अध्याय 5: राजनीतिक दल
Political Parties | कक्षा 10 राजनीति विज्ञान
RBSE & CBSE Board Exam 2026
📋 इस अध्याय में
🏛️ राजनीतिक दल क्या है?
📖 परिभाषा:
राजनीतिक दल (Political Party) लोगों का वह समूह है जो समान विचारधारा और नीतियों के आधार पर संगठित होकर चुनाव लड़ता है और सत्ता प्राप्त करना चाहता है। दल अपनी नीतियों को जनता के सामने रखते हैं और जनता का समर्थन मांगते हैं।
🔑 राजनीतिक दल के तीन घटक:
- नेता (Leaders): दल का नेतृत्व करते हैं
- सक्रिय सदस्य (Active Members): दल का काम करते हैं
- समर्थक (Supporters/Followers): दल को वोट देते हैं
❓ राजनीतिक दलों की आवश्यकता क्यों?
क्या बिना राजनीतिक दलों के लोकतंत्र चल सकता है? नहीं! आइए समझें क्यों:
🔑 दलों के बिना क्या होगा:
- हर उम्मीदवार निर्दलीय (Independent) होगा
- कोई स्थिर सरकार नहीं बन पाएगी
- नीतियों में निरंतरता नहीं रहेगी
- जनता के लिए विकल्प चुनना मुश्किल होगा
- जवाबदेही (Accountability) तय करना कठिन होगा
🎯 निष्कर्ष:
राजनीतिक दल लोकतंत्र की जरूरी शर्त हैं। बिना दलों के प्रतिनिधि लोकतंत्र संभव नहीं। इसलिए कहा जाता है - "राजनीतिक दल लोकतंत्र की रीढ़ हैं।"
📋 राजनीतिक दलों के कार्य
✅ राजनीतिक दलों के प्रमुख कार्य:
- 1. चुनाव लड़ना: उम्मीदवार खड़े करना और चुनाव प्रचार करना
- 2. नीतियां बनाना: विभिन्न मुद्दों पर दल की नीति तय करना
- 3. कानून बनाना: सत्ता में आने पर कानून बनाना और लागू करना
- 4. सरकार बनाना: बहुमत मिलने पर सरकार बनाना
- 5. विपक्ष की भूमिका: हारने पर सरकार की आलोचना और निगरानी
- 6. जनमत निर्माण: जनता को जागरूक करना, मुद्दे उठाना
- 7. जनता और सरकार के बीच कड़ी: जनता की समस्याएं सरकार तक पहुंचाना
💡 क्या आप जानते हैं?
भारत में पहला राजनीतिक दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) था, जिसकी स्थापना 1885 में हुई थी।
📊 दलीय व्यवस्था के प्रकार
| प्रकार | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| एकदलीय व्यवस्था | केवल एक दल को सत्ता की अनुमति | चीन, उत्तर कोरिया, क्यूबा |
| द्विदलीय व्यवस्था | दो प्रमुख दल सत्ता के लिए प्रतिस्पर्धा | अमेरिका, ब्रिटेन |
| बहुदलीय व्यवस्था | कई दल सत्ता के लिए प्रतिस्पर्धा | भारत, फ्रांस |
🇮🇳 भारत में बहुदलीय व्यवस्था:
भारत में बहुदलीय व्यवस्था है। यहां राष्ट्रीय दल, राज्यीय दल और स्थानीय दल सभी हैं। अक्सर गठबंधन सरकारें बनती हैं क्योंकि किसी एक दल को बहुमत नहीं मिलता।
🇮🇳 राष्ट्रीय दल (National Parties)
📖 राष्ट्रीय दल की पहचान:
कोई दल राष्ट्रीय दल तब माना जाता है जब:
• 4 या अधिक राज्यों में लोकसभा या विधानसभा चुनाव में 6% वोट मिले हों, और
• लोकसभा में कम से कम 4 सीटें जीती हों।
या
• 3 राज्यों से लोकसभा की 2% सीटें (11 सीटें) जीती हों।
🏆 भारत के 6 राष्ट्रीय दल (2024):
1. 🪷 भारतीय जनता पार्टी (BJP)
स्थापना: 1980 | चुनाव चिह्न: कमल
विचारधारा: सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, हिंदुत्व
संस्थापक: श्यामा प्रसाद मुखर्जी (जनसंघ), अटल बिहारी वाजपेयी
वर्तमान: NDA का नेतृत्व, केंद्र में सत्तारूढ़
2. ✋ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)
स्थापना: 1885 | चुनाव चिह्न: हाथ का पंजा
विचारधारा: धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद, गांधीवाद
संस्थापक: ए.ओ. ह्यूम
विशेष: सबसे पुराना दल, स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया
3. 🐘 बहुजन समाज पार्टी (BSP)
स्थापना: 1984 | चुनाव चिह्न: हाथी
विचारधारा: बहुजन हित, सामाजिक न्याय
संस्थापक: कांशीराम
समर्थन आधार: दलित, आदिवासी, OBC, अल्पसंख्यक
4. ⚙️ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI)
स्थापना: 1925 | चुनाव चिह्न: बालों वाला सिर और अनाज की बाली
विचारधारा: मार्क्सवाद, साम्यवाद, धर्मनिरपेक्षता
विशेष: भारत की सबसे पुरानी कम्युनिस्ट पार्टी
5. ⚒️ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (CPI-M)
स्थापना: 1964 | चुनाव चिह्न: हथौड़ा, हंसिया और तारा
विचारधारा: मार्क्सवाद-लेनिनवाद
विशेष: केरल, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा में मजबूत
6. 🕰️ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)
स्थापना: 1999 | चुनाव चिह्न: घड़ी
विचारधारा: धर्मनिरपेक्षता, गांधीवाद
संस्थापक: शरद पवार
विशेष: कांग्रेस से अलग होकर बना
🎯 Board Exam के लिए याद करें:
6 राष्ट्रीय दल: BJP, INC, BSP, CPI, CPI(M), NCP
सबसे पुराना: INC (1885)
सबसे पुरानी कम्युनिस्ट: CPI (1925)
🗺️ राज्यीय/क्षेत्रीय दल (State Parties)
📖 राज्यीय दल की पहचान:
कोई दल राज्यीय दल तब माना जाता है जब:
• राज्य विधानसभा चुनाव में 6% वोट और 2 सीटें जीतें, या
• राज्य विधानसभा की कुल सीटों का 3% या 3 सीटें (जो भी ज्यादा हो) जीतें।
| राज्य | प्रमुख क्षेत्रीय दल |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | समाजवादी पार्टी (SP) |
| बिहार | जनता दल (यूनाइटेड), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) |
| तमिलनाडु | DMK, AIADMK |
| आंध्र प्रदेश | TDP, YSRCP |
| पश्चिम बंगाल | तृणमूल कांग्रेस (TMC) |
| ओडिशा | बीजू जनता दल (BJD) |
| पंजाब | शिरोमणि अकाली दल (SAD), AAP |
| महाराष्ट्र | शिवसेना |
⚠️ राजनीतिक दलों की चुनौतियां
❌ प्रमुख चुनौतियां:
- 1. आंतरिक लोकतंत्र की कमी: दलों में पार्टी प्रमुख का निर्णय ही अंतिम, सदस्यों की आवाज नहीं
- 2. वंशवाद (Dynastism): नेताओं के परिवार के सदस्यों को आगे बढ़ाना
- 3. धन और बल का प्रयोग: चुनाव में पैसे और गुंडों का उपयोग
- 4. अर्थपूर्ण विकल्प की कमी: सभी दलों की नीतियां लगभग एक जैसी
- 5. अपराधीकरण: अपराधी पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार
- 6. दलबदल: सत्ता के लिए दल बदलना
✅ सुधार के उपाय
🔑 किए गए सुधार:
- दलबदल विरोधी कानून (1985): 52वां संशोधन - दल बदलने पर सदस्यता समाप्त
- सुप्रीम कोर्ट आदेश: उम्मीदवारों को संपत्ति और आपराधिक मामलों की जानकारी देनी होगी
- चुनाव आयोग: दलों का आयोग में पंजीकरण अनिवार्य
- आयकर रिटर्न: दलों को आयकर रिटर्न भरना अनिवार्य
📝 सुझाए गए सुधार:
- आंतरिक लोकतंत्र: दलों में नियमित चुनाव हों
- महिला आरक्षण: टिकट में महिलाओं को आरक्षण
- राज्य वित्तपोषण: सरकार चुनाव खर्च दे
- RTI लागू: दलों पर सूचना का अधिकार लागू हो
🎯 याद रखें:
दलबदल विरोधी कानून = 52वां संविधान संशोधन (1985)
📝 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1:
प्रश्न 2:
प्रश्न 3:
प्रश्न 4:
प्रश्न 5:
प्रश्न 6:
प्रश्न 7:
प्रश्न 8:
📋 सारांश (Quick Revision)
- राजनीतिक दल = समान विचार वालों का समूह जो चुनाव लड़े
- 3 घटक = नेता + सक्रिय सदस्य + समर्थक
- भारत में = बहुदलीय व्यवस्था
- 6 राष्ट्रीय दल = BJP, INC, BSP, CPI, CPI(M), NCP
- INC = 1885 (सबसे पुराना)
- CPI = 1925 (सबसे पुरानी कम्युनिस्ट)
- BJP = 1980, कमल
- BSP = 1984, कांशीराम, हाथी
- दलबदल विरोधी = 52वां संशोधन (1985)
- चुनौतियां = वंशवाद, अपराधीकरण, धन बल
🟦 Class 10 Political Science (RBSE/NCERT) – हिंदी माध्यम नोट्स
- अध्याय 1 — सत्ता की साझेदारी (Power Sharing)
- अध्याय 2 — संघवाद (Federalism)
- अध्याय 3 — लोकतंत्र और विविधता (Democracy & Diversity)
- अध्याय 4 — जाति, धर्म और लैंगिक मसले (Gender, Religion & Caste)
- अध्याय 5 — राजनीतिक दल (Political Parties)
- अध्याय 6 — लोकतंत्र के परिणाम (Outcomes of Democracy)
- अध्याय 7 — लोकतंत्र की चुनौतियाँ (Challenges to Democracy)


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