बीजगणित (अध्याय 1–5; प्र. 1, 2, 3, 6–12, 21, 23, 24, 29, 31): विधि और 16 हल अभ्यास — कक्षा 10 गणित (RBSE 2026-27)

📅 Wednesday, 21 October 2026 📖 पढ़ रहे हैं...
बीजगणित (अध्याय 1–5)
बोर्डमाध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर
कक्षा / सत्र10 / 2026-27
विषयगणित (कोड 09)
पाठ्यपुस्तकNCERT गणित कक्षा 10, अध्याय 1 से 5
बोर्ड के प्रारूप में अंकभारवास्तविक संख्याएँ 4 + बहुपद 4 + रैखिक समीकरण युग्म 5 + द्विघात समीकरण 4 + समांतर श्रेढ़ियाँ 5 = 22 अंक
नमूना प्रश्न-पत्र में15 प्रश्न: 1 अंक के 10, 2 अंक के 3 (प्र. 21, 23, 24), 3 अंक के 2 (प्र. 29, 31)

यह लेख बीजगणित के प्रश्नों (प्र. 1, 2, 3, 6 से 12, 21, 23, 24, 29, 31) के बारे में है। पूरे प्रश्न-पत्र का ढाँचा हमारे कक्षा 10 गणित प्रश्न पत्र प्रारूप एवं ब्लू प्रिंट 2026-27 में है; श्रृंखला के पिछले लेख सांख्यिकी और प्रायिकता और त्रिकोणमिति पर हैं; और अभ्यास के लिए केस-आधारित प्रश्न तथा शब्द-समस्याओं के पृष्ठ देखें।

बीजगणित में सबसे ज़्यादा अंक एक साथ आते हैं: बोर्ड के नमूना प्रश्न-पत्र 2026-27 में पाँच अध्यायों के 15 प्रश्न हैं, कुल 22 अंक के। इनमें दस बहुविकल्पी, तीन दो अंक के और दो तीन अंक के हैं; तीन अंक वाले दोनों प्रश्नों में ‘अथवा’ नहीं है।

इस लेख में पहले इन प्रश्नों का स्वरूप और कुंजी की बातें हैं, फिर हर अध्याय की विधि, और अंत में 16 हल अभ्यास: 6 एक अंक के, 4 दो अंक के, 4 तीन अंक के और 2 पाँच अंक के।

चार बातें साफ़ रहें: (1) बोर्ड के प्रश्नों का केवल आशय हमारे शब्दों में है; पूरे प्रश्न और पूरे उत्तर बोर्ड की साइट पर देखिए। (2) अंक-विभाजन वहीं बोर्ड का है जहाँ छपा है: प्र. 21 और 23 में (1+1=2), प्र. 29 में (2+1=3); प्र. 24 में केवल (2) और प्र. 31 में केवल (3) है। हमारे अभ्यासों का विभाजन हमारा अनुमान है। (3) कुंजी और विकल्पों में दो गड़बड़ियाँ हमारी पढ़त में मिलीं (प्र. 1 और प्र. 8, नीचे); बाक़ी तेरह प्रश्नों को हमने स्वयं हल करके कुंजी या पाठ्यपुस्तक के उदाहरण से मिलाया है। (4) 16 प्रश्न और हल हमारे अपने हैं; हर उत्तर कंप्यूटर से सटीक रूप में जाँचा गया है और हर बहुविकल्पी में चारों विकल्प अलग हैं।

अंतिम अद्यतन: 20 अक्टूबर 2026 · पढ़ने का समय: लगभग 40 मिनट

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1. बोर्ड के पेपर में बीजगणित

बोर्ड के नमूना प्रश्न-पत्र (गणित, विषय कोड 09, समय 3 घंटे 15 मिनट, पूर्णांक 80) के ब्लूप्रिंट में बीजगणित के पाँच अध्यायों के ये प्रश्न हैं। प्रश्नों का आशय हमारे शब्दों में, और उत्तर-कुंजी की बातें जैसी छपी हैं:

बोर्ड के नमूना प्रश्न-पत्र में बीजगणित के पंद्रह प्रश्न
प्र.अध्यायअंकप्रश्न का आशय (हमारे शब्दों में)उत्तर-कुंजी में
111HCF दिया है, LCM का सही गुणनफल-रूप चुनना (आँकड़े NCERT अभ्यास 1.1 के प्रश्न 4 वाले ही)सही विकल्प (ब); पर (ब), (स), (द) का मान एक ही है (नीचे)
221एक द्विघात बहुपद के गुणनखंड वाला विकल्प चुननासही विकल्प (स)
341एक द्विघात समीकरण के मूल चार विद्यार्थियों ने बताए, तीन का उत्तर एक-सा और एक का अलग; सही उत्तर परखनासही विकल्प (ब)
611छात्रों और छात्राओं को समान संख्या वाले अलग-अलग समूहों में बाँटना; एक समूह में अधिकतम सदस्यसही विकल्प (स), यानी 24
721आयताकार बगीचे का क्षेत्रफल दो विद्यार्थियों ने निकाला; कौन-सा सही हैसही विकल्प (अ)
831दो रैखिक समीकरणों के युग्म का हल और संगतता चुननासही विकल्प (अ); हिंदी के (अ) और (द) एक जैसे (नीचे)
931कौन-सा बिंदु दी गई रेखा 3x − 2y = 12 पर हैसही विकल्प (ब), यानी (4, 0)
1041दो द्विघात समीकरणों के विविक्तकर समान, गुणांक भिन्न; क्या समान होगासही विकल्प (ब): मूलों की प्रकृति
1151समांतर श्रेढ़ी में पहले n धन पूर्णांकों के योग का सूत्र पहचाननासही विकल्प (द)
1251सिनेमा हॉल की पंक्तियाँ: पहली में 10 सीटें और हर अगली में 2 अधिक; किस पंक्ति में 72 सीटेंसही विकल्प (ब), यानी 32वीं
2112दो व्यंजकों का मान निकालकर बताना कि कौन-सा परिमेय और कौन-सा अपरिमेय हैअपरिमेय और परिमेय संख्या, उत्तर 2√5 और 5 (1+1=2)
2322शून्यक की परिभाषा और एक द्विघात बहुपद के शून्यकपरिभाषा; गुणनखंड से शून्यक −2 और 4 (1+1=2)
2442विद्यार्थी का कथन है कि एक द्विघात समीकरण के दोनों मूल समान नहीं हैं; गणना से जाँचनाविविक्तकर 0, मूल समान; कथन गलत (2)
2933दो रैखिक समीकरणों का ग्राफ़ (ग्राफ़ पेपर पर) और संगतता का निर्णयपाठ्यपुस्तक का उदाहरण 3, पृष्ठ 32 (2+1=3)
3153AP के 5वें और 11वें पद दिए हैं; विद्यार्थी का दावा है कि 20वाँ पद 69 है; जाँचनाa + 4d = 18 और a + 10d = 42 से d = 4, a = 2; a₂₀ = 78; दावा सही नहीं (3)

अंकों का मिलान: 10 × 1 + 3 × 2 + 2 × 3 = 22, और अध्यायवार 4 + 4 + 5 + 4 + 5 = 22; यह बोर्ड के ब्लूप्रिंट से बैठता है। प्र. 29 को ग्राफ़ पेपर पर हल करने की हिदायत प्रश्न-पत्र के निर्देशों में है। NCERT के पुनर्मुद्रण 2026-27 के अनुभाग-क्रमांक नीचे हर अध्याय में दिए गए हैं।

कुंजी और प्रश्नों से पाँच बातें (हमारी पढ़त):

  • प्र. 1: LCM = 306 × 657 ÷ 9 = 22338। विकल्प (ब) 102 × 219, (स) 34 × 657 और (द) 306 × 73 तीनों का मान 22338 है (हमारी गणना); केवल (अ) 35 × 657 = 22995 अलग है। कुंजी (ब) देती है। विकल्प चुनते समय अनुमान मत लगाइए, गुणनफल निकालकर देखिए (हमारा सुझाव)।
  • प्र. 8: समीकरण 3x + 2y = 5 और 2x − 3y = 7 में a₁/a₂ = 3/2 और b₁/b₂ = −2/3 अलग हैं, इसलिए अद्वितीय हल और युग्म संगत है। हिंदी के विकल्प (अ) और (द) दोनों यही कहते हैं, जबकि अंग्रेज़ी का (d) ‘अनंत हल, असंगत’ है। कुंजी (अ) है; प्रश्न-पत्र की हिदायत में हिंदी और अंग्रेज़ी में अंतर होने पर हिंदी रूप का प्रश्न मान्य कहा गया है।
  • प्र. 29: कुंजी में हल की जगह ‘उदाहरण 3, पृष्ठ 32’ छपा है। NCERT की हिंदी पुस्तक (पुनर्मुद्रण 2026-27) के पृष्ठ 32 पर उदाहरण 3 चंपा के पैंट-स्कर्ट खरीदने वाला है, और उसके समीकरण y = 2x − 2 और y = 4x − 4 हैं, यानी वही रेखाएँ जो प्रश्न में दी हैं; दोनों रेखाएँ बिंदु (1, 0) पर कटती हैं, इसलिए युग्म संगत है। बोर्ड का प्रश्न इसी उदाहरण पर आधारित है।
  • प्र. 24 और 31: दोनों में विद्यार्थी का कथन गलत निकलता है। प्र. 24 की कुंजी विविक्तकर D = 0 निकालकर ‘मूल समान है’ पर रुकती है, और प्र. 31 की कुंजी a = 2, d = 4 से a₂₀ = 78 निकालकर ‘कथन सही नहीं है’ लिखती है। दोनों में गणना के बाद साफ़ वाक्य में निष्कर्ष लिखिए।
  • प्र. 21 और 23: दोनों में दो-दो काम माँगे गए हैं (1+1=2): प्र. 21 में दो संख्याओं का मान और उनका परिमेय या अपरिमेय होना; प्र. 23 में परिभाषा और शून्यक। दोनों काम अलग-अलग लिखिए, ताकि हर अंक साफ़ दिखे (हमारा सुझाव)।

समय: बोर्ड की प्रश्न-पत्र योजना में प्रश्न हल करने का संभावित समय 180 मिनट है (बहुविकल्पी 20, दो अंक 16, तीन अंक 28, पाँच अंक 116), और पढ़ने के 15 मिनट अलग हैं। इससे औसत: 1 अंक का प्रश्न 1 मिनट, 2 अंक का 2 मिनट, 3 अंक का 3.5 मिनट। बीजगणित के 15 प्रश्नों का औसत समय 10 × 1 + 3 × 2 + 2 × 3.5 = 23 मिनट बैठता है। यह प्रकार-वार औसत है; ग्राफ़ वाले प्र. 29 को 3.5 मिनट कम पड़ सकते हैं, इसलिए बहुविकल्पी में बचाया समय वहाँ लगाइए (हमारा अनुमान)।

2. वास्तविक संख्याएँ और बहुपद (अध्याय 1–2)

वास्तविक संख्याएँ (प्र. 1, 6, 21: 4 अंक)

  • HCF और LCM: NCERT 1.2 के अनुसार दो धन पूर्णांकों के लिए HCF × LCM = a × b। इसलिए HCF ज्ञात हो तो LCM = a × b ÷ HCF (अभ्यास 1)। अभाज्य गुणनखंडों से: HCF में हर उभयनिष्ठ अभाज्य की सबसे छोटी घात और LCM में हर अभाज्य की सबसे बड़ी घात।
  • शब्द-प्रश्न (प्र. 6 जैसे): ‘समान संख्या में बाँटो, अधिकतम सदस्य’ में HCF; ‘कब दोबारा साथ मिलेंगे’ में LCM (NCERT अभ्यास 1.1 का प्रश्न 7 ऐसा ही है)। पहले तय कीजिए कि कौन-सा है, फिर गणना।
  • परिमेय या अपरिमेय (प्र. 21 जैसे): NCERT 1.3 में दर्ज है कि परिमेय और अपरिमेय का योग या अंतर अपरिमेय है, और शून्येतर परिमेय व अपरिमेय का गुणनफल या भागफल अपरिमेय है। दो अपरिमेय संख्याओं का योग या गुणनफल परिमेय भी हो सकता है, इसलिए हर बार गणना करके देखिए (अभ्यास 7)।

बहुपद (प्र. 2, 7, 23: 4 अंक)

  • शून्यक: NCERT 2.1 के अनुसार x का वह मान k जिसके लिए p(k) = 0 हो, बहुपद का शून्यक है। शून्यक पहचानने का सबसे सीधा ढंग गुणनखंड है: प्रत्येक गुणनखंड को 0 के बराबर रखिए (अभ्यास 8)।
  • मध्य पद तोड़ना: x² + bx + c में ऐसी दो संख्याएँ ढूँढ़िए जिनका योग b और गुणनफल c हो। उदाहरण (हमारा): x² + 2x − 15 में योग 2 और गुणनफल −15 वाली संख्याएँ 5 और −3 हैं, इसलिए x² + 5x − 3x − 15 = (x + 5)(x − 3)। गुणा करके जाँचिए (अभ्यास 2)।
  • योग और गुणनफल: NCERT 2.3 के अनुसार ax² + bx + c के शून्यकों का योग −ba और गुणनफल ca है। ऊपर के उदाहरण में शून्यक −5 और 3 हैं: योग −2 और गुणनफल −15, जैसा सूत्र कहता है।
  • क्षेत्रफल वाले प्रश्न (प्र. 7 जैसे): लंबाई × चौड़ाई करते समय हर पद का चिह्न देखिए। जैसे (x + 2)(x − 3) में बीच के पद 2x और −3x मिलकर −x देते हैं।

आम गलतियाँ

  • HCF को LCM से भाग देना, या गुणनफल से HCF का भाग भूल जाना (अभ्यास 1)।
  • अपरिमेय संख्याओं का योग सदा अपरिमेय मान लेना (अभ्यास 7)।
  • गुणनखंड में मध्य पद का चिह्न उलटा लिखना: x² − x − 12 के लिए (x + 4)(x − 3) नहीं, (x − 4)(x + 3) सही है (अभ्यास 2)।
  • गुणनखंड से शून्यक पढ़ते समय चिह्न उलटना भूलना: (x − 5) से शून्यक 5 और (x + 3) से −3 मिलता है (अभ्यास 8)।

3. रैखिक समीकरण युग्म (अध्याय 3)

पाँच अंक: दो बहुविकल्पी (प्र. 8, 9) और ग्राफ़ वाला तीन अंक का प्र. 29। NCERT के सारांश (3.4) के अनुसार a₁x + b₁y + c₁ = 0 और a₂x + b₂y + c₂ = 0 के लिए तीन ही स्थितियाँ होती हैं:

रैखिक समीकरण युग्म की तीन स्थितियाँ
अनुपातों की स्थितिरेखाएँहलयुग्म
a1a2 ≠ b1b2एक बिंदु पर काटती हैंअद्वितीय हलसंगत
a1a2 = b1b2 ≠ c1c2समांतरकोई हल नहींअसंगत
a1a2 = b1b2 = c1c2संपाती (एक ही रेखा)अनंत हलआश्रित (संगत)

समीकरण को पहले ax + by + c = 0 रूप में लिखिए (c दाएँ पक्ष से बाएँ लाकर), फिर अनुपात बनाइए (अभ्यास 4)। ‘बिंदु रेखा पर है’ वाले प्रश्न में निर्देशांक (x, y) के क्रम से समीकरण में रखकर देखिए (अभ्यास 5)।

ग्राफ़ वाला प्रश्न (प्र. 29 जैसा)

  1. बिंदु-सारणी: हर समीकरण को y = … रूप में लिखकर कम से कम तीन बिंदु निकालिए; तीसरा बिंदु जाँच का काम करता है।
  2. आलेखन: ग्राफ़ पेपर पर दोनों अक्ष खींचिए, पैमाना (जैसे 1 cm = 1 इकाई) और अक्षों के नाम लिखिए, बिंदु चिह्नित कीजिए और हर रेखा को दोनों ओर बढ़ाकर उस पर समीकरण का नाम लिखिए।
  3. पठन और निष्कर्ष: कटान-बिंदु के निर्देशांक पढ़िए, दोनों समीकरणों में रखकर जाँचिए, और वाक्य में लिखिए कि युग्म संगत है या असंगत (अभ्यास 11)।

बीजगणितीय विधि (NCERT 3.3)

प्रतिस्थापन (3.3.1) में एक समीकरण से एक चर को दूसरे के रूप में लिखकर दूसरे समीकरण में रखते हैं। विलोपन (3.3.2) में किसी चर के गुणांक समान करने के लिए समीकरणों को गुणा करते हैं, फिर घटाते या जोड़ते हैं (अभ्यास 13)। अंत में मिले मान को दूसरे समीकरण में रखकर जाँचिए।

आम गलतियाँ

  • समांतर रेखाओं के लिए तीनों अनुपात बराबर मान लेना: तीसरा अनुपात अलग होना चाहिए (अभ्यास 4)।
  • बिंदु के निर्देशांक का क्रम उलट देना (अभ्यास 5)।
  • उत्तर में कटान-बिंदु लिखकर संगत या असंगत का निष्कर्ष न लिखना।

4. द्विघात समीकरण (अध्याय 4)

चार अंक: बहुविकल्पी प्र. 3 और 10 तथा दो अंक का प्र. 24। NCERT के सारांश (4.5) के अनुसार द्विघात समीकरण ax² + bx + c = 0 (a ≠ 0) के मूल वही हैं जो उसके बहुपद के शून्यक हैं; गुणनखंड हो सके तो हर गुणनखंड को शून्य रखकर मूल मिलते हैं।

  • मूल सत्यापित करना (प्र. 3 जैसे): विद्यार्थी के दिए मान समीकरण में रखिए; जिनसे बायाँ पक्ष शून्य हो, वही मूल हैं (अभ्यास 3)। या समीकरण स्वयं हल कर लीजिए और मिलान कीजिए।
  • विविक्तकर D = b² − 4ac (NCERT 4.4): इसके चिह्न से मूलों की प्रकृति तय होती है:
विविक्तकर और मूलों की प्रकृति
विविक्तकरमूलों की प्रकृति
D > 0दो भिन्न वास्तविक मूल
D = 0दो बराबर (संपाती) वास्तविक मूल
D < 0कोई वास्तविक मूल नहीं

NCERT के उदाहरण 7 में 2x² − 4x + 3 = 0 का D = 16 − 24 = −8 है, इसलिए कोई वास्तविक मूल नहीं; और उदाहरण 9 में 3x² − 2x + 13 = 0 का D = 0 है, इसलिए मूल बराबर हैं। प्र. 10 जैसे प्रश्न में याद रखिए कि केवल मूलों की प्रकृति D पर निर्भर है; मूल, उनका योग और गुणनफल गुणांकों पर निर्भर हैं (जाँचें में उदाहरण)।

कथन की जाँच (प्र. 24 जैसे): D निकालिए, उसका मान लिखिए, फिर निष्कर्ष। ‘मूल बराबर हैं’ का अर्थ D = 0 है, D > 0 नहीं। यदि प्रश्न लंबाई या चौड़ाई जैसी राशि पूछे, तो ऋणात्मक मूल को कारण सहित अस्वीकार कीजिए (अभ्यास 14)।

आम गलतियाँ

  • D में b² − 4ac की जगह b² + 4ac लिख देना, या c ऋणात्मक होने पर −4ac का चिह्न चूक जाना (अभ्यास 9, 15)।
  • b ऋणात्मक हो तो b² में चिह्न गलत लेना: (−12)² = 144, −144 नहीं।
  • बराबर मूल के लिए D > 0 लिख देना (अभ्यास 15)।
  • लंबाई, संख्या या आयु वाले प्रश्न में ऋणात्मक मूल रख लेना (अभ्यास 14)।

5. समांतर श्रेढ़ी (अध्याय 5)

पाँच अंक: बहुविकल्पी प्र. 11 और 12 और तीन अंक का प्र. 31। NCERT के सारांश (5.5) में तीन सूत्र हैं, जहाँ a पहला पद, d सामान्य अंतर, l अंतिम पद है:

समांतर श्रेढ़ी के तीन सूत्र
क्या चाहिएसूत्रकब लगाएँ
n-वाँ पदan = a + (n − 1)dपद या पंक्ति की संख्या पूछी हो
n पदों का योगSn = n2 [2a + (n − 1)d]a और d ज्ञात हों
योग, अंतिम पद दिया होS = n2 (a + l)पहला और अंतिम पद दोनों ज्ञात हों

पहले n धन पूर्णांकों का योग NCERT के उदाहरण 14 में n(n + 1)2 निकला है (प्र. 11 की पहचान)। पंक्तियों या सीटों वाले प्रश्न (प्र. 12 जैसे) में पहली पंक्ति a और हर पंक्ति की वृद्धि d है; an को दी संख्या के बराबर रखकर n निकालिए (अभ्यास 6)।

दो पद दिए हों (प्र. 31 जैसे): a + (n − 1)d लिखकर दो समीकरण बनाइए, उन्हें अध्याय 3 की विलोपन विधि से हल करके a और d निकालिए, फिर माँगा गया पद या योग निकालिए, और दावे से मिलाकर निष्कर्ष लिखिए (अभ्यास 12)।

आम गलतियाँ

  • a + nd लिख देना: सही a + (n − 1)d है (अभ्यास 6)।
  • d = a₂ − a₁ में चिह्न चूकना, खासकर घटती श्रेढ़ी में।
  • अंतिम पद ज्ञात होने पर भी लंबा सूत्र लगाना; S = n2 (a + l) छोटा रास्ता है (अभ्यास 16)।
  • n का मान भिन्न या ऋणात्मक आए तो उसे स्वीकार कर लेना: पदों की संख्या धन पूर्णांक होती है।

6. 16 हल अभ्यास

पहले खुद हल कीजिए, फिर ‘उत्तर देखें’ या ‘हल देखें’ दबाइए। ‘प्र. 8 जैसा’ का अर्थ है कि अभ्यास उसी ढंग का है, बोर्ड का प्रश्न नहीं। हर हल के नीचे की टिप्पणी बताती है कि अंक-विभाजन बोर्ड की कुंजी से है या हमारा अनुमान। प्र. 6, 7, 10 और 11 के ढंग की विधि ऊपर के खंडों में है (प्र. 6, 10 और 11 पर ‘जाँचें’ में भी प्रश्न हैं); उनके अलग हल-अभ्यास यहाँ नहीं हैं।

एक अंक के (अभ्यास 1–6)

अभ्यास 1 1 अंक · प्र. 1 जैसा · NCERT 1.2

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएयदि HCF(24, 36) = 12 दिया है, तो LCM(24, 36) कितना है?
  • (a) 72
  • (b) 36
  • (c) 864
  • (d) 12
उत्तर देखें

सही उत्तर: (a)

NCERT 1.2: दो धन पूर्णांकों के लिए HCF × LCM = a × b। इसलिए LCM = 24 × 3612 = 86412 = 72। जाँच: 24 = 2³ × 3 और 36 = 2² × 3², इसलिए LCM = 2³ × 3² = 72। 864 गुणनफल है (HCF से भाग भूल गए); 12 तो HCF ही है; 36 दी गई दोनों संख्याओं में बड़ी संख्या है।

अभ्यास 2 1 अंक · प्र. 2 जैसा · NCERT 2.3, 4.3

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएएक विद्यार्थी ने बहुपद x² − x − 12 के गुणनखंड लिखे हैं। सही विकल्प चुनिए।
  • (a) (x + 4)(x − 3)
  • (b) (x − 4)(x + 3)
  • (c) (x − 4)(x − 3)
  • (d) (x + 4)(x + 3)
उत्तर देखें

सही उत्तर: (b)

ऐसी दो संख्याएँ चाहिए जिनका गुणनफल −12 और योग −1 हो: −4 और 3। मध्य पद तोड़ने पर x² − 4x + 3x − 12 = x(x − 4) + 3(x − 4) = (x − 4)(x + 3)। जाँच (गुणा करके): (x − 4)(x + 3) = x² − x − 12। विकल्प (a) का गुणनफल x² + x − 12 है (मध्य पद का चिह्न उलटा), (c) का x² − 7x + 12 और (d) का x² + 7x + 12।

अभ्यास 3 1 अंक · प्र. 3 जैसा · NCERT 4.3

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएसमीकरण x² − 3x − 10 = 0 को तीन विद्यार्थियों ने हल किया। A के मूल 5 और −2, B के −5 और 2, तथा C के 5 और 2 आए। किसका उत्तर सही है?
  • (a) केवल A
  • (b) केवल B
  • (c) केवल C
  • (d) तीनों
उत्तर देखें

सही उत्तर: (a)

x² − 3x − 10 = (x − 5)(x + 2), इसलिए मूल 5 और −2 हैं। सत्यापन: x = 5 पर 25 − 15 − 10 = 0 और x = −2 पर 4 + 6 − 10 = 0। B का x = −5 रखने पर 25 + 15 − 10 = 30 ≠ 0; C का x = 2 रखने पर 4 − 6 − 10 = −12 ≠ 0। केवल A सही है।

अभ्यास 4 1 अंक · प्र. 8 जैसा · NCERT 3.3

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएरैखिक समीकरण युग्म 2x + 3y = 7 और 4x + 6y = 12 के बारे में सही कथन चुनिए।
  • (a) अद्वितीय हल है; युग्म संगत है
  • (b) कोई हल नहीं है; युग्म असंगत है
  • (c) अनंत हल हैं; युग्म संगत है
  • (d) अद्वितीय हल है; युग्म असंगत है
उत्तर देखें

सही उत्तर: (b)

2x + 3y − 7 = 0 और 4x + 6y − 12 = 0 में a1a2 = 24 = 12, b1b2 = 36 = 12, पर c1c2 = −7−12 = 712। पहले दो अनुपात बराबर हैं और तीसरा अलग, इसलिए रेखाएँ समांतर हैं, कोई उभयनिष्ठ बिंदु नहीं है और युग्म असंगत है (NCERT सारांश 4(ii))। जाँच: पहले समीकरण का 2 गुना 4x + 6y = 14 है, जो 12 से टकराता है।

अभ्यास 5 1 अंक · प्र. 9 जैसा · NCERT 3.2

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएनिम्नलिखित में से कौन-सा बिंदु रेखा 2x + 3y = 12 पर स्थित है?
  • (a) (3, 2)
  • (b) (2, 3)
  • (c) (0, 3)
  • (d) (6, 1)
उत्तर देखें

सही उत्तर: (a)

बिंदु रेखा पर तभी है जब उसके निर्देशांक समीकरण को संतुष्ट करें। (3, 2): 2 × 3 + 3 × 2 = 12 ✓। (2, 3): 4 + 9 = 13; (0, 3): 0 + 9 = 9; (6, 1): 12 + 3 = 15; इन तीनों में 12 नहीं आता। (ध्यान दें: निर्देशांक का क्रम (x, y) है।)

अभ्यास 6 1 अंक · प्र. 12 जैसा · NCERT 5.3

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएएक सभागार की पहली पंक्ति में 8 सीटें हैं और आगे हर पंक्ति में 3 सीटें बढ़ती जाती हैं। किस पंक्ति में सीटों की संख्या 62 होगी?
  • (a) 18वीं
  • (b) 19वीं
  • (c) 20वीं
  • (d) 21वीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: (b)

सीटें 8, 11, 14, … एक AP है: a = 8, d = 3। an = a + (n − 1)d से 62 = 8 + (n − 1) × 3, यानी (n − 1) × 3 = 54 और n − 1 = 18, इसलिए n = 19। विकल्प (a) तब आता है जब (n − 1) को ही n मान लिया जाए। जाँच: a19 = 8 + 18 × 3 = 62।

दो अंक के (अभ्यास 7–10)

अभ्यास 7 2 अंक · प्र. 21 जैसा · NCERT 1.3

हमारी रचना · 2 अंक(√2 + √8) तथा (√2 × √8) का मान ज्ञात करके बताइए कि कौन-सी संख्या परिमेय है और कौन-सी अपरिमेय।
हल देखें

पहली संख्या: √8 = √(4 × 2) = 2√2, इसलिए √2 + √8 = √2 + 2√2 = 3√2। √2 अपरिमेय है (NCERT प्रमेय 1.3), और NCERT के अनुसार शून्येतर परिमेय संख्या (3) और अपरिमेय का गुणनफल अपरिमेय होता है। इसलिए 3√2 अपरिमेय है।

दूसरी संख्या: √2 × √8 = √16 = 4, जो एक पूर्ण संख्या है, इसलिए 4 परिमेय है।

उत्तर: √2 + √8 = 3√2 (अपरिमेय); √2 × √8 = 4 (परिमेय)

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: हर संख्या का मान और उसका परिमेय/अपरिमेय होना 1-1 अंक (बोर्ड के प्र. 21 की कुंजी में (1+1=2) छपा है)। ध्यान दीजिए: अपरिमेय संख्याओं का योग या गुणनफल परिमेय भी हो सकता है; इसलिए हर बार गणना करके देखिए।

अभ्यास 8 2 अंक · प्र. 23 जैसा · NCERT 2.1, 2.3

हमारी रचना · 2 अंकबहुपद के शून्यक की परिभाषा लिखिए तथा बहुपद p(x) = x² − 2x − 15 के शून्यकों की पहचान कीजिए।
हल देखें

परिभाषा: चर x का वह मान k, जिसके लिए बहुपद का मान शून्य हो जाए, यानी p(k) = 0, बहुपद का शून्यक कहलाता है (NCERT 2.1)।

पहचान: p(x) = x² − 2x − 15 = x² − 5x + 3x − 15 = x(x − 5) + 3(x − 5) = (x − 5)(x + 3)। शून्यक के लिए x − 5 = 0 या x + 3 = 0, इसलिए x = 5 और x = −3।

जाँच: p(5) = 25 − 10 − 15 = 0 और p(−3) = 9 + 6 − 15 = 0। शून्यकों का योग 5 + (−3) = 2 = −(−2)1 = −ba और गुणनफल 5 × (−3) = −15 = −151 = ca है, जैसा NCERT 2.3 में दिखाया गया है।

उत्तर: शून्यक: 5 और −3

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: परिभाषा 1, शून्यकों की पहचान 1 (बोर्ड के प्र. 23 की कुंजी में (1+1=2) छपा है)। जाँच की पंक्ति हमारा सुझाव है।

अभ्यास 9 2 अंक · प्र. 24 जैसा · NCERT 4.4

हमारी रचना · 2 अंकएक विद्यार्थी का कथन है कि द्विघात समीकरण x² + 4x + 5 = 0 के दो वास्तविक मूल हैं। गणना द्वारा कथन की जाँच कीजिए।
हल देखें

विविक्तकर: a = 1, b = 4, c = 5, इसलिए D = b² − 4ac = 4² − 4 × 1 × 5 = 16 − 20 = −4।

निष्कर्ष: NCERT के सारांश (4.5, बिंदु 5) के अनुसार D < 0 हो तो कोई वास्तविक मूल नहीं होता। यहाँ D = −4 < 0 है, इसलिए समीकरण का कोई वास्तविक मूल नहीं है और विद्यार्थी का कथन गलत है।

उत्तर: कथन गलत है; D = −4 < 0

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: D की गणना 1, निष्कर्ष 1। बोर्ड के प्र. 24 की कुंजी में (2) छपा है, विभाजन नहीं। बोर्ड के उस प्रश्न में कथन गलत था क्योंकि D = 0 आता है; यहाँ D ऋणात्मक है, ताकि दूसरी स्थिति का भी अभ्यास हो।

अभ्यास 10 2 अंक · प्र. 31 का छोटा रूप · NCERT 5.3, 5.4

हमारी रचना · 2 अंकसमांतर श्रेढ़ी 5, 8, 11, … का 20वाँ पद और पहले 20 पदों का योग ज्ञात कीजिए।
हल देखें

a = 5, d = 8 − 5 = 3। 20वाँ पद: a20 = a + 19d = 5 + 19 × 3 = 5 + 57 = 62।

योग: S20 = 202 [2 × 5 + 19 × 3] = 10 × 67 = 670।

जाँच (दूसरे सूत्र से): S = n2 (a + l) = 202 (5 + 62) = 10 × 67 = 670।

उत्तर: a20 = 62; S20 = 670

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: 20वाँ पद 1, योग 1। दूसरे सूत्र से जाँच हमारा सुझाव है; इससे दोनों उत्तर एक-दूसरे को परखते हैं।

तीन अंक के (अभ्यास 11–14)

अभ्यास 11 3 अंक · प्र. 29 जैसा · NCERT 3.2

हमारी रचना · 3 अंकसमीकरणों 3x − y = 3 और x + y = 5 की रेखाएँ ग्राफ़ पर खींचिए और बताइए कि यह युग्म संगत है या असंगत। (ग्राफ़ अपनी कॉपी में ग्राफ़ पेपर पर बनाइए।)
हल देखें

चरण 1: बिंदु। 3x − y = 3 से y = 3x − 3 और x + y = 5 से y = 5 − x। हर रेखा के कम से कम तीन बिंदु निकालिए (तीसरा बिंदु जाँच का काम करता है):

x012
y = 3x − 3−303
x025
y = 5 − x530

चरण 2: आलेखन। दोनों अक्ष खींचकर पैमाना लिखिए (जैसे 1 cm = 1 इकाई), बिंदुओं को चिह्नित कीजिए और हर रेखा के बिंदुओं को सीधी रेखा से जोड़कर दोनों ओर बढ़ाइए।

चरण 3: पठन। दोनों रेखाएँ बिंदु (2, 3) पर काटती हैं (यह बिंदु दोनों सारणियों में आया है)।

जाँच: 3 × 2 − 3 = 3 ✓ और 2 + 3 = 5 ✓।

निष्कर्ष: रेखाएँ एक बिंदु पर काटती हैं, इसलिए अद्वितीय हल x = 2, y = 3 है और युग्म संगत है (NCERT सारांश 2(i))।

उत्तर: x = 2, y = 3; युग्म संगत

अंक-विभाजन: बोर्ड के प्र. 29 की कुंजी में (2+1=3) छपा है; हमारा अनुमान है कि 2 अंक ग्राफ़ (बिंदु-सारणी और दोनों रेखाएँ) के और 1 अंक संगतता के निष्कर्ष का है। बोर्ड के प्र. 29 की कुंजी में NCERT उदाहरण 3 (पृष्ठ 32) का संदर्भ है।

अभ्यास 12 3 अंक · प्र. 31 जैसा · NCERT 5.3

हमारी रचना · 3 अंकएक समांतर श्रेढ़ी का चौथा और नौवाँ पद क्रमशः 14 और 34 है। एक विद्यार्थी का दावा है कि इसका 15वाँ पद 58 है। उचित गणना द्वारा कथन की जाँच कीजिए।
हल देखें

चरण 1: समीकरण। a + 3d = 14 ...(1) और a + 8d = 34 ...(2)।

चरण 2: a और d। (2) में से (1) घटाने पर 5d = 20, इसलिए d = 4। (1) में रखने पर a = 14 − 12 = 2।

चरण 3: 15वाँ पद। a15 = a + 14d = 2 + 14 × 4 = 2 + 56 = 58।

निष्कर्ष: गणना से भी 15वाँ पद 58 आया, इसलिए विद्यार्थी का कथन सही है।

उत्तर: d = 4, a = 2; a15 = 58; कथन सही

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: समीकरण 1, a और d 1, a15 और निष्कर्ष 1। बोर्ड के प्र. 31 की कुंजी में केवल (3) छपा है, विभाजन नहीं। बोर्ड के उस प्रश्न में कथन गलत निकला था; यहाँ सही है, ताकि दोनों स्थितियों का अभ्यास हो।

अभ्यास 13 3 अंक · शब्द-समस्या (युग्म) · NCERT 3.3

हमारी रचना · 3 अंक5 पेन और 3 कॉपियों की कुल कीमत ₹ 79 है, तथा 3 पेन और 5 कॉपियों की कुल कीमत ₹ 73 है। एक पेन और एक कॉपी की कीमत ज्ञात कीजिए।
हल देखें

चरण 1: अज्ञात। एक पेन की कीमत ₹ p और एक कॉपी की ₹ c मानिए। तब 5p + 3c = 79 ...(1) और 3p + 5c = 73 ...(2)।

चरण 2: विलोपन। (1) को 5 से और (2) को 3 से गुणा करने पर c के गुणांक 15-15 हो जाते हैं: 25p + 15c = 395 और 9p + 15c = 219। घटाने पर 16p = 176, इसलिए p = 11।

चरण 3: c। (1) में p = 11 रखने पर 55 + 3c = 79, इसलिए 3c = 24 और c = 8।

जाँच: (2) में 3 × 11 + 5 × 8 = 33 + 40 = 73 ✓।

उत्तर: पेन ₹ 11, कॉपी ₹ 8

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: समीकरण बनाना 1, हल करना 1, दूसरे समीकरण से जाँच और उत्तर 1। यह NCERT 3.3 की विलोपन विधि का अभ्यास है; संख्याएँ हमारी हैं।

अभ्यास 14 3 अंक · शब्द-समस्या (द्विघात) · NCERT 4.3

हमारी रचना · 3 अंकएक आयताकार बगीचे की लंबाई उसकी चौड़ाई से 3 m अधिक है और उसका क्षेत्रफल 70 m² है। बगीचे की लंबाई और चौड़ाई ज्ञात कीजिए।
हल देखें

चरण 1: समीकरण। चौड़ाई x m मानिए, तब लंबाई (x + 3) m है। क्षेत्रफल x(x + 3) = 70, यानी x² + 3x − 70 = 0।

चरण 2: गुणनखंड। x² + 10x − 7x − 70 = x(x + 10) − 7(x + 10) = (x + 10)(x − 7) = 0, इसलिए x = −10 या x = 7।

चरण 3: मान्य उत्तर। चौड़ाई ऋणात्मक नहीं हो सकती, इसलिए x = −10 अस्वीकार। चौड़ाई = 7 m और लंबाई = 7 + 3 = 10 m।

जाँच: 10 × 7 = 70 m² ✓ और 10 − 7 = 3 m ✓।

उत्तर: चौड़ाई 7 m, लंबाई 10 m

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: समीकरण 1, मूल 1, ऋणात्मक मूल को अस्वीकार करके उत्तर 1। अस्वीकार करने का कारण लिखना न भूलें (हमारा सुझाव)।

पाँच अंक के (अभ्यास 15–16)

अभ्यास 15 5 अंक · NCERT का ढंग (विविक्तकर) · NCERT 4.4

हमारी रचना · 5 अंकk का वह मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए समीकरण 2x² + kx + 8 = 0 के मूल बराबर हों। k के प्रत्येक मान के लिए मूल भी ज्ञात कीजिए। साथ ही बताइए कि k के किन मानों के लिए इसके दो भिन्न वास्तविक मूल होंगे।
हल देखें

चरण 1: विविक्तकर। a = 2, b = k, c = 8, इसलिए D = b² − 4ac = k² − 4 × 2 × 8 = k² − 64।

चरण 2: बराबर मूल। D = 0 (NCERT 4.4), इसलिए k² = 64 और k = 8 या k = −8।

चरण 3: मूल। k = 8 पर 2x² + 8x + 8 = 0, यानी x² + 4x + 4 = (x + 2)² = 0, इसलिए दोनों मूल x = −2। k = −8 पर 2x² − 8x + 8 = 0, यानी (x − 2)² = 0, इसलिए दोनों मूल x = 2।

चरण 4: भिन्न वास्तविक मूल। D > 0 चाहिए: k² − 64 > 0, यानी k² > 64। इसलिए k > 8 या k < −8।

जाँच: k = 10 लें तो D = 100 − 64 = 36 > 0 (दो भिन्न मूल); k = 0 लें तो D = −64 < 0 (कोई वास्तविक मूल नहीं)।

उत्तर: k = ±8; मूल −2, −2 (k = 8) और 2, 2 (k = −8); दो भिन्न मूल के लिए k > 8 या k < −8

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: D की गणना 1, k के दोनों मान 1, दोनों के मूल 2, भिन्न मूलों की शर्त 1। यह NCERT 4.4 की विविक्तकर-शर्त का अभ्यास है।

अभ्यास 16 5 अंक · NCERT का ढंग (योग) · NCERT 5.3, 5.4

हमारी रचना · 5 अंकएक समांतर श्रेढ़ी का पहला पद 7, अंतिम पद 49 और सभी पदों का योग 420 है। पदों की संख्या n, सामान्य अंतर d तथा बीच का पद ज्ञात कीजिए।
हल देखें

चरण 1: n। अंतिम पद ज्ञात हो तो S = n2 (a + l)। इसलिए 420 = n2 (7 + 49) = 28n, और n = 15।

चरण 2: d। अंतिम पद l = a + (n − 1)d से 49 = 7 + 14d, यानी 14d = 42 और d = 3।

चरण 3: बीच का पद। 15 पदों में बीच का पद 8वाँ है: a8 = 7 + 7 × 3 = 28।

जाँच: श्रेढ़ी 7, 10, 13, …, 49 है; योग = 152 (7 + 49) = 420 ✓, और 15 × 28 = 420 भी है।

उत्तर: n = 15, d = 3, बीच का पद 28

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: n 2, d 1, बीच का पद 1, जाँच 1। 15 × (बीच का पद) = योग वाली जाँच (विषम संख्या के पदों की AP में) हमारा सुझाव है।

7. जाँचें और सामान्य प्रश्न

पहले खुद सोचिए, फिर ‘उत्तर देखें’ दबाइए।

  1. बोर्ड के प्रारूप में वास्तविक संख्याएँ, बहुपद, रैखिक समीकरण युग्म, द्विघात समीकरण और समांतर श्रेढ़ी के अंकभार क्रम से कितने-कितने हैं?
    • 4, 4, 5, 4, 5
    • 4, 5, 4, 4, 5
    • 5, 4, 4, 5, 4
    • 4, 4, 4, 5, 5
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: 4, 4, 5, 4, 5। प्रारूप में 4, 4, 5, 4, 5 हैं, कुल 22। नमूने के 15 प्रश्न 10 × 1 + 3 × 2 + 2 × 3 = 22 अंक के बैठते हैं।

  2. कुछ वस्तुओं को समान संख्या वाले अलग-अलग समूहों में बाँटना है और एक समूह में अधिकतम संख्या पूछी गई है। कौन-सी संक्रिया लगेगी?
    • HCF
    • LCM
    • HCF × LCM
    • दोनों संख्याओं का योग
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: HCF। अधिकतम समूह-आकार वह सबसे बड़ी संख्या है जो सभी संख्याओं को पूरा-पूरा भाग दे, यानी HCF। LCM तब आता है जब ‘दोबारा साथ मिलने’ जैसी बात हो (NCERT अभ्यास 1.1 का प्रश्न 7)।

  3. दो द्विघात समीकरणों के विविक्तकर बराबर हैं, पर गुणांक अलग-अलग हैं। निश्चित रूप से क्या समान होगा?
    • मूलों की प्रकृति
    • मूल
    • मूलों का योग
    • मूलों का गुणनफल
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: मूलों की प्रकृति। मूलों की प्रकृति b² − 4ac के चिह्न या शून्य होने से तय होती है (NCERT सारांश 4.5)। उदाहरण: x² − 4 = 0 और x² − 5x + 9/4 = 0 दोनों का D = 16 है, पर मूल (±2 और 9/2, 1/2), योग (0 और 5) और गुणनफल (−4 और 9/4) अलग हैं।

  4. पहले n धन पूर्णांकों 1, 2, 3, …, n का योग कौन-सा सूत्र देता है?
    • n(n + 1)/2
    • n²/2
    • n(n − 1)/2
    • n(n + 1)(2n + 1)/6
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: n(n + 1)/2। NCERT के उदाहरण 14 में यही सूत्र है। जाँच n = 3 पर: 1 + 2 + 3 = 6 = 3 × 4 / 2। अंतिम सूत्र वर्गों के योग (1 + 4 + 9 = 14) का है।

  5. बोर्ड के प्र. 29 (ग्राफ़ वाला प्रश्न) की उत्तर-कुंजी में अंक-विभाजन क्या छपा है?
    • 2+1=3
    • 1+2=3
    • 1+1+1=3
    • केवल (3), विभाजन नहीं
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: 2+1=3। (2+1=3) छपा है, और कुंजी में ‘उदाहरण 3, पृष्ठ 32’ का संदर्भ भी है। प्र. 31 में केवल (3) और प्र. 24 में केवल (2) छपा है।

सामान्य प्रश्न

बीजगणित के पाँच अध्यायों से कितने अंक आते हैं?

बोर्ड के प्रारूप में वास्तविक संख्याएँ 4, बहुपद 4, दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म 5, द्विघात समीकरण 4 और समांतर श्रेढ़ियाँ 5 अंक की हैं, कुल 22। नमूना प्रश्न-पत्र में इनके 15 प्रश्न हैं: 10 बहुविकल्पी (प्र. 1, 2, 3, 6 से 12), 3 दो अंक के (प्र. 21, 23, 24) और 2 तीन अंक के (प्र. 29, 31)। नमूना केवल नमूना है; मूल परीक्षा में प्रश्न या उनके क्रमांक बदल सकते हैं, यह हमारी सावधानी है।

बोर्ड के नमूने के प्र. 1 और प्र. 8 में क्या गड़बड़ी है, और परीक्षा में क्या करें?

हमारी पढ़त में प्र. 1 के चार में से तीन विकल्प (ब, स, द) का मान बराबर, 22338, है; और प्र. 8 में हिंदी के विकल्प (अ) और (द) एक जैसे हैं, जबकि अंग्रेज़ी का (d) अलग है। दोनों की कुंजी एक ही विकल्प देती है, और हिंदी-अंग्रेज़ी में अंतर होने पर प्रश्न-पत्र की हिदायत हिंदी रूप को मान्य कहती है (हमारी पढ़त)। परीक्षा में कुंजी जैसा विकल्प चुनिए, गुणनफल निकालकर देखिए, और शंका हो तो शिक्षक से पूछिए। हमारे अभ्यासों में चारों विकल्प हमेशा अलग हैं।

ग्राफ़ वाला प्रश्न (प्र. 29) कैसे लिखें?

प्रश्न-पत्र का निर्देश है कि प्र. 29 ग्राफ़ पेपर पर हल हो। हमारा सुझाव: हर समीकरण के कम से कम तीन बिंदुओं की सारणी बनाइए (तीसरा बिंदु जाँच का काम करता है), अक्षों पर पैमाना और नाम लिखिए, हर रेखा पर उसका समीकरण लिखिए, कटान-बिंदु पढ़िए और अंत में संगत या असंगत का निष्कर्ष लिखिए। बोर्ड की कुंजी में अंक-विभाजन (2+1=3) छपा है; हमारा अनुमान है कि 2 अंक ग्राफ़ के और 1 अंक निष्कर्ष का है।

‘कथन की जाँच कीजिए’ वाले प्रश्नों (प्र. 24 और 31) में क्या लिखें?

बोर्ड के नमूने में दोनों कथन गलत निकले, पर मूल परीक्षा में कथन सही भी हो सकता है; इसलिए पहले पूरी गणना कीजिए (प्र. 24 जैसे में विविक्तकर, प्र. 31 जैसे में a और d निकालकर 20वाँ पद), फिर साफ़ वाक्य में निष्कर्ष लिखिए: कथन सही है या गलत। हमारे अभ्यास 9 में कथन गलत और अभ्यास 12 में सही है, ताकि दोनों स्थितियों का अभ्यास हो।

इस लेख के प्रश्न और उत्तर किसने लिखे हैं?

16 प्रश्न और उनके हल हमने स्वयं लिखे हैं; वे बोर्ड या किसी प्रकाशक से नहीं लिए गए। हर संख्यात्मक उत्तर कंप्यूटर-बीजगणित (SymPy) और सटीक भिन्नों से जाँचा गया है, और हर हल में दूसरे ढंग से जाँच दी गई है। बोर्ड के पंद्रह प्रश्नों का केवल आशय दिया गया है; मूल प्रश्न-पत्र बोर्ड की साइट से देखिए।

8. संदर्भ

  1. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर: Download Center, Model Question Papers 2027 और Secondary Model Question Paper (PDF): गणित (कोड 09) का नमूना प्रश्न-पत्र, ब्लूप्रिंट, प्रश्न-पत्र की योजना और उत्तर-कुंजी।
  2. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान: कक्षा 10 पाठ्यक्रम 2026-27 (PDF): गणित का पाठ्यक्रम।
  3. NCERT, गणित कक्षा 10, पुनर्मुद्रण 2026-27: अध्याय 1 वास्तविक संख्याएँ (हिंदी, English), अध्याय 2 बहुपद (हिंदी, English), अध्याय 3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म (हिंदी, English), अध्याय 4 द्विघात समीकरण (हिंदी, English), अध्याय 5 समांतर श्रेढ़ियाँ (हिंदी, English)।
  4. NCERTClasses: कक्षा 10 गणित प्रश्न पत्र प्रारूप एवं ब्लू प्रिंट 2026-27; सांख्यिकी और प्रायिकता: विधि और 16 हल अभ्यास; त्रिकोणमिति: विधि और 16 हल अभ्यास; केस-आधारित प्रश्न; शब्द-समस्याएँ: 50 हल प्रश्न; 80/80 कैसे पाएँ: टॉपर कॉपी विश्लेषण।
श्रेणियाँ: कक्षा 10 · गणित · RBSE · बीजगणित · वास्तविक संख्याएँ · बहुपद · द्विघात समीकरण · समांतर श्रेढ़ी · NCERT · पाठ्यक्रम 2026-27

NCERTClasses टीम · प्रकाशित: 20 अक्टूबर 2026 · अंतिम अद्यतन: 20 अक्टूबर 2026

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