहचान: प्रश्न में "व्यवस्था, पंक्ति, संख्या बनाना" हो तो क्रमचय; "चुनना, समिति, समूह" हो तो संचय।
हल किए हुए उदाहरण
MATH के चारों अक्षरों से कुल शब्द-व्यवस्थाएँ = 4! = 24
5P2 = 5 × 4 = 20  |  5C2 = 10  |  6 में से 3 की समिति = 6C3 = 20
10C8 = 10C2 = 45
अंक 1 से 5 से बिना दोहराव के 3 अंकों की संख्याएँ = 5P3 = 60

अध्याय 7: द्विपद प्रमेय (6 अंक)

PDF के विषय: भूमिका, धनपूर्णांकों के लिए द्विपद प्रमेय।

  • प्रमेय: (a + b)n = Σ nCr an−r br, r = 0 से n तक।
  • पदों की संख्या = n + 1; घातें a की घटती और b की बढ़ती हैं।
  • सामान्य पद: Tr+1 = nCr an−r br। यह प्रमेय का सीधा उपयोग है, पर PDF में अलग से सूचीबद्ध नहीं है; पुष्टि करें।
  • पास्कल का त्रिभुज n = 4 के लिए गुणांक: 1, 4, 6, 4, 1।
हल किए हुए उदाहरण
(x + 2)⁴ = x⁴ + 8x³ + 24x² + 32x + 16 (गुणांक = 4Cr × 2r)
(1 + x)⁵ में x² का गुणांक = 5C2 = 10

अध्याय 8: अनुक्रम तथा श्रेणी (7 अंक)

PDF के विषय: भूमिका, अनुक्रम, श्रेणी, गुणोत्तर श्रेणी (G.P.), समांतर माध्य तथा गुणोत्तर माध्य के बीच संबंध। समांतर श्रेणी (A.P.) अलग से सूचीबद्ध नहीं है; पुष्टि करें।

  • अनुक्रम संख्याओं की क्रमबद्ध सूची है, और श्रेणी उन संख्याओं का योग।
  • G.P.: a, ar, ar², … ; n-वाँ पद an = a rn−1; पहले n पदों का योग Sn = a (rn − 1) ÷ (r − 1), r ≠ 1 के लिए (r = 1 पर Sn = na)।
  • A.M. और G.M. (दो धनात्मक संख्याओं a, b के लिए): A.M. = (a + b) ÷ 2, G.M. = √(ab) और सदैव A.M. ≥ G.M. (बराबरी तभी जब a = b)।
हल किए हुए उदाहरण
G.P. 2, 6, 18, … में r = 3: पाँचवाँ पद = 2 × 3⁴ = 162; प्रथम 5 पदों का योग = 2(3⁵ − 1) ÷ (3 − 1) = 2 × 242 ÷ 2 = 242
4 और 16: A.M. = 10, G.M. = √64 = 8, इसलिए A.M. > G.M.

त्रिकोणमिति (अध्याय 3, 10 अंक)

PDF के विषय: भूमिका, कोण, त्रिकोणमितीय फलन, दो कोणों के योग और अंतर के त्रिकोणमितीय फलन। (अध्याय 3 के अंक: 10)

  • रेडियन और डिग्री: π रेडियन = 180°; डिग्री से रेडियन = डिग्री × π ÷ 180।
  • चाप की लंबाई: s = rθ (θ रेडियन में)।
  • मूल सर्वसमिकाएँ: sin²x + cos²x = 1; 1 + tan²x = sec²x; 1 + cot²x = cosec²x।
  • चतुर्थांश (quadrant) के चिह्न: पहले में सभी धनात्मक, दूसरे में sin, तीसरे में tan, चौथे में cos धनात्मक।
  • योग और अंतर के सूत्र: sin(A ± B) = sin A cos B ± cos A sin B; cos(A ± B) = cos A cos B ∓ sin A sin B; tan(A ± B) = (tan A ± tan B) ÷ (1 ∓ tan A tan B)।
  • याद रखने की युक्ति: 0°, 30°, 45°, 60°, 90° पर sin के मान: 0, ½, 1/√2, √3/2, 1; cos के मान इसके विपरीत क्रम में।
हल किए हुए उदाहरण
72° = 72 × π ÷ 180 = 2π/5 रेडियन
r = 10 और θ = π/5 हो तो चाप s = 10 × π/5 = 2π (लगभग 6.28)
sin 75° = sin(45° + 30°) = sin45 cos30 + cos45 sin30 = (√2/2)(√3/2) + (√2/2)(½) = (√6 + √2) ÷ 4
cos 15° = cos(45° − 30°) = (√6 + √2) ÷ 4 (वही मान, क्योंकि cos 15° = sin 75°)

निर्देशांक ज्यामिति (अध्याय 9, 10, 11; 18 अंक)

अध्याय 9: सरल रेखाएँ (7 अंक)

PDF के विषय: भूमिका, रेखा की ढाल, रेखा के समीकरण के विविध रूप, एक बिंदु की रेखा से दूरी।

रूपसमीकरण
ढाल-अंतःखंडy = mx + c
बिंदु-ढालy − y₁ = m(x − x₁)
दो बिंदुy − y₁ = [(y₂ − y₁) ÷ (x₂ − x₁)] (x − x₁)
अंतःखंड (intercept)x/a + y/b = 1
सामान्य रूपAx + By + C = 0
  • ढाल: m = (y₂ − y₁) ÷ (x₂ − x₁) = tan θ।
  • बिंदु (x₁, y₁) की रेखा Ax + By + C = 0 से दूरी: d = |Ax₁ + By₁ + C| ÷ √(A² + B²)।
हल किए हुए उदाहरण
(1, 2) और (3, 6) से जाने वाली रेखा: ढाल = (6 − 2) ÷ (3 − 1) = 2 → y − 2 = 2(x − 1) → y = 2x
x-अंतःखंड 3 और y-अंतःखंड 4: x/3 + y/4 = 1 → 4x + 3y = 12
(3, 4) की रेखा 3x + 4y − 5 = 0 से दूरी = |9 + 16 − 5| ÷ 5 = 4

अध्याय 10: शंकु परिच्छेद (7 अंक)

PDF के विषय (अंग्रेज़ी सूची): भूमिका, शंकु के परिच्छेद, वृत्त, परवलय, दीर्घवृत्त। हिंदी सूची में अतिपरवलय भी है। इसलिए नीचे अतिपरवलय का संक्षिप्त नोट अलग रखा है; अपने शिक्षक से पूछें कि यह आपके लिए शामिल है या नहीं।

शंकु परिच्छेदमानक समीकरणमुख्य बातें
वृत्त(x − h)² + (y − k)² = r²केंद्र (h, k), त्रिज्या r
परवलयy² = 4axनाभि (a, 0), नियता x = −a, नाभिलंब = 4a
दीर्घवृत्तx²/a² + y²/b² = 1 (a > b)c² = a² − b², नाभियाँ (±c, 0), उत्केंद्रता e = c/a (e < 1)
अतिपरवलय (केवल हिंदी सूची में)x²/a² − y²/b² = 1c² = a² + b², नाभियाँ (±c, 0), e = c/a (e > 1)
हल किए हुए उदाहरण
(x − 2)² + (y + 3)² = 25 → केंद्र (2, −3), त्रिज्या 5
y² = 12x → 4a = 12 → a = 3: नाभि (3, 0), नियता x = −3, नाभिलंब 12
x²/25 + y²/9 = 1 → a = 5, b = 3, c = √(25 − 9) = 4: नाभियाँ (±4, 0), e = 4/5
(अतिपरवलय का नोट) x²/16 − y²/9 = 1 → c = √(16 + 9) = 5, e = 5/4

अध्याय 11: त्रिविमीय ज्यामिति का परिचय (4 अंक)

PDF के विषय: भूमिका, त्रिविमीय अंतरिक्ष में निर्देशाक्ष और निर्देशांक-तल, अंतरिक्ष में एक बिंदु के निर्देशांक, दो बिंदुओं के बीच की दूरी। विभाजन सूत्र सूची में नहीं है; पुष्टि करें।

  • तीन परस्पर लंबवत अक्ष (x, y, z) और तीन निर्देशांक-तल (xy, yz, zx) अंतरिक्ष को 8 अष्टांशों (octants) में बाँटते हैं।
  • दूरी का सूत्र: d = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)² + (z₂ − z₁)²]।
हल किया हुआ उदाहरण
(1, 2, 3) और (4, 6, 15) के बीच की दूरी = √(3² + 4² + 12²) = √169 = 13

कलन: सीमा और अवकलज (अध्याय 12, 9 अंक)

PDF के विषय: भूमिका, अवकलजों का सहजानुभूत बोध, सीमाएँ, त्रिकोणमितीय फलनों की सीमाएँ, अवकलज।

  • सीमा का अर्थ: जब x किसी मान a के बहुत निकट जाता है, तब f(x) किस मान के निकट जाता है।
  • मानक सीमाएँ: limx→a (xn − an) ÷ (x − a) = n an−1; limx→0 (sin x ÷ x) = 1; limx→0 (1 − cos x) ÷ x = 0।
  • अवकलज के सूत्र: d/dx (xn) = n xn−1; d/dx (sin x) = cos x; d/dx (cos x) = −sin x; अचर का अवकलज 0।
  • नियम: योग का अवकलज = अवकलजों का योग; गुणनफल: (uv)′ = u′v + uv′; भागफल: (u/v)′ = (u′v − uv′) ÷ v²।
हल किए हुए उदाहरण
limx→2 (x² − 4) ÷ (x − 2) = lim (x + 2) = 4
limx→1 (x⁵ − 1) ÷ (x − 1) = 5 × 1⁴ = 5
limx→0 (sin 3x ÷ x) = 3 × lim (sin 3x ÷ 3x) = 3
d/dx (x³ + 2x) = 3x² + 2  |  x = 2 पर x³ का अवकलज = 3 × 4 = 12
d/dx (x sin x) = sin x + x cos x (गुणनफल नियम)

सांख्यिकी और प्रायिकता (अध्याय 13, 14; 14 अंक)

अध्याय 13: सांख्यिकी (7 अंक)

PDF के विषय: भूमिका, प्रकीर्णन की माप, परिसर, माध्य विचलन, प्रसरण और मानक विचलन।

  • परिसर (Range) = अधिकतम मान − न्यूनतम मान।
  • माध्य विचलन (माध्य के सापेक्ष) = Σ|xᵢ − x̄| ÷ n।
  • प्रसरण σ² = Σ(xᵢ − x̄)² ÷ n; मानक विचलन σ = √(प्रसरण)।
  • छोटा मानक विचलन का अर्थ है कि मान माध्य के पास सघन हैं, बड़ा का अर्थ बिखरे हुए।
हल किया हुआ उदाहरण
आँकड़े: 2, 4, 4, 4, 5, 5, 7, 9। माध्य = 40 ÷ 8 = 5
विचलन: −3, −1, −1, −1, 0, 0, 2, 4 → |विचलन| का योग = 12 → माध्य विचलन = 12 ÷ 8 = 1.5
वर्ग: 9, 1, 1, 1, 0, 0, 4, 16 → योग 32 → प्रसरण = 32 ÷ 8 = 4 → मानक विचलन = 2; परिसर = 9 − 2 = 7

अध्याय 14: प्रायिकता (7 अंक)

PDF के विषय: घटना, प्रायिकता का अभिगृहीतीय दृष्टिकोण।

  • सम-संभाव्य परिणामों में: P(E) = अनुकूल परिणाम ÷ कुल परिणाम; सदैव 0 ≤ P(E) ≤ 1।
  • पूरक घटना: P(A′) = 1 − P(A)।
  • योग नियम: P(A ∪ B) = P(A) + P(B) − P(A ∩ B)। परस्पर अपवर्जी घटनाओं के लिए P(A ∩ B) = 0।
  • प्रतिदर्श समष्टि (sample space) सभी संभव परिणामों का समुच्चय है, और घटना उसका उपसमुच्चय है।
हल किए हुए उदाहरण
दो पासों के योग 7 आने की प्रायिकता = 6 ÷ 36 = 1/6
P(A) = 0.4, P(B) = 0.5, P(A ∩ B) = 0.2 → P(A ∪ B) = 0.4 + 0.5 − 0.2 = 0.7 और P(A′) = 0.6
सिक्का दो बार उछालने पर कम-से-कम एक चित आने की प्रायिकता = 3 ÷ 4 = 3/4

अभ्यास-प्रश्न (उत्तर सहित)

ये मौलिक अभ्यास-प्रश्न हैं, आधिकारिक प्रश्न नहीं। सभी उत्तर दोबारा जाँचे गए हैं।

1. n(A) = 20, n(B) = 15 और n(A ∩ B) = 5 हो तो n(A ∪ B) निकालिए।
उत्तर: 20 + 15 − 5 = 30
2. {1, 2, 3} के कितने उपसमुच्चय हैं?
उत्तर: 2³ = 8
3. n(A) = 3 और n(B) = 4 हो तो n(A × B) क्या है?
उत्तर: 3 × 4 = 12
4. f(x) = 2x + 3 हो तो f(4) निकालिए।
उत्तर: 2(4) + 3 = 11
5. 135° को रेडियन में बदलिए।
उत्तर: 135 × π ÷ 180 = 3π/4
6. sin 15° का मान sin(45° − 30°) से निकालिए।
उत्तर: sin45 cos30 − cos45 sin30 = (√6 − √2) ÷ 4
7. i¹⁰ का मान बताइए।
उत्तर: 10 = 4×2 + 2, इसलिए i¹⁰ = i² = −1
8. |5 − 12i| निकालिए।
उत्तर: √(25 + 144) = 13
9. 2x + 1 > 9 को हल कीजिए।
उत्तर: 2x > 8 → x > 4, अर्थात (4, ∞)
10. ⁷P₂ और ⁸C₃ निकालिए।
उत्तर: ⁷P₂ = 7 × 6 = 42; ⁸C₃ = 56
11. (x + y)¹⁰ के प्रसार में कितने पद होते हैं?
उत्तर: 10 + 1 = 11
12. G.P. 3, 6, 12, … का छठा पद निकालिए।
उत्तर: 3 × 2⁵ = 96
13. 9 और 4 के A.M. और G.M. निकालिए।
उत्तर: A.M. = 6.5, G.M. = √36 = 6
14. (2, 3) और (5, 9) से जाने वाली रेखा की ढाल क्या है?
उत्तर: (9 − 3) ÷ (5 − 2) = 2
15. मूल बिंदु की रेखा 3x + 4y − 10 = 0 से दूरी निकालिए।
उत्तर: |−10| ÷ 5 = 2
16. x² + y² − 4x + 6y − 12 = 0 का केंद्र और त्रिज्या बताइए।
उत्तर: पूर्ण वर्ग बनाने पर (x − 2)² + (y + 3)² = 25 → केंद्र (2, −3), त्रिज्या 5
17. परवलय x² = 8y की नाभि और नियता बताइए।
उत्तर: x² = 4ay में a = 2: नाभि (0, 2), नियता y = −2
18. (0, 0, 0) और (2, 3, 6) के बीच की दूरी निकालिए।
उत्तर: √(4 + 9 + 36) = 7
19. limx→3 (x² − 9) ÷ (x − 3) निकालिए।
उत्तर: lim (x + 3) = 6
20. 3x² − 5x + 7 का x के सापेक्ष अवकलज निकालिए।
उत्तर: 6x − 5
21. आँकड़े 6, 8, 10, 12 का परिसर, माध्य विचलन और मानक विचलन निकालिए।
उत्तर: माध्य = 9; परिसर = 6; माध्य विचलन = (3 + 1 + 1 + 3) ÷ 4 = 2; प्रसरण = (9 + 1 + 1 + 9) ÷ 4 = 5, मानक विचलन = √5
22. पासा फेंकने पर सम संख्या आने की प्रायिकता क्या है?
उत्तर: 3 ÷ 6 = 1/2
23. A और B परस्पर अपवर्जी हैं, P(A) = 0.3 और P(B) = 0.4 हो तो P(A ∪ B) निकालिए।
उत्तर: 0.3 + 0.4 = 0.7

8 सप्ताह की तैयारी योजना

यह योजना अंकों और अध्यायों की कठिनाई को ध्यान में रखकर बनाई गई सुझाव है। हर अध्याय में NCERT के उदाहरण पहले हल करें, फिर अभ्यास-प्रश्न।

सप्ताहअध्यायअंककाम
11 समुच्चय + 2 संबंध एवं फलन7 + 10परिभाषाएँ और सूत्र; फलन के प्रांत-परिसर के 10 प्रश्न
23 त्रिकोणमितीय फलन10रेडियन-डिग्री, चिह्न-नियम, योग-अंतर सूत्र; रोज़ 8–10 प्रश्न
34 सम्मिश्र संख्याएँ + 5 रैखिक असमिकाएँ7 + 5i की घात, मापांक-संयुग्मी, ध्रुवीय रूप; असमिका का आलेख
46 क्रमचय-संचय + 7 द्विपद प्रमेय7 + 6क्रमचय या संचय पहचानने का अभ्यास; (a + b)ⁿ के प्रसार
58 अनुक्रम-श्रेणी + 9 सरल रेखाएँ7 + 7G.P. और A.M.–G.M.; रेखा के सभी रूप और दूरी के प्रश्न
610 शंकु परिच्छेद + 11 त्रिविमीय ज्यामिति7 + 4चारों शंकुओं के मानक रूप याद करना; आरेख बनाना; दूरी सूत्र
712 सीमा और अवकलज9मानक सीमाएँ और अवकलज के सूत्र; रोज़ 10 प्रश्न
813 सांख्यिकी + 14 प्रायिकता + पूरा नमूना पेपर7 + 7प्रसरण-मानक विचलन के प्रश्न; 3:15 घंटे में पूरा पेपर हल करें

हर रविवार को पिछले सप्ताह के अध्यायों के 15 मिश्रित प्रश्न दोबारा हल करें। जो प्रश्न गलत हों, उन्हें अलग कॉपी में लिखें और परीक्षा से पहले केवल वही दोहराएँ।

आम गलतियाँ और सुधार

अध्यायआम गलतीसुधार
फलनसंबंध और फलन को एक मान लेनाएक इनपुट के दो अलग आउटपुट हों तो वह फलन नहीं
त्रिकोणमितिचतुर्थांश के चिह्न भूल जानाASTC नियम और 0°–90° के मानों की तालिका याद रखें
सम्मिश्र संख्याएँi² = 1 लिख देनाi² = −1; घात को 4 से भाग देकर शेष देखें
असमिकाएँऋणात्मक से भाग देने पर चिह्न न पलटनाचिह्न पलटने की पंक्ति अलग से लिखें
क्रमचय-संचयक्रम और चुनाव में भ्रमक्रम मायने रखे तो P, केवल चुनाव हो तो C
द्विपद प्रमेयपदों की संख्या n लिखनापद n + 1 होते हैं
सरल रेखाएँदूरी के सूत्र में |…| लगाना भूल जानासूत्र में मापांक का चिह्न ज़रूर लगाएँ
शंकु परिच्छेदपरवलय में a की जगह 4a को नाभि मान लेना4a = गुणांक से a निकालें, फिर नाभि लिखें
सीमा-अवकलजगुणनफल का अवकलज u′ × v′ लिख देना(uv)′ = u′v + uv′
सांख्यिकीप्रसरण में वर्ग लेना भूल जानापहले विचलन, फिर वर्ग, फिर औसत, अंत में वर्गमूल
सामान्यअंतिम उत्तर में इकाई या सरलीकरण छोड़नाउत्तर को सरलतम रूप में लिखें

सामान्य प्रश्न

गणित में कुल कितने अंक का प्रश्न पत्र है?
एक प्रश्न पत्र, 100 अंक का, समय 3 घंटे 15 मिनट।
कुल कितने अध्याय हैं?
14 अध्याय। बोर्ड ने हर अध्याय के अंक अलग-अलग दिए हैं।
किन अध्यायों के सबसे ज़्यादा अंक हैं?
संबंध एवं फलन (10) और त्रिकोणमितीय फलन (10); उसके बाद सीमा और अवकलज (9)।
किन अध्यायों के सबसे कम अंक हैं?
त्रिविमीय ज्यामिति का परिचय (4) और रैखिक असमिकाएँ (5)।
7 अंक के कितने अध्याय हैं?
8 अध्याय: समुच्चय, सम्मिश्र संख्याएँ, क्रमचय और संचय, अनुक्रम तथा श्रेणी, सरल रेखाएँ, शंकु परिच्छेद, सांख्यिकी और प्रायिकता।
क्या शंकु परिच्छेद में अतिपरवलय पढ़ना है?
PDF की हिंदी सूची में अतिपरवलय है, पर अंग्रेज़ी सूची में नहीं। अपने शिक्षक या विद्यालय से पक्का करें।
क्या समांतर श्रेणी (A.P.) पाठ्यक्रम में है?
PDF में अनुक्रम तथा श्रेणी के विषय-बिंदु में A.P. अलग से नहीं लिखी है। A.M. समझने के लिए इसका आधार ज़रूरी है, इसलिए विद्यालय से पूछें।
क्या गणित में प्रायोगिक परीक्षा है?
बोर्ड के इस PDF में केवल 100 अंक का एक प्रश्न पत्र बताया गया है।
क्या प्रश्नों के प्रकार PDF में दिए हैं?
नहीं। PDF में अध्यायवार अंक हैं, पर objective, short या long प्रश्नों का विभाजन नहीं है। विद्यालय के नमूना पत्र देखें।
क्या हर अध्याय में दिए अंक के बराबर प्रश्न आएँगे?
अंक अध्याय का भार बताते हैं। प्रश्नों की संख्या और उनका स्वरूप इससे तय नहीं होता।
क्या यह पाठ्यक्रम अर्धवार्षिक परीक्षा के लिए भी है?
यह पूरे सत्र का पाठ्यक्रम है। अर्धवार्षिक परीक्षा में कितना भाग आएगा, यह विभागीय निर्देश और विद्यालय से पूछकर पक्का करें।

संदर्भ और पद्धति

  1. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर: पाठ्यक्रम सत्र 2026–2027, विषय: गणित (विषय कोड-15), कक्षा 11, पृष्ठ 36–37। आधिकारिक PDF ↗

यह लेख कैसे तैयार किया गया

  • बोर्ड के PDF से सीधे लिया गया: परीक्षा योजना, सभी 14 अध्यायों के अंक (जोड़ 100) और विषय-बिंदु, तथा निर्धारित पुस्तक। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों सूचियाँ पढ़कर मिलान किया गया।
  • लेखक द्वारा जोड़ा गया (शैक्षिक सामग्री): सूत्र, हल किए हुए उदाहरण, अभ्यास-प्रश्न, शाखा-वार वर्गीकरण, समय-प्रबंधन और 8 सप्ताह की योजना। सभी गणनाएँ दोबारा कोड से जाँची गईं।
  • जो नहीं बताया गया: PDF में जो जानकारी नहीं है (प्रश्नों के प्रकार, हटाए गए अंश, प्रायोगिक कार्य), उसे तथ्य की तरह नहीं लिखा गया। जहाँ हिंदी-अंग्रेज़ी सूची में अंतर या कोई सामान्य उप-विषय गायब दिखा, उसे "पुष्टि करें" के रूप में चिह्नित किया गया है।
सूचना
परीक्षा योजना, अध्यायवार अंक और निर्धारित पुस्तक बोर्ड के PDF से ली गई हैं। उदाहरण, अभ्यास और योजनाएँ शैक्षिक सुझाव हैं। बाद में जारी संशोधन या परीक्षा-निर्देश मिलने पर उनका पालन करें। NCERT Classes एक स्वतंत्र निजी शैक्षिक मंच है और NCERT, CBSE, RBSE या किसी सरकारी संस्था से संबद्ध नहीं है।
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