| बोर्ड | माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर |
|---|---|
| कक्षा / सत्र | 10 / 2026-27 |
| विषय | गणित (कोड 09) |
| पाठ्यपुस्तक | NCERT गणित कक्षा 10, अध्याय 8 और 9 |
| बोर्ड के प्रारूप में अंकभार | त्रिकोणमिति का परिचय 8 + त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग 5 = 13 अंक |
| नमूना प्रश्न-पत्र में | प्र. 14 (1 अंक); 22, 25 (2-2); 35 (3); 39 (5) |
यह लेख त्रिकोणमिति के प्रश्नों (प्र. 14, 22, 25, 35, 39) के बारे में है। पूरे प्रश्न-पत्र का ढाँचा हमारे कक्षा 10 गणित प्रश्न पत्र प्रारूप एवं ब्लू प्रिंट 2026-27 में है; इस श्रृंखला का पिछला लेख सांख्यिकी और प्रायिकता पर है; और अभ्यास के लिए केस-आधारित प्रश्न तथा शब्द-समस्याओं के पृष्ठ देखें।
त्रिकोणमिति में अंक सूत्र याद होने से कम और सही त्रिभुज व सही अनुपात चुनने से अधिक मिलते हैं। बोर्ड के नमूना प्रश्न-पत्र 2026-27 में इसके पाँच प्रश्न हैं, कुल 13 अंक के: एक बहुविकल्पी, दो दो-दो अंक के, एक तीन अंक का और एक पाँच अंक का; तीन और पाँच अंक वाले प्रश्नों में ‘अथवा’ का विकल्प है।
इस लेख में पहले इन प्रश्नों का स्वरूप और कुंजी की बातें हैं, फिर अनुपात, सर्वसमिकाओं और ऊँचाई-दूरी की विधि, और अंत में 16 हल अभ्यास: 5 एक अंक के, 5 दो अंक के, 3 तीन अंक के और 3 पाँच अंक के।
अंतिम अद्यतन: 20 अक्टूबर 2026 · पढ़ने का समय: लगभग 35 मिनट
1. बोर्ड के पेपर में त्रिकोणमिति
बोर्ड के नमूना प्रश्न-पत्र (गणित, विषय कोड 09, समय 3 घंटे 15 मिनट, पूर्णांक 80) में त्रिकोणमिति के पाँच प्रश्न हैं: प्र. 14, 25 और 39 अध्याय 8 से, प्र. 22 और 35 अध्याय 9 से। प्रश्नों का आशय हमारे शब्दों में, और उत्तर-कुंजी की बातें जैसी छपी हैं:
| प्र. | अध्याय | अंक | प्रश्न का आशय (हमारे शब्दों में) | उत्तर-कुंजी में |
|---|---|---|---|---|
| 14 | 8 | 1 | tan 30° वाले एक व्यंजक का मान किस अनुपात के बराबर है, यह चार विकल्पों में से चुनना | सही विकल्प (अ), यानी sin 60° वाला |
| 22 | 9 | 2 | मीनार के शीर्ष का उन्नयन कोण 45° हो तो प्रेक्षक की मीनार से दूरी और मीनार की ऊँचाई में संबंध बताना | दूरी = ऊँचाई, tan 45° से (1+1=2) |
| 25 | 8 | 2 | समकोण त्रिभुज में tan A = 1 दिया है; ‘2 sin A cos A = 1’ कथन की समीक्षा करना | कथन सही; भुजाएँ 1, 1, √2 लेकर जाँच (2) |
| 35 | 9 | 3 (अथवा) | पहला विकल्प: भवन के शीर्ष पर लगे टावर की ऊँचाई, भूमि के एक बिंदु से दो उन्नयन कोणों के आधार पर; ‘अथवा’: पुल से नदी की चौड़ाई, दो अवनमन कोणों के आधार पर | पहले विकल्प का (1+2=3), जो प्रश्न-पत्र में भी छपा है; ‘अथवा’ के आगे पाठ्यपुस्तक का उदाहरण 7, पृष्ठ 157 |
| 39 | 8 | 5 (अथवा) | सर्वसमिका sec²θ = 1 + tan²θ का प्रयोग करके sin θ और cos θ वाली एक भिन्न-सर्वसमिका सिद्ध करना; ‘अथवा’: दूसरी सर्वसमिका सिद्ध करने की चरणबद्ध कार्य-योजना बनाना | पहले विकल्प के आगे उदाहरण 12, पृष्ठ 146 और (5); ‘अथवा’ में पूरा सिद्ध-क्रम |
अंकों का मिलान: 1+2+2+3+5 = 13, जो प्रारूप की अध्यायवार सारणी (8 + 5) से बैठता है। प्र. 35 से 40 में आंतरिक विकल्प (‘अथवा’) है, यानी प्र. 35 और 39 में एक ही विकल्प हल करना है। बोर्ड की पाठ्यक्रम-सूची में अध्याय 8 के तीन विषय लिखे हैं: त्रिकोणमितीय अनुपात, कुछ विशिष्ट कोणों के अनुपात और सर्वसमिकाएँ; अध्याय 9 में ऊँचाइयाँ और दूरियाँ। NCERT के पुनर्मुद्रण 2026-27 में अध्याय 8 के अनुभाग इन्हीं के अनुसार हैं: 8.2 अनुपात, 8.3 विशिष्ट कोण, 8.4 सर्वसमिकाएँ; अध्याय 9 में 9.1 ऊँचाइयाँ और दूरियाँ।
कुंजी से चार बातें (हमारी पढ़त):
- प्र. 35 के ‘अथवा’ के आगे ‘उदाहरण 7, पृष्ठ 157’ छपा है; NCERT की हिंदी पुस्तक (पुनर्मुद्रण 2026-27) के पृष्ठ 157 पर उदाहरण 7 नदी के पुल वाला ही है। प्र. 39 के आगे ‘उदाहरण 12, पृष्ठ 146’ है, जो उसी पुस्तक में उसी सर्वसमिका का उदाहरण है। बोर्ड ने दोनों प्रश्न पाठ्यपुस्तक से उठाए हैं। प्र. 35 के पहले विकल्प की स्थिति (भवन के शीर्ष पर लगा टावर, उन्नयन कोण 45° और 60°) NCERT अभ्यास 9.1 के प्रश्न 7 जैसी ही है; हमने इसे NCERT की पुस्तक से मिलाया है।
- प्र. 35 की कुंजी का अंतिम उत्तर h = 20(√3 − 1) m पर रुका है; संख्यात्मक मान नहीं लिखा गया। प्रश्न में √3 का मान दिया भी नहीं गया था, इसलिए सटीक रूप पर रुकना ठीक है।
- प्र. 35 का प्रश्न ही ‘उपयुक्त त्रिकोणमितीय अनुपात की पहचान’ करने को कहता है, और कुंजी का हल ‘हम tan का प्रयोग करते हैं’ से शुरू होकर दोनों समकोण त्रिभुजों के अनुपात देता है। (1+2=3) में पहला अंक संभवतः इसी पहचान का है (हमारा अनुमान); इसलिए उत्तर के आरंभ में अनुपात का नाम और कारण लिखिए।
- कुंजी की आकृति में भवन की ऊँचाई ‘20cm’ छपी दिखती है, जबकि प्रश्न और हल की पंक्ति में 20 m है। उत्तर में इकाई m ही लिखिए।
समय: बोर्ड की प्रश्न-पत्र योजना में प्रश्न हल करने का संभावित समय 180 मिनट है (बहुविकल्पी 20, दो अंक 16, तीन अंक 28, पाँच अंक 116), और पढ़ने के 15 मिनट अलग हैं। इससे औसत समय: 1 अंक का प्रश्न 1 मिनट, 2 अंक का 2 मिनट, 3 अंक का 3.5 मिनट, 5 अंक का 29 मिनट। हमारे पाँच प्रश्नों का औसत 1 + 2 + 2 + 3.5 + 29 = 37.5 मिनट बैठता है। यह प्रकार-वार औसत है; 5 अंक के 29 मिनट में आकृति और ग्राफ़ वाले प्रश्न भी गिने हैं, इसलिए सर्वसमिका वाले प्र. 39 को कम लग सकता है (हमारा अनुमान)।
2. अनुपात और विशिष्ट कोणों के मान (अध्याय 8)
NCERT समकोण त्रिभुज ABC (∠B = 90°) में न्यून कोण A के लिए अनुपात इस प्रकार परिभाषित करती है। भुजा ‘सामने की’ या ‘आसन्न’ होना कोण पर निर्भर है; कर्ण सदा समकोण के सामने की भुजा है।
| अनुपात | परिभाषा | दूसरे रूप |
|---|---|---|
| sin A | सामने की भुजाकर्ण | — |
| cos A | आसन्न भुजाकर्ण | — |
| tan A | सामने की भुजाआसन्न भुजा | sin Acos A |
| cosec A | कर्णसामने की भुजा | 1sin A |
| sec A | कर्णआसन्न भुजा | 1cos A |
| cot A | आसन्न भुजासामने की भुजा | 1tan A = cos Asin A |
एक अनुपात से शेष निकालना (अभ्यास 3 और 6, हमारा सुझाव): अनुपात को भुजाओं के रूप में k के साथ लिखिए, तीसरी भुजा पाइथागोरस से निकालिए, फिर जो अनुपात चाहिए उसे परिभाषा से पढ़िए। जैसे tan A = 1√3 हो तो सामने की भुजा k, आसन्न √3 k और कर्ण 2k हैं, इसलिए sin A = 12 और cos A = √32।
NCERT के सारांश के अनुसार sin A और cos A का मान 1 से अधिक नहीं होता, और sec A तथा cosec A का मान (जहाँ परिभाषित हो) 1 से कम नहीं होता। इसलिए “sin θ = 2” जैसा कथन तुरंत गलत ठहरता है।
विशिष्ट कोणों के मान
| अनुपात | 0° | 30° | 45° | 60° | 90° |
|---|---|---|---|---|---|
| sin A | 0 | 12 | 1√2 | √32 | 1 |
| cos A | 1 | √32 | 1√2 | 12 | 0 |
| tan A | 0 | 1√3 | 1 | √3 | परिभाषित नहीं |
| cosec A | परिभाषित नहीं | 2 | √2 | 2√3 | 1 |
| sec A | 1 | 2√3 | √2 | 2 | परिभाषित नहीं |
| cot A | परिभाषित नहीं | √3 | 1 | 1√3 | 0 |
याद रखने की एक विधि (हमारा सुझाव): sin के मान √02, √12, √22, √32, √42 हैं, यानी 0, 12, 1√2, √32, 1; cos के मान यही उलटे क्रम में हैं। फिर tan = sin ÷ cos और शेष अनुपात व्युत्क्रम। tan 90°, sec 90°, cosec 0° और cot 0° परिभाषित नहीं हैं, क्योंकि उनके हर में शून्य आता है (अभ्यास 2)। 45° पर sin और cos बराबर हैं और tan 45° = 1; इसी से ‘दूरी = ऊँचाई’ वाला संबंध बनता है।
आम गलतियाँ
- sin और cos के मान आपस में बदल देना: sin 60° = √32, cos 60° = 12 (अभ्यास 1, 6)।
- tan 30° = 1√3 और tan 60° = √3 को उलट देना (अभ्यास 4)।
- ‘सामने’ और ‘आसन्न’ भुजा गलत पहचानना: दूसरे कोण पर दोनों बदल जाती हैं।
- sin²θ को sin θ² पढ़ना: sin²θ का अर्थ (sin θ)² है।
- tan 90° जैसे अपरिभाषित मानों पर सर्वसमिका लगाना (अभ्यास 2)।
3. सर्वसमिकाएँ और सिद्ध करने की विधि (अध्याय 8)
NCERT 8.4 में पाइथागोरस प्रमेय AB² + BC² = AC² को क्रमशः AC², AB² और BC² से भाग देकर तीन सर्वसमिकाएँ बनाई गई हैं:
| सर्वसमिका | किन कोणों के लिए सत्य | कैसे बनी |
|---|---|---|
| sin²A + cos²A = 1 | 0° ≤ A ≤ 90° | AC² से भाग देकर |
| 1 + tan²A = sec²A | 0° ≤ A < 90° | AB² से भाग देकर; A = 90° पर tan A और sec A परिभाषित नहीं |
| cot²A + 1 = cosec²A | 0° < A ≤ 90° | BC² से भाग देकर; A = 0° पर cot A और cosec A परिभाषित नहीं |
दूसरी सर्वसमिका को sec²A − tan²A = 1 भी लिखा जाता है; प्र. 39 में यही रूप काम आता है।
सर्वसमिका सिद्ध करने के चरण
- जटिल पक्ष चुनिए और उसी से चलिए; दूसरे पक्ष तक पहुँचना लक्ष्य है। दोनों पक्षों को आपस में जोड़ना, घटाना या गुणा करना सिद्ध करना नहीं है।
- sin और cos में बदलिए: tan = sin ÷ cos, sec = 1 ÷ cos, cosec = 1 ÷ sin, cot = cos ÷ sin।
- एक हर कीजिए या गुणनखंड कीजिए: a² − b² = (a + b)(a − b) बहुत काम आता है।
- सर्वसमिका से बदलिए: 1 − sin²θ को cos²θ, cosec²θ − 1 को cot²θ आदि।
- गुणनखंड काटिए (पद नहीं) और दूसरे पक्ष से मिलाइए; अंत में “= RHS” लिखिए।
प्र. 39 जैसे प्रश्न: जब प्रश्न कहे “सर्वसमिका sec²θ = 1 + tan²θ का प्रयोग करते हुए”, तो अंश और हर में sin और cos हों, तब उन्हें cos θ से भाग देकर tan और sec में बदलिए। NCERT के उदाहरण 12 का हल इसी से शुरू होता है; फिर संख्या 1 को sec²θ − tan²θ के रूप में लिखकर (a + b)(a − b) से गुणनखंड बनाते हैं और काटते हैं। अभ्यास 14 इसी युक्ति पर है।
कार्य-योजना वाले प्रश्न: प्र. 39 के ‘अथवा’ में योजना माँगी गई है। हमारा सुझाव है कि हर चरण के साथ उसका कारण लिखिए (“sec θ और tan θ को sin और cos में बदला”, “1 − sin²θ = cos²θ”) और अंत में सिद्धि का संक्षिप्त क्रम भी लिखिए (अभ्यास 15)।
आम गलतियाँ
- sec²θ + tan²θ = 1 लिख देना: सही रूप sec²θ − tan²θ = 1 या 1 + tan²θ = sec²θ है।
- पद काट देना, गुणनखंड नहीं: 1 + x1 + y में 1 नहीं कटता।
- एक कोण (जैसे 45°) रखकर जाँचने को सिद्धि मान लेना।
- जहाँ व्यंजक परिभाषित नहीं है (हर शून्य), वहाँ भी सर्वसमिका लगाना (अभ्यास 14)।
4. ऊँचाई और दूरी (अध्याय 9)
NCERT 9.1 के अनुसार प्रेक्षक की आँख से वस्तु के बिंदु तक खींची रेखा दृष्टि-रेखा है। दृष्टि-रेखा और क्षैतिज रेखा के बीच का कोण वस्तु के क्षैतिज तल से ऊपर होने पर उन्नयन कोण और नीचे होने पर अवनमन कोण कहलाता है। ऊँचाई या दूरी इन कोणों और त्रिकोणमितीय अनुपातों से निकलती है।
हल करने के पाँच कदम
- आकृति बनाइए और उसमें समकोण त्रिभुज (प्रायः ऊर्ध्वाधर वस्तु, भूमि और दृष्टि-रेखा से) पहचानिए।
- कोण सही जगह चिह्नित कीजिए। उन्नयन और अवनमन कोण क्षैतिज रेखा से मापे जाते हैं, ऊर्ध्वाधर से नहीं।
- अनुपात चुनिए, इस आधार पर कि कौन-सी दो भुजाएँ दी या चाही गई हैं (नीचे की सारणी)।
- समीकरण बनाकर हल कीजिए और पहले सटीक रूप (जैसे 12(√3 − 1)) लिखिए।
- इकाई लिखिए; प्रश्न में √3 का मान दिया हो तो संख्या भी निकालिए (हमारा सुझाव)।
| जो भुजाएँ दी या चाही गई हैं | अनुपात | उदाहरण (अभ्यास) |
|---|---|---|
| ऊँचाई और दूरी (कर्ण की बात नहीं) | tan | 4, 7, 11, 12, 16 |
| ऊँचाई और कर्ण (सीढ़ी, रस्सी) | sin | 8 |
| दूरी और कर्ण | cos | — |
अवनमन कोण की एक बात: ऊपर वाले बिंदु पर क्षैतिज रेखा नीचे वाली क्षैतिज रेखा के समांतर होती है, इसलिए एकांतर कोणों से ऊपर से मापा अवनमन कोण नीचे के बिंदु से मापे उन्नयन कोण के बराबर होता है। इसी से अभ्यास 12 और 16 के त्रिभुजों में कोण मिलते हैं।
दो कोणों वाले प्रश्न (प्र. 35 जैसे): दो समकोण त्रिभुजों में प्रायः कोई एक लंबाई साझा होती है (अभ्यास 11 में दूरी BC, अभ्यास 16 में भी)। पहले उस त्रिभुज से साझा लंबाई निकालिए जिसमें केवल वही अज्ञात है, फिर दूसरे त्रिभुज में रखिए। अलग-अलग अज्ञात लेने से समीकरण उलझ जाते हैं।
प्रश्न में प्रेक्षक की ऊँचाई दी हो तो उसे हिसाब में लीजिए: NCERT के उदाहरण 3 में 1.5 m ऊँचे प्रेक्षक की आँख से मीनार का कोण लिया गया है, इसलिए मीनार की ऊँचाई में से 1.5 m घटाकर हिसाब बनता है। न दी हो, तो हमारे अभ्यासों की तरह आँख की ऊँचाई नगण्य मानी जाती है।
आम गलतियाँ
- कोण को ऊर्ध्वाधर से माप लेना।
- tan के स्थान पर उसका व्युत्क्रम लगाना: ऊँचाई = दूरी × tan θ, दूरी = ऊँचाई ÷ tan θ (अभ्यास 4, 7)।
- पुल या भवन के शीर्ष से अवनमन कोण को सीधे त्रिभुज का कोण मान लेना, एकांतर कोणों का तर्क लिखे बिना (अभ्यास 12)।
- दो अलग त्रिभुजों में साझा लंबाई को अलग-अलग अक्षर दे देना।
- उत्तर में इकाई (m) न लिखना।
5. 16 हल अभ्यास
पहले खुद हल कीजिए, फिर ‘हल देखें’ दबाइए। ‘प्र. 35 जैसा’ का अर्थ है कि अभ्यास उसी ढंग का है, बोर्ड का प्रश्न नहीं। हर हल के नीचे की टिप्पणी बताती है कि अंक-विभाजन बोर्ड की कुंजी से है या हमारा अनुमान।
एक अंक के (अभ्यास 1–5)
अभ्यास 1 1 अंक · प्र. 14 जैसा · NCERT 8.3
- (a) sin 60°
- (b) cos 60°
- (c) tan 60°
- (d) cos 30°
उत्तर देखें
सही उत्तर: (b)
tan 30° = 1√3, इसलिए tan²30° = 13। अंश = 1 − 13 = 23 और हर = 1 + 13 = 43; भाग देने पर 23 ÷ 43 = 12। cos 60° = 12 है (विकल्प b)। sin 60° = cos 30° = √32 और tan 60° = √3 हैं, इसलिए वे गलत हैं।
अभ्यास 2 1 अंक · अवधारणा (प्र. 25 का ढंग) · NCERT 8.4
- (a) कथन सही है, क्योंकि सर्वसमिका सभी कोणों के लिए सत्य होती है।
- (b) कथन गलत है, क्योंकि θ = 90° पर tan θ और sec θ परिभाषित नहीं हैं।
- (c) कथन गलत है, क्योंकि θ = 90° पर sin θ परिभाषित नहीं है।
- (d) कथन केवल θ = 45° के लिए सही है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: (b)
NCERT के अनुसार sec²A − tan²A = 1, यानी 1 + tan²A = sec²A, 0° ≤ A < 90° के लिए सत्य है। θ = 90° पर cos 90° = 0 है, इसलिए tan 90° = sin 90° ÷ cos 90° और sec 90° = 1 ÷ cos 90° परिभाषित नहीं हैं। sin 90° = 1 परिभाषित है, इसलिए (c) गलत है; और सर्वसमिका सभी न्यून कोणों पर सत्य है, केवल 45° पर नहीं, इसलिए (d) भी गलत है।
अभ्यास 3 1 अंक · प्र. 14 जैसा · NCERT 8.2
- (a) 125
- (b) 512
- (c) 1312
- (d) 1213
उत्तर देखें
सही उत्तर: (a)
cosec θ = कर्ण ÷ सामने की भुजा = 13 ÷ 5, इसलिए कर्ण = 13k और सामने की भुजा = 5k। पाइथागोरस से आसन्न भुजा = √(169 − 25) k = √144 k = 12k। cot θ = आसन्न ÷ सामने = 125 (विकल्प a)। 512 तो tan θ है, 1312 sec θ और 1213 cos θ।
अभ्यास 4 1 अंक · प्र. 22 जैसा · NCERT 9.1
- (a) 6√3 m
- (b) 18√3 m
- (c) 9 m
- (d) 9√3 m
उत्तर देखें
सही उत्तर: (a)
ऊँचाई ÷ दूरी = tan 30°, इसलिए ऊँचाई = 18 × 1√3 = 18√3 = 6√3 m (लगभग 10.4 m)। 18√3 = 18 tan 60° है (कोण उलट गया); 9 = 18 sin 30° और 9√3 = 18 cos 30° हैं (गलत अनुपात)।
अभ्यास 5 1 अंक · सर्वसमिका · NCERT 8.4
- (a) 0
- (b) 1
- (c) 2
- (d) 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: (c)
(sin²θ + 2 sin θ cos θ + cos²θ) + (sin²θ − 2 sin θ cos θ + cos²θ) = 2 sin²θ + 2 cos²θ = 2(sin²θ + cos²θ) = 2 × 1 = 2 (विकल्प c)। बीच के दोनों पद 2 sin θ cos θ आपस में कट जाते हैं। विकल्प (b) तब आता है जब sin²θ + cos²θ के दो बार आने पर ध्यान न जाए।
दो अंक के (अभ्यास 6–10)
अभ्यास 6 2 अंक · प्र. 25 जैसा · NCERT 8.2, 8.3
हल देखें
चरण 1: भुजाएँ। tan P = सामने की भुजा ÷ आसन्न भुजा = QR ÷ PQ = √3 ÷ 1, इसलिए QR = √3 k और PQ = k (k > 0)।
चरण 2: कर्ण। PR² = PQ² + QR² = k² + 3k² = 4k², इसलिए PR = 2k।
चरण 3: sin P। sin P = QR ÷ PR = √3 k2k = √32।
निष्कर्ष: √32 ≠ 12, इसलिए कथन गलत है। 12 तो cos P का मान है (यहाँ P = 60°; sin 60° = √32 और cos 60° = 12)।
उत्तर: कथन गलत है; sin P = √32
अंक-विभाजन हमारा अनुमान: भुजाएँ और कर्ण 1, sin P और निष्कर्ष 1। बोर्ड के प्र. 25 की कुंजी में (2) छपा है, विभाजन नहीं। उस प्रश्न का कथन सही था; यहाँ गलत है, ताकि दोनों स्थितियों का अभ्यास हो।
अभ्यास 7 2 अंक · प्र. 22 जैसा · NCERT 9.1
हल देखें
चरण 1: त्रिभुज। प्रेक्षक O, मीनार का पाद B और शीर्ष A से समकोण ΔABO (∠B = 90°) बनता है, जिसमें AB = h, OB = x और ∠AOB = 30°।
चरण 2: अनुपात। tan 30° = ABOB = hx, और tan 30° = 1√3। इसलिए 1√3 = hx।
संबंध: x = √3 h (या h = x√3)।
उत्तर: x = √3 h
अंक-विभाजन हमारा अनुमान: अनुपात 1, संबंध 1। बोर्ड के प्र. 22 की कुंजी में (1+1=2) छपा है; उसमें कोण 45° था, इसलिए संबंध ‘दूरी = ऊँचाई’ बैठता है। यहाँ कोण बदलने से संबंध बदल गया।
अभ्यास 8 2 अंक · NCERT का ढंग · NCERT 9.1
हल देखें
अनुपात का चुनाव। सीढ़ी कर्ण (12 m) है और दीवार पर पहुँची ऊँचाई h 60° के सामने की भुजा है; सामने की भुजा और कर्ण का अनुपात sin है।
sin 60° = h12, और sin 60° = √32। इसलिए h = 12 × √32 = 6√3 m।
√3 = 1.73 रखने पर h = 6 × 1.73 = 10.38 m।
उत्तर: 6√3 m ≈ 10.38 m
अंक-विभाजन हमारा अनुमान: अनुपात और संबंध 1, मान 1। यह NCERT 9.1 के उदाहरण 2 (सीढ़ी) जैसा ढंग है; संख्याएँ हमारी हैं।
अभ्यास 9 2 अंक · सर्वसमिका · NCERT 8.4
हल देखें
LHS = tan²θ − sin²θ = sin²θcos²θ − sin²θ = sin²θ (1cos²θ − 1) = sin²θ × 1 − cos²θcos²θ
सर्वसमिका sin²θ + cos²θ = 1 से 1 − cos²θ = sin²θ, इसलिए LHS = sin²θ × sin²θcos²θ = sin²θ tan²θ = RHS ∎
उत्तर: सिद्ध
अंक-विभाजन हमारा अनुमान: LHS को sin और cos में बदलना 1, सर्वसमिका लगाकर RHS तक 1। सिद्ध करते समय एक ही पक्ष (LHS) से चलकर दूसरे पक्ष तक पहुँचिए।
अभ्यास 10 2 अंक · मान निकालना · NCERT 8.3
हल देखें
cos 45° = 1√2, इसलिए cos²45° = 12; tan²30° = 13; sin²60° = (√32)² = 34।
मान = 2 × 12 + 3 × 13 − 34 = 1 + 1 − 34 = 54।
उत्तर: 54 (= 1¼)
अंक-विभाजन हमारा अनुमान: तीनों मान 1, जोड़-घटाव 1। हर पद का मान अलग पंक्ति में लिखने से अंक नहीं कटते (हमारा सुझाव)।
तीन अंक के (अभ्यास 11–13)
अभ्यास 11 3 अंक · प्र. 35 जैसा · NCERT 9.1
हल देखें
आकृति। दीवार का पाद B, दीवार का शीर्ष D (यही डंडे का निचला सिरा) और डंडे का ऊपरी सिरा A एक ऊर्ध्वाधर रेखा में हैं। भूमि का बिंदु C है और BC = x। BD = 12 m, DA = h (डंडे की लंबाई)।
अनुपात की पहचान। दोनों त्रिभुजों में ऊँचाई और दूरी (BC) का संबंध है, कर्ण का नहीं, इसलिए tan का प्रयोग करेंगे।
चरण 1 (ΔDBC): tan 30° = DBBC ⟹ 1√3 = 12x ⟹ x = 12√3 m।
चरण 2 (ΔABC): tan 45° = ABBC ⟹ 1 = 12 + h12√3 ⟹ 12 + h = 12√3।
चरण 3: h = 12√3 − 12 = 12(√3 − 1) = 12 × 0.73 = 8.76 m।
उत्तर: 12(√3 − 1) m ≈ 8.76 m
अंक-विभाजन हमारा अनुमान: उपयुक्त अनुपात की पहचान 1, दोनों समीकरण और h का मान 2। बोर्ड के प्र. 35 में (1+2=3) छपा है (प्रश्न-पत्र और कुंजी दोनों में); किस भाग के कितने अंक, यह नहीं बताया गया। बनावट प्र. 35 के पहले विकल्प जैसी है; कोण और ऊँचाई हमारे हैं।
अभ्यास 12 3 अंक · प्र. 35 ‘अथवा’ जैसा · NCERT 9.1
हल देखें
आकृति। पुल का बिंदु P, उसके ठीक नीचे किनारों के तल पर बिंदु Q (PQ = 5 m), और किनारे A (45° वाला) तथा B (60° वाला) हैं। Q, A और B के बीच है, इसलिए चौड़ाई AB = AQ + QB।
कोण। अवनमन कोण P से क्षैतिज रेखा और दृष्टि-रेखा के बीच है। क्षैतिज रेखा AB के समांतर है, इसलिए एकांतर कोणों से ∠PAQ = 45° और ∠PBQ = 60°।
चरण 1 (ΔPQA): tan 45° = PQAQ ⟹ 1 = 5AQ ⟹ AQ = 5 m।
चरण 2 (ΔPQB): tan 60° = PQQB ⟹ √3 = 5QB ⟹ QB = 5√3 = 5√33 m।
चरण 3: AB = 5 + 5√33 = 5(3 + √3)3 = 5 × 4.733 = 7.88 m (लगभग)।
उत्तर: 5(3 + √3)3 m ≈ 7.88 m
अंक-विभाजन हमारा अनुमान: आकृति और कोणों की पहचान 1, दोनों दूरियाँ 1, जोड़ और मान 1। यह प्र. 35 के ‘अथवा’ जैसा है, जिसकी कुंजी में केवल पाठ्यपुस्तक का संदर्भ छपा है; कोण और ऊँचाई हमारे हैं। √3 का अधिक सटीक मान लेने पर उत्तर 7.89 m आता है।
अभ्यास 13 3 अंक · प्र. 39 का छोटा रूप · NCERT 8.4
हल देखें
LHS = cosec θ × (cosec θ + 1) + (cosec θ − 1)(cosec θ − 1)(cosec θ + 1) = 2 cosec²θcosec²θ − 1
सर्वसमिका cosec²θ = 1 + cot²θ से cosec²θ − 1 = cot²θ, इसलिए LHS = 2 cosec²θcot²θ
= 2 × 1sin²θ × sin²θcos²θ = 2cos²θ = 2 sec²θ = RHS ∎
उत्तर: सिद्ध
अंक-विभाजन हमारा अनुमान: सम-हर करके जोड़ना 1, cosec²θ − 1 = cot²θ 1, sin और cos में बदलकर RHS 1। बोर्ड के प्र. 39 के ‘अथवा’ की सर्वसमिका का यह भाई-रूप है (वहाँ sin और sec²θ हैं)।
पाँच अंक के (अभ्यास 14–16)
अभ्यास 14 5 अंक · प्र. 39 जैसा · NCERT 8.4
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चरण 1: 1 को बदलिए। दी हुई सर्वसमिका से sec²θ − tan²θ = 1 है। a² − b² = (a + b)(a − b) से 1 = (sec θ + tan θ)(sec θ − tan θ)।
चरण 2: अंश। अंश = sec θ + tan θ − 1 = (sec θ + tan θ) − (sec θ + tan θ)(sec θ − tan θ) = (sec θ + tan θ)(1 − sec θ + tan θ)।
चरण 3: हर से मिलान। हर = tan θ − sec θ + 1 = 1 − sec θ + tan θ। यही कोष्ठक अंश में भी है।
चरण 4: काटिए। LHS = (sec θ + tan θ)(1 − sec θ + tan θ)(1 − sec θ + tan θ) = sec θ + tan θ (कोष्ठक शून्य नहीं है, क्योंकि हर शून्य होने पर व्यंजक परिभाषित ही नहीं होता)।
चरण 5: sin और cos में। sec θ + tan θ = 1cos θ + sin θcos θ = 1 + sin θcos θ = RHS ∎
उत्तर: सिद्ध
अंक-विभाजन हमारा अनुमान: 1 को सर्वसमिका से बदलना 2, अंश का गुणनखंड 1, हर से मिलाकर काटना 1, RHS तक 1। बोर्ड के प्र. 39 की कुंजी में NCERT के उदाहरण 12 का संदर्भ और (5) छपा है, विभाजन नहीं। युक्ति वही है (1 को sec²θ − tan²θ से बदलना), प्रश्न हमारा अलग है।
अभ्यास 15 5 अंक · प्र. 39 ‘अथवा’ जैसा · NCERT 8.4
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कार्य-योजना (कारण सहित):
1. LHS से आरंभ करें, क्योंकि उसमें sec और tan दोनों हैं और वही जटिल पक्ष है।
2. sec θ = 1cos θ और tan θ = sin θcos θ लिखकर एक ही हर में लाएँ।
3. कोष्ठक का वर्ग करें।
4. हर के cos²θ को 1 − sin²θ से बदलें (सर्वसमिका sin²θ + cos²θ = 1)।
5. 1 − sin²θ = (1 − sin θ)(1 + sin θ) लिखकर उभयनिष्ठ गुणनखंड काटें और RHS से मिलाएँ।
सिद्धि: (sec θ − tan θ)² = (1cos θ − sin θcos θ)² = (1 − sin θcos θ)² = (1 − sin θ)²cos²θ
= (1 − sin θ)²1 − sin²θ = (1 − sin θ)²(1 − sin θ)(1 + sin θ) = 1 − sin θ1 + sin θ = RHS ∎ (θ न्यून है, इसलिए sin θ < 1 और 1 − sin θ ≠ 0)।
उत्तर: सिद्ध; योजना 5 चरणों में
अंक-विभाजन हमारा अनुमान: योजना 2, सिद्धि 3। बोर्ड के प्र. 39 के ‘अथवा’ में सर्वसमिका सिद्ध करने की कार्य-योजना माँगी गई है; कुंजी में पूरा सिद्ध-क्रम छपा है और अंक-विभाजन नहीं। हमने योजना और सिद्धि दोनों माँगी हैं।
अभ्यास 16 5 अंक · NCERT का ढंग (दो कोण) · NCERT 9.1
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आकृति। भवन AB (A शीर्ष, B पाद), AB = 30 m। खंभा CD (D शीर्ष, C पाद), BC = x और CD = h। A से C का अवनमन कोण 60° और D का 45° है।
चरण 1: दूरी। एकांतर कोणों से ∠ACB = 60°। ΔABC में tan 60° = ABBC ⟹ √3 = 30x ⟹ x = 30√3 = 10√3 = 17.3 m।
चरण 2: D से लंब। D से AB पर लंब DE खींचिए। DE = BC = x और BE = CD = h, इसलिए AE = 30 − h। एकांतर कोणों से ∠ADE = 45°।
चरण 3: ΔAED में tan 45° = AEDE ⟹ 1 = 30 − hx ⟹ 30 − h = x = 10√3।
चरण 4: h = 30 − 10√3 = 10(3 − √3) = 10 × (3 − 1.73) = 12.7 m।
उत्तर: दूरी 10√3 m ≈ 17.3 m; खंभे की ऊँचाई 10(3 − √3) m ≈ 12.7 m
अंक-विभाजन हमारा अनुमान: आकृति 1, दूरी 1, लंब और दूसरा अनुपात 2, ऊँचाई 1। बोर्ड के नमूने में ऊँचाई-दूरी का प्रश्न 3 अंक का (प्र. 35) है; यह 5 अंक का प्रश्न विस्तार के लिए हमारा अभ्यास है, NCERT अभ्यास 9.1 के दो-कोण वाले प्रश्नों जैसी बनावट का।
6. जाँचें
पहले खुद सोचिए, फिर ‘उत्तर देखें’ दबाइए।
- बोर्ड के प्रारूप में अध्याय 8 (त्रिकोणमिति का परिचय) और अध्याय 9 (त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग) का अंकभार कितना-कितना है?
- 8 और 5
- 5 और 8
- 6 और 7
- 9 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: 8 और 5। बोर्ड के प्रारूप में अध्याय 8 के 8 और अध्याय 9 के 5 अंक हैं, कुल 13। नमूने के पाँच प्रश्न 1+2+2+3+5 = 13 अंक के हैं।
- प्र. 35 के पहले विकल्प की उत्तर-कुंजी में अंक-विभाजन क्या छपा है?
- 1+2=3
- 2+1=3
- 1+1+1=3
- 1½+1½=3
उत्तर देखें
सही उत्तर: 1+2=3। (1+2=3) छपा है, प्रश्न-पत्र और कुंजी दोनों में। प्र. 22 में (1+1=2) और प्र. 25 में केवल (2) छपा है; प्र. 39 में केवल (5)।
- NCERT के अनुसार 1 + tan²A = sec²A किन कोणों के लिए सत्य है?
- 0° ≤ A < 90°
- 0° ≤ A ≤ 90°
- 0° < A ≤ 90°
- केवल A = 45° के लिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: 0° ≤ A < 90°। NCERT के अध्याय 8 के सारांश में sec²A − tan²A = 1 को 0° ≤ A < 90° के लिए लिखा है, क्योंकि A = 90° पर tan A और sec A परिभाषित नहीं हैं।
- अवनमन कोण (angle of depression) किन दो रेखाओं के बीच बनता है?
- दृष्टि-रेखा और क्षैतिज रेखा, जब वस्तु क्षैतिज तल से नीचे हो
- दृष्टि-रेखा और ऊर्ध्वाधर रेखा
- वस्तु से भूमि तक की रेखा और ऊर्ध्वाधर रेखा
- यह सदा 45° होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: दृष्टि-रेखा और क्षैतिज रेखा, जब वस्तु क्षैतिज तल से नीचे हो। NCERT के अध्याय 9 के सारांश में अवनमन कोण दृष्टि-रेखा और क्षैतिज के बीच का कोण है, जब वस्तु क्षैतिज तल से नीचे हो; यानी जब हम सिर झुकाकर देखते हैं।
- θ न्यून कोण है और tan θ = 1। तब 2 sin θ cos θ का मान क्या है?
- 1
- 2
- ½
- √2
उत्तर देखें
सही उत्तर: 1। tan θ = 1 से θ = 45°; sin 45° = cos 45° = 1/√2, इसलिए 2 × 1/√2 × 1/√2 = 2 × ½ = 1। बोर्ड के प्र. 25 का कथन इसी प्रकार सही निकलता है।
7. सामान्य प्रश्न
त्रिकोणमिति से कितने अंक आते हैं?
बोर्ड के प्रारूप में त्रिकोणमिति का परिचय (अध्याय 8) के 8 और त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग (अध्याय 9) के 5 अंक हैं, कुल 13। नमूना प्रश्न-पत्र में पाँच प्रश्न हैं: प्र. 14 (1 अंक), प्र. 22 और 25 (2-2 अंक), प्र. 35 (3 अंक) और प्र. 39 (5 अंक)। नमूना केवल नमूना है; मूल परीक्षा में क्रमांक या रूप बदल सकते हैं, यह हमारी सावधानी है।
√3 का मान दिया हो तो उत्तर किस रूप में लिखें?
NCERT के उदाहरणों में √3 का मान 1.73 या 1.732 दिया गया है। बोर्ड की कुंजी में प्र. 35 का उत्तर 20(√3 − 1) m पर रुका है, संख्या नहीं लिखी गई। यदि प्रश्न √3 का मान दे, तो सटीक रूप के साथ संख्या भी लिख दें (हमारा सुझाव)। √3 का मान बदलने से अंतिम अंक बदल सकता है: हमारे अभ्यास 12 में 1.73 लेने पर 7.88 m और अधिक सटीक मान लेने पर 7.89 m आता है; इसलिए प्रश्न में जो मान दिया हो वही लें।
सर्वसमिका सिद्ध करते समय कोई कोण (जैसे 45°) रखकर जाँचना काफ़ी है?
नहीं। किसी एक कोण पर दोनों पक्ष बराबर निकलना सर्वसमिका सिद्ध नहीं करता; सिद्धि उन सभी न्यून कोणों के लिए होनी चाहिए जहाँ व्यंजक परिभाषित हो। कोई मान रखकर देखना गलती पकड़ने की जाँच के रूप में काम आ सकता है; यह हमारा सुझाव है।
‘कार्य-योजना बनाइए’ वाले प्रश्न में क्या लिखें?
प्र. 39 के ‘अथवा’ में सर्वसमिका सिद्ध करने की चरणबद्ध योजना माँगी गई है, और कुंजी में पूरा सिद्ध-क्रम छपा है; योजना के अंक अलग से नहीं बताए गए। हमारा सुझाव: क्रमांकित चरण लिखिए, हर चरण का कारण (कौन-सी सर्वसमिका या सूत्र) लिखिए, और समय हो तो सिद्धि भी लिख दीजिए (अभ्यास 15)।
इस लेख के प्रश्न और उत्तर किसने लिखे हैं?
16 प्रश्न और उनके हल हमने स्वयं लिखे हैं; वे बोर्ड या किसी प्रकाशक से नहीं लिए गए। हर संख्यात्मक उत्तर कंप्यूटर-बीजगणित (SymPy) से सटीक रूप में जाँचा गया है, ऊँचाई-दूरी के प्रश्न निर्देशांकों से भी जाँचे गए हैं, और सर्वसमिकाएँ कई कोणों पर संख्यात्मक रूप से जाँची गई हैं। बोर्ड के पाँच प्रश्नों का केवल आशय दिया गया है; मूल प्रश्न-पत्र बोर्ड की साइट से देखिए।
8. संदर्भ
- माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर: Download Center, Model Question Papers 2027 और Secondary Model Question Paper (PDF): गणित (कोड 09) का नमूना प्रश्न-पत्र, प्रश्न-पत्र की योजना, अध्यायवार अंकभार और उत्तर-कुंजी।
- माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान: कक्षा 10 पाठ्यक्रम 2026-27 (PDF): गणित का पाठ्यक्रम।
- NCERT, गणित कक्षा 10, पुनर्मुद्रण 2026-27: अध्याय 8 त्रिकोणमिति का परिचय (हिंदी, English) और अध्याय 9 त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग (हिंदी, English)।
- NCERTClasses: कक्षा 10 गणित प्रश्न पत्र प्रारूप एवं ब्लू प्रिंट 2026-27; सांख्यिकी और प्रायिकता: विधि और 16 हल अभ्यास; केस-आधारित प्रश्न; शब्द-समस्याएँ: 50 हल प्रश्न; 80/80 कैसे पाएँ: टॉपर कॉपी विश्लेषण।
NCERTClasses टीम · प्रकाशित: 20 अक्टूबर 2026 · अंतिम अद्यतन: 20 अक्टूबर 2026

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