Marwari Mission 100
RBSE 12th Hindi: दिन जल्दी-जल्दी ढलता है (विस्तृत विश्लेषण)
Source: www.ncertclasses.com | Marwari Mission 100
गीत: दिन जल्दी-जल्दी ढलता है (Din Jaldi Jaldi Dhalta Hai) - महा-विश्लेषण
कवि: हरिवंश राय बच्चन | मूल संग्रह: निशा निमंत्रण | समय और संवेदना
गीत परिचय
शीर्षक: दिन जल्दी-जल्दी ढलता है
संग्रह: निशा निमंत्रण (1938)
शैली: गेय (Lyrical/Song)
रस: वात्सल्य (Birds) + वियोग श्रृंगार (Poet)
मूल भाव: समय की परिवर्तनशीलता और प्रेम की व्याकुलता।
यह गीत हरिवंश राय बच्चन के प्रसिद्ध काव्य संग्रह 'निशा निमंत्रण' से लिया गया है। इसमें कवि ने बताया है कि जब जीवन में कोई लक्ष्य (Goal) या प्रेम (Love) होता है, तो समय बहुत तेजी से बीतता हुआ लगता है, लेकिन एकाकीपन में वही समय काटे नहीं कटता।
1. पथिक और लक्ष्य (The Traveler's Goal)
मंजिल भी तो है दूर नहीं—
यह सोच थका दिन का पंथी
भी जल्दी-जल्दी चलता है!
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!"
व्याख्या: दिन भर का थका हुआ यात्री (पंथी) जब देखता है कि सूरज डूबने वाला है और उसकी मंजिल (घर) अब ज्यादा दूर नहीं है, तो उसके कदमों में अचानक तेजी आ जाती है। उसे डर है कि कहीं रास्ते में ही रात न हो जाए और वह अपने प्रियजनों से मिलने से वंचित न रह जाए।
मनोवैज्ञानिक विश्लेषण: यहाँ 'लक्ष्य प्राप्ति की आशा' (Hope) थकान पर हावी हो जाती है। जब मिलन की आस होती है, तो शरीर की थकान मिट जाती है।
2. चिड़ियों का वात्सल्य (Parental Love of Birds)
नीड़ों से झाँक रहे होंगे—
यह ध्यान परों में चिड़ियों के
भरता कितनी चंचलता है!
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!"
शब्दार्थ:
• प्रत्याशा (Anticipation) = पाने की आशा।
• नीड़ = घोंसला।
व्याख्या: चिड़िया जब आकाश में उड़ रही है, तो उसे अचानक याद आता है कि उसके छोटे-छोटे बच्चे घोंसलों (नीड़ों) से सिर निकालकर उसका इंतजार कर रहे होंगे। वे भोजन और माँ के प्यार की आशा (प्रत्याशा) में होंगे। यह विचार आते ही थकी हुई चिड़िया के पंखों में बिजली जैसी 'चंचलता' (Agility) आ जाती है और वह तेजी से उड़ने लगती है।
यहाँ 'वात्सल्य रस' (Motherly Love) की पराकाष्ठा है। चिड़िया का उड़ना केवल शारीरिक क्रिया नहीं है, बल्कि 'ममत्व' (Motherhood) का प्रेरक बल है। विज्ञान भी मानता है कि 'घोंसले की पुकार' (Homing Instinct) पक्षियों में सबसे प्रबल होती है।
3. कवि का एकाकीपन (The Poet's Loneliness)
मैं होऊँ किसके हित चंचल?
यह प्रश्न शिथिल करता पद को,
भरता उर में विह्वलता है!
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!"
व्याख्या: पहले दो पद्यांशों में 'आशा' थी, यहाँ 'हताशा' है। कवि खुद से प्रश्न करता है- "इस दुनिया में मुझसे मिलने के लिए कौन व्याकुल (विकल) है? मेरा तो कोई इंतजार नहीं कर रहा। फिर मैं किसके लिए (किसके हित) घर जाने की जल्दी करूँ?"
यह प्रश्न मन में आते ही कवि के कदम 'शिथिल' (सुस्त/धीमे) हो जाते हैं और उसके हृदय (उर) में एक अजीब सी बेचैनी (विह्वलता) भर जाती है।
4. तुलनात्मक अध्ययन (Comparative Study)
पूरी कविता का सार इस टेबल में है। इसे रट लें, 4 नंबर पक्के।
| चिड़िया/पथिक (Birds/Traveler) | कवि (The Poet) |
|---|---|
| मनोदशा: आशावादी (Optimistic) | मनोदशा: निराशावादी/एकाकी (Pessimistic) |
| क्रिया: पैरो/पंखों में 'चंचलता' (Teji) आती है। | क्रिया: पैर 'शिथिल' (Dheeme) हो जाते हैं। |
| कारण: 'प्रत्याशा' (किसी का इंतज़ार)। | कारण: 'शून्यता' (कोई इंतज़ार करने वाला नहीं)। |
| भाव: मिलन की आतुरता। | भाव: हृदय की विह्वलता (बेचैनी)। |
🎯 बोर्ड के 'Hot' प्रश्न (Questions)
प्र.1: "बच्चे किस बात की आशा में नीड़ों से झांक रहे होंगे?"
उत्तर: बच्चे दो बातों की आशा में झांक रहे हैं: (1) माता-पिता के लौटने और भोजन पाने की आशा, (2) सुरक्षा और वात्सल्य (प्रेम) पाने की आशा।
प्र.2: "दिन जल्दी-जल्दी ढलता है" - में किस बात का महत्व बताया गया है?
उत्तर: इसमें 'समय' (Time) की नश्वरता और प्रेम की तीव्रता का महत्व बताया गया है। प्रेम में समय का आभास नहीं होता।
प्र.3: चिड़िया और कवि की मनोदशा में क्या अंतर है?
उत्तर: (ऊपर दी गई टेबल से उत्तर लिखें)।
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