RBSE Class 11 Sociology Answer Key 2026 | कक्षा 11 समाज शास्त्र उत्तर कुंजी (विषय कोड 29)

📅 Saturday, 7 March 2026 📖 पढ़ रहे हैं...
RBSE Class 11 Sociology 2026 – Important Links

राजस्थान बोर्ड कक्षा 11 समाजशास्त्र विषय की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए नीचे मॉडल पेपर तथा आंसर की / solved paper के उपयोगी लिंक दिए गए हैं। परीक्षा पैटर्न, महत्वपूर्ण प्रश्नों और उत्तरों की जाँच के लिए दोनों लेख अवश्य देखें।

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उत्तर कुंजी — समाज शास्त्र | RBSE Class 11 | विषय कोड 29 | Sociology Answer Key | ncertclasses.com
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर
उत्तर कुंजी — समाज शास्त्र (Sociology)
Complete Answer Key — Model Paper 2025–26
विषय कोड : 29 कक्षा : 11 पूर्णांक : 100 सभी 41 प्रश्न हल

📋 खण्ड-अ : MCQ त्वरित उत्तर सारांश (Q.1–20)

Q.1C
Q.2B
Q.3C
Q.4B
Q.5B
Q.6B
Q.7C
Q.8B
Q.9C
Q.10B
Q.11B
Q.12C
Q.13B
Q.14B
Q.15C
Q.16C
Q.17A
Q.18B
Q.19C
Q.20C
खण्ड-अ — MCQ व्याख्या सहित (20×1=20 अंक)
Q.1–5समाजशास्त्र परिचय — पुस्तक 15 अंक
1→Cऑगस्ट कॉम्टे (Auguste Comte) — फ्रांसीसी विचारक, जिन्हें "समाजशास्त्र का जनक" कहा जाता है। उन्होंने 1838 में पहली बार "Sociologie" शब्द का प्रयोग किया और कहा — "Sociology is the science of society."
2→Bफ्रांस — समाजशास्त्र का उद्भव फ्रांस में हुआ। फ्रांसीसी क्रांति (1789), ज्ञानोदय और ऑगस्ट कॉम्टे की बौद्धिक परम्परा से समाजशास्त्र का जन्म हुआ।
3→Cचार्ल्स कूले (Charles Cooley) — अमेरिकी समाजशास्त्री। उन्होंने प्राथमिक समूह (Primary Group) की अवधारणा दी — वे छोटे, घनिष्ठ, आमने-सामने के समूह जैसे परिवार, पड़ोस, मित्र-मंडली।
4→Bजन्म व आर्थिक स्थिति — जाति जन्म से निर्धारित होती है (ascribed), बदली नहीं जा सकती। वर्ग (Class) आर्थिक स्थिति पर आधारित है और अर्जित (achieved) हो सकता है।
5→Bपति-पत्नी और उनके बच्चे — Nuclear Family = पति + पत्नी + अविवाहित बच्चे। यह आधुनिक समाज की प्रमुख परिवार-संरचना है।
Q.6–10सामाजिक संस्थाएँ, संस्कृति, शोध-पद्धतियाँ5 अंक
6→Bबहिर्विवाह (Exogamy) — अपने समूह/गोत्र/जाति से बाहर विवाह करना। इसके विपरीत अन्तर्विवाह (Endogamy) = अपने समूह के भीतर विवाह। भारत में जाति = Endogamy; गोत्र = Exogamy।
7→Cपरिवार — समाजीकरण की प्राथमिक संस्था। बच्चे का पहला सामाजिक अनुभव परिवार से होता है। भाषा, संस्कृति, मूल्य — सब परिवार से सीखते हैं।
8→Bअपनी संस्कृति को श्रेष्ठ मानना — Ethnocentrism = अपनी संस्कृति के मानदंडों से दूसरी संस्कृतियों को आँकना और अपनी को श्रेष्ठ मानना। इसके विपरीत Cultural Relativism = हर संस्कृति को उसी के संदर्भ में समझना।
9→Cसामाजिक मानव विज्ञान (Social Anthropology) — Participant Observation पहले Anthropology में विकसित हुई (Malinowski)। बाद में समाजशास्त्र ने इसे अपनाया।
10→Bप्रश्नावली / साक्षात्कार — Survey Method में Questionnaire और Interview प्रमुख उपकरण हैं। बड़े नमूने पर मात्रात्मक डेटा एकत्र किया जाता है।
Q.11–20समाज का बोध (Understanding Society) — पुस्तक 210 अंक
11→Bजाति — भारत में सामाजिक स्तरीकरण का सबसे पुराना और सर्वव्यापी आधार जाति है। यह जन्म पर आधारित, कठोर और परम्परागत है।
12→Cएमिल दुर्खाइम (Emile Durkheim) — उनकी पुस्तक "The Division of Labour in Society" (1893) में Mechanical Solidarity (परम्परागत) और Organic Solidarity (आधुनिक) की अवधारणा है।
13→Bप्रौद्योगिकी व आर्थिक परिवर्तन — Green Revolution, IT, Mobile Technology, Market Economy — ये ग्रामीण समाज में परिवर्तन के मुख्य कारक हैं।
14→Bलोगों का ग्रामीण से शहरी क्षेत्र में प्रवास — Urbanisation = ग्रामीण जनसंख्या का शहरों में स्थानांतरण + शहरी जीवन-शैली का प्रसार।
15→Cभावी पीढ़ियों से समझौता किए बिना वर्तमान विकास — Brundtland Report (1987) की परिभाषा। Sustainable Development = वर्तमान जरूरतें पूरी करना, भविष्य की जरूरतों को नुकसान पहुँचाए बिना।
16→Cलैंगिक असमानता / पुरुष वर्चस्व — Patriarchy = पितृसत्तात्मक व्यवस्था जिसमें पुरुषों का समाज, परिवार और राज्य पर वर्चस्व होता है।
17→Aजैविक एकता (Organic Solidarity) — दुर्खाइम के अनुसार आधुनिक औद्योगिक समाज में श्रम-विभाजन से लोग एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं — यह Organic Solidarity है। पारम्परिक समाज में Mechanical Solidarity होती है।
18→Bनियम-आधारित, श्रेणीबद्ध, औपचारिक प्रशासन — Weber की Bureaucracy की विशेषताएँ: लिखित नियम, पदानुक्रम, तटस्थता, विशेषज्ञता, स्थायी रिकॉर्ड।
19→Cजाति तथा प्रजाति — G.S. Ghurye की पुस्तक "Caste and Race in India" (1932) — भारतीय समाजशास्त्र की नींव मानी जाती है।
20→Cसंस्कृतीकरण (Sanskritisation) — M.N. Srinivas की अवधारणा। निम्न जाति द्वारा उच्च जाति (विशेषतः ब्राह्मण) के रीति-रिवाज, संस्कार और जीवन-शैली अपनाने की प्रक्रिया।
💡 परीक्षा टिप : Comte = Sociology का जनक | Cooley = Primary Group | Durkheim = Suicide + Division of Labour | Weber = Bureaucracy + Verstehen | Ghurye = Caste | Srinivas = Sanskritisation
खण्ड-ब — अतिलघूत्तरीय प्रश्न (10×2=20 अंक)
Q.21समाजशास्त्र vs सामान्य बौद्धिक ज्ञान2 अंक
सामान्य बौद्धिक ज्ञान (Common Sense) व्यक्तिगत अनुभव, परम्परा और अनुमान पर आधारित होता है — यह प्रमाण-रहित हो सकता है। उदाहरण: "गरीब लोग आलसी होते हैं।"

समाजशास्त्र व्यवस्थित, वैज्ञानिक और प्रमाण-आधारित अध्ययन है। यह सामाजिक तथ्यों को तर्क और शोध-पद्धति से जाँचता है। उदाहरण: गरीबी के कारण — संरचनात्मक असमानता, शिक्षा की कमी, आर्थिक नीतियाँ।
1 अंक — Common Sense की विशेषता1 अंक — समाजशास्त्र की वैज्ञानिकता
Q.22सन्दर्भ समूह (Reference Group)2 अंक
सन्दर्भ समूह वह समूह है जिसके मूल्यों, मानदंडों और जीवन-शैली को व्यक्ति अपना आदर्श मानता है और उसके आधार पर अपने व्यवहार को ढालता है — चाहे वह उस समूह का सदस्य हो या न हो।

उदाहरण : एक मध्यमवर्गीय युवक जो IAS अधिकारियों की जीवन-शैली को आदर्श मानकर उसके अनुसार पढ़ता है — उसके लिए IAS समूह Reference Group है।
1 — परिभाषा1 — उदाहरण
Q.23परिवार के कार्यों में परिवर्तन2 अंक
पारम्परिक परिवार के कार्यआधुनिकता में परिवर्तन
आर्थिक उत्पादन (घर में)अब बाहर — कारखाने, कार्यालय
शिक्षा परिवार देता थाअब विद्यालय, ऑनलाइन शिक्षा
धार्मिक संस्कारधर्म का प्रभाव कम हुआ
संयुक्त परिवार प्रमुख थाNuclear Family का उदय
2 परिवर्तन = 1+1 अंक
Q.24सांस्कृतिक परिवर्तन (Cultural Change)2 अंक
सांस्कृतिक परिवर्तन वह प्रक्रिया है जिसमें समाज के मूल्य, विश्वास, रीति-रिवाज, भाषा और जीवन-शैली में समय के साथ परिवर्तन आता है।

कारण : प्रौद्योगिकी, वैश्वीकरण, शिक्षा, जन-माध्यम, प्रवास। उदाहरण : भारत में पश्चिमी पोशाक, Valentine's Day, Social Media का प्रभाव।
Q.25साक्षात्कार (Interview) के लाभ2 अंक
(i) गहन जानकारी : साक्षात्कार में व्यक्ति के व्यक्तिगत अनुभव, भावनाएँ और दृष्टिकोण को विस्तार से समझा जा सकता है।

(ii) लचीलापन : प्रश्न पूछने की दिशा बदली जा सकती है। अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे व्यक्तियों से भी जानकारी मिल सकती है।

(iii) उत्तर-दर : प्रश्नावली की तुलना में साक्षात्कार में उत्तर न देने की समस्या कम होती है।
Q.26सहयोग (Cooperation) — सामाजिक प्रक्रिया2 अंक
सहयोग एक सामाजिक प्रक्रिया है जिसमें दो या अधिक व्यक्ति या समूह मिलकर किसी साझे लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कार्य करते हैं।

प्रकार : प्रत्यक्ष सहयोग (एक साथ काम — खेत जोतना), अप्रत्यक्ष सहयोग (श्रम-विभाजन — किसान, मजदूर, व्यापारी)।
महत्त्व : दुर्खाइम के अनुसार सहयोग से सामाजिक एकता और प्रगति होती है।
Q.27नगरीय vs ग्रामीण जीवन-शैली2 अंक
आधारग्रामीण समाजनगरीय समाज
परिवारसंयुक्त परिवारNuclear परिवार
व्यवसायकृषि प्रधानउद्योग/सेवा प्रधान
सामाजिक संबंधव्यक्तिगत, घनिष्ठऔपचारिक, अवैयक्तिक
परम्पराअधिक प्रभावकम प्रभाव
Q.28पर्यावरण की सामाजिक समस्याएँ2 अंक
पर्यावरण की समस्याएँ सामाजिक हैं क्योंकि मानव व्यवहार और सामाजिक संगठन ही उनका मुख्य कारण हैं।

उदाहरण : औद्योगिकीकरण → वायु प्रदूषण; उपभोक्तावाद → प्लास्टिक कचरा; असमान विकास → आदिवासी क्षेत्रों का विनाश। इन्हें तकनीक से नहीं, सामाजिक नीति और व्यवहार परिवर्तन से हल किया जा सकता है।
Q.29फ्रांसीसी क्रांति और समाजशास्त्र2 अंक
फ्रांसीसी क्रांति (1789) ने पुरानी सामाजिक व्यवस्था (राजशाही, चर्च, कुलीनवर्ग) को ध्वस्त कर नए समाज का मार्ग खोला।

समाजशास्त्र से संबंध : इस उथल-पुथल ने विचारकों को यह समझने के लिए प्रेरित किया कि — नया समाज कैसे संगठित हो? सामाजिक व्यवस्था कैसे बनाई जाए? इसी प्रश्न के उत्तर में Comte ने Sociology की स्थापना की।
Q.30डी.पी. मुखर्जी — परम्परा और परिवर्तन2 अंक
डी.पी. मुखर्जी (D.P. Mukerji) का मत था कि भारत में सामाजिक परिवर्तन को समझने के लिए भारतीय परम्परा को आधार बनाना होगा — केवल पश्चिमी सिद्धान्तों से नहीं चलेगा।

मुख्य विचार : भारतीय परम्परा गतिशील है — इसमें स्वयं परिवर्तन की क्षमता है। भक्ति आंदोलन, सुधार आंदोलन — ये सब भारतीय परम्परा के भीतर से उठे परिवर्तन हैं।
Q.21–30 : 2 अंक प्रत्येक — विषय-वस्तु (1½) + भाषा (½)
खण्ड-स — लघूत्तरीय प्रश्न (5×4=20 अंक)
Q.31समाजशास्त्र के अध्ययन क्षेत्र + अर्थशास्त्र से संबंध (~80 शब्द)4 अंक
अध्ययन क्षेत्र : समाजशास्त्र समाज, सामाजिक समूह, संस्थाएँ, संस्कृति, सामाजिक परिवर्तन, स्तरीकरण, परिवार, धर्म, शिक्षा और राज्य का वैज्ञानिक अध्ययन करता है।
समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र का संबंध : अर्थशास्त्र उत्पादन, वितरण, उपभोग और विनिमय का अध्ययन करता है। समाजशास्त्र इन आर्थिक प्रक्रियाओं के सामाजिक संदर्भ का अध्ययन करता है।
उदाहरण : बेरोजगारी — अर्थशास्त्र इसे माँग-आपूर्ति के रूप में देखता है; समाजशास्त्र इसे जाति-भेद, लिंग-भेद और असमान अवसरों के रूप में देखता है। Weber ने धर्म और पूँजीवाद का संबंध दिखाया।
1 — अध्ययन क्षेत्र2 — अर्थशास्त्र संबंध1 — उदाहरण
Q.32सामाजिक स्तरीकरण + जाति vs वर्ग तुलना (~80 शब्द)4 अंक
सामाजिक स्तरीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें समाज के सदस्य श्रेणियों या तहों में विभाजित हो जाते हैं — कुछ ऊपर, कुछ नीचे।
आधारजाति (Caste)वर्ग (Class)
आधारजन्म से निर्धारितआर्थिक स्थिति से
परिवर्तनबदला नहीं जा सकताबदला जा सकता है
विवाहअन्तर्विवाह (Endogamy)मुक्त विवाह
पेशापरम्परागत, वंशानुगतचुनाव आधारित
मुख्य पहचानभारत (Hindu Society)पूँजीवादी समाज
1 — स्तरीकरण परिभाषा3 — तुलना तालिका
Q.33संस्कृति के तीन पक्ष + समाजीकरण अभिकरण (~80 शब्द)4 अंक
संज्ञानात्मक पक्ष (Cognitive) : संस्कृति में ज्ञान, विश्वास, धारणाएँ और विश्वदृष्टि शामिल हैं। उदा: पृथ्वी गोल है, आत्मा अमर है।
आदर्शात्मक पक्ष (Normative) : समाज के नियम, मूल्य और मानदंड। उदा: बड़ों का सम्मान करना, झूठ न बोलना।
भौतिक पक्ष (Material) : मनुष्य द्वारा निर्मित भौतिक वस्तुएँ। उदा: मंदिर, ग्रंथ, कपड़े, औजार, तकनीक।
💡 समाजीकरण अभिकरण : परिवार (प्राथमिक) → विद्यालय → साथी-समूह (Peer Group) → जन-माध्यम → धार्मिक संस्थाएँ → कार्यस्थल
1+1+1 — तीनों पक्ष1 — समाजीकरण अभिकरण
Q.34ग्रामीण/नगरीय क्षेत्रों में सामाजिक व्यवस्था और परिवर्तन (~80 शब्द)4 अंक
ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक व्यवस्था : जाति-पंचायत, खाप पंचायत, धार्मिक मान्यताएँ और कृषि-आधारित सामाजिक संरचना व्यवस्था का आधार है। परिवर्तन धीमा होता है।
नगरीय क्षेत्र में सामाजिक व्यवस्था : कानून, पुलिस, न्यायपालिका और औपचारिक संस्थाएँ प्रमुख हैं। परिवर्तन तेज, अनाम (anonymous) जीवन।
परिवर्तन के कारण : Green Revolution → ग्रामीण वर्ग-विभाजन; IT Revolution → नई नगरीय मध्यम वर्ग; Migration → ग्राम-शहर दोनों बदले।
2 — ग्रामीण/नगरीय व्यवस्था2 — परिवर्तन के कारण
Q.35पर्यावरण की सामाजिक समस्याएँ + Social Ecology (~80 शब्द)4 अंक
प्रमुख पर्यावरणीय समस्याएँ : जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, जल-प्रदूषण, भूमि-क्षरण, जैव-विविधता की हानि।
ये सामाजिक समस्याएँ क्यों : इनके कारण मानव-निर्मित हैं — उद्योग, उपभोक्तावाद, असमान विकास। इनके समाधान भी सामाजिक हैं — नीति, व्यवहार-परिवर्तन, न्याय।
सामाजिक पारिस्थितिकी (Social Ecology) : Murray Bookchin द्वारा विकसित। मानता है कि पर्यावरण संकट का मूल कारण मानव-समाज में पदानुक्रम और वर्चस्व है। समाज में समानता से पर्यावरण संतुलन होगा।
2 — समस्याएँ + सामाजिक कारण2 — Social Ecology
खण्ड-द — दीर्घोत्तरीय प्रश्न (4×5=20 अंक)
Q.36परिवार की संस्था — विस्तृत विवेचन (~150 शब्द)5 अंक
📝 मॉडल उत्तर
परिवार की परिभाषा : परिवार एक सार्वभौमिक सामाजिक संस्था है जो विवाह, रक्त-संबंध या दत्तक-ग्रहण से जुड़े व्यक्तियों का समूह है।
परिवार के रूप : एकल (Nuclear), संयुक्त (Joint), विस्तृत (Extended), एकल-अभिभावक (Single Parent)।
विवाह के नियम — अन्तर्विवाह (Endogamy) : अपनी जाति/समूह के भीतर विवाह। भारत में जाति-व्यवस्था इसी पर आधारित।
बहिर्विवाह (Exogamy) : अपने गोत्र/कुल से बाहर विवाह। उत्तर भारत में सात पीढ़ी तक गोत्र बहिर्विवाह का नियम है।
परिवार के कार्य : जैविक प्रजनन, बच्चों का समाजीकरण, आर्थिक सहयोग, भावनात्मक सुरक्षा, सामाजिक स्थिति प्रदान करना।
परिवार में परिवर्तन : औद्योगीकरण और नगरीकरण से संयुक्त परिवार टूट रहे हैं। महिला-शिक्षा और रोजगार से परिवार के लिंग-संबंध बदल रहे हैं।
1 — परिभाषा/रूप2 — अन्तर्/बहिर्विवाह1 — कार्य1 — परिवर्तन
Q.37वस्तुनिष्ठता vs व्यक्तिपरकता + Participant Observation सीमाएँ5 अंक
वस्तुनिष्ठता (Objectivity) : शोधकर्ता अपने व्यक्तिगत पूर्वाग्रह, मूल्य और भावनाओं से मुक्त होकर तथ्यों को देखे। Weber ने "Value Neutrality" की बात कही।
व्यक्तिपरकता (Subjectivity) : समाजशास्त्री स्वयं समाज का हिस्सा है — वह पूरी तरह तटस्थ नहीं हो सकता। Weber ने "Verstehen" (सहानुभूतिपूर्ण समझ) की अवधारणा दी।
संतुलन कैसे : बहुविध पद्धतियाँ (Mixed Methods), Reflexivity (अपने पूर्वाग्रहों की पहचान), Peer Review, Triangulation।
Participant Observation की सीमाएँ : (1) शोधकर्ता प्रभावित हो सकता है (Going Native); (2) समूह छोटा होने से सामान्यीकरण कठिन; (3) समय-साध्य और महँगा; (4) नैतिक समस्याएँ — गोपनीयता।
2 — Objectivity/Subjectivity1 — संतुलन2 — Participant Observation सीमाएँ
Q.38एमिल दुर्खाइम — विस्तृत समीक्षा (~150 शब्द)5 अंक
📝 दुर्खाइम — मॉडल उत्तर
परिचय : एमिल दुर्खाइम (1858–1917) फ्रांसीसी समाजशास्त्री। समाजशास्त्र को स्वतंत्र विज्ञान बनाने में सर्वाधिक योगदान। प्रमुख पुस्तकें: The Division of Labour (1893), Rules of Sociological Method (1895), Suicide (1897), Elementary Forms of Religious Life (1912)।
सामाजिक तथ्य (Social Fact) : दुर्खाइम ने कहा — सामाजिक तथ्य व्यक्ति से बाहर, बाध्यकारी और स्वतंत्र अस्तित्व वाले होते हैं। उदा: भाषा, कानून, नैतिकता।
श्रम-विभाजन एवं सामाजिक एकता : Mechanical Solidarity = परम्परागत समाज में समानता से एकता। Organic Solidarity = आधुनिक समाज में श्रम-विभाजन से परस्पर निर्भरता → एकता।
आत्महत्या (Suicide) : दुर्खाइम ने सिद्ध किया कि आत्महत्या व्यक्तिगत नहीं, सामाजिक घटना है। Egoistic, Altruistic, Anomic तीन प्रकार।
धर्म : "Elementary Forms" में धर्म को सामूहिक भावनाओं की अभिव्यक्ति बताया। Sacred vs Profane का भेद। धर्म = समाज की पूजा।
1 — परिचय1 — Social Fact1 — श्रम-विभाजन1 — Suicide1 — धर्म
Q.39भारतीय समाजशास्त्री — तुलनात्मक विश्लेषण (~150 शब्द)5 अंक
समाजशास्त्रीमुख्य विषयप्रमुख अवधारणा/रचना
जी.एस. घुर्येजाति तथा प्रजाति"Caste and Race in India" (1932); भारतीय समाजशास्त्र के संस्थापक
डी.पी. मुखर्जीपरम्परा और परिवर्तनभारतीय परम्परा के भीतर से परिवर्तन; मार्क्सवादी दृष्टिकोण
ए.आर. देसाईराज्य और राष्ट्रवाद"Social Background of Indian Nationalism"; मार्क्सवादी विश्लेषण
एम.एन. श्रीनिवासग्राम समाजSanskritisation; Dominant Caste; "The Remembered Village"
तुलनात्मक बिंदु : घुर्ये और श्रीनिवास ने संरचनात्मक-कार्यात्मक दृष्टिकोण अपनाया; मुखर्जी और देसाई ने मार्क्सवादी दृष्टिकोण। सभी ने भारतीय समाज की विशिष्टताओं को पश्चिमी सिद्धान्तों से अलग समझने की कोशिश की।
1 अंक × 4 समाजशास्त्री1 — तुलनात्मक निष्कर्ष
खण्ड-ई — निबंधात्मक प्रश्न (2×10=20 अंक)
Q.40समाजशास्त्र का उद्भव और विकास (~250 शब्द)10 अंक
📝 मॉडल निबंध — समाजशास्त्र का उद्भव
भूमिका : 19वीं शताब्दी में यूरोप में तीन महान क्रांतियाँ हुईं जिन्होंने परम्परागत समाज को तहस-नहस कर दिया और नए समाज को समझने की जरूरत पैदा हुई — इसी से समाजशास्त्र का जन्म हुआ।
ज्ञानोदय (Enlightenment) : 17–18वीं शताब्दी में यूरोपीय विचारकों ने तर्क, विज्ञान और मानव-प्रगति को केंद्र में रखा। Locke, Rousseau, Voltaire — इन्होंने परम्परागत चर्च और राजशाही को चुनौती दी। इसी से समाज के वैज्ञानिक अध्ययन की नींव पड़ी।
फ्रांसीसी क्रांति (1789) : "स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व" के नारे से पुरानी सामाजिक व्यवस्था टूटी। नई राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था कैसे बने — इस प्रश्न ने Comte, Saint-Simon को सोचने पर मजबूर किया।
औद्योगिक क्रांति : कारखाने, शहर, मजदूर वर्ग, पूँजीवाद का उदय। Marx ने वर्ग-संघर्ष, Durkheim ने श्रम-विभाजन, Weber ने Bureaucracy के माध्यम से इसे समझाया।
ऑगस्ट कॉम्टे का योगदान : "Sociology" शब्द दिया; Positivism का प्रतिपादन — समाज का अध्ययन भी प्राकृतिक विज्ञान की तरह होना चाहिए। "Social Statics" (व्यवस्था) और "Social Dynamics" (परिवर्तन) का भेद।
भारत में समाजशास्त्र का विकास : 1919 में बॉम्बे विश्वविद्यालय में पहला विभाग। घुर्ये, मुखर्जी, श्रीनिवास ने भारतीय सामाजिक यथार्थ — जाति, गाँव, परम्परा — को समाजशास्त्र के केंद्र में लाया। पश्चिमी सिद्धान्तों को भारतीय संदर्भ में परखा।
निष्कर्ष : यूरोपीय समाजशास्त्र ने जो नींव रखी, भारत में उसे स्थानीय रंग मिला। आज समाजशास्त्र एक वैश्विक विज्ञान है जो स्थानीय सामाजिक समस्याओं को सैद्धान्तिक दृष्टि से समझने में मदद करता है।
2 — ज्ञानोदय2 — फ्रांसीसी+औद्योगिक क्रांति2 — कॉम्टे2 — भारत1 — तुलना1 — भाषा/निष्कर्ष
Q.41पर्यावरण और समाज — विस्तृत विश्लेषण (~250 शब्द)10 अंक
📝 मॉडल निबंध — पर्यावरण और समाज
भूमिका : पर्यावरण और समाज का संबंध द्विपक्षीय है — समाज पर्यावरण को आकार देता है और पर्यावरण समाज को। 21वीं सदी में यह सबसे महत्त्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा बन गया है।
पर्यावरण की सामाजिक समस्याएँ :
• जलवायु परिवर्तन — कार्बन उत्सर्जन, ग्लोबल वार्मिंग
• वनों का विनाश — आदिवासियों का विस्थापन
• जल-संकट — असमान वितरण, प्रदूषण
• प्लास्टिक प्रदूषण — उपभोक्तावाद का परिणाम
पर्यावरण समस्याएँ = सामाजिक समस्याएँ क्यों : प्राकृतिक आपदाएँ (बाढ़, सूखा) गरीबों को अधिक प्रभावित करती हैं। पर्यावरण का दोहन ताकतवर वर्ग करता है, नुकसान कमजोर वर्ग को। इसलिए पर्यावरण न्याय = सामाजिक न्याय।
सामाजिक पारिस्थितिकी (Social Ecology) : Murray Bookchin की अवधारणा। तर्क: पर्यावरण नष्ट होने का कारण मानव-समाज में पदानुक्रम (hierarchy) है। जब तक समाज में असमानता है, पर्यावरण नष्ट होता रहेगा। समाधान = विकेन्द्रित, सहभागी, समतावादी समाज।
सतत् विकास (Sustainable Development) : Brundtland Report 1987 — "Development that meets the needs of the present without compromising the ability of future generations to meet their own needs." SDGs (17 लक्ष्य) इसी पर आधारित।
भारतीय संदर्भ : Chipko Movement, Narmada Bachao Andolan, Solar Energy Revolution, India's Panchamrit Pledge — भारत पर्यावरण नेतृत्व की ओर।
निष्कर्ष : पर्यावरण संकट तकनीकी नहीं, सामाजिक चुनौती है। इसका समाधान सामाजिक न्याय, टिकाऊ जीवन-शैली और सामूहिक जिम्मेदारी में है।
2 — समस्याएँ + सामाजिक कारण2 — Social Ecology2 — Sustainable Development2 — भारतीय संदर्भ2 — भाषा/निष्कर्ष
📊 अंक-सारांश — Final Marks Summary
खण्डप्रश्नअंकउच्च अंक के लिए सुझाव
अ — MCQQ.1–2020Comte/Durkheim/Weber/Ghurye/Srinivas — ये 5 याद रखें
ब — अतिलघूत्तरQ.21–302040 शब्द, परिभाषा + उदाहरण = पूरे 2 अंक
स — लघूत्तरQ.31–3520तुलना तालिका बनाएँ — अधिक अंक
द — दीर्घोत्तरQ.36–3920Points में लिखें, उदाहरण दें, निष्कर्ष लिखें
ई — निबंधात्मकQ.40–4120भूमिका + 5-6 बिंदु + निष्कर्ष = 10 अंक
महायोग100परीक्षक का विवेक सर्वोपरि — उचित वैकल्पिक उत्तर मान्य

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