अम्ल, क्षारक एवं लवण: 30 MCQ उत्तर | Class 10 Science Ch 2

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अम्ल, क्षारक एवं लवण (Acids, Bases and Salts)

कक्षा 10 विज्ञान · अध्याय 2 · अवधारणा, अभिक्रियाएँ, चित्र और 30 अभ्यास-प्रश्न (उत्तर सहित)

अम्ल (Acid), क्षारक (Base) और लवण (Salt) रसायन विज्ञान के तीन मूल वर्ग हैं। नींबू का खट्टापन, पेट में पाचन, साबुन की चिकनाहट, बेकिंग सोडा से फूलता केक और टूटी हड्डी का प्लास्टर, ये सभी इन्हीं से जुड़े हैं।

इस लेख में NCERT के अनुसार अवधारणाएँ, अभिक्रियाओं की तालिकाएँ, चलते-फिरते (animated) चित्र और अंत में 30 बहुविकल्पीय प्रश्न उनके कारण सहित दिए गए हैं। अपने बोर्ड-परीक्षा की तैयारी Telegram टेस्ट-सीरीज़ से भी जाँचें।

अम्ल, क्षारक एवं लवण
विषयविज्ञान (रसायन)
कक्षा10
अध्याय2 (NCERT आधारित)
प्रमुख पदसूचक, pH, उदासीनीकरण, क्लोर-क्षार, क्रिस्टलीकरण-जल
अभ्यास30 MCQ + 5 FAQ

मुख्य बिंदु

  • अम्ल जल में H⁺ (वास्तव में H₃O⁺) तथा क्षारक जल में OH⁻ आयन देते हैं।
  • pH < 7 अम्लीय, pH = 7 उदासीन, pH > 7 क्षारीय। pH जितना कम, H⁺ उतने अधिक।
  • अम्ल + क्षारक → लवण + जल (उदासीनीकरण)।
  • अम्ल + धातु → लवण + H₂; अम्ल + कार्बोनेट → लवण + जल + CO₂।
  • साधारण नमक (NaCl) से NaOH, Cl₂, H₂, HCl, ब्लीचिंग पाउडर, बेकिंग सोडा, वॉशिंग सोडा बनते हैं।
  • क्रिस्टलीय लवणों में निश्चित जल-अणु होते हैं: CuSO₄·5H₂O, Na₂CO₃·10H₂O, CaSO₄·2H₂O।

अम्ल और क्षारक: पहचान व गुण

अम्ल का स्वाद खट्टा और क्षारक का कड़वा तथा स्पर्श में साबुन जैसा होता है। प्रयोगशाला में इनकी पहचान सूचकों (Indicators) से की जाती है। कोई भी रासायनिक पदार्थ चखकर परीक्षण न करें।

तालिका 1: प्रमुख सूचक और उनके रंग-परिवर्तन
सूचक (Indicator)अम्ल मेंक्षारक में
लिटमस (Litmus)नीला → लाललाल → नीला
फ़िनॉल्फ्थेलीन (Phenolphthalein)रंगहीनगुलाबी
मेथिल ऑरेंज (Methyl orange)लालपीला
हल्दी (Turmeric)पीला (कोई परिवर्तन नहीं)लाल-भूरा
अम्ल (Acid)
  • जल में H⁺ देते हैं
  • नीले लिटमस को लाल करते हैं
  • उदाहरण: HCl, H₂SO₄, HNO₃, CH₃COOH
  • प्राकृतिक: नींबू (साइट्रिक), दही (लैक्टिक), चींटी का डंक (मेथेनोइक/फॉर्मिक)
क्षारक (Base)
  • जल में OH⁻ देते हैं
  • लाल लिटमस को नीला करते हैं
  • उदाहरण: NaOH, KOH, Ca(OH)₂, NH₄OH
  • क्षार (Alkali) = जल में घुलनशील क्षारक

अभिक्रियाएँ (तालिका व चित्र)

तालिका 2: अम्ल-क्षारक की प्रमुख अभिक्रियाएँ
अभिक्रिया का प्रकारउदाहरण समीकरणउत्पाद / पहचान
अम्ल + धातुZn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂↑लवण + H₂; जलती तीली 'पॉप' ध्वनि से बुझती है
अम्ल + धातु कार्बोनेटNa₂CO₃ + 2HCl → 2NaCl + H₂O + CO₂↑लवण + जल + CO₂; चूने का पानी दूधिया
अम्ल + हाइड्रोजन कार्बोनेटNaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂↑लवण + जल + CO₂
अम्ल + क्षारक (उदासीनीकरण)NaOH + HCl → NaCl + H₂Oलवण + जल
धात्विक ऑक्साइड + अम्लCuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂Oलवण + जल (धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय होते हैं; देखें अध्याय 3)
क्षारक + अधात्विक ऑक्साइडCa(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂Oलवण + जल (अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय होते हैं)
क्षारक + धातु (Zn, Al)2NaOH + Zn → Na₂ZnO₂ + H₂↑सोडियम ज़िंकेट + H₂

समीकरण संतुलित करना और अभिक्रियाओं के प्रकार समझने के लिए अध्याय 1: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण देखें; धातुओं का अम्ल और क्षारक से व्यवहार अध्याय 3: धातु एवं अधातु में विस्तार से है।

तनु HCl Zn टुकड़ा H₂ गैस ↑ जलती तीली → 'पॉप'
चित्र 1: Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂ (मूल चित्रण, एनिमेटेड SVG)
H⁺ OH⁻ H₂O H⁺ + OH⁻ → H₂O Na⁺ और Cl⁻ विलयन में रहकर लवण NaCl बनाते हैं
चित्र 2: उदासीनीकरण की आयनिक क्रिया (मूल चित्रण, एनिमेटेड SVG)

CO₂ की पहचान: चूने के पानी Ca(OH)₂ में CO₂ प्रवाहित करने पर वह दूधिया हो जाता है (CaCO₃ बनने से)। CO₂ अधिक मात्रा में जाने पर दूधियापन समाप्त हो जाता है, क्योंकि जल में घुलनशील कैल्शियम हाइड्रोजन कार्बोनेट Ca(HCO₃)₂ बन जाता है।

जल में अम्ल-क्षारक और प्रबलता

अम्ल के अम्लीय गुण जल की उपस्थिति में ही प्रकट होते हैं। शुष्क HCl गैस शुष्क लिटमस का रंग नहीं बदलती, क्योंकि उसमें H⁺ आयन बनते ही नहीं। जल में HCl घुलने पर H⁺ जल-अणु से जुड़कर हाइड्रोनियम आयन H₃O⁺ बनाता है; सरलता के लिए इसे H⁺ लिखा जाता है।

सुरक्षा नियम: सांद्र अम्ल या क्षारक को जल में मिलाना ऊष्माक्षेपी (exothermic) है। इसलिए अम्ल को धीरे-धीरे जल में डालें, जल को अम्ल में नहीं, और लगातार हिलाते रहें; अन्यथा मिश्रण उछलकर जला सकता है।
तालिका 3: प्रबलता बनाम सांद्रता (अक्सर गड़बड़ होने वाला बिंदु)
पदअर्थउदाहरण
प्रबल अम्ल (Strong)जल में लगभग पूर्ण आयनितHCl, H₂SO₄, HNO₃
दुर्बल अम्ल (Weak)जल में आंशिक आयनितCH₃COOH, H₂CO₃
सांद्र / तनु (Concentrated / Dilute)प्रति आयतन कितना अम्ल घुला हैतनु HCl, सांद्र HCl

विलयन की अम्लता उसमें H⁺ आयनों की सांद्रता से मापी जाती है, यही pH का आधार है। कोई अम्ल कितना प्रबल है, यह इस पर निर्भर करता है कि वह जल में कितना आयनित होता है। तनु प्रबल अम्ल और सांद्र दुर्बल अम्ल की तुलना करने पर pH दोनों कारकों से तय होती है।

pH स्केल और दैनिक जीवन

pH स्केल हाइड्रोजन आयन सांद्रता को एक छोटी संख्या में व्यक्त करता है। pH में एक इकाई का अंतर H⁺ सांद्रता में 10 गुना अंतर दर्शाता है; इसलिए pH 2 वाले विलयन में pH 5 की तुलना में 10³ = 1000 गुना अधिक H⁺ होते हैं।

024678101214 अम्लीय उदासीन क्षारीय H⁺ अधिक ← → OH⁻ अधिक
चित्र 3: pH स्केल (मूल चित्रण; सूचक-तीर 0 से 14 तक घूमता है)
तालिका 4: सामान्य पदार्थों की लगभग pH
पदार्थलगभग pHप्रकृति
आमाशय रस (Gastric juice)1 से 3प्रबल अम्लीय
नींबू का रस2अम्लीय
सिरका3अम्लीय
दूध6 से 6.5हल्का अम्लीय
शुद्ध जल7उदासीन
मानव रक्त7.35 से 7.45हल्का क्षारीय
बेकिंग सोडा विलयन8 से 9क्षारीय
मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया10क्षारीय
सोडियम हाइड्रॉक्साइड (तनु)13 से 14प्रबल क्षारीय

नोट: ये मान सामान्य/अनुमानित हैं और सांद्रता व तापमान से बदलते हैं। बहुत सांद्र प्रबल अम्ल की pH 0 से कम और बहुत सांद्र प्रबल क्षारक की pH 14 से अधिक भी हो सकती है; विद्यालय स्तर पर "0 से 14" सामान्य परास माना जाता है।

दैनिक जीवन में pH का महत्व

  • मानव शरीर: हमारा शरीर pH 7.0 से 7.8 के बीच कार्य करता है। एंज़ाइमों की क्रियाशीलता निश्चित pH पर ही सर्वोत्तम रहती है।
  • पाचन: आमाशय में HCl भोजन के पाचन में सहायक है और सूक्ष्मजीवों को नष्ट करता है। अधिक अम्लता होने पर एंटासिड (जैसे मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया) उसे उदासीन करता है।
  • दंत-क्षय: मुँह का pH लगभग 5.5 से नीचे जाने पर दाँतों का इनैमल (कैल्शियम फ़ॉस्फ़ेट) घुलने लगता है। भोजन के बाद कुल्ला करना और क्षारीय टूथपेस्ट उपयोगी है।
  • मिट्टी: फसलों के लिए मिट्टी की pH महत्वपूर्ण है; किसान अम्लीय मिट्टी में चूना (क्षारकीय) मिलाते हैं।
  • अम्लीय वर्षा: वर्षा जल की pH 5.6 से कम होने पर उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं; यह नदियों के जीवन और स्मारकों को हानि पहुँचाती है।
  • डंक: चींटी या बिच्छू-बूटी (nettle) के डंक में मेथेनोइक अम्ल होता है; प्रभावित स्थान पर बेकिंग सोडा जैसा दुर्बल क्षारक रगड़ने से राहत मिलती है।

लवण: NaCl, क्लोर-क्षार, सोडा व POP

लवण (Salt) अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया से बनते हैं। जिन लवणों का धनायन या ऋणायन समान होता है, वे एक परिवार के माने जाते हैं, जैसे NaCl और Na₂SO₄ (सोडियम परिवार) या NaCl और KCl (क्लोराइड परिवार)।

तालिका 5: लवणों की pH (किस अम्ल और क्षारक से बना?)
बनाने वाले अम्ल + क्षारकउदाहरणpH
प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारकNaCl, KNO₃लगभग 7 (उदासीन)
प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारकNH₄Cl7 से कम (अम्लीय)
दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारकCH₃COONa, Na₂CO₃7 से अधिक (क्षारीय)

साधारण नमक (NaCl) और क्लोर-क्षार प्रक्रिया

जलीय NaCl (ब्राइन) का विद्युत अपघटन करने पर NaOH, Cl₂ और H₂ बनते हैं। इसे क्लोर-क्षार प्रक्रिया (Chlor-alkali process) कहते हैं (संबंधित बुनियादी अभिक्रियाएँ अध्याय 1 में): क्लोरीन का 'क्लोर' और सोडियम हाइड्रॉक्साइड का 'क्षार'।

विद्युत स्रोत + − एनोड (+): Cl₂ कैथोड (−): H₂ जलीय NaCl → NaOH
चित्र 4: 2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂ (सरलीकृत मूल चित्रण)
तालिका 6: क्लोर-क्षार के उत्पाद और उपयोग
उत्पादकहाँ बनता है / उपयोग
NaOHकैथोड के पास; साबुन, अपमार्जक, कागज़, कृत्रिम रेशे
Cl₂एनोड पर; जल का शुद्धीकरण, PVC, कीटाणुनाशक
H₂कैथोड पर; ईंधन, मार्जरीन, अमोनिया
HClH₂ और Cl₂ के संयोग से; स्टील की सफ़ाई, औषधियाँ
ब्लीचिंग पाउडर CaOCl₂Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O; कपड़ा विरंजन, पेयजल कीटाणुशोधन

बेकिंग सोडा, वॉशिंग सोडा और प्लास्टर ऑफ़ पेरिस

तालिका 7: तीन महत्वपूर्ण यौगिक
यौगिकसूत्रनिर्माण / अभिक्रियाउपयोग
बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)NaHCO₃NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NH₄Cl + NaHCO₃
गर्म करने पर: 2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂
बेकिंग पाउडर (+ टार्टरिक अम्ल), एंटासिड, अग्निशामक
वॉशिंग सोडा (सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट)Na₂CO₃·10H₂ONa₂CO₃ का पुनःक्रिस्टलीकरण: Na₂CO₃ + 10H₂O → Na₂CO₃·10H₂Oकठोर जल की कठोरता हटाना, काँच, साबुन, कागज़ उद्योग, सफ़ाई
प्लास्टर ऑफ़ पेरिस (POP)CaSO₄·½H₂Oजिप्सम को 373 K पर गर्म करना: CaSO₄·2H₂O → CaSO₄·½H₂O + 1½H₂Oटूटी हड्डी का प्लास्टर, खिलौने, मूर्तियाँ, सजावट, चिकनी सतह
जिप्सम CaSO₄·2H₂O प्लास्टर ऑफ़ पेरिस CaSO₄·½H₂O गर्म करें (373 K) जल मिलाएँ → कठोर POP को नमी-रोधी डिब्बे में रखें
चित्र 5: जिप्सम ⇄ प्लास्टर ऑफ़ पेरिस (मूल चित्रण)

POP को नमी से बचाकर रखना चाहिए, क्योंकि जल के संपर्क में आने पर यह अपने आप जिप्सम बनकर कठोर हो जाता है।

क्रिस्टलीकरण का जल (Water of Crystallisation)

कुछ लवणों के क्रिस्टलों में जल के निश्चित संख्या में अणु जुड़े रहते हैं, जिन्हें क्रिस्टलीकरण का जल (जलयोजन का जल) कहते हैं। यह जल लवण के सूत्र इकाई का हिस्सा है, गीलापन नहीं।

CuSO₄·5H₂O (नीला) → CuSO₄ (सफ़ेद) + 5H₂O↑ · जल डालने पर फिर नीला जल-वाष्प
चित्र 6: कॉपर सल्फ़ेट के क्रिस्टलों को गर्म करना (मूल चित्रण, एनिमेटेड SVG)
तालिका 8: क्रिस्टलीकरण-जल वाले प्रमुख लवण
लवणसूत्रजल-अणु
नीला थोथा (कॉपर सल्फ़ेट)CuSO₄·5H₂O5
वॉशिंग सोडाNa₂CO₃·10H₂O10
जिप्समCaSO₄·2H₂O2
प्लास्टर ऑफ़ पेरिसCaSO₄·½H₂O½

सूखे (निर्जल) CuSO₄ पर जल की बूँदें डालने पर वह फिर नीला हो जाता है। इसी गुण से जल की उपस्थिति का परीक्षण किया जाता है।

सामान्य भ्रांतियाँ

  • "सभी लवण उदासीन होते हैं": गलत। लवण का pH उसे बनाने वाले अम्ल-क्षारक की प्रबलता पर निर्भर है (तालिका 5)।
  • "शुष्क HCl अम्ल नहीं है": गलत। HCl अम्ल है, पर अम्लीय व्यवहार के लिए जल आवश्यक है।
  • "हर अम्ल धातु से H₂ देता है": सामान्यतः सही, पर नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) प्रबल ऑक्सीकारक होने से सामान्यतः H₂ नहीं देता।
  • "pH केवल 0 से 14 तक होती है": विद्यालय-स्तर का सामान्य परास है; बहुत सांद्र विलयन में यह सीमा पार हो सकती है।
  • "प्रबल अम्ल = सांद्र अम्ल": गलत। प्रबलता आयनन की मात्रा है, सांद्रता घोल की मात्रा-सीमा है।
  • "वॉशिंग सोडा और बेकिंग सोडा एक ही हैं": गलत। Na₂CO₃·10H₂O और NaHCO₃ अलग यौगिक हैं।

30 MCQ: उत्तर व कारण

पहले Telegram पर टेस्ट हल करें, फिर नीचे के खंड खोलकर अपने उत्तर मिलाएँ।

प्रश्न 1 से 10: उत्तर देखें
क्र.उत्तरकारण
1B) HClHCl जल में H⁺ देता है; शेष तीनों क्षारक हैं।
2C) लालअम्ल नीले लिटमस को लाल करता है।
3A) नीलाक्षार लाल लिटमस को नीला करता है।
4B) हाइड्रोजनअम्ल + धातु → लवण + H₂।
5B) Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂धातु + अम्ल की अभिक्रिया; A उदासीनीकरण, C अपघटन, D द्विविस्थापन है।
6C) CO₂अम्ल + कार्बोनेट → लवण + जल + CO₂।
7B) उदासीनीकरणअम्ल + क्षारक → लवण + जल।
8B) NaClNa⁺ (NaOH से) + Cl⁻ (HCl से) = सोडियम क्लोराइड।
9B) H⁺अम्लीय गुणों का कारण H⁺ आयन हैं।
10C) OH⁻क्षारकीय गुणों का कारण OH⁻ आयन हैं।
प्रश्न 11 से 20: उत्तर देखें
क्र.उत्तरकारण
11B) HCl में जल नहीं होताजल के बिना H⁺ नहीं बनते।
12B) H⁺ आयनों की सांद्रताअम्लता H⁺ सांद्रता से मापी जाती है (pH)। प्रबलता का अर्थ आयनन की मात्रा है, खंड 4 देखें।
13C) 0 से 14सामान्य pH परास।
14C) उदासीनशुद्ध जल की pH ≈ 7।
15B) अधिक अम्लीयpH कम = H⁺ अधिक (यहाँ 1000 गुना)।
16B) विशेष महत्व हैएंज़ाइम निश्चित pH परास में कार्य करते हैं।
17C) हाइड्रोक्लोरिक अम्लआमाशय में HCl पाचन में सहायक है।
18C) 5.5इससे कम pH पर दाँत का इनैमल घुलने लगता है।
19B) एंटासिडदुर्बल क्षारक अतिरिक्त अम्ल को उदासीन करता है।
20B) फ़ॉर्मिक अम्लमेथेनोइक (फ़ॉर्मिक) अम्ल; बेकिंग सोडा से राहत।
प्रश्न 21 से 30: उत्तर देखें
क्र.उत्तरकारण
21C) NaClसोडियम क्लोराइड = साधारण नमक।
22D) उपर्युक्त सभीNaCl से NaOH, Cl₂, H₂ और HCl प्राप्त होते हैं।
23C) NaOHक्लोर-क्षार प्रक्रिया का मुख्य क्षार।
24B) NaHCO₃सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट।
25C) CO₂2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂; यही गैस केक को फुलाती है।
26A) Na₂CO₃·10H₂Oवॉशिंग सोडा में 10 जल-अणु हैं।
27B) CaSO₄·½H₂OPOP में आधा जल-अणु; CaSO₄·2H₂O जिप्सम है।
28B) सफ़ेद हो जाता हैक्रिस्टलीकरण-जल निकलने पर निर्जल CuSO₄ बनता है।
29A) जलयोजन का जलक्रिस्टलों में निश्चित संख्या में जुड़े जल-अणु।
30D) pH अलग-अलग हो सकता हैलवण की प्रकृति उसके अम्ल-क्षारक की प्रबलता पर निर्भर है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

अम्ल और क्षारक में मुख्य अंतर क्या है?

अम्ल जल में H⁺ आयन देता है और नीले लिटमस को लाल करता है; क्षारक जल में OH⁻ आयन देता है और लाल लिटमस को नीला करता है। दोनों की अभिक्रिया से लवण और जल बनते हैं।

pH क्या है और इसका मान क्यों जाना जाता है?

pH विलयन में हाइड्रोजन आयन सांद्रता का माप है। इससे पता चलता है कि विलयन अम्लीय, उदासीन या क्षारीय है; यह शरीर, मिट्टी, दाँतों और जल-गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण है।

बेकिंग सोडा और वॉशिंग सोडा में क्या अंतर है?

बेकिंग सोडा NaHCO₃ है (खाद्य व एंटासिड में उपयोगी); वॉशिंग सोडा Na₂CO₃·10H₂O है (कपड़े धोने और कठोर जल के लिए)। गर्म करने पर बेकिंग सोडा से वॉशिंग-सोडे का निर्जल रूप Na₂CO₃ बनता है।

प्लास्टर ऑफ़ पेरिस को नमी से क्यों बचाना चाहिए?

जल के संपर्क में आने पर POP (CaSO₄·½H₂O) जल ग्रहण करके कठोर जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) बन जाता है, इसलिए खुला रखने पर वह बेकार हो जाता है।

क्रिस्टलीकरण का जल क्या है?

क्रिस्टलीय लवण की सूत्र इकाई में जुड़े निश्चित संख्या के जल-अणु, जैसे CuSO₄·5H₂O में 5। इन्हें निकाल देने पर क्रिस्टल की बनावट और रंग बदल जाते हैं (नीला से सफ़ेद)।

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स्रोत एवं संदर्भ: NCERT विज्ञान, कक्षा 10, अध्याय 2 (अम्ल, क्षारक एवं लवण)। सभी चित्र इस लेख के लिए बनाए गए मूल SVG चित्र हैं।

यह सामग्री शैक्षिक उद्देश्य से तैयार की गई है। प्रयोग करते समय शिक्षक की देखरेख और सुरक्षा-नियमों का पालन अनिवार्य है।

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