संस्कृत कक्षा 8 NCERT रुचिरा भाग-3 – सभी 15 पाठ श्लोक अर्थ व्याकरण | Sanskrit Class 8 Ruchira-3 Notes Hindi 2025-26

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संस्कृत कक्षा 8 NCERT रुचिरा भाग-3 – सभी 15 पाठ श्लोक अर्थ व्याकरण | Sanskrit Class 8 Ruchira-3 Notes Hindi 2025-26
NCERT Classes कक्षा 8 संस्कृत

संस्कृत – कक्षा 8 | रुचिरा भाग-3 (NCERT)

15 पाठ (7 पद्य + 8 गद्य) · श्लोक-अर्थ · शब्दार्थ · व्याकरण · धातु-शब्द रूप · पत्र-निबंध · परीक्षा मार्गदर्शिका 2025-26

NCERT संस्कृत कक्षा 8 — रुचिरा भाग-3 में 15 पाठ हैं — 7 पद्य (श्लोक, कविताएँ) और 8 गद्य (कहानियाँ, जीवनियाँ, सूचनात्मक गद्यांश)। कक्षा 7 (रुचिरा-2) की तुलना में इस वर्ष लट्, लृट्, लङ् लकार, समास, सन्धि के उन्नत प्रकार और जटिल शब्द-रूप जुड़ते हैं।

परीक्षा में श्लोक-अनुवाद 20 अंक, व्याकरण 30 अंक, गद्यांश 15 अंक, पत्र-निबंध 15 अंक, शब्दार्थ 10 अंक, अपठित 10 अंक से प्रश्न आते हैं।

⚠️ Rationalised Syllabus 2025-26: पाठ बदल सकते हैं — ncert.nic.in एवं Rationalised List अवश्य देखें।

1. सभी 15 पाठ — अवलोकन

Free PDF: NCERT रुचिरा भाग-3 कक्षा 8 — Official Free Download

🕉️ रुचिरा भाग-3 | कक्षा 8 | 15 पाठ | श्लोक · गद्य · व्याकरण | Free PDF 2025-26
#पाठ-शीर्षकविधाविषय / मुख्य सन्देश
1सुभाषितानिपद्य (सूक्तियाँ)नीतिपरक श्लोक — ज्ञान, मित्रता, परोपकार, विद्या★★★
2बिलस्य वाणी न कदापि मे श्रुतागद्य (कहानी)बुद्धिमान सियार ने बिल में जाने से इनकार किया — बुद्धि की विजय★★★
3डिजीभारतम्गद्य (सूचनात्मक)Digital India अभियान — संस्कृत में तकनीक वर्णन★★★
4सदैव पुरतो निधेहि चरणम्पद्य (गीत)आगे बढ़ते रहो — प्रेरणादायी गीत | "Always keep your step forward"★★★
5कण्टकेनैव कण्टकम्गद्य (कहानी)काँटे से काँटा निकालो — बुद्धि से समस्या सुलझाना★★★
6गृहं शून्यं सुतां विनागद्य (लोककथा)बेटी के बिना घर सूना — बेटी का महत्त्व★★★
7भारतजनताऽहम्पद्य (कविता)भारत की विविधता में एकता — "मैं भारत का नागरिक हूँ"★★★
8संसारसागरस्य नायकाःगद्य (जीवनी)महान खिलाड़ी — Mary Kom, Saina Nehwal आदि की संस्कृत जीवनी★★
9सप्तभगिन्यःपद्य (वर्णन)पूर्वोत्तर भारत की सात बहनें (Seven Sisters) — भूगोल+संस्कृति★★★
10नीतिनवनीतम्गद्य (नीतिग्रन्थ)नीतिशास्त्र के सूत्र — Chanakya-style नीति वचन★★★
11सावित्री बाई फुलेपद्य (जीवन-काव्य)पहली भारतीय महिला शिक्षिका — महिला शिक्षा की अग्रदूत★★★
12अनयोः सौहार्दम् (कृष्ण-सुदामा)गद्य (कहानी)कृष्ण और सुदामा की मित्रता — सच्ची दोस्ती का उदाहरण★★★
13क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिःपद्य (देश-भक्ति)भारत-महिमा — भारत स्वर्णभूमि है | देशप्रेम का गान★★★
14आर्यभट्टःगद्य (जीवनी)महान गणितज्ञ-खगोलशास्त्री — शून्य, π, Earth's Rotation★★★
15प्रहेलिकापद्य (पहेलियाँ)संस्कृत पहेलियाँ — भाषा-कौशल और बुद्धि-परीक्षण★★

2. पद्य पाठ — श्लोक, गीत और उनके अर्थ

🔱 पद्य पाठ | रुचिरा भाग-3 | श्लोक + हिंदी अर्थ + शब्दार्थ | कक्षा 8

पाठ 1 — सुभाषितानि ★★★

विद्या ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम्।
पात्रत्वाद् धनमाप्नोति, धनाद् धर्मं ततः सुखम्।।
अर्थ: विद्या विनम्रता देती है → विनम्रता से योग्यता → योग्यता से धन → धन से धर्म → धर्म से सुख। सन्देश: शिक्षा ही सुखी जीवन का मूल।
उदेति सविता ताम्रस्ताम्र एवास्तमेति च।
सम्पत्तौ च विपत्तौ च महतामेकरूपता।।
अर्थ: सूर्य लाल रंग में उगता है और लाल रंग में ही अस्त होता है। इसी प्रकार महान व्यक्ति सुख और दुःख दोनों में एकसमान रहते हैं। सन्देश: विचलित मत हो, स्थिर रहो।
श्रोत्रं श्रुतेनैव न कुण्डलेन, दानेन पाणिर्न तु कङ्कणेन।
विभाति कायः करुणापराणां, परोपकारेण न चन्दनेन।।
अर्थ: कान आभूषण से नहीं, ज्ञान (श्रवण) से सुशोभित होते हैं। हाथ कंगन से नहीं, दान से। शरीर चंदन से नहीं, परोपकार से सुशोभित होता है। सन्देश: आभूषण बाहरी हैं, गुण असली।

पाठ 4 — सदैव पुरतो निधेहि चरणम् ★★★

चल चल पुरतः, सदैव पुरतः,
विहाय भीतिं, निधेहि चरणम्।
यत् कष्टं तत् सहस्व धीरः,
सदैव पुरतो निधेहि चरणम्।।
अर्थ: आगे बढ़ते रहो, हमेशा आगे। भय छोड़कर कदम रखो। जो कष्ट हो उसे धीरे से सहन करो। हमेशा आगे कदम रखो। सन्देश: साहस और दृढ़ता से आगे बढ़ो।
📌 परीक्षा: "पुरतः" = आगे | "चरणम्" = कदम/चरण | "निधेहि" = रखो। यह गीत हर verse के अंत में "सदैव पुरतो निधेहि चरणम्" repeat होता है — refrain। कवि = अज्ञात (NCERT संकलित)।

पाठ 7 — भारतजनताऽहम् ★★★

गायामि भारतगाथां, चिरपुरातनां नवीनाम्।
अहं भारतजनताऽस्मि, विचित्रेऽपि मे जीवनम्।।
अर्थ: मैं भारत की पुरानी-नई गाथा गाता हूँ। मैं भारत की जनता हूँ — मेरा जीवन विचित्र (विविधताओं से भरा) होते हुए भी सुन्दर है। सन्देश: विविधता में एकता — Unity in Diversity।

पाठ 9 — सप्तभगिन्यः ★★★

पूर्वस्यां दिशि भारतस्य, सप्तराज्यानि सन्ति।
सप्तभगिन्य इव तानि, देशस्य गौरवम् वहन्ति।।
अर्थ: भारत की पूर्व दिशा में सात राज्य हैं जो सात बहनों के समान देश का गौरव वहन करते हैं। Seven Sisters: Assam, Meghalaya, Tripura, Mizoram, Manipur, Nagaland, Arunachal Pradesh।

पाठ 11 — सावित्री बाई फुले ★★★

ज्ञानस्य दीपं प्रज्ज्वाल्य, अज्ञानं दूरमकारोत्।
सावित्री बाई फुले साध्वी, स्त्री-शिक्षायै अतिष्ठत्।।
अर्थ: ज्ञान का दीपक जलाकर, अज्ञान को दूर किया। साध्वी सावित्री बाई फुले ने स्त्री-शिक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। सावित्री बाई फुले (1831–1897): भारत की पहली महिला शिक्षिका | पुणे में पहला बालिका विद्यालय 1848 (ज्योतिबा फुले के साथ)।

पाठ 13 — क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः ★★★

क्षितौ राजते भारतस्वर्णभूमिः,
सदा शान्तिदूतश्च भारत-जनः।
जयन्तु सदा भारतस्य जनाः,
जयतु जयतु भारतस्वर्णभूमिः।।
अर्थ: पृथ्वी पर भारत की स्वर्ण-भूमि चमकती है। भारत के लोग हमेशा शान्ति के दूत रहे हैं। भारत के लोग सदा विजयी हों, भारत की स्वर्णभूमि विजयी हो। उद्देश्य: देशप्रेम जागरण।

3. गद्य पाठ — सारांश + प्रमुख शब्दार्थ

📖 गद्य पाठ | रुचिरा भाग-3 | कहानी · जीवनी · सूचनात्मक | कक्षा 8
पाठ 2 — गद्य (कहानी)
★★★
बिलस्य वाणी न कदापि मे श्रुता
सारांश: एक सियार (शृगालः) अपने बिल में जाना चाहता था। पर बिल से आवाज़ नहीं आई (बिल हमेशा जवाब देता था)। असल में शेर (सिंहः) उसमें छुपा था। सियार ने पूछा — बिल, तू आज बोल क्यों नहीं रहा? बिल ने (शेर ने) जवाब दे दिया। सियार समझ गया और भाग गया।
शब्दार्थ: बिलम् = गुफा/बिल | शृगालः = सियार | सिंहः = शेर | वाणी = आवाज़ | कदापि = कभी भी | भीतः = डरा हुआ | धावति = दौड़ता है
💡 परीक्षा: "सियार ने बिल में प्रवेश क्यों नहीं किया?" | "इस पाठ की नीति क्या है?" — बुद्धि से संकट पहचानो।
पाठ 3 — गद्य (सूचनात्मक)
★★★
डिजीभारतम्
सारांश: Digital India अभियान का संस्कृत में वर्णन। इंटरनेट, मोबाइल सेवाएँ, Aadhar, UPI भुगतान, ऑनलाइन शिक्षा — सब कुछ संस्कृत शब्दावली में। आधुनिक तकनीक के लिए संस्कृत भाषा की सक्षमता प्रदर्शित की गई।
शब्दार्थ: संगणकः = Computer | दूरभाषयन्त्रम् = Mobile | अन्तर्जालम् = Internet | विद्युत्-पत्रम् = Email | अङ्कीयभारतम् = Digital India
💡 परीक्षा: संस्कृत में कम्प्यूटर = संगणकः | Mobile = दूरभाषयन्त्रम् — MCQ में ज़रूर आता है।
पाठ 5 — गद्य (कहानी)
★★★
कण्टकेनैव कण्टकम्
सारांश: "काँटे से काँटा निकालो" — समस्या का समाधान उसी के जैसे उपाय से। एक राजा ने एक कुटिल अमात्य (मंत्री) को उसी की चालाकी से पकड़ा। कण्टकेनैव कण्टकम् = Thorn by thorn itself — बुद्धि से बुद्धि का मुकाबला।
शब्दार्थ: कण्टकः = काँटा | अमात्यः = मंत्री | राजा = King | धूर्तः = चालाक/कुटिल | नीतिः = नीति
💡 परीक्षा: "कण्टकेनैव कण्टकम्" का अर्थ और पाठ की नीति — 3 अंक।
पाठ 12 — गद्य (कहानी)
★★★
अनयोः सौहार्दम् (कृष्ण-सुदामा)
सारांश: सुदामा (निर्धन ब्राह्मण) अपने बचपन के मित्र कृष्ण के पास द्वारका गए। वे चावल (तण्डुलाः) ले गए। कृष्ण ने उन्हें गले लगाया, रोए, सब वैभव दिया। सच्ची मित्रता धन-पद नहीं देखती।
शब्दार्थ: सौहार्दम् = मित्रता | तण्डुलाः = चावल | निर्धनः = गरीब | सख्यम् = दोस्ती | द्वारका = Krishna's city | दरिद्रः = दरिद्र
💡 परीक्षा: "सुदामा कृष्ण के पास क्यों गए?" | "कृष्ण ने सुदामा के साथ कैसा व्यवहार किया?" — Long Answer 4 अंक।
पाठ 14 — गद्य (जीवनी)
★★★
आर्यभट्टः
सारांश: महान भारतीय गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री आर्यभट्ट (476–550 CE) पर संस्कृत जीवनी। आर्यभट्ट ने शून्य (०) की अवधारणा, π का मान (3.1416), पृथ्वी का स्वयं घूमना (Rotation) और सूर्यग्रहण-चंद्रग्रहण का वैज्ञानिक कारण बताया।
Key Facts: जन्म: 476 CE (पाटलिपुत्र) | रचना: आर्यभट्टीयम् | भारत का पहला अंतरिक्ष उपग्रह "आर्यभट्ट" (1975) — इन्हीं के नाम पर
💡 परीक्षा: आर्यभट्ट के 4 योगदान | "आर्यभट्ट को महान क्यों माना जाता है?" — Short Answer 3 अंक।
पाठ 6 — गद्य (लोककथा)
★★★
गृहं शून्यं सुतां विना
सारांश: एक राजा की तीन बेटियाँ थीं। राजा ने तीनों को विदा किया। घर खाली लगने लगा — "बेटी के बिना घर सूना।" बेटी का महत्त्व और Beti Bachao सन्देश। कन्या की महत्ता — "गृहं शून्यं सुतां विना" = घर सूना है पुत्री के बिना।
शब्दार्थ: गृहम् = घर | शून्यम् = खाली/सूना | सुता = पुत्री/बेटी | राजा = King | विदा = विदाई
💡 परीक्षा: "इस पाठ का सन्देश क्या है?" — 2 अंक। "सुतां विना" में विभक्ति = तृतीया।

4. सन्धि — प्रकार, नियम और उदाहरण

📐 सन्धि | Sandhi | कक्षा 8 | 3 प्रकार + नियम + 20 उदाहरण | परीक्षा में 6–8 अंक

दो वर्णों के मेल को सन्धि कहते हैं। संस्कृत में तीन मुख्य सन्धियाँ हैं:

🔤 1. स्वर सन्धि (Vowel Sandhi) — सबसे महत्त्वपूर्ण
सन्धिनियमउदाहरण
दीर्घ सन्धिअ/आ + अ/आ = आदेव + आलय = देवालयः | राम + आगमन = रामागमन
गुण सन्धिअ/आ + इ/ई = ए | अ/आ + उ/ऊ = ओदेव + इन्द्र = देवेन्द्रः | महा + उत्सव = महोत्सवः
वृद्धि सन्धिअ/आ + ए/ऐ = ऐ | अ/आ + ओ/औ = औजन + एकता = जनैकता | महा + औषध = महौषधम्
यण् सन्धिइ/ई = य् | उ/ऊ = व् | ऋ = र् (+ vowel)यदि + अपि = यद्यपि | अनु + एषण = अन्वेषण
अयादि सन्धिए → अय् | ओ → अव् (+ vowel)ने + अन = नयन | भो + अन = भवन
🔤 2. व्यञ्जन सन्धि (Consonant Sandhi)
नियमउदाहरण
क्/च्/ट्/त्/प् + voiced → voicedवाक् + ईशः = वागीशः | जगत् + ईश = जगदीशः
त् + च/श → च्छउत् + चारण = उच्चारण | सत् + चित् = सच्चित्
त् + ज/झ → ज्जउत् + ज्वल = उज्ज्वल | सत् + जन = सज्जन
म् + consonant → अनुस्वार (ं)अहम् + गच्छामि = अहं गच्छामि
🔤 3. विसर्ग सन्धि (Visarga Sandhi)
नियमउदाहरण
अः + अ = ओ (विसर्ग लोप)रामः + अगच्छत् = राम ओगच्छत् (रामोऽगच्छत्)
अः + voiced consonant = अः → अबालः + गच्छति = बालो गच्छति
आः / vowel + consonant = विसर्ग remainनमः + ते = नमस्ते | बहिः + कृत = बहिष्कृत
📌 परीक्षा में सन्धि-विच्छेद: देवालय = देव + आलय (दीर्घ) | सज्जन = सत् + जन (व्यञ्जन) | नमस्ते = नमः + ते (विसर्ग) | मनोरथ = मनः + रथ (विसर्ग) | यद्यपि = यदि + अपि (यण्)।

5. समास — 6 प्रकार (परीक्षा में 4–6 अंक)

📐 समास | 6 प्रकार | उदाहरण | विग्रह | कक्षा 8 संस्कृत
समासपरिभाषाउदाहरणविग्रह
अव्ययीभावपूर्वपद अव्यय, पूरा पद अव्यययथाशक्ति | प्रतिदिनम् | उपग्रामम्शक्तेः अनतिक्रमण | प्रत्येकं दिनम्
तत्पुरुषउत्तरपद प्रधान, कारक-चिह्न लुप्तराजपुरुषः | ग्रामगतः | देशभक्तिःराज्ञः पुरुषः | ग्रामं गतः
कर्मधारयउत्तरपद प्रधान, विशेषण-विशेष्य सम्बन्धनीलोत्पलम् | महाकविः | पूर्णचन्द्रःनीलं उत्पलम् | महान् कविः
द्विगुपूर्वपद संख्यावाचकत्रिलोकी | सप्ताहः | पञ्चवटीत्रयाणां लोकानां समाहारः
द्वन्द्वदोनों पद प्रधान, 'च' से जोड़ सकते हैंरामलक्ष्मणौ | सीताराम | पितरौरामः च लक्ष्मणः च | माता च पिता च
बहुव्रीहिदोनों पद किसी तीसरे के विशेषणनीलकण्ठः | दशाननः | चक्रपाणिःनीलः कण्ठः यस्य सः (शिव) | दश आनानि यस्य सः (रावण)

6. कारक — 8 विभक्तियाँ

🔱 कारक-विभक्ति | 8 Vibhakti | Masculine (राम) | परीक्षा में 6–8 अंक
📋 8 कारक — नाम, विभक्ति, प्रयोग
कारकविभक्तिचिह्नउदाहरण
कर्ताप्रथमाने (लुप्त)रामः गच्छति — राम जाता है
कर्मद्वितीयाकोरामं पश्यति — राम को देखता है
करणतृतीयासे (द्वारा)कलमेन लिखति — कलम से लिखता है
सम्प्रदानचतुर्थीके लिएबालाय फलम् ददाति — बालक के लिए फल देता है
अपादानपञ्चमीसे (अलगाव)वृक्षात् पत्रं पतति — पेड़ से पत्ता गिरता है
सम्बन्धषष्ठीका/की/केरामस्य पुस्तकम् — राम की पुस्तक
अधिकरणसप्तमीमें/परगृहे वसति — घर में रहता है
सम्बोधनसम्बोधनहे!हे राम! — हे राम!

7. धातु-रूप सारणी

🔱 धातु-रूप | लट्, लृट्, लङ् लकार | गम्, पठ्, अस् | परीक्षा में 8–10 अंक

√गम् (जाना) — लट् लकार (Present Tense)

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषगच्छतिगच्छतःगच्छन्ति
मध्यम पुरुषगच्छसिगच्छथःगच्छथ
उत्तम पुरुषगच्छामिगच्छावःगच्छामः

√पठ् (पढ़ना) — लट् लकार (Present) | लृट् लकार (Future) | लङ् लकार (Past)

पुरुष / वचनलट् (Present)लृट् (Future)लङ् (Past)
प्र.पु. एक.पठतिपठिष्यतिअपठत्
प्र.पु. बहु.पठन्तिपठिष्यन्तिअपठन्
म.पु. एक.पठसिपठिष्यसिअपठः
उ.पु. एक.पठामिपठिष्यामिअपठम्

√अस् (होना/है) — लट् लकार | √कृ (करना) — महत्त्वपूर्ण

पुरुष√अस् एक.√अस् बहु.√कृ एक.√कृ बहु.
प्रथमअस्तिसन्तिकरोतिकुर्वन्ति
मध्यमअसिस्थकरोषिकुरुथ
उत्तमअस्मिस्मःकरोमिकुर्मः
📌 अन्य महत्त्वपूर्ण धातु-रूप: √वद् (बोलना), √स्था (ठहरना), √दृश् (देखना), √श्रु (सुनना), √लिख् (लिखना), √भू (होना), √नम् (नमस्कार), √हस् (हँसना), √रुद् (रोना)। हर धातु का लट्, लृट्, लङ् — तीनों याद करें।

8. शब्द-रूप सारणी

📋 शब्द-रूप | राम (पु.) · देव · बालक · लता (स्त्री.) · फल (नपु.) | कक्षा 8
राम (पुंलिंग, अकारान्त) — 8 विभक्ति × 3 वचन
विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमारामःरामौरामाः
द्वितीयारामम्रामौरामान्
तृतीयारामेणरामाभ्याम्रामैः
चतुर्थीरामायरामाभ्याम्रामेभ्यः
पञ्चमीरामात्रामाभ्याम्रामेभ्यः
षष्ठीरामस्यरामयोःरामाणाम्
सप्तमीरामेरामयोःरामेषु
सम्बोधनहे राम!हे रामौ!हे रामाः!
लता (स्त्रीलिंग) · फल (नपुंसकलिंग) — एकवचन रूप
विभक्तिलता (स्त्री.)फल (नपु.)
प्रथमालताफलम्
द्वितीयालताम्फलम्
तृतीयालतयाफलेन
षष्ठीलतायाःफलस्य
सप्तमीलतायाम्फले

9. पत्र-लेखन एवं निबंध (संस्कृत)

✍️ पत्र-लेखन | निबंध | अनुवाद | कक्षा 8 संस्कृत | परीक्षा में 15–20 अंक

9.1 औपचारिक पत्र — संस्कृत Format

📬 संस्कृत पत्र — Format (5 अंक)

सेवायाम्,
    श्रीमान् प्राचार्यमहोदयः,
    _________ विद्यालयः, (नगरम्)

महोदय,
      सविनयं निवेदनमस्ति यत् अहम् _________ कक्षायाः छात्रः/छात्रा अस्मि। _________ (विषयः/समस्या) ।

      अतः भवतः समीपं विनम्रं निवेदनमस्ति यत् _________ (अनुरोध) । अहम् भवतः कृतज्ञः/कृतज्ञा भविष्यामि।

भवतः आज्ञाकारी शिष्यः/शिष्या,
नाम: _____________
कक्षा: _____ दिनाङ्कः: _____

💡 Common Topics: अवकाश हेतु | पुस्तकालय सुधार हेतु | शुल्क माफी हेतु | खेल-मैदान सुधार हेतु

9.2 संस्कृत निबंध — परीक्षा में पूछे जाने वाले विषय

विषयमुख्य वाक्य (5 वाक्य याद करें)
मम विद्यालयःमम विद्यालयस्य नाम _____ अस्ति। अत्र _____ कक्षाः सन्ति। आचार्याः सुयोग्याः सन्ति। विद्यालये उद्यानम् अपि अस्ति। अहं स्वविद्यालयं प्रति गर्वम् अनुभवामि।
महात्मा गान्धीगान्धिमहोदयस्य जन्म 2 अक्टोबर 1869 तमे वर्षे अभवत्। ते सत्यस्य अहिंसायाश्च मार्गम् अनुसृतवन्तः। ते भारतस्य राष्ट्रपितरः कथ्यन्ते।
आर्यभट्टःआर्यभट्टः महान् गणितज्ञः खगोलशास्त्री च आसीत्। तेन शून्यस्य (०) आविष्कारः कृतः। π स्य मानम् 3.1416 निरूपितम्। "आर्यभट्टीयम्" तस्य प्रमुखं ग्रन्थम् अस्ति।
वृक्षाः अस्माकं मित्राणिवृक्षाः वायुं शुद्धयन्ति। ते वर्षायाः कारणम् भवन्ति। वृक्षेभ्यः फलानि, काष्ठम्, छाया च प्राप्यते। वृक्षाणां संरक्षणम् अस्माकं कर्तव्यम् अस्ति।
सावित्री बाई फुलेसावित्री बाई फुले भारतस्य प्रथमा महिला-शिक्षिका आसीत्। 1848 तमे वर्षे पुणे नगरे बालिका-विद्यालयस्य स्थापना तया कृता। स्त्री-शिक्षायाः प्रसारः तस्याः महत्त्वपूर्णं कार्यम् अस्ति।

9.3 अनुवाद — हिंदी से संस्कृत

हिंदीसंस्कृत
राम पुस्तक पढ़ता है।रामः पुस्तकं पठति।
बच्चे खेलते हैं।बालकाः क्रीडन्ति।
सीता गीत गाती है।सीता गीतं गायति।
मैं विद्यालय जाता हूँ।अहं विद्यालयं गच्छामि।
भारत हमारी मातृभूमि है।भारतः अस्माकं मातृभूमिः अस्ति।
परिश्रमी व्यक्ति सफल होता है।परिश्रमी जनः सफलः भवति।
आर्यभट्ट ने शून्य की खोज की।आर्यभट्टेन शून्यस्य आविष्कारः कृतः।
कल मैं दिल्ली जाऊँगा।श्वः अहं दिल्लीं गमिष्यामि।

10. परीक्षा प्रारूप एवं अंक-भार 2025-26

SectionTopicप्रश्न-प्रकारअंक
A — अपठितअपठित गद्यांश / पद्यांशMCQ (5) + Short Answer (5)10
B — पठित गद्यवसंत से 2 गद्यांशShort Answer ×4 (8) + Long ×1 (5)13
C — पठित पद्यश्लोक + अर्थभावार्थ (5) + Short Q&A (5)10
D — व्याकरणसन्धि (5) + समास (5) + कारक (5) + धातु (5) + शब्द (5) + प्रत्यय (5)Fill/Match/Write30
E — रचनात्मक लेखनपत्र (8) + निबंध (7)Full writing15
F — शब्दार्थ / अनुवादहिंदी→संस्कृत (5) + शब्दार्थ (5) + वाक्य-निर्माण (5)Write15
G — MCQMixMCQ / True-False7
कुल100
✅ परीक्षा में ★★★ सर्वाधिक पूछे जाने वाले प्रश्न:
सुभाषितानि (पाठ 1) — 3 श्लोक + अर्थ + सन्देश (Long Answer 5 अंक)
सदैव पुरतो निधेहि चरणम् — कविता का भाव + 2 श्लोक
आर्यभट्टः — 4 योगदान | "आर्यभट्टीयम्" | शून्य की खोज
सन्धि-विच्छेद: देवालय, नमस्ते, यद्यपि, सज्जन, महोत्सव
समास: नीलकण्ठः (बहुव्रीहि) | त्रिलोकी (द्विगु) | माता-पिता (द्वन्द्व)
धातु-रूप: √पठ् लट्+लृट्+लङ् | √गम् लट् | √अस् लट्
शब्द-रूप: राम (तृतीया-षष्ठी) | लता | फल
अनुवाद: 5 वाक्य हिंदी → संस्कृत
पत्र-लेखन: प्राचार्य को अवकाश हेतु प्रार्थनापत्र

11. डिजिटल संसाधन

संसाधनलिंकउपयोग
रुचिरा भाग-3 PDF (Free)ncert.nic.inसभी 15 पाठ
Rationalised Listncert.nic.inUpdated chapters 2025-26
DIKSHA Appdiksha.gov.inVideo, Audio recitation
कक्षा 7 संस्कृत Notesncertclasses.comFoundation revision
कक्षा 8 Hubncertclasses.comAll Class 8 subjects
CBSE Sample Paperscbseacademic.nic.inGrammar + Writing

12. संदर्भ

  1. NCERT. रुचिरा भाग-3, कक्षा 8. ncert.nic.in
  2. NCERT. NCF 2005. ncert.nic.in
  3. NCERT. Rationalised Content. ncert.nic.in
  4. CBSE Academic. cbseacademic.nic.in
  5. DIKSHA. diksha.gov.in
⚠️ अस्वीकरण: यह लेख NCERT संस्कृत रुचिरा भाग-3 कक्षा 8, NCF 2005 एवं CBSE 2025-26 पर आधारित शैक्षिक सूचना हेतु है। ncertclasses.com — NCERT/CBSE से असंबद्ध निजी शैक्षिक प्लेटफॉर्म।

कक्षा 8 संस्कृत — रुचिरा भाग-3 | ncertclasses.com/Class-8

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