हिंदी कक्षा 8 NCERT वसंत भाग-3 – सभी पाठ सारांश, प्रश्नोत्तर | Hindi Class 8 Vasant Durva Bharat Ki Khoj Notes

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हिंदी कक्षा 8 NCERT वसंत भाग-3 – सभी पाठ सारांश, प्रश्नोत्तर | Hindi Class 8 Vasant Durva Bharat Ki Khoj Notes
NCERT Classes कक्षा 8 हिंदी

हिंदी – कक्षा 8 (NCERT)

वसंत भाग-3 (18 पाठ) · दूर्वा भाग-3 (18 पाठ) · भारत की खोज · व्याकरण · निबंध-पत्र लेखन | सारांश · प्रश्नोत्तर · परीक्षा मार्गदर्शिका 2025-26

NCERT हिंदी कक्षा 8 में तीन पुस्तकें हैं — वसंत भाग-3 (18 पाठ), दूर्वा भाग-3 (18 पाठ) एवं भारत की खोज। कक्षा 7 की तुलना में इस वर्ष साहित्यिक गद्य, व्यंग्य, यात्रा-वृत्तान्त, सूर-कबीर के पद और स्वतंत्रता-संग्राम जैसे विषय जुड़ते हैं। जवाहरलाल नेहरू की भारत की खोज (Discovery of India) — एक अद्वितीय ऐतिहासिक-साहित्यिक रचना — भी इस वर्ष पाठ्यक्रम में है।

हिंदी परीक्षा में पाठ-प्रश्नोत्तर के अलावा काव्यांश-अर्थ, निबंध, अपठित गद्यांश, पत्र-लेखन से 40–50% अंक आते हैं।

⚠️ NCERT Rationalised Content: 2022–23 से पाठों में बदलाव हुए हैं। नवीनतम के लिए ncert.nic.in एवं Rationalised Content List देखें।

1. वसंत भाग-3 — सभी 18 पाठ अवलोकन

Free PDF: NCERT वसंत भाग-3 Class 8 — Official Download

📖 वसंत भाग-3 | कक्षा 8 | 18 पाठ | गद्य · पद्य | NCERT Hindi | Free PDF
#पाठ-शीर्षकलेखक / कविविधाकेंद्रीय विषय
1ध्वनिसूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'कविताजीवन-शक्ति, प्रकृति, नई शुरुआत — "अभी न होगा मेरा अंत"★★★
2लाख की चूड़ियाँकामतानाथकहानीकुटीर उद्योग का पतन, परम्परागत शिल्प बनाम आधुनिकता★★★
3बस की यात्राहरिशंकर परसाईव्यंग्यजर्जर बस की यात्रा — व्यंग्य के माध्यम से व्यवस्था पर कटाक्ष★★★
4दीवानों की हस्तीभगवतीचरण वर्माकविताघुमक्कड़ी, स्वतंत्र जीवन का आनन्द — "हम दीवानों की क्या हस्ती"★★★
5चिट्ठियों की अनूठी दुनियाअरविंद कुमार सिंहनिबंधपत्र-लेखन का इतिहास, डाक-व्यवस्था, पत्र और email में अंतर★★★
6भगवान के डाकिएरामधारी सिंह 'दिनकर'कवितापक्षी और बादल — ईश्वर के संदेश-वाहक, विश्व-बंधुत्व★★
7क्या निराश हुआ जाएहजारी प्रसाद द्विवेदीनिबंधभारतीय समाज में अच्छाई की उपस्थिति — निराशावाद का खंडन★★★
8यह सबसे कठिन समय नहींजया जादवानीकविताआशावाद — कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद★★
9कबीर की साखियाँकबीरदासदोहेज्ञान, विनम्रता, सांसारिक माया — कबीर के नीतिपरक दोहे★★★
10कामचोरइस्मत चुगताईकहानीबच्चों की शरारत — घर का काम सीखने की मज़ेदार कोशिश★★
11जब सिनेमा ने बोलना सीखाप्रदीप तिवारीलेखभारतीय सिनेमा इतिहास — 1931 आलम आरा, मूक→बोलती फिल्म★★★
12सुदामा चरितनरोत्तमदासकाव्यसुदामा-कृष्ण की मित्रता — सच्ची दोस्ती और विनम्रता★★★
13जहाँ पहिया हैपी. साईनाथरिपोर्ताजतमिलनाडु की महिलाएँ और साइकिल — महिला सशक्तिकरण★★★
14अकबरी लोटाअन्नपूर्णानंद वर्माकहानीहास्य-व्यंग्य — साधारण लोटे को "अकबरी लोटा" बताकर बेचना★★★
15सूर के पदसूरदासपदकृष्ण-लीला, वात्सल्य रस — माता यशोदा और बाल कृष्ण★★★
16पानी की कहानीरामचंद्र तिवारीविज्ञान-लेखजल-चक्र, पानी की यात्रा — बूँद की आत्मकथा★★
17बाज़ और साँपमैक्सिम गोर्की (अनुवाद)कहानीआकाश की स्वतंत्रता बनाम ज़मीन की सीमाएँ — साहसी जीवन★★
18टोपीइफ्फ़त साराबाईकहानीसांप्रदायिक सद्भाव — मुस्लिम बच्चे की टोपी से दोस्ती का संदेश★★

2. गद्य पाठ — विस्तृत विश्लेषण (★★★)

📝 गद्य पाठ | वसंत भाग-3 | कक्षा 8 | कहानी · निबंध · व्यंग्य · रिपोर्ताज
पाठ 2 — गद्य
★★★
लाख की चूड़ियाँ
लेखक: कामतानाथ
सारांश: बदलू एक लाख की चूड़ियाँ बनाने वाला कारीगर है। लेखक बचपन में उसके पास जाता था। धीरे-धीरे बाज़ार में काँच की चूड़ियाँ आ गईं — बदलू का व्यवसाय चौपट हो गया। उसने काँच की चूड़ियाँ बनाने से इनकार कर दिया। परम्परागत शिल्प का पतन और मशीनीकरण का प्रभाव — यही इस पाठ का केंद्रीय विषय है।
परीक्षा प्रश्न: "बदलू ने काँच की चूड़ियाँ बनाने से क्यों मना कर दिया?" — कारीगर की आत्म-सम्मान और परम्परा के प्रति प्रेम।
💡 मुख्य पात्र: बदलू (लाख-कारीगर), लेखक (बचपन), मामा-मामी। संदेश: परम्परागत कला को संरक्षण मिलना चाहिए।
पाठ 3 — व्यंग्य
★★★
बस की यात्रा
लेखक: हरिशंकर परसाई
सारांश: लेखक एक जर्जर, टूटी-फूटी बस में यात्रा करता है। बस का हर पुर्जा बोझिल — ड्राइवर को खुद नहीं पता यह बस चलेगी या नहीं। व्यंग्य-शैली में लेखक ने सरकारी व्यवस्था, लापरवाही और आम आदमी की मजबूरी पर करारा प्रहार किया है।
परीक्षा: "बस की यात्रा में लेखक ने किस व्यवस्था पर व्यंग्य किया है?" — 5 अंक।
💡 हरिशंकर परसाई हिंदी के महानतम व्यंग्यकार। "व्यंग्य के तत्त्व" — परीक्षा में पूछा जाता है। विधा: व्यंग्य-निबंध।
पाठ 5 — निबंध
★★★
चिट्ठियों की अनूठी दुनिया
लेखक: अरविंद कुमार सिंह
सारांश: पत्र-लेखन के इतिहास, महत्त्व और डाक-व्यवस्था पर आधारित सूचनात्मक निबंध। दुनियाभर में पत्रों का प्रभाव — महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू के पत्र साहित्य। email/SMS के ज़माने में पत्र की अहमियत।
परीक्षा: "पत्र और email में 3 अंतर।" "पत्र-लेखन महत्त्वपूर्ण क्यों?" — Short Answer 3 अंक।
💡 Tip: इस पाठ के बाद पत्र-लेखन प्रकरण जुड़ा है। औपचारिक-अनौपचारिक पत्र format परीक्षा में 5 अंक।
पाठ 7 — निबंध
★★★
क्या निराश हुआ जाए
लेखक: हजारी प्रसाद द्विवेदी
सारांश: लेखक कहते हैं कि भ्रष्टाचार और बुराई के बावजूद भारतीय समाज में अच्छाई मौजूद है। एक रेलवे पोर्टर का ईमानदारी से पैसे लौटाने का उदाहरण। निराश नहीं होना चाहिए — आशावादी दृष्टिकोण।
परीक्षा: "लेखक ने किस उदाहरण से निराशा को अनुचित बताया?" — पोर्टर का किस्सा। Long Answer 5 अंक।
💡 हजारी प्रसाद द्विवेदी — आधुनिक हिंदी निबंध के स्तम्भ। ललित-निबंध शैली।
पाठ 11 — लेख
★★★
जब सिनेमा ने बोलना सीखा
लेखक: प्रदीप तिवारी
सारांश: भारत में बोलती फिल्मों का इतिहास। आलम आरा (1931) — पहली हिंदी बोलती फिल्म। अर्देशिर ईरानी निर्देशक। मूक फिल्मों का युग (1913–1931)। दादासाहब फाल्के — भारतीय सिनेमा के पितामह (राजा हरिश्चंद्र, 1913)।
परीक्षा: "भारत की पहली बोलती फिल्म कौन सी थी?" "दादासाहब फाल्के को सिनेमा के पितामह क्यों कहते हैं?"
💡 Key Dates: 1913 — राजा हरिश्चंद्र (पहली मूक फिल्म) | 1931 — आलम आरा (पहली बोलती फिल्म)। MCQ में ज़रूर आता है।
पाठ 13 — रिपोर्ताज
★★★
जहाँ पहिया है
लेखक: पी. साईनाथ
सारांश: तमिलनाडु के पुडुकोट्टई जिले की ग्रामीण महिलाओं ने साइकिल चलाना सीखा — यह उनके लिए स्वतंत्रता का प्रतीक बन गया। महिला सशक्तिकरण का ज़मीनी उदाहरण। रिपोर्ताज-शैली (Reportage) में लिखा गया।
परीक्षा: "पुडुकोट्टई की महिलाओं के लिए साइकिल क्यों महत्त्वपूर्ण थी?" "रिपोर्ताज किसे कहते हैं?"
💡 पी. साईनाथ — PARI (People's Archive of Rural India) के संस्थापक, प्रसिद्ध पत्रकार। "रिपोर्ताज = Journalistic writing with literary quality."
पाठ 14 — कहानी
★★★
अकबरी लोटा
लेखक: अन्नपूर्णानंद वर्मा
सारांश: लाला झाऊलाल को पैसों की ज़रूरत है। उनका साधारण लोटा गलती से एक अंग्रेज़ पर गिर जाता है। उनके मित्र बिलवासी उस लोटे को "अकबरी लोटा" (अकबर के ज़माने का) बताकर ऊँचे दाम पर बेच देते हैं। हास्य-व्यंग्य कहानी।
परीक्षा: "बिलवासी जी ने लोटे को अकबरी लोटा कैसे साबित किया?" Long Answer 5 अंक।
💡 मुख्य पात्र: लाला झाऊलाल, बिलवासी, अंग्रेज़। विधा: हास्य-कहानी — पात्रों के नाम याद रखें।
पाठ 10 — कहानी
कामचोर
लेखक: इस्मत चुगताई
सारांश: घर के बच्चों को कामचोर कहा जाता है। एक दिन बड़ों ने कहा — "खुद करो घर का काम।" बच्चों ने इतना उत्साह दिखाया कि घर में तहस-नहस हो गई! हास्य-रचना — बच्चों की स्वाभाविक चंचलता।
परीक्षा: "बच्चों के काम में मदद करने से क्या हुआ?" 2–3 अंक।
💡 इस्मत चुगताई — उर्दू की प्रसिद्ध लेखिका। "टेढ़ी लकीर" उनका प्रसिद्ध उपन्यास।

3. पद्य पाठ — कविताएँ, दोहे एवं पद

🎵 पद्य पाठ | कविता · दोहे · पद | वसंत भाग-3 | कक्षा 8

3.1 ध्वनि — सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' ★★★

अभी न होगा मेरा अंत
अभी-अभी ही तो आया है
मेरे वन में मृदुल वसंत —
अभी न होगा मेरा अंत।
भावार्थ: कवि कहते हैं — अभी मेरे जीवन का अंत नहीं होगा, अभी तो नई शुरुआत हुई है। वसंत ऋतु का आगमन जीवन-शक्ति का प्रतीक है। निराला की यह कविता जीवन-जिजीविषा और नई ऊर्जा का संदेश देती है।
📌 परीक्षा के लिए: "ध्वनि" कविता का केंद्रीय भाव | कवि-परिचय — निराला (छायावाद के चार स्तम्भ: प्रसाद, निराला, पंत, महादेवी) | "वन में मृदुल वसंत" — रूपक अलंकार।

3.2 दीवानों की हस्ती — भगवतीचरण वर्मा ★★★

हम दीवानों की क्या हस्ती,
हैं आज यहाँ, कल वहाँ चले,
मस्ती का आलम साथ चला,
हम धूल उड़ाते जहाँ चले।
भावार्थ: घुमक्कड़ी का आनन्द — हम बेपरवाह घुमक्कड़ हैं, जहाँ मन आए जाते हैं। किसी से कोई लगाव नहीं, कोई बंधन नहीं। स्वतंत्र जीवन-दर्शन।

3.3 कबीर की साखियाँ ★★★

ऐसी बाँणी बोलिये, मन का आपा खोय।
औरन को शीतल करै, आपहु शीतल होय।।

जग में बैरी कोई नहीं, जो मन शीतल होय।
या आपा को डारि दे, दया करै सब कोय।।
भावार्थ: (1) ऐसी वाणी बोलो जो दूसरों को शांति दे और खुद भी शांत रहो — अहंकार छोड़ो। (2) यदि मन शांत हो तो दुनिया में कोई दुश्मन नहीं — अहंकार त्यागने पर सभी दया करते हैं।
✅ परीक्षा में कबीर के दोहे: अर्थ + भावार्थ + 1 अलंकार पहचानें। "बाँणी बोलिये" — अनुप्रास अलंकार। "साखी" का अर्थ = साक्षी, प्रत्यक्ष अनुभव से कही गई बात।

3.4 सुदामा चरित — नरोत्तमदास ★★★

कैसे भूल सकते हो वे पुराने दिन,
जब साथ पढ़ते थे हम दोनों एक साथ?
सुदामा के तंदुल खाए थे कृष्ण ने,
वह मित्रता अटूट थी, जो आज भी कायम।
भावार्थ: सुदामा अत्यन्त निर्धन हो गए थे। कृष्ण के पास गए — कृष्ण ने सुदामा की दरिद्रावस्था देखकर रो पड़े और उनकी सभी विपत्तियाँ दूर कर दीं। सच्ची मित्रता धन-वैभव नहीं देखती।

3.5 सूर के पद — सूरदास ★★★

मैया मोहि दाऊ बहुत खिझायो।
मो सौं कहत मोल को लीन्हो, तू जसुमति कब जायो?
भावार्थ: कृष्ण माता यशोदा से शिकायत करते हैं — दाऊ (बलराम) ने मुझे बहुत परेशान किया। कहता है "तुम खरीदे हुए बेटे हो।" — वात्सल्य रस का उत्कृष्ट उदाहरण। सूरदास श्रृंगार और वात्सल्य रस के श्रेष्ठ कवि।
📌 सूरदास परिचय: जन्म: 1478 ई. | अष्टछाप के कवि | "सूरसागर" प्रमुख ग्रंथ | वात्सल्य रस के श्रेष्ठ कवि — अंधे होते हुए भी कृष्ण-लीला का अद्भुत चित्रण।

4. भारत की खोज (Discovery of India)

📜 भारत की खोज | जवाहरलाल नेहरू | Ahmed Nagar Fort 1944 | कक्षा 8 NCERT

यह पुस्तक जवाहरलाल नेहरू ने 1944 में अहमदनगर किले में जेल के दौरान लिखी। NCERT ने इसके चुनिंदा अंश कक्षा 8 के पाठ्यक्रम में शामिल किए हैं।

#अध्याय शीर्षककेंद्रीय विषय
1अहमदनगर का किलानेहरू जेल में — देश की याद, पुस्तक लिखने की पृष्ठभूमि★★★
2तलाशभारत की अस्मिता की खोज — इतिहास, संस्कृति, विविधता★★
3सिंधु घाटी सभ्यतामोहनजोदड़ो, हड़प्पा — प्राचीन भारतीय सभ्यता की महानता★★★
4युगों का दौरवैदिक काल से बौद्ध-काल — भारत का विकास-क्रम★★
5नयी समस्याएँब्रिटिश शासन, स्वतंत्रता संग्राम, नई चुनौतियाँ★★★
6अंतिम लड़ाई1942 भारत छोड़ो आंदोलन — आज़ादी की अंतिम लड़ाई★★★
✅ भारत की खोज — परीक्षा के मुख्य बिन्दु:
लेखक: जवाहरलाल नेहरू | मूल भाषा: अंग्रेज़ी (Discovery of India) | हिंदी अनुवाद भी उपलब्ध
लेखन स्थान: अहमदनगर किला जेल | वर्ष: 1944
• "भारत एक भौगोलिक और सांस्कृतिक इकाई है" — नेहरू का मुख्य विचार
• सिंधु-घाटी सभ्यता को नेहरू ने भारत की जड़ें बताया

5. दूर्वा भाग-3 — अवलोकन (18 पाठ)

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🌿 दूर्वा भाग-3 | कक्षा 8 | 18 पाठ | अतिरिक्त पठन-पुस्तक | NCERT Hindi
#पाठविधाकेंद्रीय विचार
1गुड़ियाकहानीबचपन, खिलौना और भावनात्मक जुड़ाव
2दो गौरैयाकहानीपक्षियों से प्रेम, पर्यावरण-संरक्षण
3चिड़िया और चुरुंगुनकविताबाल-मन, प्रकृति और स्वतंत्रता
4महान व्यक्तित्वजीवनीभारत के महान व्यक्तित्व — प्रेरणा
5ओसकविताप्रकृति का सौंदर्य
6नाटक में नाटकनाटकमंच-कला, अभिनय का आनन्द
7जादू की कुम्भीकहानीजिज्ञासा, कल्पना और रचनात्मकता
8सस्ते का चक्करएकांकीसस्ते के लालच में नुकसान — व्यावहारिक शिक्षा
9एक खिलाड़ी की कुछ यादेंसंस्मरणखेल-भावना, मेहनत और लगन
10बस की सैरयात्रा-वृत्तान्तसामूहिक यात्रा, सामाजिक अनुभव

नोट: दूर्वा के शेष 8 पाठ (11–18) भी इसी रूप में हैं। परीक्षा में दूर्वा से Short Answer Passages आते हैं।

6. व्याकरण — कक्षा 8 हिंदी

📐 व्याकरण | संज्ञा · सर्वनाम · विशेषण · क्रिया · समास · अलंकार | कक्षा 8 | परीक्षा में 25 अंक

6.1 संधि एवं समास

📌 समास — परीक्षा में 4–6 अंक
समासपहचानउदाहरण
तत्पुरुषउत्तरपद प्रधान, कारक-चिह्न लुप्तराजमहल = राजा का महल | रसोईघर = रसोई का घर
द्वंद्वदोनों पद समान, 'और' से जोड़ेंमाता-पिता | राम-लक्ष्मण | सुख-दुःख
कर्मधारयविशेषण-विशेष्य या उपमानीलकमल = नीला कमल | महापुरुष = महान पुरुष
बहुव्रीहिदोनों पद किसी तीसरे का विशेषणनीलकंठ = नीला है कंठ जिसका (शिव) | दशानन = दस हैं आनन जिसके (रावण)
अव्ययीभावपूर्वपद अव्यय, पूरा पद अव्यययथाशक्ति | प्रतिदिन | आमरण
द्विगुपूर्वपद संख्यावाचकत्रिभुवन = तीन भुवनों का समाहार | सप्ताह

6.2 अलंकार

🎭 अलंकार — परीक्षा में 4–6 अंक
अलंकारपरिभाषाउदाहरण (पाठ से)
अनुप्रासएक ही वर्ण की आवृत्ति"बाँणी बोलिये" — ब की आवृत्ति (कबीर की साखी)
उपमादो वस्तुओं में समानता — सा, सी, जैसा, ज्यों"मुख मधुर जैसे चाँद" | "ज्यों तेल की गागर"
रूपकउपमान को उपमेय पर आरोपण"वन में मृदुल वसंत" — वसंत = जीवन-शक्ति (ध्वनि कविता)
मानवीकरणनिर्जीव को सजीव गुण देना"नदी गाती है" | "पेड़ रोता है"
अतिशयोक्तिबहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहना"देख के हाथी फूला न समाया"

6.3 रस

रसस्थायीभावपाठ में उदाहरण
वात्सल्य रसवत्सलतासूर के पद — यशोदा और बाल-कृष्ण | सुदामा चरित
श्रृंगार रसरति (प्रेम)सूरदास के पद, मीराबाई के पद
हास्य रसहासअकबरी लोटा, कामचोर, बस की यात्रा
करुण रसशोकलाख की चूड़ियाँ (बदलू की दशा)
वीर रसउत्साहभारत की खोज — स्वतंत्रता संग्राम प्रसंग

7. निबंध-पत्र लेखन — परीक्षा में 15–20 अंक

✍️ लेखन कौशल | निबंध · पत्र · अपठित | कक्षा 8 | 15–20 अंक

7.1 औपचारिक पत्र Format

📬 औपचारिक पत्र — Format (5 अंक)

प्रेषक का नाम
पता
दिनांक: 27 फरवरी 2026

सेवा में,
   प्रधानाचार्य महोदय/महोदया,
   विद्यालय का नाम एवं पता

विषय: ______________________

महोदय/महोदया,
      सविनय निवेदन है कि ……… (मुख्य बात) ………

      अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि ……… आभारी रहूँगा।

आपका/आपकी आज्ञाकारी शिष्य/शिष्या,
नाम: ____________
कक्षा: _____ अनुक्रमांक: _____

💡 परीक्षा में पत्र-विषय: अवकाश हेतु | पुस्तकालय में पुस्तकें मँगाने हेतु | शिकायत पत्र | पुरस्कार-वितरण सुधार हेतु

7.2 अनौपचारिक पत्र (मित्र / रिश्तेदार को)

Format: स्थान + दिनांक → प्रिय मित्र/भाई + नाम → विषय-वस्तु (2–3 अनुच्छेद) → तुम्हारा/तुम्हारी + नाम। अनौपचारिक में "सेवा में" और "विषय" नहीं लिखते।

7.3 निबंध — परीक्षा में पूछे जाने वाले विषय

निबंध-विषयमुख्य बिन्दुअंक
मेरा प्रिय त्योहार / दीपावलीपरिचय → इतिहास → मनाने का तरीका → महत्त्व → उपसंहार5
पर्यावरण-प्रदूषणप्रदूषण के प्रकार → कारण → दुष्प्रभाव → उपाय → निष्कर्ष5
समाचार-पत्र का महत्त्वपरिचय → प्रकार → उपयोगिता → सीमाएँ → निष्कर्ष5
विज्ञान: वरदान या अभिशापलाभ → हानि → संतुलित दृष्टिकोण → निष्कर्ष5
आत्मनिर्भर भारतअर्थ → इतिहास → वर्तमान → भविष्य5

8. परीक्षा प्रारूप एवं अंक-भार 2025-26

SectionTopicप्रश्न-प्रकारअंक
Aअपठित गद्यांशप्रश्न-उत्तर (4), शब्दार्थ (2), शीर्षक (1)15
Bव्याकरणसमास (4), अलंकार (4), रस (2), शब्द-ज्ञान (4), विराम-चिह्न (2)16
Cलेखननिबंध (8) + पत्र (7)15
Dपठित गद्यांश (वसंत)Short Answer (6) + Long Answer (9)15
Eपठित पद्यांश (कविता/दोहे)भावार्थ (6) + प्रश्न (4)10
Fपूरक पाठ्यपुस्तकभारत की खोज / दूर्वा — Short Answer15
GMCQ / भाषा-ज्ञानMCQ, Fill in Blanks14
कुल100
✅ परीक्षा में ★★★ सर्वाधिक पूछे जाने वाले प्रश्न:
ध्वनि (निराला) — केंद्रीय भाव + काव्य-सौंदर्य
बस की यात्रा — व्यंग्य के तत्त्व | हरिशंकर परसाई-परिचय
लाख की चूड़ियाँ — बदलू ने मना क्यों किया? परम्परागत शिल्प का क्या हुआ?
कबीर के दोहे — अर्थ + भावार्थ + अलंकार
सूर के पद — वात्सल्य रस + सूरदास-परिचय
जहाँ पहिया है — रिपोर्ताज की विशेषता + पी. साईनाथ
अकबरी लोटा — बिलवासी की चतुराई का वर्णन (Long Answer)
भारत की खोज — नेहरू ने कहाँ / कब लिखी? सिंधु-घाटी पर नेहरू के विचार
समास — भेद (तत्पुरुष, द्वंद्व, बहुव्रीहि)
अलंकार पहचान — अनुप्रास, उपमा, रूपक
पत्र-लेखन — औपचारिक (प्रधानाचार्य को)

9. अध्ययन युक्तियाँ — 90+ अंक कैसे लाएँ

9.1 कविता-भावार्थ — पहले Context समझें

ध्वनि, दीवानों की हस्ती, कबीर की साखियाँ, सूर के पद — हर कविता की 4–5 पंक्तियाँ + अर्थ याद करें। कविता पहले Hindi में समझें, फिर "भावार्थ" अपने शब्दों में लिखें।

9.2 गद्य पाठ — 3 Points Method

हर गद्य पाठ के लिए: (1) लेखक-परिचय — 2 पंक्तियाँ | (2) सारांश — 4–5 वाक्य | (3) 3 प्रमुख प्रश्नोत्तर। यह 3-Point Method किसी भी प्रश्न का उत्तर देने में काम आती है।

कठिनाईकारणसमाधान
समास में confusion6 भेद एक जैसे लगते हैंTrick: "बहुव्रीहि में तीसरा" — तीसरे की विशेषता बताए तो बहुव्रीहि
कबीर के दोहे याद नहीं रहतेकठिन ब्रजभाषापहले हिंदी अर्थ समझें, 2 दिन बाद दोहा याद करें
निबंध में Points कम पड़ते हैंStructure नहीं पता5 Para: भूमिका + 3 मुख्य बिन्दु + उपसंहार। प्रत्येक Para 3–4 वाक्य।
पत्र का format भूल जाते हैंअभ्यास नहींप्रतिदिन 1 पत्र लिखें — 10 दिन में format पक्का हो जाएगा

10. डिजिटल संसाधन

संसाधनलिंकउपयोग
वसंत भाग-3 PDF (Free)ncert.nic.inसभी 18 पाठ निःशुल्क
दूर्वा भाग-3 PDFncert.nic.in18 पाठ
भारत की खोज PDFncert.nic.inनेहरू रचित
Rationalised Syllabusncert.nic.inUpdated List
DIKSHA Appdiksha.gov.inAudio-Visual, MCQ
कक्षा 7 हिंदी Notesncertclasses.comपिछली कक्षा revision
CBSE Sample Paperscbseacademic.nic.inSample Papers 2025-26

11. संदर्भ

  1. NCERT. वसंत भाग-3, कक्षा 8. PDF
  2. NCERT. दूर्वा भाग-3, कक्षा 8. PDF
  3. NCERT. भारत की खोज, कक्षा 8. PDF
  4. Nehru, J. (1946). Discovery of India. Penguin India.
  5. NCERT (2005). NCF 2005. ncert.nic.in
  6. NCERT. Rationalised Content. ncert.nic.in
  7. CBSE. cbseacademic.nic.in
  8. DIKSHA. diksha.gov.in
⚠️ अस्वीकरण: यह लेख NCERT हिंदी कक्षा 8 (वसंत भाग-3, दूर्वा भाग-3, भारत की खोज), NCF 2005 एवं NEP 2020 पर आधारित शैक्षिक सूचना हेतु है। Rationalised Content के कारण पाठ बदल सकते हैं — नवीनतम के लिए ncert.nic.in देखें। ncertclasses.com एक निजी शैक्षिक प्लेटफॉर्म है — NCERT/CBSE से असंबद्ध।

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