शून्य के दूसरी ओर
Beyond Zero — Integers (पूर्णांक) | Class 6 Maths Chapter 10
- पूर्णांक (Integers): ..., –3, –2, –1, 0, +1, +2, +3, ...
- 0 न धनात्मक, न ऋणात्मक।
- योज्य प्रतिलोम: (+n) + (–n) = 0
- सभी ऋणात्मक संख्याएँ 0 से छोटी हैं। –5 < –3 < 0 < +3 < +5
- जोड़ Formula: प्रारंभिक तल + गति = लक्ष्य तल
- घटाव Formula: लक्ष्य तल – प्रारंभिक तल = आवश्यक गति
- Key Rule: a – (–b) = a + b (ऋणात्मक घटाना = धनात्मक जोड़ना)
- ब्रह्मगुप्त (628 CE) — पहले व्यक्ति जिन्होंने इन नियम दिए।
10.1 बेला की मजेदार इमारत (Lift Model) | 10.2 टोकन मॉडल | 10.3 Real Life — Bank, Geography, Temperature | 10.4 Integer Grid | 10.5 ब्रह्मगुप्त का इतिहास
1. 10.1 बेला की मजेदार इमारत — Lift Model
NCERT ने integers का concept समझाने के लिए बेला की आइसक्रीम फैक्ट्री में एक बहुमंजिला इमारत की कल्पना की है जिसमें भूतल के ऊपर और नीचे दोनों तरफ मंजिलें हैं।
Lift में दो बटन हैं:
'+' बटन → 1 तल ऊपर जाना
'–' बटन → 1 तल नीचे जाना
+ + + = +3 (तीन तल ऊपर) | – – – – = –4 (चार तल नीचे)
1.1 धनात्मक और ऋणात्मक संख्याएँ
➕ धनात्मक संख्याएँ
- '+' चिह्न लगती है।
- भूतल से ऊपर की मंजिलें।
- उदाहरण: +1, +2, +3...
- 0 से बड़ी होती हैं।
➖ ऋणात्मक संख्याएँ
- '–' चिह्न लगती है।
- भूतल से नीचे की मंजिलें।
- उदाहरण: –1, –2, –3...
- 0 से छोटी होती हैं।
0 न तो धनात्मक है और न ही ऋणात्मक।
हम 0 के सामने '+' या '–' चिह्न नहीं लगाते।
सभी ऋणात्मक संख्याएँ 0 से छोटी हैं।
सभी धनात्मक संख्याएँ 0 से बड़ी हैं।
1.2 जोड़ Formula — प्रारंभिक + गति = लक्ष्य
उदाहरण: भोजन कक्ष (+1) से +2 दबाएँ तो? (+1) + (+2) = +3 (पुस्तक केंद्र)
| Expression | हल | भावार्थ |
|---|---|---|
| (+1) + (+4) | +5 | 1 से शुरू, 4 ऊपर → 5 |
| (+4) + (+1) | +5 | 4 से शुरू, 1 ऊपर → 5 |
| (+4) + (–3) | +1 | 4 से शुरू, 3 नीचे → 1 |
| (–1) + (+2) | +1 | –1 से शुरू, 2 ऊपर → 1 |
| (–1) + (+1) | 0 | –1 से शुरू, 1 ऊपर → 0 |
| (0) + (+2) | +2 | 0 से शुरू, 2 ऊपर → +2 |
| (0) + (–2) | –2 | 0 से शुरू, 2 नीचे → –2 |
| (+2) + (–7) | –5 | 2 से शुरू, 7 नीचे → –5 |
| (–90) + (–55) | –145 | Mining example |
1.3 योज्य प्रतिलोम — Additive Inverse
किसी संख्या का योज्य प्रतिलोम वह संख्या है जिसे जोड़ने पर 0 (शून्य) मिले।
(+n) + (–n) = 0
उदाहरण: +3 का योज्य प्रतिलोम = –3 | –3 का योज्य प्रतिलोम = +3
0 का योज्य प्रतिलोम = 0
| संख्या | योज्य प्रतिलोम | Proof |
|---|---|---|
| +4 | –4 | (+4) + (–4) = 0 |
| –4 | +4 | (–4) + (+4) = 0 |
| +9 | –9 | (+9) + (–9) = 0 |
| –7 | +7 | (–7) + (+7) = 0 |
| 0 | 0 | (0) + (0) = 0 |
1.4 घटाव Formula — लक्ष्य – प्रारंभिक = गति
| Expression | भावार्थ (Lift) | हल |
|---|---|---|
| (+5) – (+2) | +2 से +5 जाना → 3 ऊपर | +3 |
| (–1) – (–2) | –2 से –1 जाना → 1 ऊपर | +1 |
| (–1) – (+3) | +3 से –1 जाना → 4 नीचे | –4 |
| (+2) – (–2) | –2 से +2 जाना → 4 ऊपर | +4 |
| (+1) – (+4) | +4 से +1 जाना → 3 नीचे | –3 |
| (0) – (+2) | +2 से 0 जाना → 2 नीचे | –2 |
| (0) – (–2) | –2 से 0 जाना → 2 ऊपर | +2 |
| (+4) – (–3) | –3 से +4 जाना → 7 ऊपर | +7 |
| (+3) – (–3) | –3 से +3 जाना → 6 ऊपर | +6 |
a – (–b) = a + b (ऋणात्मक घटाना = धनात्मक जोड़ना)
a – (+b) = a + (–b) (धनात्मक घटाना = ऋणात्मक जोड़ना)
उदाहरण:
(+7) – (+5) = (+7) + (–5) = +2
(–3) – (+8) = (–3) + (–8) = –11
(+8) – (–2) = (+8) + (+2) = +10
(+6) – (–9) = (+6) + (+9) = +15
2. 10.2 टोकन मॉडल — Token Model
Lift operator ने एक box रखी जिसमें:
- 🟢 हरा टोकन = +1 (धनात्मक)
- 🔴 लाल टोकन = –1 (ऋणात्मक)
एक हरा (+1) और एक लाल (–1) टोकन मिलकर शून्य जोड़ा बनाते हैं → (+1) + (–1) = 0
इन्हें हटा देने से value नहीं बदलती।
जोड़ना — (+5) + (–3)
3 शून्य जोड़े हटाने पर 2 धनात्मक टोकन बचते हैं।
जोड़ना — (+5) + (–8)
5 शून्य जोड़े हटाने पर 3 ऋणात्मक बचते हैं।
घटाव — (+4) – (–6)
4 धनात्मक रखिए → 6 ऋणात्मक चाहिए → 6 शून्य जोड़े add करें → 6 ऋणात्मक ले लें → +10 बचता है।
(+4) – (–6) = (+4) + (+6) = +10
3. 10.3 Real Life में पूर्णांक
🏦 Bank (जमा-निकासी)
- जमा (Credit) = धनात्मक
- निकासी (Debit) = ऋणात्मक
- Balance ऋणात्मक भी हो सकती है।
🌍 भूगोल (Altitude)
- समुद्र तल (Sea Level) = 0
- समुद्र तल से ऊपर = धनात्मक
- समुद्र तल से नीचे = ऋणात्मक
🌡️ तापमान (Temperature)
- 0°C = पानी का जमाव बिंदु
- 0°C से ऊपर = धनात्मक
- 0°C से नीचे = ऋणात्मक
⛏️ खदान (Mining)
- भूतल = 0
- ऊपर के स्तर = धनात्मक मीटर
- नीचे के स्तर = ऋणात्मक मीटर
Bank Example
| दिन | लेन-देन | राशि | Balance |
|---|---|---|---|
| Start | खाता खोला | +₹100 | +₹100 |
| Day 2 | जमा (Credit) | +₹60 | +₹160 |
| Day 3 | बिजली बिल (Debit) | –₹30 | +₹130 |
| Day 4 | बड़ी खरीद (Debit) | –₹150 | –₹20 |
| Day 5 | आय (Credit) | +₹200 | +₹180 |
लद्दाख तापमान (NCERT Example)
| तापमान | समय | कारण |
|---|---|---|
| 14°C | 02:00 PM | दोपहर — सबसे गर्म |
| 8°C | 11:00 AM | सुबह |
| –2°C | 11:00 PM | रात |
| –4°C | 02:00 AM | रात का सबसे ठंडा समय |
4. संख्या रेखा — Number Line
• दाईं ओर = बड़ी संख्या (धनात्मक दिशा)
• बाईं ओर = छोटी संख्या (ऋणात्मक दिशा)
• –3 < –2 < –1 < 0 < +1 < +2 < +3
• जोड़: दाईं ओर चलना | घटाव: बाईं ओर चलना
Unmarked Number Line (UNL) — अचिह्नित संख्या रेखा
5. जोड़ और घटाव के सभी नियम — Master Table
| Operation Type | Result | Example |
|---|---|---|
| (धनात्मक) + (धनात्मक) | हमेशा धनात्मक | 2 + 3 = 5 |
| (ऋणात्मक) + (ऋणात्मक) | हमेशा ऋणात्मक | (–2) + (–3) = –5 |
| (धनात्मक) + (ऋणात्मक) | बड़े वाले का चिह्न | 5 + (–3) = +2; 3 + (–5) = –2 |
| (धनात्मक) – (धनात्मक) | धनात्मक या ऋणात्मक | 5–3=+2; 2–5=–3 |
| (धनात्मक) – (ऋणात्मक) | हमेशा धनात्मक | (+4)–(–3) = +7 |
| (ऋणात्मक) – (धनात्मक) | हमेशा ऋणात्मक | (–3)–(+4) = –7 |
| (ऋणात्मक) – (ऋणात्मक) | धनात्मक या ऋणात्मक | (–7)–(–5)=–2; (–5)–(–7)=+2 |
| कोई भी संख्या + 0 | वही संख्या | (–3) + 0 = –3 |
| कोई भी संख्या – 0 | वही संख्या | (–2) – 0 = –2 |
| 0 – संख्या | संख्या का योज्य प्रतिलोम | 0 – (–2) = +2 |
1. (–)×(–) घटाव में: a–(–b) = a+b (दो minus sign = plus)
2. Large integer shortcut: (+2000) – (–200) = 2000 + 200 = 2200
3. Comparison: संख्या रेखा पर जो बाईं ओर हो, वह छोटी। –100 < –10 < 0 < 10 < 100
6. 10.5 ब्रह्मगुप्त — एक चुटकी इतिहास 🏛️
ब्रह्मगुप्त पहले गणितज्ञ थे जिन्होंने 628 ईस्वी में अपनी पुस्तक ब्रह्मस्फुटसिद्धांत में धनात्मक, ऋणात्मक संख्याओं और शून्य पर जोड़, घटाव, गुणन और विभाजन के स्पष्ट नियम दिए। इन्होंने शून्य को धनात्मक और ऋणात्मक संख्याओं के समान महत्व दिया।
ब्रह्मगुप्त के योग के नियम (श्लोक 18.30)
| नियम | Mathematical Form | NCERT उदाहरण |
|---|---|---|
| दो धनात्मक का योग धनात्मक | + + + = + | 2 + 3 = 5 |
| दो ऋणात्मक का योग ऋणात्मक | – + – = – | (–2) + (–3) = –5 |
| धन + ऋण: बड़ी संख्या घटाएँ, बड़े का चिह्न | |a|>|b| → a का sign | –5 + 3 = –2; 2+(–3)=–1 |
| संख्या + योज्य प्रतिलोम = 0 | a + (–a) = 0 | 2+(–2) = 0 |
| संख्या + 0 = वही संख्या | a + 0 = a | –2 + 0 = –2 |
ब्रह्मगुप्त के घटाव के नियम (श्लोक 18.31-18.32)
| नियम | Example |
|---|---|
| बड़े धनात्मक से छोटा घटाएँ → धनात्मक | 3–2 = 1 |
| छोटे से बड़ा घटाएँ → ऋणात्मक | 2–3 = –1 |
| ऋणात्मक घटाना = संगत धनात्मक जोड़ना | 2–(–3) = 2+3 = 5 |
| संख्या को खुद से घटाएँ → 0 | 2–2=0; (–2)–(–2)=0 |
| संख्या से 0 घटाएँ → वही संख्या | (–2)–0 = –2 |
| 0 में से संख्या घटाएँ → योज्य प्रतिलोम | 0–(–2) = 2 |
• ऋणात्मक संख्याओं का पहला उपयोग लेखांकन में — China (1st-2nd century CE): लाल छड़ी = ऋणात्मक, काली = धनात्मक।
• भारत: कौटिल्य के अर्थशास्त्र (~300 BCE) में debit-credit।
• बख्शाली पांडुलिपि (~300 CE) में ऋणात्मक संख्याएँ।
• ब्रह्मगुप्त (628 CE): सभी नियमों का systematic framework।
• 18वीं शताब्दी तक Europe में भी ऋणात्मक संख्याएँ नहीं मानी जाती थीं!
7. NCERT Exercise Solutions
Section 10.1 — Lift Exercise (मुख्य answers)
| Expression | Answer |
|---|---|
| (+1) + (+4) | +5 |
| (+4) + (–3) | +1 |
| (+4) + (–3) + (–2) | –1 |
| (–1) + (+2) + (–3) | –2 |
घटाव Exercise (Section 10.1)
| Q | Ans | Q | Ans |
|---|---|---|---|
| (+1)–(+4) | –3 | (0)–(+2) | –2 |
| (+4)–(+1) | +3 | (0)–(–2) | +2 |
| (+4)–(–3) | +7 | (–4)–(–3) | –1 |
| (–1)–(+2) | –3 | (–2)–(–2) | 0 |
| (–1)–(+1) | –2 | (+3)–(–3) | +6 |
बड़ी संख्याएँ (Mining Example)
| Q | Ans |
|---|---|
| (+40) + (+60) | +100 |
| (–90) + (–55) | –145 |
| (+40) – (–50) | +90 |
| (–90) – (+40) | –130 |
| (+2000) – (–200) | +2200 |
| –125 + (–30) | –155 |
| +105 – (–55) | +160 |
| +80 – (–150) | +230 |
| –99 – (–200) | +101 |
| +1500 – (–1500) | +3000 |
Bank Exercise (Section 10.3)
जमा: +30, +40, +50 = +120 | निकासी: –40, –50, –60 = –150
Balance = 0 + 120 + (–150) = –30 (खाता ऋणात्मक हो गया)
8. सारांश — Chapter 10
- 0 से छोटी संख्याएँ ऋणात्मक होती हैं — '–' चिह्न के साथ।
- ..., –4, –3, –2, –1, 0, +1, +2, +3, +4, ... → पूर्णांक (Integers)।
- हर संख्या का एक योज्य प्रतिलोम होता है जिसे जोड़ने पर 0 मिले।
- जोड़: प्रारंभिक + गति = लक्ष्य।
- घटाव: लक्ष्य – प्रारंभिक = गति।
- किसी पूर्णांक का घटाव = उसके योज्य प्रतिलोम का जोड़।
- पूर्णांकों की तुलना: ...–3 < –2 < –1 < 0 < +1 < +2 < +3...
- ऋणात्मक = समुद्र तल से नीचे, 0°C से नीचे, bank debit।
9. Common Mistakes
- –3 < –5 लिखना — गलत! –5 < –3 क्योंकि –5 number line पर बाईं ओर है।
- (+4) – (–6) = –2 लिखना — गलत! = +10 (ऋणात्मक घटाना = धनात्मक जोड़ना)।
- 0 को धनात्मक मानना — गलत! 0 न + न –।
- (–2) – (–2) = –4 — गलत! = 0
- –3 + 0 = 0 — गलत! = –3
- (–90) + (–55) = –35 — गलत! दोनों ऋणात्मक को जोड़ें → –145
- घटाव और जोड़ के formulas को उल्टा लिखना।
- Number line पर negative direction भूल जाना।
10. MCQ Practice Test — 12 Questions
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Q1. पूर्णांक (Integers) किसे कहते हैं?
- केवल धनात्मक संख्याएँ
- शून्य सहित सभी धनात्मक और ऋणात्मक संख्याएँ
- केवल 1, 2, 3...
- केवल भिन्न संख्याएँ
Q2. (+3) + (–5) = ?
- –2
- +8
- +2
- –8
Q3. –5 का योज्य प्रतिलोम क्या है?
- –5
- –1/5
- +5
- 0
Q4. (–3) – (–7) = ?
- –10
- –4
- +10
- +4
Q5. इनमें से सबसे छोटी संख्या कौन-सी है?
- –10
- –5
- 0
- +3
Q6. (+4) – (–6) = ?
- –2
- +2
- +10
- –10
Q7. (–2) + (–3) = ?
- +5
- –5
- –1
- +1
Q8. लक्ष्य तल –1, प्रारंभिक तल –2 हो तो कौन-सा बटन दबाएँ?
- +1 (एक तल ऊपर)
- –1 (एक तल नीचे)
- +2
- –3
Q9. ब्रह्मगुप्त ने पूर्णांकों के नियम कब दिए?
- 300 BCE
- 300 CE
- 628 CE
- 1000 CE
Q10. –8 – (–8) = ?
- –16
- +16
- –8
- 0
Q11. 0 के बारे में कौन-सा कथन सही है?
- 0 न धनात्मक है, न ऋणात्मक।
- 0 धनात्मक है।
- 0 ऋणात्मक है।
- 0 सबसे बड़ा पूर्णांक है।
Q12. (+2000) – (–200) = ?
- +1800
- +2200
- –1800
- –2200
11. FAQ — Chapter 10 पूर्णांक
a – (–b) = a + b
जैसे: (+4)–(–6) = (+4)+(+6) = +10
कारण: Lift में –6 तल से +4 तल जाना = 10 ऊपर।
Lift में: –5 तल (डायनासौर), –3 तल (सिनेमा) से नीचे है। इसलिए –5 < –3।
Bank: debit को credit से cancel करना।
Temperature: –10°C को +10°C से cancel करने पर 0°C।
यही concept algebra में negative numbers undo करने में काम आता है।


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