RBSE Class 11 Physics Answer Key 2026 PDF | कक्षा 11 भौतिक विज्ञान उत्तर कुंजी

📅 Thursday, 5 March 2026 📖 पढ़ रहे हैं...
⚡ RBSE Class 11 Physics 2026 – Model Paper & Answer Key

अगर आप RBSE कक्षा 11 भौतिक विज्ञान परीक्षा 2026 की तैयारी कर रहे हैं, तो नीचे दिए गए लिंक से Physics Model Paper और उसका Solved Answer Key जरूर देखें।

इन दोनों लेखों की मदद से आप RBSE बोर्ड पैटर्न समझकर महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं और परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर सकते हैं।

Answer Key — RBSE Class 11 Physics 2025-26 | ncertclasses.com
🔑 पूर्ण उत्तर कुंजी / COMPLETE ANSWER KEY

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर

पाठ्यक्रम सत्र 2025–2026

भौतिक विज्ञान | Physics
विषय कोड – 40  |  कक्षा 11  |  पूर्णांक: 70 (Theory)
भौतिकी भाग I & II NCERT | सभी 14 अध्याय 📥 Model Paper + All Subjects: ncertclasses.com
परीक्षकों के लिए: संख्यात्मक प्रश्नों में यदि सूत्र सही हो और गणना में मामूली गलती हो तो 1 अंक काटें। वैकल्पिक सही विधि पर पूर्ण अंक दें। आरेख के लिए ½+½ अंक।
खंडप्रश्नप्रकारअंक/प्रकुल
(अ)1–14MCQ114
(ब)15–21अति लघु214
(स)22–28लघु428
(द)29–30दीर्घ714
Theory Total70
खंड (अ) — MCQ उत्तर | 1×1414 अंक
सही विकल्प — Q1 से Q14
Q1
(b)
Newton (N)
Q2
(c)
Force / बल
Q3
(b)
21 m
Q4
(b)
45°
Q5
(b)
Action-Reaction
Q6
(c)
90°
Q7
(c)
½mv²
Q8
(b)
Torque=0
Q9
(b)
11.2 km/s
Q10
(a)
Elastic limit
Q11
(b)
ΔQ=ΔU+W
Q12
(b)
8.314 J/mol·K
Q13
(c)
m and k
Q14
(c)
Solid (Steel)
Q3: s = ut + ½at² = 5×3 + ½×2×9 = 15 + 9 = 24 m ✗ → जाँच करें: s = 5(3)+½(2)(9) = 15+9 = 24. पर विकल्प (b)=21 नहीं — सही गणना: s=21 होने के लिए u=4: 4×3+½×2×9=12+9=21. अतः प्रश्न में u=4 m/s अभीष्ट था। परीक्षक नोट करें।
Q4: R = u²sin2θ/g → अधिकतम जब sin2θ=1 → θ=45°
Q6: W = F·d·cosθ → θ=90° पर cos90°=0 → W=0 ✓
Q8: L = Iω; dL/dt = τ → τ=0 ⇒ L = नियत (Angular Momentum Conserved) ✓
Q11: ΔQ = ΔU + W (First Law of Thermodynamics) ✓
Q13: T = 2π√(m/k) → T depends on m and k, NOT on amplitude ✓
खंड (ब) — अति लघु उत्तरीय | 2 अंक प्रत्येक14 अंक
⚛️ इकाई 1–6: मापन, गतिकी, गति, कार्य, गुरुत्वाकर्षणQ 15–19
15सार्थक अंक (Significant Figures) + उदाहरण2
पूर्ण उत्तर
सार्थक अंक: किसी माप में निश्चित अंक तथा एक अनिश्चित अंक मिलकर सार्थक अंक कहलाते हैं। ये माप की शुद्धता दर्शाते हैं।
(a) 3.0800 → सार्थक अंक = 5 (सभी शून्य सार्थक हैं — दशमलव के बाद के, तथा अंक के बीच के)
(b) 0.00418 → सार्थक अंक = 3 (4, 1, 8 — प्रारंभिक शून्य सार्थक नहीं)
नियम: (1) शून्येतर अंक सदैव सार्थक (2) दो सार्थक अंकों के बीच शून्य सार्थक (3) दशमलव के बाद अंत के शून्य सार्थक
1 — परिभाषा
½+½ — दोनों उदाहरण
16UCM में त्वरण की दिशा + अभिकेंद्र त्वरण सूत्र2
पूर्ण उत्तर
दिशा: एकसमान वृत्तीय गति में त्वरण की दिशा सदैव वृत्त के केंद्र की ओर (अभिकेंद्र दिशा में) होती है।
वेग की दिशा त्वरण से 90° लंबवत होती है।
अभिकेंद्र त्वरण: ac = v²/r = rω²
जहाँ v = रेखीय चाल, r = त्रिज्या, ω = कोणीय वेग
ac = v²/r (केंद्राभिमुख)
1 — दिशा
1 — सूत्र
17संवेग-आवेग प्रमेय (Impulse-Momentum Theorem) + उदाहरण2
पूर्ण उत्तर
प्रमेय: किसी पिण्ड पर लगाया गया आवेग (Impulse) उसके संवेग में परिवर्तन के बराबर होता है।
J = F·Δt = Δp = m(v−u)
आवेग = बल × समय = संवेग-परिवर्तन
उदाहरण: क्रिकेट में बल्लेबाज गेंद को देर तक बल्ले से संपर्क में रखता है (Δt बढ़ाता है) → अधिक आवेग → गेंद दूर जाती है। कुशनिंग (airbag) Δt बढ़ाकर F घटाती है।
1 — प्रमेय + सूत्र
1 — उदाहरण
18प्रत्यास्थ एवं अप्रत्यास्थ संघट्ट में अंतर2
पूर्ण उत्तर
आधारप्रत्यास्थ संघट्ट (Elastic)अप्रत्यास्थ संघट्ट (Inelastic)
गतिज ऊर्जासंरक्षित रहती हैसंरक्षित नहीं रहती
संवेगसंरक्षितसंरक्षित
पुनरुद्धार गुणांक (e)e = 10 < e < 1 (या 0)
उदाहरणगैस के अणुओं का टकरावमिट्टी की गेंद का टकराव
1×2 — दोनों में 2-2 अंतर
19केपलर के ग्रहों की गति के तीन नियम2
पूर्ण उत्तर
① कक्षा नियम (Law of Orbits): प्रत्येक ग्रह, सूर्य को एक फोकस मानकर दीर्घवृत्ताकार (Elliptical) कक्षा में परिक्रमा करता है।
② क्षेत्रफल नियम (Law of Areas): सूर्य और ग्रह को मिलाने वाली रेखा (Radius Vector) समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है। (dA/dt = नियत)
③ आवर्तकाल नियम (Law of Periods): ग्रह के आवर्तकाल का वर्ग, अर्ध-दीर्घ अक्ष के घन के समानुपाती होता है: T² ∝ a³
½×3 — तीनों नियम
½ — सूत्र T²∝a³
⚛️ इकाई 7–10Q 20–21
20श्यानता (Viscosity) + स्टोक्स नियम2
पूर्ण उत्तर
श्यानता: तरल के परतों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करने का गुण श्यानता कहलाता है। यह तरल का आंतरिक घर्षण है।
श्यान बल: F = ηA(dv/dx)  (η = श्यानता गुणांक)
स्टोक्स नियम: F = 6πηrv
जहाँ η = श्यानता गुणांक, r = गोले की त्रिज्या, v = वेग
SI मात्रक: Pa·s (पास्कल-सेकंड)
1 — परिभाषा
1 — स्टोक्स सूत्र
21विस्पंद (Beats) + आवृत्ति सूत्र2
पूर्ण उत्तर
विस्पंद: जब दो समान आयाम की किंतु भिन्न आवृत्तियों (ν₁ और ν₂) की ध्वनि तरंगें एक साथ चलती हैं, तो उनके अध्यारोपण से ध्वनि की तीव्रता आवधिक रूप से अधिक-कम होती है — इसे विस्पंद कहते हैं।
विस्पंद आवृत्ति = |ν₁ − ν₂|
विस्पंद आवृत्ति = प्रति सेकंड उच्चतम ध्वनि की संख्या
शर्त: |ν₁ − ν₂| ≤ 10 Hz (कानों से सुनाई दे)
1 — परिभाषा
1 — सूत्र
खंड (स) — लघु उत्तरीय | 4 अंक प्रत्येक28 अंक
⚛️ इकाई 1–6Q 22–26
22विमीय विश्लेषण + T = 2π√(m/k) की जाँच4
पूर्ण उत्तर
① विमीय विश्लेषण (Dimensional Analysis):
किसी भौतिक राशि को उसकी मूल राशियों (M, L, T) में व्यक्त करना विमीय विश्लेषण है। इसके उपयोग: (a) सूत्र की शुद्धता जाँचना (b) व्यंजक व्युत्पन्न करना (c) मात्रकों का परिवर्तन।
② T = 2π√(m/k) की विमीय जाँच:
बायाँ पक्ष (LHS): [T] = [T¹]
दायाँ पक्ष (RHS): 2π = dimensionless
[m/k] = [M] / [MT⁻²] = [T²]
√[T²] = [T¹]
∴ RHS = [T¹]
LHS = RHS = [T¹] → सूत्र विमीय दृष्टि से सही है ✓
Note: k (spring constant) का विमा = [MT⁻²]
1 — परिभाषा+उपयोग
1 — [k] निकालना
1 — [m/k] = T²
1 — निष्कर्ष
अथवा — आयतन में प्रतिशत त्रुटि:
V = l×b×h  |  ΔV/V × 100 = Δl/l×100 + Δb/b×100 + Δh/h×100
= 1% + 2% + 3% = 6%
आयतन में प्रतिशत त्रुटि = 6%
23एकसमान त्वरित गति के समीकरण + संख्यात्मक (72 km/h, 10s)4
पूर्ण उत्तर
① एकसमान त्वरित गति के 3 समीकरण (व्युत्पत्ति):
(i) v = u + at  [त्वरण की परिभाषा से]
(ii) s = ut + ½at²  [विस्थापन = औसत वेग × समय]
(iii) v² = u² + 2as  [(i) और (ii) से t हटाकर]
② संख्यात्मक हल:
u = 72 km/h = 72 × (5/18) = 20 m/s
v = 0 (रुक जाता है), t = 10 s
मंदन: a = (v−u)/t = (0−20)/10 = −2 m/s²
दूरी: s = ut + ½at² = 20×10 + ½×(−2)×100 = 200 − 100 = 100 m
मंदन = 2 m/s²  |  दूरी = 100 m
— तीनों समीकरण
½ — इकाई रूपांतरण
1 — मंदन
1 — दूरी
24घर्षण के नियम + Static vs Kinetic + संख्यात्मक (μ=0.4, m=20kg)4
पूर्ण उत्तर
① घर्षण के नियम:
① घर्षण बल, अभिलंब प्रतिक्रिया (N) के समानुपाती होता है: f ∝ N
② घर्षण बल, संपर्क क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता।
③ गतिज घर्षण, वेग पर निर्भर नहीं करता (नियमित वेग के लिए)।
② स्थैतिक और गतिज घर्षण में अंतर:
आधारस्थैतिक घर्षण (fₛ)गतिज घर्षण (fₖ)
कबवस्तु स्थिर होवस्तु गतिशील हो
मानμₛ × N (अधिकतम)μₖ × N
तुलनाfₛ > fₖfₖ < fₛ
③ संख्यात्मक:
N = mg = 20 × 10 = 200 N
fs(max) = μₛ × N = 0.4 × 200 = 80 N
अधिकतम स्थैतिक घर्षण बल = 80 N
1 — नियम
1 — अंतर तालिका
1 — N = 200N
1 — f = 80N
25कार्य-ऊर्जा प्रमेय + संख्यात्मक (F=10N, m=2kg, s=5m)4
पूर्ण उत्तर — मुख्य प्रश्न
① कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem):
किसी पिण्ड पर किया गया नेट कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।
Wnet = ΔKE = ½mv² − ½mu²
सिद्धि: F = ma; W = F·s = ma·s
v² = u² + 2as → as = (v²−u²)/2
∴ W = m·(v²−u²)/2 = ½mv² − ½mu² ✓
② संख्यात्मक:
W = F × s = 10 × 5 = 50 J
ΔKE = W = 50 J
गतिज ऊर्जा में परिवर्तन = 50 J
अथवा / OR — पम्प की शक्ति:
m = 6000 L = 6000 kg (ρ=1000kg/m³)
h = 25 m, t = 10 min = 600 s
W = mgh = 6000×10×25 = 1,500,000 J
P = W/t = 1500000/600 = 2500 W = 2.5 kW
पम्प की शक्ति = 2500 W (2.5 kW)
1 HP = 746 W (अश्वशक्ति)
26गुरुत्वाकर्षण नियम + g का व्यंजन + g को प्रभावित करने वाले कारक4
पूर्ण उत्तर
① सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम:
दो पिण्डों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
F = G·m₁m₂/r²  |  G = 6.67×10⁻¹¹ N·m²/kg²
② पृथ्वी की सतह पर g और ऊँचाई h पर संबंध:
सतह पर: g = GM/R²
h ऊँचाई पर: gh = GM/(R+h)²
gh = g(1 − 2h/R)  (h << R के लिए)
③ g को प्रभावित करने वाले कारक:
पृथ्वी की आकृति: ध्रुव पर अधिक (R कम), भूमध्य रेखा पर कम
ऊँचाई: ऊँचाई बढ़ने पर g कम होता है
गहराई: पृथ्वी के अंदर जाने पर g कम होता है
पृथ्वी का घूर्णन: भूमध्य रेखा पर g कम (अपकेंद्री बल के कारण)
1 — नियम + सूत्र
— g और g_h का संबंध
— चार कारक
⚛️ इकाई 7–10Q 27–28
27बर्नूली का सिद्धांत + दो अनुप्रयोग  |  अथवा: Young's Modulus + संख्यात्मक4
पूर्ण उत्तर — मुख्य
① बर्नूली का सिद्धांत:
किसी आदर्श तरल के अचर प्रवाह में, यदि वेग अधिक हो तो दाब कम और यदि वेग कम हो तो दाब अधिक होता है।
P + ½ρv² + ρgh = नियतांक
(दाब ऊर्जा + गतिज ऊर्जा + स्थितिज ऊर्जा = नियत)
② दो अनुप्रयोग:
① वायुयान के पंख (Aerofoil): ऊपर की ओर वायु तेज चलती है → दाब कम → नीचे अधिक दाब → उत्थापन बल (Lift) उत्पन्न होता है।
② वेंचुरीमीटर (Venturimeter): पतली नली में वेग अधिक → दाब कम — इससे तरल का वेग मापते हैं।
अथवा / OR — Young's Modulus
Stress = F/A = 1000/(2×10⁻⁶) = 5×10⁸ N/m²
Strain = Stress/Y = 5×10⁸/(2×10¹¹) = 2.5×10⁻³
Stress = 5×10⁸ Pa  |  Strain = 2.5×10⁻³
Young's Modulus Y = Stress/Strain = F·L/(A·ΔL)
28SHM + सरल लोलक का T सूत्र  |  अथवा: तरंगों का अंतर + तरंग चाल4
पूर्ण उत्तर — मुख्य
① SHM की परिभाषा और विशेषताएँ:
जब किसी कण पर लगने वाला प्रत्यानयन बल, साम्यावस्था से उसके विस्थापन के समानुपाती और विस्थापन की विपरीत दिशा में हो, तो उसकी गति SHM कहलाती है।
F = −kx  →  a = −ω²x
x = A·sin(ωt + φ)
② सरल लोलक का आवर्तकाल — व्युत्पत्ति:
पुनरस्थापन बल: F = −mg·sinθ ≈ −mg·θ = −mg·(x/L)
ma = −(mg/L)·x → a = −(g/L)·x
ω² = g/L → ω = √(g/L)
T = 2π/ω = 2π√(L/g)
T = 2π√(L/g) — आयाम पर निर्भर नहीं!
अथवा / OR — तरंग चाल संख्यात्मक
v = √(T/μ) जहाँ T = तनाव, μ = रेखीय घनत्व
v = √(200/0.5) = √400 = 20 m/s
तरंग की चाल = 20 m/s
खंड (द) — दीर्घ उत्तरीय | 7 अंक प्रत्येक14 अंक
29कणों के निकाय और दृढ़ पिण्ड की गति — द्रव्यमान केंद्र, जड़त्व आघूर्ण, कोणीय संवेग7
पूर्ण विस्तृत उत्तर
(i) द्रव्यमान केंद्र (Centre of Mass):
वह बिंदु जहाँ पूरे पिण्ड का द्रव्यमान संकेंद्रित माना जाए, द्रव्यमान केंद्र कहलाता है।
दो कण: xcm = (m₁x₁ + m₂x₂)/(m₁+m₂)
ycm = (m₁y₁ + m₂y₂)/(m₁+m₂)
बाह्य बल की अनुपस्थिति में द्रव्यमान केंद्र एकसमान गति करता है।
(ii) कोणीय वेग और रेखीय वेग का संबंध:
v = rω
जहाँ r = त्रिज्या, ω = कोणीय वेग
रेखीय त्वरण: at = rα  |  ac = rω²
(iii) जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia):
किसी अक्ष के परितः कोणीय त्वरण का विरोध करने की प्रवृत्ति। रेखीय गति के द्रव्यमान के समतुल्य।
I = Σmᵢrᵢ²  (मात्रक: kg·m²)
ठोस गोला: I = 2/5·MR²  |  वलय: I = MR²
ठोस बेलन: I = ½MR²
महत्त्व: τ = Iα (न्यूटन के घूर्णन नियम के समतुल्य)
(iv) कोणीय संवेग संरक्षण (Conservation of Angular Momentum):
कथन: यदि किसी निकाय पर बाह्य बल आघूर्ण शून्य हो, तो उसका कुल कोणीय संवेग (L = Iω) नियत रहता है।
L = Iω = नियत → I₁ω₁ = I₂ω₂
उदाहरण: बैले नर्तकी हाथ समेटती है → I कम → ω बढ़ता है (तेज घूमती है)। ग्रह सूर्य के नजदीक आने पर तेज चलते हैं (Kepler का क्षेत्रफल नियम)।
(v) बल आघूर्ण (Torque):
τ = r × F  |  |τ| = rF·sinθ
SI मात्रक: N·m
τ = Iα (घूर्णन गति का दूसरा नियम)
निष्कर्ष: घूर्णन गति के सभी नियम रेखीय गति के समानांतर हैं — M→I, F→τ, p→L, a→α
— CM परिभाषा+सूत्र
1 — v=rω
— जड़त्व आघूर्ण
2 — कोणीय संवेग संरक्षण+उदा.
1 — Torque
30ऊष्मागतिकी — नियम, प्रक्रम, कार्नो इंजन + संख्यात्मक  |  अथवा: गुरुत्वाकर्षण — उपग्रह, पलायन वेग7
पूर्ण उत्तर — ऊष्मागतिकी
(i) ऊष्मागतिकी के नियम:
शून्य कोटि नियम: यदि A और B दोनों C के साथ तापीय साम्यावस्था में हों, तो A और B भी परस्पर साम्यावस्था में हैं। (ताप मापन का आधार)
प्रथम नियम: ΔQ = ΔU + W — ऊर्जा संरक्षण का उष्मागतिकी रूप।
द्वितीय नियम: ऊष्मा स्वतः ठंडे पिण्ड से गर्म पिण्ड की ओर नहीं जाती। (Clausius) / सभी ऊर्जा को कार्य में नहीं बदला जा सकता। (Kelvin-Planck)
(ii) विभिन्न ऊष्मागतिकीय प्रक्रम:
प्रक्रमशर्तकार्य W
समतापीय (Isothermal)T = नियतW = nRT·ln(V₂/V₁)
रुद्धोष्म (Adiabatic)Q = 0W = (P₁V₁−P₂V₂)/(γ−1)
समदाबीय (Isobaric)P = नियतW = PΔV = nRΔT
समआयतनिक (Isochoric)V = नियतW = 0
(iii) कार्नो इंजन (Carnot Engine):
कार्नो इंजन एक आदर्श ऊष्मा इंजन है जो दो तापों के बीच संचालित होता है।
चक्र: ① समतापीय प्रसार (T₁ पर) ② रुद्धोष्म प्रसार ③ समतापीय संपीडन (T₂ पर) ④ रुद्धोष्म संपीडन
दक्षता: η = 1 − T₂/T₁ = 1 − Q₂/Q₁
(T₁ = उच्च ताप, T₂ = निम्न ताप)
(iv) संख्यात्मक:
η = 40% = 0.40, T₁ = 500 K
0.40 = 1 − T₂/500
T₂/500 = 0.60
T₂ = 300 K
निम्न ताप T₂ = 300 K (27°C)
— तीनों नियम
— चार प्रक्रम
2 — कार्नो इंजन
2 — संख्यात्मक
अथवा / OR — गुरुत्वाकर्षण विस्तृत
(i) सार्वत्रिक नियम: F = Gm₁m₂/r² | G = 6.67×10⁻¹¹ N·m²/kg² (ii) g = GM/R² → पृथ्वी की सतह पर g ≈ 9.8 m/s² (iii) कक्षीय वेग और आवर्तकाल:
vo = √(GM/r) = √(gR²/(R+h))
T = 2π(R+h)/vo = 2π√((R+h)³/GM)
(iv) गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा और पलायन वेग:
U = −GMm/r
पलायन वेग: ½mve² = GMm/R → ve = √(2gR) ≈ 11.2 km/s
(v) भू-स्थिर उपग्रह:
T = 24 घंटे | ऊँचाई ≈ 36,000 km | पृथ्वी के समान कोणीय वेग | भूमध्य रेखा के ऊपर
उपयोग: TV, मौसम, संचार — ISRO के INSAT उपग्रह
📊 मूल्यांकन दिशानिर्देश
Physics Marking नियम
प्रश्न प्रकारStep-wise मूल्यांकनआंशिक अंक
MCQ (1 अंक)सही=1, गलत=0नहीं
अति लघु (2 अंक)परिभाषा(1)+सूत्र(1)½ अंक
लघु (4 अंक)सिद्धांत(2)+संख्यात्मक(2)हाँ
दीर्घ (7 अंक)5 उप-बिंदु = 7 अंकहाँ
सूत्र व्युत्पत्तिप्रत्येक step = ½-1 अंकहाँ
संख्यात्मकसूत्र(1)+मान(1)+उत्तर(1)मात्रक गलत → ½ काटें
आरेख½ आरेख + ½ लेबलिंगहाँ
संख्यात्मक प्रश्न: सही सूत्र लिखने पर 1 अंक अवश्य दें, भले ही अंतिम उत्तर गलत हो। SI मात्रक न लिखने पर ½ अंक काटें।
भौतिक विज्ञान (NCERT) | RBSE 2025–26 | कोड-40 | कक्षा 11 | पूर्ण उत्तर कुंजी
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