कार्बन एवं उसके यौगिक: कक्षा 10 विज्ञान के 25 MCQ, उत्तर, व्याख्या और पूरा रिवीज़न (RBSE 2026-27)
रसोई की गैस, सिरका, साबुन, मोमबत्ती, वनस्पति घी और ईंधन में मिलाया जाने वाला एथेनॉल, इन सबमें एक बात समान है: ये सब कार्बन के यौगिक हैं। इसीलिए यह अध्याय विज्ञान के पेपर में केवल याद करने का नहीं, समझने का अध्याय है। जो विद्यार्थी बंध, नाम और अभिक्रियाओं का तर्क पकड़ लेता है, उसे इसके 7 अंक सबसे भरोसेमंद अंकों में मिलते हैं।
यह लेख आपके लिए एक पूरी तैयारी की सीढ़ी है। पहले सात छोटे अवधारणा-कैप्सूल हैं, जो अध्याय का सार चित्रों के साथ देते हैं। फिर 25 प्रश्नों का मुख्य टेस्ट है, जिसमें हर प्रश्न का उत्तर, कारण और बाकी विकल्प गलत क्यों हैं, यह दिया गया है। उसके बाद 15 नए कठिन प्रश्न, स्तर-वार लिखित प्रश्न, आम गलतियाँ और 7 दिन की योजना है। अध्याय को विस्तार से पढ़ना हो तो पहले हमारे कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 के सचित्र नोट्स पढ़ लीजिए, या अंग्रेज़ी में Carbon and its Compounds देखिए।
- कार्बन की संयोजकता 4 है। वह इलेक्ट्रॉन साझा करके सहसंयोजक बंध बनाता है, और शृंखलन के कारण असंख्य यौगिक बनाता है।
- हाइड्रोकार्बन दो प्रकार के हैं: संतृप्त अल्केन (CₙH₂ₙ₊₂) और असंतृप्त अल्कीन (CₙH₂ₙ) तथा अल्काइन (CₙH₂ₙ₋₂)।
- समजातीय श्रेणी में हर क्रमिक सदस्य के बीच –CH₂– (14 u) का अंतर होता है।
- चार अभिक्रियाएँ: दहन, ऑक्सीकरण, योग (संकलन), प्रतिस्थापन।
- एथेनॉल ऑक्सीकरण से एथेनोइक अम्ल और निर्जलीकरण से एथीन देता है। अम्ल + अल्कोहल से एस्टरीकरण होता है।
- साबुन मिसेल बनाकर साफ़ करता है। कठोर जल में वह मैल बनाता है, जबकि अपमार्जक नहीं बनाता।
- पाठ्यक्रम और इस टेस्ट की रूपरेखा
- टेस्ट कैसे दें और नामों के अन्य रूप
- करके देखिए: तीन सुरक्षित क्रियाकलाप
- कैप्सूल 1: बंध और शृंखलन
- कैप्सूल 2: हाइड्रोकार्बन और क्रियात्मक समूह
- कैप्सूल 3: समजातीय श्रेणी और नामपद्धति
- कैप्सूल 4: चार रासायनिक अभिक्रियाएँ
- कैप्सूल 5: एथेनॉल
- कैप्सूल 6: एथेनोइक अम्ल, एस्टर और साबुनीकरण
- कैप्सूल 7: साबुन और अपमार्जक
- टेस्ट A: 25 MCQ, उत्तर और व्याख्या
- उत्तरमाला और स्कोर विश्लेषण
- टेस्ट B: 15 नए कठिन MCQ
- स्तर-वार लिखित प्रश्न और आदर्श उत्तर
- पाठ्यक्रम से आगे: हमारे जीवन में कार्बन के यौगिक
- आम गलतियाँ
- 7 दिन की अभ्यास-योजना
- दो मिनट की रिवीज़न-शीट
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. पाठ्यक्रम और इस टेस्ट की रूपरेखा
RBSE के सत्र 2026-27 के पाठ्यक्रम में कक्षा 10 विज्ञान का लिखित पेपर 80 अंक का है। उसमें अध्याय 4, कार्बन एवं उसके यौगिक, के 7 अंक हैं। रसायन विज्ञान के चारों अध्यायों को मिलाकर 25 अंक बनते हैं, यानी पेपर का लगभग एक-तिहाई हिस्सा।
| रसायन के अध्याय | अंक |
|---|---|
| अध्याय 1: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण | 6 |
| अध्याय 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण | 7 |
| अध्याय 3: धातु एवं अधातु | 5 |
| अध्याय 4: कार्बन एवं उसके यौगिक (यही लेख) | 7 |
| रसायन का कुल योग | 25 |
NCERT की पुस्तक के अनुसार इस अध्याय के आठ उप-विषय हैं: सहसंयोजक बंध, कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति (शृंखलन और चतुसंयोजकता), संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन, शृंखला-शाखा-वलय तथा क्रियात्मक समूह, समजातीय श्रेणी और नामपद्धति, रासायनिक गुण, एथेनॉल और एथेनोइक अम्ल, और साबुन तथा अपमार्जक। हमारे 25 प्रश्न इन सबको कवर करते हैं।
ऊपर के चित्र से आप देख सकते हैं कि प्रश्न किस विषय से कितने हैं। जिस समूह में आपके प्रश्न गलत हों, उसका कैप्सूल दोबारा पढ़िए। हर कैप्सूल पर लिखा है कि वह किन प्रश्नों से जुड़ा है।
2. टेस्ट कैसे दें और नामों के अन्य रूप
टेस्ट देने का तरीका
- पहले टेस्ट, फिर पाठ: यदि अध्याय पढ़ चुके हैं तो पहले टेस्ट A के 25 प्रश्न बिना उत्तर देखे हल कीजिए। पहली बार में गलत हुए प्रश्न ही आपको बताएँगे कि कहाँ पढ़ना है।
- समय: 25 प्रश्न के लिए 25 मिनट। प्रति प्रश्न एक मिनट से अधिक न लगाइए।
- अंक: हर सही उत्तर का 1 अंक। नकारात्मक अंक नहीं।
- उत्तर कब देखें: प्रश्न के नीचे "उत्तर और व्याख्या देखिए" है। पूरा टेस्ट हल करने के बाद ही खोलिए।
- गलत उत्तर की जाँच: सही उत्तर के साथ यह भी पढ़िए कि बाकी विकल्प क्यों गलत हैं। परीक्षा में यही तर्क काम आता है।
स्कोर के अनुसार आगे क्या करें
| टेस्ट A में स्कोर | आपकी स्थिति | अगला कदम |
|---|---|---|
| 22 से 25 | बहुत मज़बूत | सीधे टेस्ट B के 15 कठिन प्रश्न और स्तर-वार लिखित प्रश्न हल कीजिए |
| 17 से 21 | अच्छा, कुछ कमज़ोर कड़ियाँ | जिन समूहों में गलती हुई उनके कैप्सूल पढ़िए, फिर टेस्ट B दीजिए |
| 11 से 16 | अवधारणाएँ अधूरी | सभी सात कैप्सूल क्रम से पढ़िए और 2 दिन बाद टेस्ट A दोबारा दीजिए |
| 10 से कम | शुरू से पढ़ना होगा | पहले पूरे अध्याय के नोट्स पढ़िए, फिर कैप्सूल, फिर टेस्ट |
एक ही चीज़ के अलग-अलग नाम
अलग-अलग पुस्तकों और प्रश्न-पत्रों में एक ही शब्द के कई रूप मिलते हैं। नाम बदलने से घबराइए नहीं, अर्थ वही है:
| इस लेख और टेस्ट में | अन्य रूप |
|---|---|
| मीथेन | मेथेन, मेथैन |
| एथेन, एथीन, एथाइन | ईथेन, ईथीन, ईथाइन |
| एथेनोइक अम्ल | एथेनॉइक अम्ल, एसीटिक अम्ल |
| योग अभिक्रिया | संकलन अभिक्रिया (NCERT की हिन्दी पुस्तक का शब्द) |
| सहसंयोजक बंध | सहसंयोजी बंध |
| अपमार्जक | डिटर्जेंट |
3. करके देखिए: तीन सुरक्षित क्रियाकलाप
विज्ञान याद रखने की चीज़ नहीं, करके देखने की चीज़ है। नीचे तीन क्रियाकलाप घर या विद्यालय में बड़ों की देखरेख में किए जा सकते हैं। हर एक आपको एक प्रश्न का उत्तर अनुभव से देगा।
क्रियाकलाप 1: लौ का रंग देखिए
क्या करें: बड़ों की उपस्थिति में रसोई के गैस-चूल्हे की लौ देखिए, फिर एक मोमबत्ती की लौ देखिए। क्या दिखेगा: चूल्हे की लौ में नीला रंग प्रमुख है, जबकि मोमबत्ती की लौ पीली होती है। क्यों: गैस-चूल्हे में हवा पर्याप्त मिलती है, इसलिए दहन लगभग पूर्ण होता है और लौ स्वच्छ, नीली रहती है। मोमबत्ती की लौ में कार्बन के अधजले कण चमकते हैं, इसीलिए वह पीली है। बर्तन के नीचे काली कालिख इसी का नतीजा है। इस क्रियाकलाप से टेस्ट B के कालिख वाली लौ वाले प्रश्न का तर्क समझ आता है।
क्रियाकलाप 2: सिरका और खाने का सोडा
क्या करें: एक गिलास में दो चम्मच सिरका लीजिए और उसमें एक चुटकी खाने का सोडा (बेकिंग सोडा) डालिए। क्या दिखेगा: तेज़ झाग और बुलबुले उठेंगे। क्यों: सिरके का एसीटिक अम्ल सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट से अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस छोड़ता है:
यह वही प्रश्न है जिसमें पूछा जाता है कि सिरके में कौन-सा अम्ल है और एथेनोइक अम्ल कार्बोनेट के साथ क्या देता है। यदि कक्षा-प्रयोगशाला में चूने का पानी उपलब्ध हो तो निकली गैस को उसमें प्रवाहित करके दूधिया होते देखिए।
क्रियाकलाप 3: साबुन और कठोर जल
क्या करें: दो गिलास पानी लीजिए। एक में एक चुटकी एप्सम साल्ट (मैग्नीशियम सल्फेट) घोलकर कठोर जल बनाइए, दूसरे को सादा रखिए। दोनों में बराबर साबुन का चूरा डालकर हिलाइए। क्या दिखेगा: सादे पानी में खूब झाग बनेगा, जबकि कठोर जल में कम झाग और ऊपर सफेद मैल (scum) दिखेगा। क्यों: मैग्नीशियम के आयन साबुन से अघुलनशील लवण बना देते हैं। अब यही प्रयोग अपमार्जक पाउडर से कीजिए और देखिए कि उसमें कठोर जल में भी झाग बनता है और मैल नहीं बनता। प्रश्न 19 और 20 का उत्तर आपको अपनी आँखों से मिल जाएगा।
4. कैप्सूल 1: बंध और शृंखलन
कार्बन का परमाणु क्रमांक 6 है और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 4। बाहरी कक्षा में चार इलेक्ट्रॉन हैं, यानी स्थायी अष्टक के लिए चार की कमी है। अब दो रास्ते हो सकते थे:
- चार इलेक्ट्रॉन छोड़ना (C⁴⁺): छह प्रोटॉन वाले नाभिक से चार इलेक्ट्रॉन खींचकर अलग करने में बहुत अधिक ऊर्जा लगती है।
- चार इलेक्ट्रॉन लेना (C⁴⁻): छह प्रोटॉन के लिए दस इलेक्ट्रॉन सँभालना कठिन है।
इसलिए कार्बन तीसरा रास्ता चुनता है: इलेक्ट्रॉन साझा करना। साझा किए गए इलेक्ट्रॉन-युग्म को सहसंयोजक बंध कहते हैं। यही कारण है कि कार्बन के यौगिक प्रायः आयनिक नहीं, सहसंयोजक होते हैं। इस बात की जड़ में अध्याय 3 की धातु-अधातु वाली समझ है, जो आप धातु एवं अधातु में पढ़ चुके हैं।
ऊपर मीथेन (CH₄) में कार्बन के चार इलेक्ट्रॉन (×) और चार हाइड्रोजन परमाणुओं के एक-एक इलेक्ट्रॉन (●) मिलकर चार साझा युग्म बनाते हैं। इस तरह कार्बन के पास आठ और हर हाइड्रोजन के पास दो (द्वि-विन्यास) इलेक्ट्रॉन आ जाते हैं। हाइड्रोजन अणु (H₂) में एक, ऑक्सीजन अणु (O₂) में दो और नाइट्रोजन अणु (N₂) में तीन इलेक्ट्रॉन-युग्म साझा होते हैं, यानी क्रमशः एकल, द्वि और त्रिबंध।
सहसंयोजक यौगिकों के गुण
| गुण | प्रायः क्या देखा जाता है | कारण |
|---|---|---|
| गलनांक और क्वथनांक | कम | अणुओं के बीच आकर्षण बल दुर्बल होते हैं |
| विद्युत चालकता | कुचालक | आयन नहीं बनते, इसलिए धारा के वाहक नहीं |
| घुलनशीलता | जल में प्रायः कम, कार्बनिक विलायकों में अधिक | अणुओं की प्रकृति ध्रुवीय नहीं, या कम ध्रुवीय |
चतुसंयोजकता और शृंखलन
कार्बन की चार संयोजकताएँ उसे एक साथ चार अन्य परमाणुओं से जुड़ने देती हैं: हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, सल्फर, क्लोरीन और अन्य कार्बन से भी। जब कार्बन अपने ही परमाणुओं से बंध बनाता है, तो लंबी सीधी शृंखलाएँ, शाखित शृंखलाएँ और वलय बनते हैं। इस गुण को शृंखलन कहते हैं। कार्बन-कार्बन बंध बहुत मज़बूत होता है, क्योंकि कार्बन का परमाणु छोटा है और साझा इलेक्ट्रॉन-युग्म नाभिकों से कसकर बँधा रहता है। सिलिकॉन जैसे तत्व भी कुछ हद तक शृंखला बनाते हैं, पर सात-आठ परमाणुओं तक, और वे यौगिक बहुत अभिक्रियाशील होते हैं।
5. कैप्सूल 2: हाइड्रोकार्बन और क्रियात्मक समूह
केवल कार्बन और हाइड्रोजन से बने यौगिक हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं। इनके दो बड़े वर्ग हैं: संतृप्त और असंतृप्त।
पहचान की तीन युक्तियाँ
- अंत का स्वर: "ऐन" (ane) = एकल बंध, "ईन" (ene) = द्विबंध, "आइन" (yne) = त्रिबंध।
- हाइड्रोजन की गिनती: कार्बन n हों तो अल्केन में 2n + 2, अल्कीन में 2n और अल्काइन में 2n − 2 हाइड्रोजन होते हैं।
- लौ का रंग: संतृप्त स्वच्छ नीली लौ देते हैं, असंतृप्त पीली कालिख वाली लौ।
पहले दस अल्केन
| कार्बन | नाम | सूत्र | कार्बन | नाम | सूत्र |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | मीथेन | CH₄ | 6 | हेक्सेन | C₆H₁₄ |
| 2 | एथेन | C₂H₆ | 7 | हेप्टेन | C₇H₁₆ |
| 3 | प्रोपेन | C₃H₈ | 8 | ऑक्टेन | C₈H₁₈ |
| 4 | ब्यूटेन | C₄H₁₀ | 9 | नोनेन | C₉H₂₀ |
| 5 | पेंटेन | C₅H₁₂ | 10 | डेकेन | C₁₀H₂₂ |
अल्कीन के पहले सदस्य एथीन (C₂H₄) और प्रोपीन (C₃H₆) हैं, जबकि अल्काइन के एथाइन (C₂H₂) और प्रोपाइन (C₃H₄)। ध्यान दीजिए कि अल्कीन और अल्काइन की शुरुआत दो कार्बन से होती है, क्योंकि द्विबंध या त्रिबंध के लिए कम से कम दो कार्बन चाहिए।
शृंखला, शाखा और वलय: समावयवता
कार्बन अपने परमाणुओं से तीन तरह की संरचनाएँ बना सकता है: सीधी शृंखला, शाखित शृंखला और वलय। जब दो यौगिकों का अणुसूत्र समान हो पर संरचना अलग हो, तो वे समावयवी कहलाते हैं। ब्यूटेन (C₄H₁₀) की दो संरचनाएँ हैं: एक सीधी शृंखला वाली और एक शाखित, जिसका नाम 2-मेथिलप्रोपेन है। वलय वाले यौगिकों में साइक्लोहेक्सेन (C₆H₁₂) और बेंज़ीन (C₆H₆) आते हैं।
क्रियात्मक समूह
हाइड्रोकार्बन की शृंखला में जब कार्बन-हाइड्रोजन की जगह कोई दूसरा परमाणु या परमाणु-समूह आ जाता है, तो उसे विषम परमाणु कहते हैं, और यही यौगिक के गुण निर्धारित करता है। ऐसे समूह को क्रियात्मक समूह कहते हैं।
| क्रियात्मक समूह | वर्ग | नाम का अंत या आरंभ | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| –Cl, –Br | हैलो (हैलोजन) | क्लोरो-, ब्रोमो- | CH₃CH₂Cl क्लोरोएथेन |
| –OH | अल्कोहल | -ऑल | CH₃CH₂OH एथेनॉल |
| –CHO | एल्डिहाइड | -अल | CH₃CHO एथेनल |
| >C=O | कीटोन | -ओन | CH₃COCH₃ प्रोपेनोन |
| –COOH | कार्बोक्सिलिक अम्ल | -ऑइक अम्ल | CH₃COOH एथेनोइक अम्ल |
6. कैप्सूल 3: समजातीय श्रेणी और नामपद्धति
समजातीय श्रेणी ऐसे कार्बनिक यौगिकों की शृंखला है जिनमें समान क्रियात्मक समूह हो, एक ही सामान्य सूत्र हो, और जिनके क्रमिक सदस्यों में –CH₂– का अंतर हो। इसका परिणाम यह है कि सदस्यों के रासायनिक गुण समान प्रकार के होते हैं, जबकि भौतिक गुण (गलनांक, क्वथनांक) क्रम से बदलते जाते हैं।
ऊपर के चित्र की संख्याएँ आप स्वयं जाँच सकते हैं: C = 12 u और H = 1 u लेने पर CH₄ = 16, C₂H₆ = 30, C₃H₈ = 44 और C₄H₁₀ = 58 मिलता है। हर क्रम पर अंतर 14 u है, क्योंकि –CH₂– का द्रव्यमान 12 + 2 = 14 है।
नामकरण के चार कदम (IUPAC)
- मूल शृंखला: सबसे लंबी कार्बन-शृंखला की कार्बन-संख्या गिनिए: 1 = मेथ, 2 = एथ, 3 = प्रोप, 4 = ब्यूट, 5 = पेंट, 6 = हेक्स।
- बंध का अंत: एकल बंध पर "ऐन", द्विबंध पर "ईन", त्रिबंध पर "आइन" जोड़िए।
- क्रियात्मक समूह: समूह के अनुसार अंत बदलिए: अल्कोहल पर "ऑल", एल्डिहाइड पर "अल", कीटोन पर "ओन", अम्ल पर "ऑइक अम्ल"। हैलोजन पर आरंभ में "क्लोरो" या "ब्रोमो" लगाइए।
- जाँच: अंतिम नाम को सूत्र में वापस बनाकर देखिए कि वह मेल खाता है या नहीं।
| सूत्र | कार्बन | समूह | नाम |
|---|---|---|---|
| CH₃OH | 1 (मेथ) | –OH | मेथेनॉल |
| CH₃CH₂CH₂OH | 3 (प्रोप) | –OH | प्रोपेनॉल |
| CH₃CH₂COOH | 3 (प्रोप) | –COOH | प्रोपेनोइक अम्ल |
| CH₃CHO | 2 (एथ) | –CHO | एथेनल |
| CH₃COCH₃ | 3 (प्रोप) | >C=O | प्रोपेनोन |
| CH₂=CH₂ | 2 (एथ) | द्विबंध | एथीन |
| HC≡CH | 2 (एथ) | त्रिबंध | एथाइन |
7. कैप्सूल 4: चार रासायनिक अभिक्रियाएँ
1. दहन
कार्बन और उसके यौगिक ऑक्सीजन में जलकर कार्बन डाइऑक्साइड, जल, ऊष्मा और प्रकाश देते हैं:
C₂H₅OH + 3O₂ → 2CO₂ + 3H₂O + ऊष्मा और प्रकाश
पर्याप्त हवा में संतृप्त हाइड्रोकार्बन स्वच्छ नीली लौ से जलते हैं। असंतृप्त यौगिकों में कार्बन का अनुपात अधिक होता है और वे पूर्ण दहन नहीं कर पाते, इसलिए पीली, कालिख वाली लौ देते हैं। गैस-चूल्हे के वायु-छिद्र बंद हो जाएँ तो बर्तन काले पड़ने का यही कारण है।
2. ऑक्सीकरण
अल्कोहल क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट (KMnO₄) या अम्लीय पोटैशियम डाइक्रोमेट (K₂Cr₂O₇) जैसे ऑक्सीकारक की उपस्थिति में कार्बोक्सिलिक अम्ल में बदल जाते हैं:
ध्यान दीजिए कि यहाँ ऑक्सीजन जुड़ती है, और ऑक्सीकारक स्वयं अपचयित हो जाता है। दहन भी एक तेज़ ऑक्सीकरण है, पर ऑक्सीकरण हर बार जलना नहीं है।
3. योग (संकलन) अभिक्रिया
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन पैलेडियम या निकेल जैसे उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त बन जाते हैं:
यही अभिक्रिया वनस्पति तेल को वनस्पति घी में बदलती है। वनस्पति तेल असंतृप्त होते हैं, इसलिए तरल रहते हैं। हाइड्रोजन जुड़ने पर वे संतृप्त होकर ठोस हो जाते हैं। पशु-वसाओं में सामान्यतः संतृप्त वसीय अम्ल होते हैं।
4. प्रतिस्थापन अभिक्रिया
संतृप्त हाइड्रोकार्बन सामान्यतः अक्रिय होते हैं, पर सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में वे क्लोरीन जैसे हैलोजन से अभिक्रिया करते हैं। इसमें हाइड्रोजन परमाणु की जगह क्लोरीन ले लेता है:
8. कैप्सूल 5: एथेनॉल
एथेनॉल (C₂H₅OH) रंगहीन द्रव है, जो जल में हर अनुपात में घुल जाता है। यह लिटमस के प्रति उदासीन होता है, यानी न अम्लीय न क्षारीय। यह औषधियों, टिंक्चर, कफ़-सिरप और टॉनिक में विलायक के रूप में काम आता है, और ईंधन के रूप में पेट्रोल में भी मिलाया जाता है (इसके बारे में खंड 15 में पढ़िए)।
| अभिक्रिया | शर्त | समीकरण | उत्पाद |
|---|---|---|---|
| सोडियम के साथ | सामान्य ताप | 2Na + 2C₂H₅OH → 2C₂H₅ONa + H₂↑ | सोडियम एथॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस |
| ऑक्सीकरण | क्षारीय KMnO₄ या अम्लीय K₂Cr₂O₇ | C₂H₅OH → CH₃COOH | एथेनोइक अम्ल |
| निर्जलीकरण | सान्द्र H₂SO₄, 443 K | C₂H₅OH → C₂H₄ + H₂O | एथीन |
| एथेनोइक अम्ल से | अम्ल उत्प्रेरक | C₂H₅OH + CH₃COOH ⇌ CH₃COOC₂H₅ + H₂O | एस्टर (एथिल एथेनोएट) |
अल्कोहल का दुरुपयोग और विकृत अल्कोहल
एथेनॉल का सेवन शरीर की चयापचय क्रिया को धीमा करता है, निर्णय क्षमता घटाता है और लंबे समय में यकृत को नुकसान पहुँचाता है। औद्योगिक उपयोग के लिए बने अल्कोहल को पीने के अयोग्य बनाने के लिए उसमें मेथेनॉल जैसे विषैले पदार्थ मिला दिए जाते हैं। इसे विकृत अल्कोहल कहते हैं। मेथेनॉल का यकृत में ऑक्सीकरण होकर मेथेनल बनता है, जो कोशिकाओं के पदार्थ को जमा देता है और दृष्टि-तंत्रिका को भी हानि पहुँचाकर अंधेपन या मृत्यु का कारण बन सकता है।
9. कैप्सूल 6: एथेनोइक अम्ल, एस्टर और साबुनीकरण
एथेनोइक अम्ल (CH₃COOH) को सामान्यतः एसीटिक अम्ल कहते हैं। सिरका इसका 5 से 8 प्रतिशत का जलीय विलयन है और अचार को सुरक्षित रखने में काम आता है। शुद्ध एथेनोइक अम्ल का गलनांक 290 K (लगभग 17 °C) है, इसलिए सर्दियों में वह जम जाता है। इसी कारण उसे ग्लेशियल एसीटिक अम्ल कहा जाता है।
यह एक दुर्बल अम्ल है। HCl जैसे प्रबल अम्ल जल में पूरी तरह आयनित हो जाते हैं, जबकि एथेनोइक अम्ल केवल आंशिक रूप से। इसलिए समान सांद्रता पर उसका pH बढ़ा हुआ मिलता है।
| अभिक्रिया | समीकरण |
|---|---|
| क्षार के साथ (उदासीनीकरण) | CH₃COOH + NaOH → CH₃COONa + H₂O |
| कार्बोनेट के साथ | 2CH₃COOH + Na₂CO₃ → 2CH₃COONa + H₂O + CO₂↑ |
| हाइड्रोजनकार्बोनेट के साथ | CH₃COOH + NaHCO₃ → CH₃COONa + H₂O + CO₂↑ |
| एथेनॉल के साथ (एस्टरीकरण) | CH₃COOH + C₂H₅OH ⇌ CH₃COOC₂H₅ + H₂O |
एस्टर: फलों की मिठास
एस्टर मीठी, फल जैसी गंध वाले यौगिक हैं। इसी कारण इत्र और कृत्रिम खाद्य-स्वाद बनाने में इनका प्रयोग होता है। एस्टरीकरण में अम्ल और अल्कोहल से एस्टर और जल बनते हैं, और अम्ल उत्प्रेरक के रूप में सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें डाली जाती हैं।
साबुनीकरण
एस्टर को सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) जैसे क्षार के साथ अभिक्रिया कराने पर अल्कोहल और कार्बोक्सिलिक अम्ल का सोडियम लवण मिलता है। चूँकि साबुन वसीय अम्लों के सोडियम लवण हैं, इसलिए इस अभिक्रिया को साबुनीकरण कहा जाता है:
10. कैप्सूल 7: साबुन और अपमार्जक
साबुन लंबी शृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण हैं, जैसे सोडियम स्टीयरेट (C₁₇H₃₅COONa)। इसके अणु के दो सिरे होते हैं: एक जल-प्रेमी (आयनिक, –COO⁻Na⁺) और दूसरा जल-विरोधी (लंबी हाइड्रोकार्बन पूँछ)।
सफाई कैसे होती है
- कपड़े पर तेल या ग्रीस की बूँदें होती हैं, जो जल में नहीं घुलतीं।
- साबुन के अणु जल में आते हैं। उनकी जल-विरोधी पूँछ तेल में घुसती है, जबकि आयनिक सिरा जल में रहता है।
- इस तरह साबुन के अणु तेल की बूँद को चारों ओर से घेरकर मिसेल बना लेते हैं।
- मिसेल जल में तैरता रहता है और कपड़े को निचोड़ने या खंगालने पर पानी के साथ बह जाता है।
कठोर जल में साबुन और अपमार्जक
कठोर जल में कैल्शियम और मैग्नीशियम के लवण घुले होते हैं। साबुन इनसे अभिक्रिया करके अघुलनशील लवण बना देता है, जो सफेद मैल (scum) की तरह दिखता है:
इससे साबुन का बड़ा हिस्सा मैल बनने में खर्च हो जाता है और झाग बहुत कम बनता है। अपमार्जक सामान्यतः लंबी शृंखला वाले सल्फोनिक अम्लों के सोडियम लवण या अमोनियम लवण होते हैं, और उनका आवेशित सिरा कठोर जल के कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों के साथ अघुलनशील अवक्षेप नहीं बनाता। इसलिए अपमार्जक कठोर जल में भी साफ़ करता है।
| तुलना | साबुन | अपमार्जक |
|---|---|---|
| रासायनिक प्रकृति | वसीय अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण | सल्फोनिक अम्ल के सोडियम लवण या अमोनियम लवण |
| कठोर जल में | अघुलनशील मैल बनाता है, झाग कम | मैल नहीं बनाता, झाग अच्छा |
| सफाई का आधार | मिसेल निर्माण | मिसेल निर्माण |
| आवेशित सिरा | कार्बोक्सिलेट (–COO⁻) | सल्फोनेट (–SO₃⁻) या अमोनियम |
11. टेस्ट A: 25 MCQ, उत्तर और व्याख्या
कुल प्रश्न: 25 | अंक: 25 | समय: 25 मिनट | नकारात्मक अंक: नहीं
पहले हर प्रश्न का उत्तर अपनी कॉपी में लिखिए, फिर "उत्तर और व्याख्या देखिए" खोलिए। यदि आप इस टेस्ट को Telegram पर लाइव देना चाहते हैं, तो हमारे टेस्ट चैनल पर जाइए।
प्रश्न 1. कार्बन की संयोजकता कितनी होती है?
- 2 — दो / Two
- 3 — तीन / Three
- 4 — चार / Four
- 5 — पाँच / Five
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: C) 4 — चार / Four
कार्बन का परमाणु क्रमांक 6 है और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 4। बाहरी कक्षा में 4 इलेक्ट्रॉन हैं और अष्टक पूरा करने के लिए 4 और चाहिए, इसलिए इसकी संयोजकता 4 है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: संयोजकता 2 ऑक्सीजन की और 3 नाइट्रोजन की होती है। कार्बन की संयोजकता 5 कभी नहीं होती।
प्रश्न 2. कार्बन के अपने ही परमाणुओं के साथ बंध बनाकर लंबी शृंखला बनाने के गुण को क्या कहते हैं?
- समावयवता / Isomerism
- शृंखलन / Catenation
- दहन / Combustion
- अपघटन / Decomposition
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) शृंखलन / Catenation
कार्बन-कार्बन बंध बहुत मज़बूत होते हैं, इसलिए कार्बन लंबी, शाखित और वलयाकार शृंखलाएँ बना लेता है। इसी गुण को शृंखलन कहते हैं।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: समावयवता का अर्थ है एक ही अणुसूत्र के अलग-अलग संरचना वाले यौगिक। दहन जलना है और अपघटन टूटकर सरल पदार्थ बनना।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन-सा संतृप्त हाइड्रोकार्बन है?
- एथीन / Ethene
- एथाइन / Ethyne
- एथेन / Ethane
- प्रोपीन / Propene
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: C) एथेन / Ethane
संतृप्त हाइड्रोकार्बन में कार्बन-कार्बन के बीच केवल एकल बंध होता है। एथेन (C₂H₆) में केवल एकल बंध है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: एथीन में द्विबंध, एथाइन में त्रिबंध और प्रोपीन (C₃H₆) में द्विबंध है। तीनों असंतृप्त हैं।
प्रश्न 4. अल्केन का सामान्य सूत्र क्या है?
- CₙH₂ₙ
- CₙH₂ₙ₊₂
- CₙH₂ₙ₋₂
- CₙHₙ
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) CₙH₂ₙ₊₂
अल्केन का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है। n = 1 पर CH₄, n = 2 पर C₂H₆ और n = 3 पर C₃H₈ मिलता है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: CₙH₂ₙ अल्कीन का और CₙH₂ₙ₋₂ अल्काइन का सूत्र है। CₙHₙ किसी भी श्रेणी का सामान्य सूत्र नहीं है।
प्रश्न 5. एथेन का आणविक सूत्र क्या है?
- C₂H₂
- C₂H₄
- C₂H₆
- C₂H₅OH
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: C) C₂H₆
एथेन अल्केन है और n = 2 रखने पर CₙH₂ₙ₊₂ से C₂H₆ मिलता है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: C₂H₂ एथाइन, C₂H₄ एथीन और C₂H₅OH एथेनॉल का सूत्र है।
प्रश्न 6. निम्नलिखित में से कौन-सा असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है?
- एथेन / Ethane
- मीथेन / Methane
- एथीन / Ethene
- प्रोपेन / Propane
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: C) एथीन / Ethene
एथीन (C₂H₄) में दोनों कार्बन के बीच द्विबंध है, इसलिए यह असंतृप्त है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: एथेन, मीथेन और प्रोपेन तीनों अल्केन हैं और इनमें केवल एकल बंध हैं, यानी संतृप्त हैं।
प्रश्न 7. एथीन में कौन-सा बंध पाया जाता है?
- एकल बंध / Single bond
- द्विबंध / Double bond
- त्रिबंध / Triple bond
- आयनिक बंध / Ionic bond
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) द्विबंध / Double bond
एथीन H₂C=CH₂ है, यानी कार्बन-कार्बन के बीच एक द्विबंध है। 'ene' अंत द्विबंध का संकेत है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: एकल बंध एथेन में, त्रिबंध एथाइन में है। एथीन के सभी बंध सहसंयोजक हैं, आयनिक नहीं।
प्रश्न 8. एथाइन में कार्बन-कार्बन के बीच कौन-सा बंध होता है?
- एकल बंध / Single bond
- द्विबंध / Double bond
- त्रिबंध / Triple bond
- धात्विक बंध / Metallic bond
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: C) त्रिबंध / Triple bond
एथाइन HC≡CH है और दोनों कार्बन के बीच त्रिबंध है। 'yne' अंत त्रिबंध का संकेत है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: एकल बंध एथेन में और द्विबंध एथीन में होता है। धात्विक बंध धातुओं में पाया जाता है, कार्बनिक यौगिकों में नहीं।
प्रश्न 9. निम्नलिखित में से कौन-सा एक समजातीय श्रेणी का गुण है?
- सभी यौगिकों का समान आणविक द्रव्यमान / Same molecular mass
- क्रमिक सदस्यों में –CH₂– का अंतर / Difference of –CH₂–
- सभी के गुण पूर्णतः समान / Completely identical properties
- सभी का समान सूत्र / Same formula
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) क्रमिक सदस्यों में –CH₂– का अंतर / Difference of –CH₂–
समजातीय श्रेणी के दो क्रमिक सदस्यों के सूत्र में –CH₂– का अंतर होता है, यानी आणविक द्रव्यमान में 14 u का।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: आणविक द्रव्यमान हर सदस्य का अलग होता है (CH₄ = 16, C₂H₆ = 30)। रासायनिक गुण समान प्रकार के होते हैं, पूर्णतः समान नहीं, और भौतिक गुणों में क्रमिक बदलाव आता है। सूत्र भी हर सदस्य का अलग है।
प्रश्न 10. एथेनॉल का रासायनिक सूत्र है—
- CH₃COOH
- C₂H₅OH
- C₂H₆
- CH₃OH
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) C₂H₅OH
एथेनॉल अल्कोहल है, जिसमें दो कार्बन वाली शृंखला से –OH समूह जुड़ा है: C₂H₅OH।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: CH₃COOH एथेनोइक अम्ल है, C₂H₆ एथेन है और CH₃OH मेथेनॉल है, जो एक कार्बन वाला अल्कोहल है।
प्रश्न 11. एथेनोइक अम्ल का सामान्य नाम क्या है?
- फॉर्मिक अम्ल / Formic acid
- एसीटिक अम्ल / Acetic acid
- साइट्रिक अम्ल / Citric acid
- लैक्टिक अम्ल / Lactic acid
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) एसीटिक अम्ल / Acetic acid
एथेनोइक अम्ल (CH₃COOH) का सामान्य नाम एसीटिक अम्ल है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: फॉर्मिक अम्ल मेथेनोइक अम्ल (HCOOH) है। साइट्रिक अम्ल नींबू-संतरे जैसे फलों में और लैक्टिक अम्ल खट्टे दूध में होता है।
प्रश्न 12. सिरके में मुख्यतः कौन-सा अम्ल पाया जाता है?
- एसीटिक अम्ल / Acetic acid
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल / Hydrochloric acid
- सल्फ्यूरिक अम्ल / Sulphuric acid
- नाइट्रिक अम्ल / Nitric acid
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: A) एसीटिक अम्ल / Acetic acid
सिरका एसीटिक अम्ल का जल में लगभग 5 से 8 प्रतिशत विलयन है। इसी से उसका खट्टा स्वाद आता है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: हाइड्रोक्लोरिक, सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल प्रबल खनिज अम्ल हैं। इन्हें भोजन में नहीं खाया जाता।
प्रश्न 13. एथेनॉल के ऑक्सीकरण से मुख्यतः कौन-सा पदार्थ बनता है?
- मीथेन / Methane
- एथीन / Ethene
- एथेनोइक अम्ल / Ethanoic acid
- एथाइन / Ethyne
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: C) एथेनोइक अम्ल / Ethanoic acid
क्षारीय KMnO₄ या अम्लीय K₂Cr₂O₇ जैसे ऑक्सीकारक की उपस्थिति में एथेनॉल का ऑक्सीकरण होकर एथेनोइक अम्ल बनता है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: मीथेन, एथीन और एथाइन हाइड्रोकार्बन हैं। एथीन ऑक्सीकरण से नहीं, निर्जलीकरण से बनता है (अगला प्रश्न)।
प्रश्न 14. एथेनॉल को सान्द्र H₂SO₄ के साथ लगभग 443 K पर गर्म करने पर क्या बनता है?
- एथेन / Ethane
- एथीन / Ethene
- एथाइन / Ethyne
- एथेनोइक अम्ल / Ethanoic acid
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) एथीन / Ethene
सान्द्र H₂SO₄ जल खींचने वाले पदार्थ की तरह काम करता है: C₂H₅OH → C₂H₄ + H₂O। यह निर्जलीकरण है और उत्पाद एथीन है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: एथेन और एथाइन नहीं बनते। एथेनोइक अम्ल ऑक्सीकारक से बनता है, सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल से नहीं।
प्रश्न 15. एथेनोइक अम्ल और एथेनॉल की अभिक्रिया से एस्टर बनने की प्रक्रिया कहलाती है—
- साबुनीकरण / Saponification
- एस्टरीकरण / Esterification
- उदासीनीकरण / Neutralisation
- विस्थापन / Displacement
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) एस्टरीकरण / Esterification
अम्ल और अल्कोहल की अभिक्रिया से एस्टर और जल बनने को एस्टरीकरण कहते हैं।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: साबुनीकरण उलटी दिशा की अभिक्रिया है: एस्टर + क्षार से अल्कोहल और अम्ल का लवण (साबुन) बनता है। उदासीनीकरण अम्ल और क्षार की अभिक्रिया है, और विस्थापन में एक तत्व दूसरे को हटाता है।
प्रश्न 16. एस्टरीकरण अभिक्रिया में सामान्यतः किस उत्प्रेरक का प्रयोग किया जाता है?
- सान्द्र H₂SO₄ / Concentrated H₂SO₄
- NaOH
- NaCl
- CaCO₃
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: A) सान्द्र H₂SO₄ / Concentrated H₂SO₄
एस्टरीकरण अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में होता है, और प्रयोगशाला में इसके लिए सान्द्र H₂SO₄ की कुछ बूँदें डाली जाती हैं।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: NaOH क्षार है और वह एस्टर को तोड़कर साबुनीकरण कराता है। NaCl और CaCO₃ उत्प्रेरक नहीं हैं।
प्रश्न 17. साबुन के अणु का जल-विरोधी भाग किसे आकर्षित करता है?
- जल / Water
- तेल और ग्रीस / Oil and grease
- नमक / Salt
- ऑक्सीजन / Oxygen
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) तेल और ग्रीस / Oil and grease
साबुन के अणु का हाइड्रोकार्बन वाला लंबा सिरा जल-विरोधी है और तेल-ग्रीस में घुल जाता है। आयनिक सिरा जल-प्रेमी है और जल की ओर रहता है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: जल को जल-प्रेमी (आयनिक) सिरा आकर्षित करता है, जल-विरोधी सिरा नहीं। नमक और ऑक्सीजन का इस भाग से कोई संबंध नहीं।
प्रश्न 18. साबुन की सफाई क्रिया मुख्यतः किस संरचना के बनने से होती है?
- क्रिस्टल / Crystal
- मिसेल / Micelle
- परमाणु / Atom
- आयन / Ion
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) मिसेल / Micelle
जल में साबुन के अणु गोलाकार मिसेल बनाते हैं, जिनमें जल-विरोधी पूँछें अंदर तेल की बूँद को घेरती हैं और आयनिक सिरे बाहर जल की ओर रहते हैं। इससे मैल जल में बहकर निकल जाता है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: क्रिस्टल, परमाणु और आयन सफाई की संरचना नहीं हैं। इस क्रिया का नाम मिसेल निर्माण है।
प्रश्न 19. कठोर जल में साबुन कम प्रभावी क्यों होता है?
- जल गर्म होता है / Water is hot
- Ca²⁺ और Mg²⁺ आयनों के साथ मैल बनाता है / Forms scum with Ca²⁺ and Mg²⁺
- साबुन वाष्पित हो जाता है / Soap evaporates
- साबुन अम्ल बन जाता है / Soap becomes an acid
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) Ca²⁺ और Mg²⁺ आयनों के साथ मैल बनाता है / Forms scum with Ca²⁺ and Mg²⁺
कठोर जल में Ca²⁺ और Mg²⁺ होते हैं। साबुन इनसे अभिक्रिया करके अघुलनशील कैल्शियम या मैग्नीशियम लवण (मैल, scum) बनाता है, इसलिए झाग कम बनता है और सफाई घटती है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: जल का गर्म होना, साबुन का वाष्पित होना या अम्ल बन जाना, इनमें से कोई भी कारण नहीं है।
प्रश्न 20. अपमार्जक (Detergent) कठोर जल में साबुन की तुलना में अधिक प्रभावी क्यों होता है?
- यह Ca²⁺/Mg²⁺ के साथ अघुलनशील मैल नहीं बनाता / Does not form insoluble scum
- यह केवल गर्म जल में काम करता है / Works only in hot water
- यह अम्ल होता है / It is an acid
- यह जल को वाष्पित करता है / Evaporates water
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: A) यह Ca²⁺/Mg²⁺ के साथ अघुलनशील मैल नहीं बनाता / Does not form insoluble scum
अपमार्जक के आवेशित सिरे कठोर जल के Ca²⁺ और Mg²⁺ के साथ अघुलनशील अवक्षेप नहीं बनाते, इसलिए वह कठोर जल में भी झाग देता है और साफ करता है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: अपमार्जक गर्म जल तक सीमित नहीं है, अम्ल नहीं है और जल को वाष्पित भी नहीं करता।
प्रश्न 21. कार्बन यौगिकों में सहसंयोजक बंध बनने का मुख्य कारण क्या है?
- कार्बन की उच्च संयोजकता और इलेक्ट्रॉन साझा करना / Sharing of electrons
- कार्बन धातु है / Carbon is a metal
- कार्बन में कोई इलेक्ट्रॉन नहीं / No electrons
- कार्बन केवल आयनिक बंध बनाता है / Carbon forms only ionic bonds
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: A) कार्बन की उच्च संयोजकता और इलेक्ट्रॉन साझा करना / Sharing of electrons
कार्बन के लिए चार इलेक्ट्रॉन छोड़ना या चार और ग्रहण करना बहुत कठिन है, इसलिए वह इलेक्ट्रॉन साझा करके स्थायी विन्यास पाता है। यही सहसंयोजक बंध है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: कार्बन अधातु है, उसमें 6 इलेक्ट्रॉन हैं, और वह प्रायः आयनिक नहीं, सहसंयोजक बंध बनाता है।
प्रश्न 22. मीथेन का रासायनिक सूत्र है—
- CH₄
- C₂H₆
- C₂H₄
- CH₃OH
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: A) CH₄
मीथेन सबसे सरल अल्केन है। इसमें एक कार्बन परमाणु चार हाइड्रोजन परमाणुओं से जुड़ा है: CH₄।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: C₂H₆ एथेन, C₂H₄ एथीन और CH₃OH मेथेनॉल का सूत्र है।
प्रश्न 23. निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया असंतृप्त हाइड्रोकार्बन की पहचान में सहायक है?
- दहन / Combustion
- योग अभिक्रिया / Addition reaction
- उदासीनीकरण / Neutralisation
- विस्थापन / Displacement
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) योग अभिक्रिया / Addition reaction
द्विबंध या त्रिबंध वाले असंतृप्त हाइड्रोकार्बन योग (NCERT में संकलन) अभिक्रिया देते हैं, जैसे उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन जोड़ लेना। यह उनका विशेष गुण है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: दहन लगभग सभी कार्बन यौगिकों में होता है। उदासीनीकरण अम्ल-क्षार की और विस्थापन धातुओं की अभिक्रिया है।
प्रश्न 24. वनस्पति तेलों को हाइड्रोजनीकृत करने में सामान्यतः किस उत्प्रेरक का प्रयोग किया जाता है?
- निकेल / Nickel
- सोडियम / Sodium
- कैल्शियम / Calcium
- तांबा / Copper
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: A) निकेल / Nickel
वनस्पति तेल असंतृप्त होते हैं। निकेल (या पैलेडियम) उत्प्रेरक की उपस्थिति में उनमें हाइड्रोजन जोड़ने पर वे संतृप्त होकर वनस्पति घी बन जाते हैं।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: सोडियम और कैल्शियम अभिक्रियाशील धातुएँ हैं और उत्प्रेरक नहीं। तांबा इस काम का मानक उत्प्रेरक नहीं है।
प्रश्न 25. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- कार्बन केवल एक ही यौगिक बनाता है / Carbon forms only one compound
- कार्बन की संयोजकता 2 है / Valency of carbon is 2
- कार्बन में शृंखलन का गुण पाया जाता है / Carbon shows catenation
- कार्बन केवल आयनिक बंध बनाता है / Carbon forms only ionic bonds
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: C) कार्बन में शृंखलन का गुण पाया जाता है / Carbon shows catenation
शृंखलन और चतुसंयोजकता के कारण कार्बन असंख्य यौगिक बनाता है। इसलिए शृंखलन वाला कथन सही है।
बाकी विकल्प क्यों नहीं: कार्बन बहुत बड़ी संख्या में यौगिक बनाता है, उसकी संयोजकता 4 है और वह सहसंयोजक बंध बनाता है।
12. उत्तरमाला और स्कोर विश्लेषण
टेस्ट A की पूरी उत्तरमाला एक नज़र में:
| 1 – C | 2 – B | 3 – C | 4 – B | 5 – C |
| 6 – C | 7 – B | 8 – C | 9 – B | 10 – B |
| 11 – B | 12 – A | 13 – C | 14 – B | 15 – B |
| 16 – A | 17 – B | 18 – B | 19 – B | 20 – A |
| 21 – A | 22 – A | 23 – B | 24 – A | 25 – C |
अब अपना स्कोर लिखिए और नीचे की तालिका में विषय-वार सही प्रश्नों की गिनती भरिए। जिस विषय में आधे से कम सही हुए, वही आपका अगला पढ़ने का हिस्सा है।
| विषय-समूह | प्रश्न | कुल | आपके सही |
|---|---|---|---|
| बंध और शृंखलन (कैप्सूल 1) | 1, 2, 21, 25 | 4 | __ |
| हाइड्रोकार्बन (कैप्सूल 2) | 3, 4, 5, 6, 7, 8, 22 | 7 | __ |
| समजातीय श्रेणी (कैप्सूल 3) | 9 | 1 | __ |
| अभिक्रियाएँ (कैप्सूल 4) | 23, 24 | 2 | __ |
| एथेनॉल (कैप्सूल 5) | 10, 13, 14 | 3 | __ |
| एथेनोइक अम्ल और एस्टर (कैप्सूल 6) | 11, 12, 15, 16 | 4 | __ |
| साबुन और अपमार्जक (कैप्सूल 7) | 17, 18, 19, 20 | 4 | __ |
कठिनाई का हिसाब
इस टेस्ट के 25 प्रश्नों में 13 प्रश्न सरल हैं (सीधा तथ्य या सूत्र), और 12 मध्यम हैं (कारण, अभिक्रिया या अवधारणा)। यदि आपके सरल प्रश्न गलत हो रहे हैं तो सूत्र और परिभाषाएँ याद करने पर ध्यान दीजिए। यदि मध्यम प्रश्न गलत हो रहे हैं, तो कारण समझने पर।
13. टेस्ट B: 15 नए कठिन MCQ
ये 15 प्रश्न नए हैं और टेस्ट A की तुलना में थोड़े गहरे हैं: नामकरण, समावयवता, क्रियात्मक समूह और अभिक्रियाओं के तर्क पर। हर प्रश्न का उत्तर और व्याख्या नीचे खुलकर देखिए।
प्रश्न 1. ब्यूटेन (C₄H₁₀) के एक अणु में हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कितनी है?
- 8
- 10
- 12
- 14
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) 10
ब्यूटेन चार कार्बन वाला अल्केन है। CₙH₂ₙ₊₂ में n = 4 रखने पर H की संख्या 2 × 4 + 2 = 10 मिलती है।
प्रश्न 2. तीन कार्बन परमाणुओं वाले अल्कीन का सूत्र क्या है?
- C₃H₈
- C₃H₆
- C₃H₄
- C₃H₇OH
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) C₃H₆
अल्कीन का सूत्र CₙH₂ₙ है। n = 3 पर C₃H₆ (प्रोपीन) मिलता है। C₃H₈ अल्केन और C₃H₄ अल्काइन है।
प्रश्न 3. CH₃CH₂CH₂OH का नाम क्या है?
- प्रोपेनोइक अम्ल
- प्रोपेनॉल
- प्रोपेनल
- प्रोपेनोन
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) प्रोपेनॉल
तीन कार्बन की मूल शृंखला 'प्रोप', संतृप्त होने से 'ऐन' और –OH (अल्कोहल) के लिए अंत में 'ऑल', इसलिए प्रोपेनॉल। 'ऑइक अम्ल' कार्बोक्सिलिक अम्ल का, 'अल' एल्डिहाइड का और 'ओन' कीटोन का अंत है।
प्रश्न 4. CH₃COOH में उपस्थित क्रियात्मक समूह कौन-सा है?
- –OH
- –CHO
- –COOH
- >C=O
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: C) –COOH
CH₃COOH कार्बोक्सिलिक अम्ल है और उसका क्रियात्मक समूह –COOH है। –OH अल्कोहल, –CHO एल्डिहाइड और >C=O कीटोन का समूह है।
प्रश्न 5. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म समावयवियों का है?
- मीथेन और एथेन
- ब्यूटेन और 2-मेथिलप्रोपेन
- एथेन और एथीन
- एथेनॉल और एथेनोइक अम्ल
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) ब्यूटेन और 2-मेथिलप्रोपेन
ब्यूटेन और 2-मेथिलप्रोपेन दोनों का सूत्र C₄H₁₀ है, पर संरचना (सीधी और शाखित शृंखला) अलग है। समावयवी यही होते हैं। बाकी युग्मों के सूत्र ही अलग हैं।
प्रश्न 6. कोई हाइड्रोकार्बन पीली, कालिख वाली लौ से जलता है। वह प्रायः कैसा होगा?
- संतृप्त
- असंतृप्त
- जल में घुलनशील
- आयनिक
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) असंतृप्त
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (जैसे एथाइन) में कार्बन का प्रतिशत अधिक होता है और वे पीली, कालिख वाली लौ से जलते हैं। संतृप्त यौगिक पर्याप्त हवा में स्वच्छ, नीली लौ देते हैं।
प्रश्न 7. CH₄ + Cl₂ (सूर्य के प्रकाश में) → CH₃Cl + HCl किस प्रकार की अभिक्रिया है?
- योग अभिक्रिया
- प्रतिस्थापन अभिक्रिया
- दहन
- ऑक्सीकरण
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) प्रतिस्थापन अभिक्रिया
इसमें मीथेन के एक हाइड्रोजन परमाणु का स्थान क्लोरीन ले लेता है। एक परमाणु का दूसरे से बदल जाना प्रतिस्थापन अभिक्रिया है, जो संतृप्त हाइड्रोकार्बन की विशेषता है।
प्रश्न 8. अधिकांश पशु-वसाओं में किस प्रकार के वसीय अम्ल होते हैं?
- असंतृप्त
- संतृप्त
- केवल द्विबंध वाले
- आयनिक
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) संतृप्त
पशु-वसाओं में संतृप्त वसीय अम्ल होते हैं, इसलिए वे प्रायः ठोस होती हैं। वनस्पति तेलों में असंतृप्त वसीय अम्ल होते हैं।
प्रश्न 9. मेथेनोइक अम्ल का सूत्र क्या है?
- HCOOH
- CH₃COOH
- C₂H₅COOH
- CH₃OH
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: A) HCOOH
एक कार्बन वाला कार्बोक्सिलिक अम्ल मेथेनोइक अम्ल (HCOOH) है। CH₃COOH एथेनोइक और C₂H₅COOH प्रोपेनोइक अम्ल है। CH₃OH अल्कोहल है।
प्रश्न 10. एथेनॉल में सोडियम का टुकड़ा डालने पर कौन-सी गैस निकलती है?
- ऑक्सीजन
- हाइड्रोजन
- कार्बन डाइऑक्साइड
- मीथेन
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) हाइड्रोजन
2Na + 2C₂H₅OH → 2C₂H₅ONa + H₂। हाइड्रोजन गैस निकलती है, जो जलती तीली के पास 'पॉप' ध्वनि से जलती है।
प्रश्न 11. एस्टर सामान्यतः किस विशेषता के लिए जाने जाते हैं?
- तीखी दुर्गंध
- मीठी, फल जैसी गंध
- रंगहीनता के साथ गंधहीनता
- अम्लीय स्वाद
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) मीठी, फल जैसी गंध
एस्टर मीठी, फल जैसी गंध वाले होते हैं, इसीलिए इत्र और खाद्य-स्वादों में उनका उपयोग होता है।
प्रश्न 12. साबुन किस प्रकार का यौगिक है?
- लंबी शृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्ल का सोडियम या पोटैशियम लवण
- अल्केन
- लंबी शृंखला वाला अल्कोहल
- खनिज अम्ल
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: A) लंबी शृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्ल का सोडियम या पोटैशियम लवण
साबुन उच्च वसीय अम्लों (जैसे स्टीयरिक अम्ल) के सोडियम या पोटैशियम लवण हैं, जैसे सोडियम स्टीयरेट C₁₇H₃₅COONa।
प्रश्न 13. कार्बन के अतिरिक्त कौन-सा तत्व सीमित मात्रा में शृंखलन दिखाता है?
- सल्फर
- सिलिकॉन
- सोडियम
- क्लोरीन
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) सिलिकॉन
सिलिकॉन भी हाइड्रोजन के साथ सात-आठ परमाणुओं तक की शृंखला बना लेता है, पर ये यौगिक बहुत अभिक्रियाशील होते हैं। इसलिए कार्बन जैसी विविधता किसी और में नहीं।
प्रश्न 14. एथेन (C₂H₆) अणु में कुल सहसंयोजक बंधों की संख्या कितनी है?
- 6
- 7
- 8
- 9
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: B) 7
एथेन में 6 C–H बंध और 1 C–C बंध हैं, यानी कुल 7 सहसंयोजक बंध।
प्रश्न 15. सहसंयोजक यौगिक प्रायः विद्युत के कुचालक क्यों होते हैं?
- उनमें मुक्त आयन नहीं होते
- वे सदैव गैस होते हैं
- वे धातु होते हैं
- उनमें इलेक्ट्रॉन नहीं होते
उत्तर और व्याख्या देखिए
सही उत्तर: A) उनमें मुक्त आयन नहीं होते
सहसंयोजक यौगिकों में इलेक्ट्रॉन साझा हो चुके हैं और विलयन या गलित अवस्था में भी आयन नहीं बनते, इसलिए धारा के वाहक नहीं मिलते।
14. स्तर-वार लिखित प्रश्न और आदर्श उत्तर
MCQ के साथ लिखित उत्तर भी आने चाहिए। नीचे तीन स्तर के प्रश्न हैं: एक पंक्ति के उत्तर (सरल), संक्षिप्त उत्तर (मध्यम) और विस्तृत उत्तर (कठिन)। पहले अपनी कॉपी में लिखिए, फिर आदर्श उत्तर से मिलाइए।
स्तर 1: एक पंक्ति के उत्तर (सरल)
स्तर 2: संक्षिप्त उत्तर (मध्यम)
स्तर 3: विस्तृत उत्तर (कठिन)
| गुण | एथेनॉल | एथेनोइक अम्ल |
|---|---|---|
| सूत्र | C₂H₅OH | CH₃COOH |
| क्रियात्मक समूह | –OH | –COOH |
| लिटमस पर प्रभाव | उदासीन | नीले लिटमस को लाल करता है (दुर्बल अम्ल) |
| सोडियम के साथ | हाइड्रोजन देता है | हाइड्रोजन देता है |
| NaHCO₃/Na₂CO₃ के साथ | कोई अभिक्रिया नहीं | CO₂ गैस निकलती है |
| NaOH के साथ | कोई अभिक्रिया नहीं | सोडियम एथेनोएट और जल बनता है |
15. पाठ्यक्रम से आगे: हमारे जीवन में कार्बन के यौगिक
यह खंड परीक्षा के लिए अनिवार्य नहीं है। इसका उद्देश्य यह समझाना है कि जो आप कक्षा में पढ़ते हैं, वह देश के निर्णयों में काम आता है।
एथेनॉल से चलती गाड़ियाँ
आपने पढ़ा कि एथेनॉल का दहन ऊष्मा देता है। भारत सरकार इसी गुण का उपयोग करके पेट्रोल में एथेनॉल मिला रही है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार भारत ने वर्ष 2025 में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (E20) का लक्ष्य प्राप्त कर लिया, जो मूल रूप से 2030 के लिए तय था, यानी पाँच वर्ष पहले। यह मिश्रण डेढ़ प्रतिशत के आसपास के स्तर से बढ़कर यहाँ तक पहुँचा। मंत्रालय के अनुसार एथेनॉल का ऑक्टेन नंबर (RON) लगभग 108.5 है, जबकि पेट्रोल का 84.4 है, और इससे ईंधन की दहन-गुणवत्ता में सुधार होता है। स्रोत: PIB, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा PIB, एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम।
सोचिए: एथेनॉल अधिकतर गन्ने और अनाज से बनता है। इस पर कौन-से तर्क पक्ष और विपक्ष में दिए जा सकते हैं? यह अच्छी बहस का विषय है, क्योंकि इसमें रसायन, कृषि और अर्थव्यवस्था तीनों जुड़ते हैं।
हाइड्रोजनीकरण और ट्रांस फैट
वनस्पति तेल को ठोस वनस्पति घी बनाने वाली अभिक्रिया वही योग अभिक्रिया है जो आपने कैप्सूल 4 में पढ़ी। जब यह आंशिक रूप से होती है, तो कुछ अणु ट्रांस वसीय अम्ल बन जाते हैं, जिनका अधिक सेवन हृदय रोग के जोखिम से जुड़ा माना जाता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 1 जनवरी 2022 से तेलों और वसा-उत्पादों में औद्योगिक ट्रांस वसीय अम्ल की सीमा द्रव्यमान के अनुसार 2 प्रतिशत से अधिक न होने की निर्धारित की है। स्रोत: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI)।
16. आम गलतियाँ
- संयोजकता और संयोजकता-इलेक्ट्रॉन को एक समझना: कार्बन के बाहरी इलेक्ट्रॉन 4 हैं और संयोजकता भी 4 है, पर यह हर तत्व में बराबर नहीं होता।
- सामान्य सूत्र उलट देना: अल्केन CₙH₂ₙ₊₂, अल्कीन CₙH₂ₙ, अल्काइन CₙH₂ₙ₋₂। तीनों में एक-एक का अंतर है: "+2, 0, −2"।
- एथेनॉल और एथेनोइक अम्ल को आपस में बदल देना: एथेनॉल में –OH है और अम्ल में –COOH। नाम का अंत "ऑल" या "ऑइक अम्ल" यह फ़र्क बता देता है।
- निर्जलीकरण और ऑक्सीकरण में उलझना: सान्द्र H₂SO₄ (443 K) से एथीन बनता है, ऑक्सीकारक से एथेनोइक अम्ल।
- एस्टरीकरण और साबुनीकरण का मेल: अम्ल + अल्कोहल ➜ एस्टर (एस्टरीकरण)। एस्टर + क्षार ➜ अल्कोहल + लवण (साबुनीकरण)।
- मिसेल में सिरों को उलट देना: जल-विरोधी पूँछ अंदर (तेल के पास) और आयनिक सिरा बाहर (जल की ओर) होता है।
- कठोर जल का कारण गलत लिखना: कारण Ca²⁺ और Mg²⁺ आयन हैं, तापमान या अम्लता नहीं।
- द्विबंध और त्रिबंध की जगह चूक: एथीन में द्विबंध (C=C), एथाइन में त्रिबंध (C≡C)। नाम के अंत "ईन" और "आइन" से याद रखिए।
- समीकरण संतुलित न करना: दहन के समीकरण में कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन तीनों की गिनती कीजिए। CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O।
- चित्र या समीकरण में स्थिति-चिह्न भूलना: गैस के लिए ↑ और अवक्षेप के लिए ↓ का चिह्न लगाइए।
17. 7 दिन की अभ्यास-योजना
| दिन | क्या करें | समय |
|---|---|---|
| 1 | कैप्सूल 1 और 2 पढ़िए; पहले दस अल्केन और क्रियात्मक समूह की तालिका लिखकर याद कीजिए | 45 मिनट |
| 2 | कैप्सूल 3 और 4 पढ़िए; नामकरण के चार कदम और चारों अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए | 45 मिनट |
| 3 | कैप्सूल 5 और 6 पढ़िए; एथेनॉल की चार अभिक्रियाओं की तालिका बिना देखे बनाइए | 45 मिनट |
| 4 | कैप्सूल 7 पढ़िए; मिसेल का चित्र तीन बार बनाइए; सिरका-सोडा का क्रियाकलाप कीजिए | 40 मिनट |
| 5 | टेस्ट A को 25 मिनट में हल कीजिए; गलत प्रश्नों के विषयों को चिह्नित कीजिए | 50 मिनट |
| 6 | चिह्नित कैप्सूल दोबारा पढ़िए; टेस्ट B के 15 प्रश्न हल कीजिए; स्तर 2 के लिखित प्रश्न लिखिए | 50 मिनट |
| 7 | स्तर 3 के बड़े उत्तर लिखिए; दो मिनट की रिवीज़न-शीट पढ़िए; टेस्ट A दोबारा दीजिए | 50 मिनट |
अध्याय की समझ पक्की होने के बाद अगले अध्याय की ओर बढ़िए: जैव प्रक्रम। रसायन की बाकी तैयारी के लिए अध्याय 1, अध्याय 2 और अध्याय 3 को भी दोहराते रहिए।
18. दो मिनट की रिवीज़न-शीट
| विषय | याद रखिए |
|---|---|
| कार्बन | परमाणु क्रमांक 6, विन्यास 2, 4; संयोजकता 4; सहसंयोजक बंध; शृंखलन |
| सामान्य सूत्र | अल्केन CₙH₂ₙ₊₂ · अल्कीन CₙH₂ₙ · अल्काइन CₙH₂ₙ₋₂ |
| बंध | एथेन: एकल · एथीन: द्विबंध · एथाइन: त्रिबंध |
| समजातीय श्रेणी | अंतर –CH₂– = 14 u; समान क्रियात्मक समूह |
| सूत्र | मीथेन CH₄ · एथेन C₂H₆ · एथीन C₂H₄ · एथाइन C₂H₂ · एथेनॉल C₂H₅OH · एथेनोइक अम्ल CH₃COOH |
| एथेनॉल | ऑक्सीकरण ➜ एथेनोइक अम्ल · सान्द्र H₂SO₄, 443 K ➜ एथीन · Na ➜ H₂ |
| एथेनोइक अम्ल | सिरका 5 से 8 प्रतिशत; दुर्बल अम्ल; कार्बोनेट के साथ CO₂ · गलनांक 290 K |
| एस्टर | अम्ल + अल्कोहल ➜ एस्टर + जल · मीठी गंध · साबुनीकरण: एस्टर + NaOH |
| अभिक्रियाएँ | दहन · ऑक्सीकरण · योग (Ni/Pd) · प्रतिस्थापन (सूर्य के प्रकाश में) |
| साबुन | वसीय अम्ल का Na/K लवण; मिसेल; कठोर जल में Ca²⁺/Mg²⁺ से मैल |
| अपमार्जक | कठोर जल में भी प्रभावी; अघुलनशील मैल नहीं बनाता |
19. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कार्बन एवं उसके यौगिक अध्याय के कितने अंक हैं?
RBSE के 2026-27 पाठ्यक्रम में कक्षा 10 विज्ञान के कुल 80 अंकों में से अध्याय 4 कार्बन एवं उसके यौगिक के 7 अंक हैं।
कार्बन की संयोजकता कितनी होती है और क्यों?
कार्बन की संयोजकता 4 है, क्योंकि उसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 4 है और अष्टक पूरा करने के लिए उसे 4 इलेक्ट्रॉन साझा करने पड़ते हैं।
अल्केन, अल्कीन और अल्काइन के सामान्य सूत्र क्या हैं?
अल्केन का CₙH₂ₙ₊₂, अल्कीन का CₙH₂ₙ और अल्काइन का CₙH₂ₙ₋₂।
एस्टरीकरण और साबुनीकरण में क्या अंतर है?
एस्टरीकरण में अम्ल और अल्कोहल से एस्टर और जल बनते हैं। साबुनीकरण में एस्टर क्षार (NaOH) के साथ अभिक्रिया करके अल्कोहल और अम्ल का सोडियम लवण (साबुन) बनाता है।
कठोर जल में साबुन की जगह अपमार्जक अधिक प्रभावी क्यों होता है?
कठोर जल के कैल्शियम और मैग्नीशियम आयन साबुन के साथ अघुलनशील मैल बनाते हैं, जबकि अपमार्जक इनके साथ अघुलनशील अवक्षेप नहीं बनाता।
वनस्पति तेल के हाइड्रोजनीकरण में कौन-सा उत्प्रेरक प्रयोग होता है?
निकेल (या पैलेडियम) उत्प्रेरक की उपस्थिति में असंतृप्त वनस्पति तेल में हाइड्रोजन जोड़ने पर वनस्पति घी बनता है।
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आधार: NCERT, विज्ञान (कक्षा 10), अध्याय 4: कार्बन एवं उसके यौगिक: ncert.nic.in। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, पाठ्यक्रम सत्र 2026-27, विज्ञान (कक्षा 10): rajeduboard.rajasthan.gov.in। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, PIB: एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम। FSSAI: fssai.gov.in।
इस श्रृंखला का अगला लेख: कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 5: जैव प्रक्रम।

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