अध्याय 7: लोकतंत्र की चुनौतियां
Challenges to Democracy | कक्षा 10 राजनीति विज्ञान
RBSE & CBSE Board Exam 2026
📋 इस अध्याय में
📊 चुनौतियों के प्रकार
हर देश को लोकतंत्र में अलग-अलग चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
| चुनौती | क्या है? | किन देशों में? |
|---|---|---|
| आधारभूत चुनौती | लोकतंत्र स्थापित करना | गैर-लोकतांत्रिक देश (म्यांमार, चीन) |
| विस्तार की चुनौती | लोकतांत्रिक सिद्धांतों का विस्तार | अधिकांश लोकतंत्र (भारत) |
| गहनता की चुनौती | लोकतंत्र को मजबूत बनाना | पुराने लोकतंत्र (अमेरिका, भारत) |
🏗️ आधारभूत चुनौती (Foundational Challenge)
📖 परिभाषा:
आधारभूत चुनौती उन देशों के सामने है जहां लोकतंत्र नहीं है। इन देशों को तानाशाही से लोकतंत्र में बदलना है। सेना या राजा का शासन समाप्त करना है और लोकतांत्रिक सरकार स्थापित करनी है।
🔑 इस चुनौती में शामिल:
- तानाशाही/सैन्य शासन समाप्त करना
- लोकतांत्रिक संविधान बनाना
- स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना
- मूलभूत अधिकार देना
📌 उदाहरण:
म्यांमार: सैन्य शासन, लोकतंत्र के लिए संघर्ष
चीन: एकदलीय शासन
सऊदी अरब: राजशाही
उत्तर कोरिया: तानाशाही
📐 विस्तार की चुनौती (Challenge of Expansion)
📖 परिभाषा:
विस्तार की चुनौती उन देशों के सामने है जहां लोकतंत्र तो है, लेकिन सभी क्षेत्रों में नहीं पहुंचा। लोकतांत्रिक सिद्धांतों को हर क्षेत्र, हर समूह और हर संस्था तक पहुंचाना है।
🔑 इस चुनौती में शामिल:
- स्थानीय सरकारों को मजबूत करना: पंचायतों को वास्तविक शक्ति देना
- सभी समूहों को शामिल करना: महिलाएं, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक
- संघीय सिद्धांतों का विस्तार: सभी इकाइयों को समान शक्ति
- निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी: आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना
📌 भारत में उदाहरण:
• महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी
• पंचायतों को वास्तविक शक्ति और संसाधन
• कमजोर वर्गों को निर्णय में भागीदारी
• केंद्र-राज्य संबंधों में सुधार
🌊 गहनता की चुनौती (Challenge of Deepening)
📖 परिभाषा:
गहनता की चुनौती का अर्थ है लोकतंत्र को और मजबूत तथा प्रभावी बनाना। लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को इस तरह मजबूत करना कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरें।
🔑 इस चुनौती में शामिल:
- संस्थाओं को मजबूत बनाना: संसद, न्यायपालिका, चुनाव आयोग
- भ्रष्टाचार कम करना: पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना
- राजनीतिक दलों में सुधार: आंतरिक लोकतंत्र, वंशवाद कम करना
- नागरिक भागीदारी बढ़ाना: चुनाव के अलावा भी भागीदारी
💡 महत्वपूर्ण बात:
भारत जैसे देश को विस्तार और गहनता दोनों चुनौतियों का सामना करना है। हमें लोकतंत्र का विस्तार भी करना है और उसे मजबूत भी बनाना है।
✅ सुधार और समाधान
लोकतंत्र में सुधार कैसे हों? कुछ सामान्य सुझाव:
📜 कानूनी सुधार:
- चुनाव सुधार कानून
- राजनीतिक दलों के लिए नियम
- RTI (सूचना का अधिकार)
- लोकपाल और लोकायुक्त
👥 जन भागीदारी:
- मतदान में भागीदारी बढ़ाना
- जनआंदोलन और जनसंगठन
- मीडिया की भूमिका
- नागरिक समाज की सक्रियता
🎯 महत्वपूर्ण सीख:
सिर्फ कानून बनाने से सुधार नहीं होता। जनता की जागरूकता और भागीदारी जरूरी है। राजनीतिक दलों और नेताओं पर दबाव बनाना होगा। लोकतंत्र में सुधार लोगों की भागीदारी से ही संभव है।
📝 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1:
प्रश्न 2:
प्रश्न 3:
प्रश्न 4:
प्रश्न 5:
📋 महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न 1: लोकतंत्र की तीन चुनौतियां कौन सी हैं? (2 अंक)
उत्तर: 1. आधारभूत चुनौती: लोकतंत्र स्थापित करना (गैर-लोकतांत्रिक देशों में)। 2. विस्तार की चुनौती: लोकतांत्रिक सिद्धांतों को सभी क्षेत्रों में लागू करना। 3. गहनता की चुनौती: लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाना।
प्रश्न 2: विस्तार की चुनौती से क्या तात्पर्य है? (2 अंक)
उत्तर: विस्तार की चुनौती का अर्थ है लोकतांत्रिक सिद्धांतों को सभी क्षेत्रों, समूहों और संस्थाओं तक पहुंचाना। इसमें स्थानीय सरकारों को मजबूत करना, महिलाओं और कमजोर वर्गों को निर्णय में भागीदारी देना, और संघीय सिद्धांतों का विस्तार शामिल है।
प्रश्न 3: भारतीय लोकतंत्र की प्रमुख चुनौतियों का वर्णन कीजिए। (5 अंक)
उत्तर: भारतीय लोकतंत्र के सामने विस्तार और गहनता दोनों चुनौतियां हैं:
विस्तार की चुनौतियां:
• महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी
• पंचायतों को वास्तविक शक्ति और संसाधन देना
• कमजोर वर्गों को निर्णय में भागीदारी
गहनता की चुनौतियां:
• भ्रष्टाचार कम करना
• राजनीतिक दलों में सुधार
• संस्थाओं को मजबूत बनाना
• नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना
📋 सारांश (Quick Revision)
- तीन चुनौतियां = आधारभूत + विस्तार + गहनता
- आधारभूत = लोकतंत्र स्थापित करना (म्यांमार, चीन)
- विस्तार = लोकतंत्र को सभी क्षेत्रों में पहुंचाना
- गहनता = लोकतंत्र को मजबूत बनाना
- भारत = विस्तार + गहनता दोनों चुनौतियां
- सुधार = कानून + जनभागीदारी दोनों जरूरी
- मुख्य सीख = लोकतंत्र में सुधार जनता की भागीदारी से ही संभव
🟦 Class 10 Political Science (RBSE/NCERT) – हिंदी माध्यम नोट्स
- अध्याय 1 — सत्ता की साझेदारी (Power Sharing)
- अध्याय 2 — संघवाद (Federalism)
- अध्याय 3 — लोकतंत्र और विविधता (Democracy & Diversity)
- अध्याय 4 — जाति, धर्म और लैंगिक मसले (Gender, Religion & Caste)
- अध्याय 5 — राजनीतिक दल (Political Parties)
- अध्याय 6 — लोकतंत्र के परिणाम (Outcomes of Democracy)
- अध्याय 7 — लोकतंत्र की चुनौतियाँ (Challenges to Democracy)


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