| बोर्ड | RBSE, अजमेर |
| कक्षा | 11वीं |
| विषय | राजनीति विज्ञान |
| कोड | 11 |
| सत्र | 2025-26 |
| पूर्णांक | 100 |
| भाग-अ | संविधान (50) |
| भाग-ब | Political Theory (50) |
| MCQ | ✅ पूर्ण |
| दीर्घ उत्तर | ✅ पूर्ण |
यह RBSE Class 11 राजनीति विज्ञान Model Paper 2025-26 की सम्पूर्ण उत्तर कुंजी है। प्रश्न-पत्र: PS Model Paper PDF →
खण्ड — अ : वस्तुनिष्ठ प्रश्न (20 अंक)
| # | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या |
|---|---|---|---|
| (i) | संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष | (ब) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद | 9 दिसम्बर 1946 — स्थायी अध्यक्ष। डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा अस्थायी अध्यक्ष थे। Dr. Ambedkar = प्रारूप समिति अध्यक्ष। |
| (ii) | मूल कर्तव्य — संशोधन | (अ) 42वाँ संशोधन 1976 | सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर — अनुच्छेद 51(क) — 10 कर्तव्य। 86वें संशोधन 2002 से 11वाँ कर्तव्य जोड़ा। |
| (iii) | आरक्षण — SC एवं ST | (स) SC एवं ST दोनों | अनुच्छेद 330 — लोकसभा में अनुसूचित जाति एवं जनजाति दोनों के लिए सीट आरक्षण। |
| (iv) | स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव | (स) निर्वाचन आयोग | अनुच्छेद 324 — स्वतंत्र निर्वाचन आयोग; मुख्य निर्वाचन आयुक्त + अन्य आयुक्त। |
| # | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या |
|---|---|---|---|
| (i) | राष्ट्रपति पद | (ब) संवैधानिक प्रधान | अनुच्छेद 74 — मंत्रिमण्डल की सलाह पर कार्य करता है। वास्तविक शक्ति PM के पास। Nominal Head। |
| (ii) | राज्यसभा की विशिष्ट शक्ति | (ब) अनु. 249 — राज्य सूची विषय पर संसद को कानून बनाने का अधिकार | अनुच्छेद 249 — राज्यसभा 2/3 बहुमत से राज्य सूची विषय संसद को सौंप सकती है — यह केवल राज्यसभा की विशेष शक्ति है। |
| (iii) | न्यायिक समीक्षा | (स) सर्वोच्च एवं उच्च दोनों | अनुच्छेद 13 + 32 (SC) एवं अनुच्छेद 226 (HC) — दोनों को Judicial Review का अधिकार। |
| (iv) | 'सहयोगी संघवाद' | (ब) ग्रेनविल ऑस्टिन | Granville Austin — "Working a Democratic Constitution" में भारतीय संघवाद को 'Cooperative Federalism' कहा। |
| # | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या |
|---|---|---|---|
| (i) | 73वाँ-74वाँ संशोधन | (ब) स्थानीय स्वशासन | 73वाँ संशोधन 1992 → ग्रामीण (Panchayati Raj) | 74वाँ → शहरी (नगरपालिका) — 24 अप्रैल 1993 से लागू। |
| (ii) | 'मूल संरचना' सिद्धान्त | (ब) केशवानन्द भारती मुकदमा (1973) | 1973 — 13 न्यायाधीशों की पीठ — संसद मूल संरचना (Basic Structure) नहीं बदल सकती। यह भारतीय संविधान का महत्वपूर्ण सिद्धान्त है। |
| # | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या |
|---|---|---|---|
| (i) | राजनीतिक सिद्धान्त का उद्देश्य | (ब) राजनीतिक अवधारणाओं की व्याख्या एवं मूल्यांकन | Political Theory = स्वतंत्रता, समानता, न्याय, लोकतंत्र जैसी अवधारणाओं की व्याख्या + आलोचनात्मक मूल्यांकन। |
| (ii) | हानि सिद्धान्त — प्रतिबंध कब | (ब) जब वह दूसरों को हानि पहुँचाए | J.S. Mill — "On Liberty" (1859): केवल तभी प्रतिबंध जब कार्य से दूसरों को हानि हो। स्वयं को हानि पर नहीं। |
| (iii) | समानता के तीन आयाम | (अ) राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक | Political Equality (वोट), Social Equality (जाति-लिंग भेद नहीं), Economic Equality (संसाधन वितरण)। |
| # | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या |
|---|---|---|---|
| (i) | जॉन रॉल्स का Difference Principle | (ब) असमानताएँ तभी उचित जब सबसे कमज़ोर वर्ग को लाभ दें | Rawls — "A Theory of Justice" (1971): Difference Principle — समाज के सबसे वंचित वर्ग का अधिकतम लाभ ही न्याय है। |
| (ii) | नागरिकता का अर्थ | (ब) राज्य की पूर्ण एवं समान सदस्यता | T.H. Marshall — नागरिकता = Full and Equal Membership in a political community — नागरिक, राजनीतिक एवं सामाजिक अधिकार। |
| (iii) | Affirmative Action | (ब) ऐतिहासिक असमानता दूर करने हेतु वंचित वर्गों को विशेष सुविधा | भारत में SC/ST/OBC आरक्षण — ऐतिहासिक भेदभाव की भरपाई। 'विभेदक बर्ताव द्वारा समानता' का सिद्धान्त। |
| # | प्रश्न | सही उत्तर | व्याख्या |
|---|---|---|---|
| (i) | राष्ट्रवाद की विशेषता | (अ) साझा विश्वास, इतिहास एवं राजनीतिक पहचान | Ernest Renan — राष्ट्र = साझा स्मृति + इच्छा। इतिहास, भू-क्षेत्र, राजनीतिक आदर्श — राष्ट्रवाद के आधार। |
| (ii) | भारतीय धर्मनिरपेक्षता | (ब) सभी धर्मों से समान दूरी एवं सम्मान | भारतीय मॉडल = Principled Distance — न किसी धर्म को राजधर्म, न धर्म का पूर्ण बहिष्कार। सभी धर्मों का समान आदर। |
- (i) उद्देश्य प्रस्ताव → पं. जवाहरलाल नेहरू द्वारा (13 दिसम्बर 1946)
- (ii) सम्पत्ति के अधिकार को मूल अधिकार से हटाया → 44वें संशोधन 1978 द्वारा (अनु. 300क — कानूनी अधिकार बना)
- (iii) एक व्यक्ति — एक मत — एक मूल्य → राजनीतिक समानता
- (iv) जॉन रॉल्स की पुस्तक → "A Theory of Justice" (1971)
- (v) 73वाँ संशोधन → ग्रामीण स्थानीय स्वशासन / पंचायती राज से (1992, लागू 1993)
| # | कथन | उत्तर |
|---|---|---|
| (i) | राज्यसभा और लोकसभा की शक्तियाँ समान हैं। | ❌ असत्य |
| (ii) | नकारात्मक स्वतंत्रता = बाहरी बाधाओं की अनुपस्थिति। | सत्य |
| (iii) | धर्मनिरपेक्ष राज्य में सरकार किसी धर्म की सहायता नहीं करती। | सत्य |
| स्तम्भ 'अ' | → | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|---|
| (i) अनुच्छेद 19 | → (ब) | 6 प्रकार की स्वतंत्रताएँ (भाषण, सभा, संघ, विचरण, निवास, व्यवसाय) |
| (ii) अनुच्छेद 55 | → (अ) | राष्ट्रपति का निर्वाचन — एकल संक्रमणीय आनुपातिक मत पद्धति |
| (iii) जॉन स्टुअर्ट मिल | → (स) | हानि सिद्धान्त (Harm Principle) — "On Liberty" 1859 |
| (iv) 44वाँ संशोधन 1978 | → (द) | सम्पत्ति के अधिकार को मूल अधिकार (अनु. 31) से हटाकर अनु. 300क बनाया |
खण्ड — ब : लघु उत्तरात्मक प्रश्न (40 अंक)
आवश्यकता: संविधान सरकार की शक्तियों को सीमित करता है, नागरिकों के अधिकार सुरक्षित करता है और शासन का आधार प्रदान करता है।
भारतीय संविधान की विशेषताएँ:
- 1. विश्व का सबसे लम्बा लिखित संविधान: मूलतः 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियाँ; अब 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियाँ।
- 2. लचीला एवं कठोर का समन्वय: कुछ प्रावधान साधारण बहुमत से, कुछ विशेष बहुमत से संशोधित।
- 3. मौलिक अधिकार एवं DPSP: नागरिकों के मूल अधिकार (भाग III) एवं राज्य नीति-निर्देशक तत्व (भाग IV)।
- 4. संघीय संरचना किन्तु एकात्मक झुकाव: केन्द्र-राज्य सत्ता का विभाजन, परन्तु संकट में केन्द्र को प्राथमिकता।
- 5. स्वतंत्र न्यायपालिका: संविधान की व्याख्या एवं संरक्षण का अधिकार।
मूल अधिकार (भाग III, अनु. 12–35):
- समता का अधिकार (अनु. 14–18)
- स्वतंत्रता का अधिकार (अनु. 19–22)
- शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनु. 23–24)
- धर्म की स्वतंत्रता (अनु. 25–28)
- संस्कृति एवं शिक्षा का अधिकार (अनु. 29–30)
- संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनु. 32) — "संविधान की आत्मा" — Ambedkar
DPSP एवं मूल अधिकारों का सम्बन्ध: मूल अधिकार = व्यक्तिगत अधिकार, वाद योग्य (Justiciable)। DPSP = सामाजिक-आर्थिक न्याय के लक्ष्य, वाद अयोग्य। दोनों परस्पर पूरक। मिनर्वा मिल्स केस (1980) — दोनों में संतुलन।
- अनुच्छेद 324: स्वतंत्र निर्वाचन आयोग — मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं।
- भूमिका: चुनाव तिथियाँ, आदर्श आचार संहिता, EVM प्रबन्धन, राजनीतिक दल पंजीकरण।
- स्वतंत्रता: CEC को केवल महाभियोग से हटाया जा सकता है।
चुनाव सुधारों की आवश्यकता:
- धन-बल एवं बाहु-बल पर रोक।
- NOTA (None of the Above) — 2013 से।
- EVM + VVPAT — पारदर्शिता।
- राजनीतिक दलों का वित्तीय प्रकटीकरण।
संसदीय कार्यपालिका की विशेषताएँ:
- राष्ट्रपति = संवैधानिक प्रधान (Nominal Head)। प्रधानमंत्री = वास्तविक प्रधान।
- मंत्रिमण्डल सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी (अनु. 75)।
- PM की भूमिका: मंत्रियों की नियुक्ति/बर्खास्तगी, राष्ट्रपति को सलाह, संसद में नेतृत्व।
- मंत्रिपरिषद्: कैबिनेट + राज्यमंत्री + उपमंत्री — तीन स्तर।
संसद के कार्य:
- विधायी कार्य — कानून निर्माण (तीन वाचन प्रक्रिया)।
- वित्तीय कार्य — बजट पारित, अनुदान माँगें।
- कार्यपालिका नियंत्रण — प्रश्नकाल, शून्यकाल।
- संविधान संशोधन (अनु. 368)।
कार्यपालिका पर नियंत्रण के तरीके:
- प्रश्नकाल: मंत्रियों से सवाल — तारांकित/अतारांकित/अल्प सूचना।
- शून्यकाल: तत्काल महत्वपूर्ण मुद्दे।
- अविश्वास प्रस्ताव: सरकार गिराने का अधिकार (केवल लोकसभा)।
- संसदीय समितियाँ: PAC, Estimates Committee — व्यय की जाँच।
स्वतंत्र न्यायपालिका की आवश्यकता: संविधान की रक्षा, मूल अधिकारों का संरक्षण, कार्यपालिका की मनमानी पर रोक।
सर्वोच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार:
- मूल क्षेत्राधिकार (अनु. 131): केन्द्र-राज्य एवं अन्तरराज्यीय विवाद।
- अपीलीय (अनु. 132-136): HC के निर्णयों के विरुद्ध अपील।
- परामर्शदात्री (अनु. 143): राष्ट्रपति के संदर्भ पर राय।
- न्यायिक पुनरावलोकन: असंवैधानिक कानूनों को शून्य घोषित करना।
- लेख/रिट (अनु. 32): बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, उत्प्रेषण आदि।
भारतीय संघवाद की विशेषताएँ:
- तीन सूचियाँ — संघ सूची (97 विषय), राज्य सूची (66), समवर्ती सूची (47)।
- एकल संविधान, एकल नागरिकता।
- केन्द्र को अवशिष्ट शक्तियाँ।
- एकीकृत न्यायपालिका।
तनाव के कारण:
- राज्यपाल की भूमिका — केन्द्र का प्रतिनिधि।
- अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) का दुरुपयोग।
- वित्तीय असमानता — केन्द्र का राजस्व पर वर्चस्व।
- क्षेत्रीय दलों की माँगें।
स्थानीय सरकार की आवश्यकता: जनभागीदारी, स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान, लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करना।
73वाँ संशोधन (Panchayati Raj) 1992:
- त्रिस्तरीय संरचना — ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद।
- महिलाओं को 1/3 आरक्षण (कई राज्यों में 1/2)।
- 5 वर्षीय कार्यकाल, राज्य वित्त आयोग।
74वाँ संशोधन (नगरपालिका) 1992:
- नगर पंचायत, नगर परिषद, नगर निगम।
- 12वीं अनुसूची — 18 कार्य नगर निकायों को।
| आधार | नकारात्मक स्वतंत्रता | सकारात्मक स्वतंत्रता |
|---|---|---|
| अर्थ | बाहरी बाधाओं की अनुपस्थिति | स्वयं को विकसित करने की क्षमता |
| दार्शनिक | Isaiah Berlin, J.S. Mill | T.H. Green, Isaiah Berlin |
| उदाहरण | सरकार का हस्तक्षेप न हो | शिक्षा, स्वास्थ्य की उपलब्धि |
| केन्द्र बिन्दु | अहस्तक्षेप | सक्षमता एवं विकास |
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का महत्व: लोकतंत्र की आधारशिला, सत्ता पर नागरिक नियंत्रण, विचारों का खुला प्रवाह। भारत में अनु. 19(1)(क) — किन्तु अनु. 19(2) के तहत युक्तियुक्त प्रतिबंध सम्भव।
समानता का अर्थ: प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान व्यवहार — न जाति, न लिंग, न धर्म के आधार पर भेद।
| आधार | प्राकृतिक असमानता | सामाजिक असमानता |
|---|---|---|
| उत्पत्ति | जन्मजात — बुद्धि, शारीरिक क्षमता | समाज निर्मित — जाति, लिंग, वर्ग |
| परिवर्तनीयता | कठिन | नीति द्वारा बदली जा सकती है |
| उदाहरण | अलग-अलग प्रतिभाएँ | छुआछूत, महिला भेदभाव |
| दृष्टिकोण | स्वीकार्य (कुछ हद तक) | राज्य द्वारा समाप्त की जानी चाहिए |
खण्ड — स : दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (40 अंक)
संविधान सभा (2 अंक)
- कैबिनेट मिशन योजना 1946 के अन्तर्गत गठन।
- कुल 389 सदस्य; 9 दिसम्बर 1946 प्रथम बैठक।
- डॉ. राजेन्द्र प्रसाद — स्थायी अध्यक्ष।
- डॉ. अम्बेडकर — प्रारूप समिति अध्यक्ष।
- 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में निर्माण (26 नवम्बर 1949 — अंगीकृत)।
विभिन्न देशों के संविधानों से लिए गए प्रावधान (3 अंक)
| देश | लिए गए प्रावधान |
|---|---|
| 🇬🇧 ब्रिटेन | संसदीय शासन प्रणाली, कानून निर्माण प्रक्रिया, Rule of Law |
| 🇺🇸 अमेरिका | मूल अधिकार, न्यायिक समीक्षा, स्वतंत्र न्यायपालिका, उपराष्ट्रपति |
| 🇦🇺 ऑस्ट्रेलिया | समवर्ती सूची, संसद के संयुक्त अधिवेशन, व्यापार-वाणिज्य स्वतंत्रता |
| 🇮🇪 आयरलैंड | राज्य के नीति-निर्देशक तत्व (DPSP), राष्ट्रपति निर्वाचन पद्धति |
| 🇨🇦 कनाडा | केन्द्र को अवशिष्ट शक्तियाँ, संघीय व्यवस्था का स्वरूप |
| 🇩🇪 जर्मनी | आपातकाल में मूल अधिकारों का निलम्बन |
| 🇿🇦 दक्षिण अफ्रीका | संविधान संशोधन प्रक्रिया (2/3 बहुमत) |
उद्देश्य प्रस्ताव (2 अंक)
13 दिसम्बर 1946 — पं. नेहरू द्वारा प्रस्तुत। मुख्य बातें:
- भारत एक स्वतंत्र, सम्प्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य होगा।
- न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व — ये मूल्य।
- अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों एवं जनजातियों की रक्षा।
- यही उद्देश्य प्रस्ताव संविधान की प्रस्तावना का आधार बना।
संसद का गठन (2 अंक)
- लोकसभा: 543 निर्वाचित सदस्य + 2 मनोनीत (Anglo-Indian — 104वें संशोधन से समाप्त)। 5 वर्षीय कार्यकाल।
- राज्यसभा: अधिकतम 250 सदस्य (238 राज्य + 12 राष्ट्रपति मनोनीत)। स्थायी सदन — 1/3 हर 2 वर्ष में सेवानिवृत्त।
कार्य एवं शक्तियाँ (2 अंक)
- विधायी — साधारण, वित्त एवं संविधान संशोधन विधेयक।
- वित्तीय — बजट, अनुदान माँगें (केवल लोकसभा)।
- निर्वाचन — राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति निर्वाचन में भाग।
- न्यायिक — महाभियोग, CJI हटाना।
कार्यपालिका पर नियंत्रण (2 अंक)
- प्रश्नकाल (शून्यकाल, ध्यानाकर्षण)।
- अविश्वास प्रस्ताव (लोकसभा)।
- काम रोको प्रस्ताव, निंदा प्रस्ताव।
- विशेष अधिकार प्रस्ताव (Privilege Motion)।
संसदीय समितियाँ (2 अंक)
- PAC (Public Accounts Committee): सरकारी व्यय की जाँच।
- Estimates Committee: बजट अनुमानों की जाँच।
- PSU Committee: सार्वजनिक उपक्रमों की समीक्षा।
संशोधन प्रक्रिया — अनु. 368 (2 अंक)
- साधारण बहुमत: नए राज्य, नागरिकता, चुनाव सम्बन्धी।
- विशेष बहुमत (2/3): अधिकांश संवैधानिक प्रावधान।
- विशेष बहुमत + 1/2 राज्यों की स्वीकृति: संघीय ढाँचे से सम्बन्धित।
मूल संरचना सिद्धान्त (2 अंक)
केशवानन्द भारती केस 1973 — 13 न्यायाधीशों की संविधान पीठ — संसद मूल संरचना नहीं बदल सकती।
मूल संरचना के तत्व: संविधान की सर्वोच्चता, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, शक्तियों का पृथक्करण, न्यायिक समीक्षा।
जीवंत दस्तावेज (2 अंक)
- संविधान स्थिर नहीं — बदलती जरूरतों के साथ परिवर्तनशील।
- न्यायपालिका का योगदान — नई व्याख्याएँ (जीवन का अधिकार = अनु. 21 में गोपनीयता, आजीविका)।
- 105+ संशोधन — फिर भी मूल भावना अक्षुण्ण।
संविधान का राजनीतिक दर्शन (2 अंक)
- लोकतंत्र + गणराज्य + धर्मनिरपेक्षता + समाजवाद — 42वें संशोधन द्वारा प्रस्तावना में जोड़ा।
- सार्वभौमिक मताधिकार — जाति/लिंग/धन का भेद नहीं।
- सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक न्याय की प्रतिबद्धता।
- आलोचना: अत्यधिक केन्द्रवाद, न्यायपालिका पर बोझ।
सामाजिक न्याय की अवधारणा (2 अंक)
- समान लोगों के साथ समान बर्ताव: एक जैसी परिस्थितियों में एक जैसा व्यवहार।
- समानुपातिक न्याय: अलग-अलग जरूरतों के अनुसार अलग-अलग व्यवहार।
- विशेष जरूरतों का ध्यान: वंचित वर्गों को विशेष सहायता।
- न्यायपूर्ण बँटवारा: संसाधनों का न्यायोचित वितरण।
जॉन रॉल्स का न्याय सिद्धान्त (4 अंक)
परिचय: "A Theory of Justice" (1971) — उदारवादी राजनीतिक दर्शन।
Veil of Ignorance (अज्ञानता का परदा): यदि कोई व्यक्ति यह न जाने कि वह समाज में किस स्थान पर जन्म लेगा — तो वह किस न्याय-व्यवस्था को चुनेगा ? ऐसी व्यवस्था ही न्यायपूर्ण होगी।
रॉल्स के दो सिद्धान्त:
- 1. समान स्वतंत्रता सिद्धान्त: सभी को समान आधारभूत स्वतंत्रताएँ मिलनी चाहिए।
- 2. Difference Principle: असमानताएँ तभी स्वीकार्य जब वे समाज के सबसे कमज़ोर वर्ग को लाभ दें।
धर्मनिरपेक्षता की अवधारणा (2 अंक)
वह विचारधारा जिसमें राज्य किसी एक धर्म को राजकीय धर्म नहीं मानता और सभी नागरिकों को धर्म-निरपेक्ष आधार पर समान व्यवहार मिलता है।
- अन्तर-धार्मिक वर्चस्व (Inter-Religious Domination) — एक धर्म का दूसरे पर।
- अन्तःधार्मिक वर्चस्व (Intra-Religious Domination) — एक धर्म के भीतर एक पंथ का दूसरे पर।
पश्चिमी बनाम भारतीय मॉडल की तुलना (4 अंक)
| आधार | पश्चिमी मॉडल (Separation) | भारतीय मॉडल (Principled Distance) |
|---|---|---|
| मूल आधार | धर्म एवं राज्य का पूर्ण पृथक्करण | सभी धर्मों से समान दूरी एवं सम्मान |
| सरकार का दृष्टिकोण | धर्म में कोई हस्तक्षेप नहीं | धर्म में सुधार के लिए हस्तक्षेप सम्भव |
| सहायता | किसी धर्म की कोई सहायता नहीं | सभी धर्मों की समान सहायता सम्भव |
| उदाहरण | फ्रांस, अमेरिका | भारत — अनु. 25–28 |
| राजधर्म | कोई राजधर्म नहीं (पूर्ण पृथक्करण) | कोई राजधर्म नहीं (किन्तु धर्म से संवाद) |
भारतीय धर्मनिरपेक्षता की आलोचनाएँ (2 अंक)
- बहुसंख्यकवाद की आशंका: कभी-कभी बहुसंख्यक धर्म को अधिक महत्व।
- अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का आरोप: कुछ वर्गों की यह धारणा।
- समान नागरिक संहिता का अभाव: अनु. 44 का अपूर्ण क्रियान्वयन।
- धार्मिक हिंसा: साम्प्रदायिक दंगे — धर्मनिरपेक्षता की विफलता का सूचक।
अंक योजना सारांश
| खण्ड | प्रश्न | विषय | अंक |
|---|---|---|---|
| अ | 1–9 | MCQ + रिक्त + सत्य/असत्य + सुमेलन | 20 |
| ब | 10–19 | लघु उत्तर (4-4 अंक, OR सहित) | 40 |
| स | 20–24 | दीर्घ उत्तर (8-8 अंक, OR सहित) | 40 |
| कुल | 100 | ||
- दीर्घ उत्तरों में अनुच्छेद संख्या (अनु. 19, 74, 324, 368) अवश्य लिखें।
- ऐतिहासिक मुकदमे (केशवानन्द भारती, मिनर्वा मिल्स) उद्धृत करें।
- विद्वानों के नाम (रॉल्स, मिल, Berlin, ऑस्टिन) उदाहरण सहित।
- तुलनात्मक प्रश्नों में तालिका बनाएँ।
- भाग-ब (Political Theory) में भारतीय उदाहरण देने से अधिक अंक।
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