ज्यामिति (अध्याय 6, 7, 10; प्र. 13, 17, 18, 26, 27, 28, 32, 38): विधि और 16 हल अभ्यास — कक्षा 10 गणित (RBSE 2026-27)

📅 Wednesday, 21 October 2026 📖 पढ़ रहे हैं...
ज्यामिति (अध्याय 6, 7, 10)
बोर्डमाध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर
कक्षा / सत्र10 / 2026-27
विषयगणित (कोड 09)
पाठ्यपुस्तकNCERT गणित कक्षा 10, अध्याय 6 त्रिभुज, अध्याय 7 निर्देशांक ज्यामिति, अध्याय 10 वृत्त
बोर्ड के प्रारूप में अंकभारत्रिभुज 4 + निर्देशांक ज्यामिति 7 + वृत्त 6 = 17 अंक
नमूना प्रश्न-पत्र में8 प्रश्न: 1 अंक के 3 (प्र. 13, 17, 18), 2 अंक के 3 (प्र. 26, 27, 28), 3 अंक का 1 (प्र. 32), 5 अंक का 1 (प्र. 38)

यह लेख ज्यामिति के प्रश्नों (प्र. 13, 17, 18, 26, 27, 28, 32, 38) के बारे में है। पूरे प्रश्न-पत्र का ढाँचा हमारे कक्षा 10 गणित प्रश्न पत्र प्रारूप एवं ब्लू प्रिंट 2026-27 में है; श्रृंखला के पिछले लेख सांख्यिकी और प्रायिकता, त्रिकोणमिति और बीजगणित पर हैं; और अभ्यास के लिए केस-आधारित प्रश्न तथा शब्द-समस्याओं के पृष्ठ देखें।

बोर्ड के नमूना प्रश्न-पत्र 2026-27 में ज्यामिति के तीन अध्यायों के 8 प्रश्न हैं, कुल 17 अंक के। दो प्रश्न (प्र. 27 और 32) सीधे प्रमेयों पर टिके हैं, और पाँच अंक का प्र. 38 आंतरिक विकल्प वाला विभाजन-सूत्र का प्रश्न है।

इस लेख में पहले प्रश्नों का स्वरूप और कुंजी की बातें हैं, फिर तीनों अध्यायों की विधि और उत्तर लिखने का ढंग, और अंत में 16 हल अभ्यास: 6 एक अंक के, 4 दो अंक के, 4 तीन अंक के और 2 पाँच अंक के।

चार बातें साफ़ रहें: (1) बोर्ड के प्रश्नों का केवल आशय हमारे शब्दों में है; पूरे प्रश्न और पूरे उत्तर बोर्ड की साइट पर देखिए। (2) अंक-विभाजन वहीं बोर्ड का है जहाँ छपा है: प्र. 26 में (1+1=2), प्र. 32 में (1+2=3) और प्र. 38 में (2½+2½=5); प्र. 27 और 28 में केवल (2)। हमारे अभ्यासों का विभाजन हमारा अनुमान है। (3) प्र. 13 की आकृति और प्र. 27 की कुंजी पर हमारी पढ़त नीचे है; बाक़ी प्रश्न हमने स्वयं हल करके कुंजी से मिलाए हैं। (4) 16 प्रश्न और हल हमारे अपने हैं; हर उत्तर कंप्यूटर से सटीक रूप में जाँचा गया है और हर बहुविकल्पी में चारों विकल्प अलग हैं। लेख में चित्र नहीं हैं; आकृति का वर्णन शब्दों में है, उसे कॉपी में बनाइए।

अंतिम अद्यतन: 20 अक्टूबर 2026 · पढ़ने का समय: लगभग 40 मिनट

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1. बोर्ड के पेपर में ज्यामिति

बोर्ड के नमूना प्रश्न-पत्र (गणित, विषय कोड 09, समय 3 घंटे 15 मिनट, पूर्णांक 80) के ब्लूप्रिंट में ज्यामिति के तीन अध्यायों के ये प्रश्न हैं। प्रश्नों का आशय हमारे शब्दों में, और उत्तर-कुंजी की बातें जैसी छपी हैं:

बोर्ड के नमूना प्रश्न-पत्र में ज्यामिति के आठ प्रश्न
प्र.अध्यायअंकप्रश्न का आशय (हमारे शब्दों में)उत्तर-कुंजी में
1361आकृति में DE ∥ BC है और कुछ लंबाइयाँ दी हैं; EC का मान चुननासही विकल्प (अ), यानी 2
1761समरूप त्रिभुजों के चार कथनों में से असत्य कथन पहचाननासही विकल्प (स)
18101O केंद्र वाले वृत्त की दो स्पर्श रेखाएँ TP और TQ हैं और ∠POQ = 110° दिया है; ∠PTQ चुननासही विकल्प (ब), यानी 70°
26102एक रेखा वृत्त को एक बिंदु पर और दूसरी दो बिंदुओं पर काटती है; दोनों का अंतर समझानाछेदक और स्पर्श रेखा की परिभाषा, आकृति सहित (1+1=2)
2762एक त्रिभुज का एक कोण दूसरे के एक कोण के बराबर हो और उन्हें घेरने वाली भुजाएँ समानुपाती हों, तो त्रिभुज समरूप; इस कथन की समीक्षाउपपत्ति की रूपरेखा: दिया हुआ अनुपात और ∠A = ∠D, PQ ∥ EF, ΔABC ≅ ΔDPQ, ΔABC ~ ΔDEF (2)
2872तीन दिए बिंदुओं का संरेख होना दिखानाAB = BC = √20, AC = √80 = 2√20; AB + BC = AC (2)
32103बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची दो स्पर्श रेखाओं की लंबाइयों का संबंध और उसका कारणलंबाई में समान; कारण प्रमेय 10.2 (1+2=3)
3875AB को 2 : 3 में बाँटने वाला बिंदु; फिर A का x-निर्देशांक 4 बढ़ाकर और B का y-निर्देशांक 5 घटाकर नई स्थिति में वही बिंदु। अथवा (−1, 7), (4, −3) का 2 : 3 वाला बिंदु और अनुपात 3 : 2 करके दोबाराP(6, 1); A′(6, −3), B′(12, 2); P′(42/5, −1) (2½+2½)। अथवा (1, 3) और (2, 1)

अंकों का मिलान: 3 × 1 + 3 × 2 + 3 + 5 = 17, और अध्यायवार 4 + 7 + 6 = 17 (त्रिभुज: प्र. 13, 17, 27; निर्देशांक ज्यामिति: प्र. 28, 38; वृत्त: प्र. 18, 26, 32); यह बोर्ड के ब्लूप्रिंट से बैठता है। प्र. 38 में आंतरिक विकल्प है। NCERT के पुनर्मुद्रण 2026-27 के अनुभाग-क्रमांक नीचे हर अध्याय में दिए गए हैं।

कुंजी और प्रश्नों से पाँच बातें (हमारी पढ़त):

  • प्र. 13: आकृति में AD = 1.5 cm, DB = 3 cm, AE = 1 cm और BC = 4 cm दिए हैं (आँकड़े NCERT अभ्यास 6.2 के प्रश्न 1(i) जैसे हैं)। प्रमेय 6.1 से 1.53 = 1EC, इसलिए EC = 2, विकल्प (अ), और कुंजी भी (अ) है। BC = 4 cm इस प्रश्न में काम नहीं आता। आकृति में C पर समकोण जैसा दिखता है, पर दी लंबाइयों से AB = 4.5 और AC = 3 बनते हैं, और 3² + 4² = 25 जबकि 4.5² = 20.25; यानी समकोण नहीं है (हमारी गणना)। प्रमेय 6.1 में केवल अनुपात लगता है, इसलिए उत्तर पर असर नहीं पड़ता।
  • प्र. 17: कुंजी (स) है, यानी वह कथन जो समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं को लंबाई में बराबर बताता है। NCERT के सारांश (6.5) में संगत भुजाएँ समानुपाती हैं, बराबर नहीं; बराबर होतीं तो त्रिभुज सर्वांगसम होते।
  • प्र. 18: यह NCERT अभ्यास 10.2 के प्रश्न 2 जैसा ही है, विकल्प (60°, 70°, 80°, 90°) भी वही हैं। चतुर्भुज OPTQ में ∠OPT = ∠OQT = 90° (प्रमेय 10.1), इसलिए ∠PTQ = 360° − 90° − 90° − 110° = 70°, कुंजी (ब)।
  • प्र. 27: कुंजी की रूपरेखा NCERT की प्रमेय 6.5 (SAS समरूपता) की उपपत्ति के क्रम पर है: दिया हुआ ABDE = ACDF और ∠A = ∠D, फिर PQ ∥ EF और ΔABC ≅ ΔDPQ, फिर ΔABC ~ ΔDEF। NCERT में उपपत्ति के दो स्थानों पर ‘कैसे?’ और ‘क्यों?’ छोड़ा गया है; उनका कारण पूरे उत्तर में आप लिखिए (अगले खंड में)।
  • प्र. 28, 32 और 38: प्र. 28 NCERT के उदाहरण 3 (7.2) की विधि है: AB + BC = AC। प्र. 32 की कुंजी में ‘प्रमेय 10.2’ का नाम है और (1+2=3) छपा है; उपपत्ति (RHS और CPCT) लिखना सुरक्षित है (हमारा सुझाव)। प्र. 38 की कुंजी में A′(6, −3) और B′(12, 2) लिखे हैं, और ‘अथवा’ के आँकड़े NCERT अभ्यास 7.2 के प्रश्न 1 के हैं।

समय: बोर्ड की प्रश्न-पत्र योजना में हल करने का संभावित समय 180 मिनट है (बहुविकल्पी 20, दो अंक 16, तीन अंक 28, पाँच अंक 116), और पढ़ने के 15 मिनट अलग हैं। इससे औसत: 1 अंक का प्रश्न 1 मिनट, 2 अंक का 2 मिनट, 3 अंक का 3.5 मिनट, 5 अंक का 29 मिनट। ज्यामिति के 8 प्रश्नों का औसत 3 × 1 + 3 × 2 + 3.5 + 29 = 41.5 मिनट बैठता है; यह औसत है, इसलिए 1 अंक वाले प्रश्नों में बचाया समय प्र. 38 को दीजिए (हमारा अनुमान)।

2. त्रिभुज (अध्याय 6)

चार अंक: बहुविकल्पी प्र. 13 और 17, और दो अंक का प्र. 27। NCERT के अनुभाग 6.3 में प्रमेय 6.1 और 6.2, और 6.4 में प्रमेय 6.3, 6.4 और 6.5 हैं। कौन-सा नियम कब लगता है:

समरूपता और आधारभूत समानुपातिकता के नियम
जो दिया हैनियमNCERT
रेखा एक भुजा के समांतर है; दूसरी दो भुजाओं के टुकड़े चाहिएदोनों भुजाएँ एक ही अनुपात में बँटती हैंप्रमेय 6.1 (6.3)
दो भुजाएँ एक ही अनुपात में बँटी हैं; समांतरता सिद्ध करनी हैरेखा तीसरी भुजा के समांतर हैप्रमेय 6.2 (6.3)
दो कोण क्रमशः बराबरत्रिभुज समरूप (AA)सारांश 6.5, बिंदु 7
तीनों कोण क्रमशः बराबरत्रिभुज समरूप (AAA)प्रमेय 6.3 (6.4)
तीनों भुजाएँ समानुपातीत्रिभुज समरूप (SSS)प्रमेय 6.4 (6.4)
एक कोण बराबर और उसे घेरने वाली भुजाएँ समानुपातीत्रिभुज समरूप (SAS)प्रमेय 6.5 (6.4)

अनुपात सही बनाना (प्र. 13 जैसे)

ΔABC में D भुजा AB पर और E भुजा AC पर हो और DE ∥ BC, तो प्रमेय 6.1 से ADDB = AEEC। यानी A की ओर वाला टुकड़ा ÷ दूर वाला टुकड़ा, दोनों भुजाओं पर एक ही क्रम से (अभ्यास 1)। पूरी भुजा चाहिए तो AB = AD + DB और AC = AE + EC लिखिए; तब ADAB = AEAC भी सही है (अभ्यास 16)।

असत्य कथन पहचानना (प्र. 17 जैसे)

NCERT के सारांश (6.5) के अनुसार: दो आकृतियाँ समरूप हैं यदि आकार समान हो, माप समान होना ज़रूरी नहीं; सभी सर्वांगसम आकृतियाँ समरूप हैं पर उलटा सत्य नहीं; समरूप त्रिभुजों में संगत कोण बराबर और संगत भुजाएँ समानुपाती हैं। इसलिए ‘समरूप ⇒ सर्वांगसम’ और ‘संगत भुजाएँ बराबर’ वाले कथन असत्य हैं, जबकि ‘कोई भी दो वर्ग’ या ‘कोई भी दो समबाहु त्रिभुज’ समरूप होते हैं (अभ्यास 2)।

प्रमेय 6.5 की उपपत्ति (प्र. 27 जैसे)

कथन: यदि एक त्रिभुज का एक कोण दूसरे के एक कोण के बराबर हो और उन्हें घेरने वाली भुजाएँ समानुपाती हों, तो त्रिभुज समरूप होते हैं। ΔABC और ΔDEF में ABDE = ACDF और ∠A = ∠D है। हमारा सुझाव है कि उत्तर इस क्रम में लिखें, कारण कोष्ठक में:

  1. रचना: DE पर DP = AB और DF पर DQ = AC काटिए और PQ जोड़िए।
  2. DPDE = ABDE = ACDF = DQDF, इसलिए PQ ∥ EF (प्रमेय 6.2)।
  3. ΔABC ≅ ΔDPQ, क्योंकि AB = DP, ∠A = ∠D, AC = DQ (SAS सर्वांगसमता); इसलिए ∠B = ∠P और ∠C = ∠Q (CPCT)।
  4. PQ ∥ EF से ∠P = ∠E और ∠Q = ∠F (संगत कोण); इसलिए ∠A = ∠D, ∠B = ∠E, ∠C = ∠F।
  5. तीनों कोण बराबर हैं, इसलिए ΔABC ~ ΔDEF (AAA)। ∎

NCERT की उपपत्ति में ‘कैसे?’ वाला स्थान चरण 2 और 3 है, और ‘क्यों?’ वाला चरण 5 (अभ्यास 7 में इसी का संख्यात्मक प्रयोग है)। ΔABC ~ ΔDEF में शीर्ष संगत क्रम में लिखिए: A↔D, B↔E, C↔F।

आम गलतियाँ

  • अनुपात में A की ओर और दूर वाले टुकड़े उलझा देना, जैसे ADDB के साथ ECAE मिलाना (अभ्यास 1, 13)।
  • ADAB लिखते समय AB की जगह DB ले लेना (अभ्यास 1, 16)।
  • SAS में कोण को घेरने वाली भुजाओं के बजाय कोई और दो भुजाएँ लेना, या कसौटी का नाम (AA, SAS) लिखे बिना समरूपता घोषित करना (अभ्यास 7)।

3. निर्देशांक ज्यामिति (अध्याय 7)

सात अंक: दो अंक का प्र. 28 और पाँच अंक का प्र. 38। NCERT के सारांश (7.4) में चार सूत्र हैं; बोर्ड के नमूने के प्र. 28 और 38 में पहला और तीसरा लगता है:

निर्देशांक ज्यामिति के सूत्र
क्या चाहिएसूत्रNCERT
P(x1, y1) और Q(x2, y2) की दूरीPQ = √[(x2 − x1)² + (y2 − y1)²]7.2; सारांश बिंदु 1
मूल-बिंदु से P(x, y) की दूरीOP = √(x² + y²)सारांश बिंदु 2
AB को PA : PB = m1 : m2 में आंतरिक रूप से बाँटने वाला बिंदु Px = m1x2 + m2x1m1 + m2, y = m1y2 + m2y1m1 + m27.3; सारांश बिंदु 3
AB का मध्य-बिंदु(x1 + x22, y1 + y22)सारांश बिंदु 4

संरेखता (प्र. 28 जैसे)

NCERT के उदाहरण 3 (7.2) की विधि: तीनों दूरियाँ AB, BC, AC निकालिए; यदि सबसे बड़ी दूरी बाक़ी दोनों के योग के बराबर हो, तो बिंदु संरेख हैं। बोर्ड के नमूने में AB = BC = √20 और AC = √80 = 2√20 है। वर्गमूल को सरल कीजिए (√20 = 2√5, √80 = 4√5), तब AB + BC = AC साफ़ दिखता है (अभ्यास 8)। जहाँ दो दूरियों का योग तीसरी के पास-पास आए, वहाँ दशमलव पर भरोसा न कीजिए; वर्ग करके सटीक तुलना कीजिए (अभ्यास 12)।

विभाजन-सूत्र (प्र. 38 जैसे)

  1. अनुपात का अर्थ: सूत्र में PA : PB = m1 : m2 है (NCERT 7.4 की टिप्पणी)। m1 B के निर्देशांक से और m2 A के निर्देशांक से गुणा होता है; यहीं सबसे अधिक गलती होती है (अभ्यास 4)।
  2. सूत्र लिखकर मान रखिए: x और y अलग-अलग, हर में m1 + m2 (अभ्यास 15)।
  3. स्थिति की जाँच: P, A और B के बीच में होना चाहिए, और 2 : 3 में PA छोटा है, इसलिए P, A के पास है (हमारा सुझाव)।
  4. अनुपात बदलने पर: m1 और m2 की अदला-बदली कीजिए और सूत्र फिर से चलाइए (अभ्यास 15)।
  5. बदली हुई स्थिति (प्र. 38 के पहले विकल्प जैसी): पहले नए A′ और B′ लिखिए (A(2, −3) का x-निर्देशांक 4 बढ़ने से A′(6, −3), B(12, 7) का y-निर्देशांक 5 घटने से B′(12, 2)), फिर वही अनुपात नए बिंदुओं पर लगाइए: x = 2 × 12 + 3 × 65 = 425, y = 2 × 2 + 3 × (−3)5 = −1। पहले मिले बिंदु P(6, 1) को सीधे बदलना गलत है।

त्रिभाजन-बिंदु 1 : 2 और 2 : 1 अनुपात के बिंदु हैं; NCERT के उदाहरण 8 और अभ्यास 7.2 के प्रश्न 2 में ऐसे प्रश्न हैं (अभ्यास 14)।

आम गलतियाँ

  • अंतर निकालते समय चिह्न गलत लेना: 4 − (−2) = 6, 2 नहीं (अभ्यास 3)।
  • दूरी-सूत्र में वर्गमूल लेना भूल जाना (अभ्यास 3)।
  • विभाजन-सूत्र में अनुपात उलट देना, या हर में m1 + m2 से भाग देना भूल जाना (अभ्यास 4, 15)।
  • संरेखता में सबसे बड़ी दूरी की जगह कोई भी दो दूरियाँ जोड़ देना (अभ्यास 12), या बदली स्थिति में पुराने P को ही खिसका देना (अभ्यास 15)।

4. वृत्त और स्पर्श रेखाएँ (अध्याय 10)

छह अंक: बहुविकल्पी प्र. 18, दो अंक का प्र. 26 और तीन अंक का प्र. 32। NCERT के सारांश (10.4) में तीन ही बातें हैं: स्पर्श रेखा का अर्थ, स्पर्श-बिंदु वाली त्रिज्या पर लंब होना (प्रमेय 10.1, अनुभाग 10.2) और बाहरी बिंदु से दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होना (प्रमेय 10.2, अनुभाग 10.3)।

कोण निकालना (प्र. 18 जैसे)

बाहरी बिंदु T से स्पर्श रेखाएँ TP और TQ हों, तो ∠OPT = ∠OQT = 90° (प्रमेय 10.1)। चतुर्भुज OPTQ के कोणों का योग 360° है, इसलिए ∠POQ + ∠PTQ = 180°। यानी एक कोण दिया हो तो दूसरा 180° में से घटाकर मिलता है (अभ्यास 6)। TP = TQ होने से ΔTPQ समद्विबाहु है और ∠TPQ = ∠TQP = 180° − ∠PTQ2 (अभ्यास 10)।

लंबाई निकालना (अभ्यास 5)

स्पर्श-बिंदु T पर ∠OTP = 90° है, इसलिए समकोण ΔOTP में PT² = OP² − OT² (पाइथागोरस)। केंद्र से बिंदु की दूरी कर्ण है, त्रिज्या एक भुजा; कर्ण में से घटाना न भूलिए। NCERT अभ्यास 10.2 का प्रश्न 1 इसी का उलटा रूप है।

अंतर समझाना (प्र. 26 जैसे)

NCERT के अनुभाग 10.1 के अनुसार जो रेखा वृत्त को दो बिंदुओं पर मिलती है वह छेदक है और जो केवल एक बिंदु पर मिलती है वह स्पर्श रेखा। बोर्ड की कुंजी में दोनों परिभाषाएँ और एक आकृति है। ‘गुण’ पूछे जाएँ तो स्पर्श रेखा का लंब वाला गुण (प्रमेय 10.1) भी जोड़ दीजिए (हमारा सुझाव; अभ्यास 9)।

प्रमेय 10.2 की उपपत्ति (प्र. 32 जैसे)

कथन: बाहरी बिंदु से वृत्त पर खींची दो स्पर्श रेखाओं की लंबाई बराबर होती है। P से स्पर्श रेखाएँ PA और PB हों (अभ्यास 11)। उत्तर इस क्रम में:

  1. O को A, B और P से जोड़िए।
  2. ∠OAP = ∠OBP = 90° (स्पर्श रेखा त्रिज्या पर लंब, प्रमेय 10.1)।
  3. समकोण ΔOAP और ΔOBP में OA = OB (एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ) और OP उभयनिष्ठ है।
  4. इसलिए ΔOAP ≅ ΔOBP (RHS), और PA = PB (CPCT)। ∎

NCERT की टिप्पणी 1 के अनुसार पाइथागोरस से भी यही निकलता है: PA² = OP² − OA² = OP² − OB² = PB²। टिप्पणी 2: ∠OPA = ∠OPB, यानी OP कोण APB का समद्विभाजक है।

आम गलतियाँ

  • चतुर्भुज में दो समकोण गिनना भूल जाना; ∠POQ से ∠PTQ निकालते समय 360° में से केवल 90° घटाना (अभ्यास 6)।
  • स्पर्श-लंबाई में OP² − OT² की जगह OP² + OT² लिख देना (अभ्यास 5)।
  • कारण में ‘प्रमेय 10.2’ लिखकर उसी की उपपत्ति के बिना छोड़ देना, जबकि प्रश्न ‘कारण’ पूछ रहा हो (हमारा सुझाव; अभ्यास 11)।

5. आकृति और उत्तर लिखने का ढंग

इस लेख में चित्र नहीं हैं; हर अभ्यास में आकृति का वर्णन शब्दों में है। उसे कॉपी में पेंसिल से बनाकर हल कीजिए। आकृति को उत्तर का हिस्सा मानिए (हमारा सुझाव)।

  • क्रम: प्रमेय वाले प्रश्न (प्र. 27, 32) में दिया है → सिद्ध करना है → रचना → उपपत्ति; संख्यात्मक प्रश्न (प्र. 13, 28, 38) में सूत्र या प्रमेय का नाम → मान रखना → उत्तर। वृत्त की आकृति में केंद्र O, स्पर्श-बिंदु, त्रिज्याएँ और समकोण के चिह्न दिखाइए।
  • समकोण का चिह्न वहीं लगाइए जहाँ किसी प्रमेय या दत्त से वह मिला हो; प्र. 13 की आकृति में जैसा समकोण दिखता है, उस पर भरोसा न कीजिए (ऊपर देखें)।
  • हर कथन के आगे कोष्ठक में कारण लिखिए: (प्रमेय 6.1), (प्रमेय 10.1), (RHS), (CPCT), (दत्त)।
  • अंत में निष्कर्ष एक वाक्य में लिखिए: ‘अतः EF ∥ QR’ या ‘अतः बिंदु संरेख हैं’।
  • प्र. 38 में प्रत्येक बिंदु का उत्तर रेखांकित कीजिए, ताकि 2½ + 2½ का विभाजन साफ़ दिखे (हमारा सुझाव)।

6. 16 हल अभ्यास

पहले खुद हल कीजिए (आकृति बनाकर), फिर ‘उत्तर देखें’ या ‘हल देखें’ दबाइए। ‘प्र. 13 जैसा’ का अर्थ है कि अभ्यास उसी ढंग का है, बोर्ड का प्रश्न नहीं; आँकड़े हमने बदले हैं। हर हल के नीचे की टिप्पणी बताती है कि अंक-विभाजन बोर्ड की कुंजी से है या हमारा अनुमान।

एक अंक के (अभ्यास 1–6)

अभ्यास 1 1 अंक · प्र. 13 जैसा · NCERT 6.3

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएΔABC में बिंदु D भुजा AB पर और बिंदु E भुजा AC पर हैं तथा DE ∥ BC। यदि AD = 2 cm, DB = 3 cm और AE = 4 cm हो, तो EC कितना है?
  • (a) 8/3 cm
  • (b) 6 cm
  • (c) 10 cm
  • (d) 3 cm
उत्तर देखें

सही उत्तर: (b)

DE ∥ BC है, इसलिए NCERT की प्रमेय 6.1 से ADDB = AEEC। यानी 23 = 4EC, जिससे EC = 4 × 32 = 6 cm। (a) अनुपात उलटने से आता है; (c) तब आता है जब DB की जगह AB (= 5 cm) लेकर 25 = 4EC लिख दिया जाए; (d) केवल DB की लंबाई है। जाँच: 23 = 46 ✓।

अभ्यास 2 1 अंक · प्र. 17 जैसा · NCERT 6.2, 6.5

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएसमरूप आकृतियों के बारे में नीचे दिए चार कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है?
  • (a) सर्वांगसम त्रिभुज सदा समरूप होते हैं
  • (b) संगत कोण बराबर हों, तो दो त्रिभुज समरूप होते हैं
  • (c) समरूप त्रिभुज सदा सर्वांगसम होते हैं
  • (d) कोई भी दो वर्ग समरूप होते हैं
उत्तर देखें

सही उत्तर: (c)

NCERT के सारांश (6.5, बिंदु 1 और 2) के अनुसार सभी सर्वांगसम आकृतियाँ समरूप हैं, पर इसका उलटा सत्य नहीं; इसलिए (c) असत्य है। (b) AAA कसौटी (प्रमेय 6.3) है और (d) के लिए NCERT 6.2 में कहा है कि सभी वर्ग समरूप हैं।

अभ्यास 3 1 अंक · प्र. 28 का आधार · NCERT 7.2

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएबिंदुओं (−2, 3) और (4, −5) के बीच की दूरी कितनी है?
  • (a) 10
  • (b) √68
  • (c) 14
  • (d) 100
उत्तर देखें

सही उत्तर: (a)

दूरी-सूत्र (NCERT 7.4, बिंदु 1) से दूरी = √[(4 − (−2))² + (−5 − 3)²] = √(6² + (−8)²) = √(36 + 64) = √100 = 10। (b) में 4 − (−2) की जगह 4 − 2 = 2 ले लिया गया (चिह्न की गलती); (c) में अंतर 6 और 8 सीधे जोड़ दिए गए; (d) में वर्गमूल लेना भूल गए।

अभ्यास 4 1 अंक · प्र. 38 का आधार · NCERT 7.3

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएबिंदुओं A(1, 2) और B(7, 8) को जोड़ने वाले रेखाखंड को 1 : 2 में आंतरिक रूप से विभाजित करने वाला बिंदु कौन-सा है?
  • (a) (5, 6)
  • (b) (4, 5)
  • (c) (9, 12)
  • (d) (3, 4)
उत्तर देखें

सही उत्तर: (d)

यहाँ PA : PB = 1 : 2, यानी m1 = 1 और m2 = 2। NCERT के सूत्र से x = 1 × 7 + 2 × 13 = 3 और y = 1 × 8 + 2 × 23 = 4, इसलिए बिंदु (3, 4)। (a) अनुपात उलटने (2 : 1) पर आता है; (b) मध्य-बिंदु है; (c) में योग को (m1 + m2) = 3 से भाग देना भूल गए। जाँच: A से (3, 4) का अंतर (2, 2) है और (3, 4) से B का अंतर (4, 4), यानी 1 : 2 ✓।

अभ्यास 5 1 अंक · NCERT अभ्यास 10.2 के प्रश्न 1 जैसा · NCERT 10.2, 10.3

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएO केंद्र और 5 cm त्रिज्या वाले वृत्त के बाहर एक बिंदु P इस प्रकार है कि OP = 13 cm। P से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखा की लंबाई कितनी है?
  • (a) 8 cm
  • (b) 12 cm
  • (c) 18 cm
  • (d) √194 cm
उत्तर देखें

सही उत्तर: (b)

NCERT की प्रमेय 10.1 के अनुसार स्पर्श-बिंदु पर स्पर्श रेखा त्रिज्या पर लंब होती है, इसलिए त्रिभुज OTP (T स्पर्श-बिंदु) समकोण है और PT² = OP² − OT² = 13² − 5² = 169 − 25 = 144, यानी PT = 12 cm। (a) 13 − 5 है, (c) 13 + 5 है, और (d) में 5² घटाने की जगह जोड़ दिया गया है।

अभ्यास 6 1 अंक · NCERT अभ्यास 10.2 के प्रश्न 3 जैसा · NCERT 10.2, 10.3

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएO केंद्र वाले वृत्त पर बाहरी बिंदु P से दो स्पर्श रेखाएँ PA और PB खींची गई हैं। यदि ∠APB = 70° हो, तो ∠AOB कितना है?
  • (a) 70°
  • (b) 55°
  • (c) 110°
  • (d) 140°
उत्तर देखें

सही उत्तर: (c)

प्रमेय 10.1 से ∠OAP = ∠OBP = 90°। चतुर्भुज OAPB के चारों कोणों का योग 360° है, इसलिए ∠AOB = 360° − 90° − 90° − 70° = 110°। यानी ∠AOB + ∠APB = 180°। (a) वही कोण दोहराना है, (b) आधा और (d) दोगुना है; दोनों का कोई आधार नहीं।

दो अंक के (अभ्यास 7–10)

अभ्यास 7 2 अंक · प्र. 27 जैसा · NCERT 6.4

हमारी रचना · 2 अंकΔABC और ΔPQR में ∠B = ∠Q है। AB = 6 cm, BC = 9 cm, PQ = 4 cm और QR = 6 cm है। क्या ये त्रिभुज समरूप हैं? कारण दीजिए और AC : PR बताइए।
हल देखें

चरण 1: अनुपात। कोण B को घेरने वाली भुजाओं के लिए ABPQ = 64 = 32 और BCQR = 96 = 32। दोनों अनुपात बराबर हैं।

चरण 2: कसौटी। ∠B = ∠Q दिया है और इन कोणों को बनाने वाली (शामिल) भुजाएँ समानुपाती हैं, इसलिए NCERT की प्रमेय 6.5 (SAS समरूपता) से ΔABC ~ ΔPQR।

चरण 3: तीसरी भुजा। समरूप त्रिभुजों में संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है, इसलिए AC : PR = 3 : 2।

उत्तर: हाँ, ΔABC ~ ΔPQR (SAS); AC : PR = 3 : 2

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: अनुपातों की जाँच और कसौटी का नाम 1, AC : PR 1। बोर्ड के प्र. 27 की कुंजी में केवल (2) छपा है। कोण उन्हीं दो भुजाओं के बीच का होना चाहिए जिनका अनुपात लिया गया है।

अभ्यास 8 2 अंक · प्र. 28 जैसा · NCERT 7.2

हमारी रचना · 2 अंकदूरी-सूत्र से दिखाइए कि बिंदु A(−1, 1), B(2, 3) और C(5, 5) संरेख हैं।
हल देखें

दूरियाँ: AB = √[(2 + 1)² + (3 − 1)²] = √(9 + 4) = √13; BC = √[(5 − 2)² + (5 − 3)²] = √(9 + 4) = √13; AC = √[(5 + 1)² + (5 − 1)²] = √(36 + 16) = √52 = 2√13।

निष्कर्ष: AB + BC = √13 + √13 = 2√13 = AC, इसलिए NCERT 7.2 के अनुसार A, B, C संरेख हैं (B, A और C के बीच में है)।

जाँच: AC का मध्य-बिंदु (−1 + 52, 1 + 52) = (2, 3) है, जो B ही है।

उत्तर: AB = BC = √13, AC = 2√13; AB + BC = AC, इसलिए संरेख

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: तीन दूरियाँ 1, AB + BC = AC लिखकर निष्कर्ष 1। बोर्ड के प्र. 28 की कुंजी में केवल (2) छपा है। मध्य-बिंदु वाली जाँच हमारा सुझाव है।

अभ्यास 9 2 अंक · प्र. 26 जैसा · NCERT 10.1, 10.2

हमारी रचना · 2 अंकएक रेखा किसी वृत्त को केवल एक बिंदु पर मिलती है और दूसरी रेखा उसी वृत्त को दो बिंदुओं पर मिलती है। (i) दोनों रेखाओं के नाम लिखिए। (ii) पहली रेखा और स्पर्श-बिंदु पर खींची गई त्रिज्या के बीच का कोण कितने अंश का होता है?
हल देखें

(i) नाम: NCERT 10.1 के अनुसार जो रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु पर मिलती है वह स्पर्श रेखा है, और जो दो बिंदुओं पर मिलती है वह छेदक रेखा है।

(ii) कोण: प्रमेय 10.1 के अनुसार वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा स्पर्श-बिंदु वाली त्रिज्या पर लंब होती है, इसलिए कोण 90° है।

उत्तर: पहली स्पर्श रेखा, दूसरी छेदक रेखा; कोण 90°

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: दोनों नाम 1, 90° (प्रमेय सहित) 1। बोर्ड के प्र. 26 की कुंजी में परिभाषाएँ और एक आकृति हैं, और (1+1=2) छपा है। छोटी आकृति बना दीजिए (हमारा सुझाव)।

अभ्यास 10 2 अंक · प्र. 18 का विस्तार · NCERT 10.3

हमारी रचना · 2 अंकO केंद्र वाले वृत्त पर बाहरी बिंदु T से स्पर्श रेखाएँ TP और TQ खींची गई हैं (P और Q स्पर्श-बिंदु हैं)। यदि ∠PTQ = 70° हो, तो ∠TPQ ज्ञात कीजिए।
हल देखें

चरण 1: प्रमेय 10.2 के अनुसार TP = TQ, इसलिए ΔTPQ समद्विबाहु है और ∠TPQ = ∠TQP।

चरण 2: त्रिभुज के कोणों का योग 180° है, इसलिए 2 × ∠TPQ = 180° − 70° = 110° और ∠TPQ = 55°।

जाँच (NCERT उदाहरण 2): ∠OPQ = 90° − 55° = 35° और 2 × 35° = 70° = ∠PTQ ✓।

उत्तर: ∠TPQ = 55°

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: TP = TQ और समद्विबाहु का तर्क 1, 55° 1। यह NCERT 10.3 के उदाहरण 2 का संख्यात्मक रूप है; जाँच की पंक्ति हमारा सुझाव है।

तीन अंक के (अभ्यास 11–14)

अभ्यास 11 3 अंक · प्र. 32 जैसा · NCERT 10.3

हमारी रचना · 3 अंकबाहरी बिंदु P से एक वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ PA और PB खींची गई हैं, जहाँ PA = (2x + 1) cm और PB = (3x − 4) cm है। (i) PA और PB की लंबाइयों में क्या संबंध है? कारण सहित लिखिए। (ii) x का मान और PA की लंबाई ज्ञात कीजिए।
हल देखें

(i) संबंध: PA = PB, यानी दोनों स्पर्श रेखाएँ लंबाई में बराबर हैं।

कारण (प्रमेय 10.2): केंद्र O को A, B और P से जोड़िए। स्पर्श रेखा त्रिज्या पर लंब होती है (प्रमेय 10.1), इसलिए ∠OAP = ∠OBP = 90°। समकोण त्रिभुजों OAP और OBP में OA = OB (त्रिज्याएँ) और OP उभयनिष्ठ है, अतः ΔOAP ≅ ΔOBP (RHS) और CPCT से PA = PB।

(ii) x: 2x + 1 = 3x − 4, इसलिए x = 5। तब PA = 2 × 5 + 1 = 11 cm।

जाँच: PB = 3 × 5 − 4 = 11 cm = PA ✓।

उत्तर: PA = PB (प्रमेय 10.2); x = 5; PA = 11 cm

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: संबंध 1, कारण 1, x और PA 1। बोर्ड के प्र. 32 की कुंजी में (1+2=3) छपा है; हमारी पढ़त में संबंध के 1 और कारण (प्रमेय 10.2) के 2 अंक हैं। यहाँ x वाला भाग जुड़ा है, इसलिए यह बोर्ड का विभाजन नहीं है।

अभ्यास 12 3 अंक · प्र. 28 का कठिन रूप · NCERT 7.2

हमारी रचना · 3 अंकएक विद्यार्थी का दावा है कि बिंदु A(0, 0), B(2, 3) और C(4, 7) संरेख हैं। दूरी-सूत्र से इस दावे की जाँच कीजिए।
हल देखें

चरण 1: दूरियाँ। AB = √(2² + 3²) = √13; BC = √[(4 − 2)² + (7 − 3)²] = √(4 + 16) = √20; AC = √(4² + 7²) = √65।

चरण 2: शर्त। NCERT 7.2 के अनुसार तीन बिंदु तभी संरेख हैं जब दो दूरियों का योग तीसरी के बराबर हो। सबसे बड़ी दूरी AC है, इसलिए केवल AB + BC = AC की जाँच चाहिए।

चरण 3: जाँच। दशमलव में √13 + √20 ≈ 3.61 + 4.47 = 8.08 और √65 ≈ 8.06 पास-पास हैं, इसलिए वर्ग कीजिए: (√13 + √20)² = 33 + 2√260 और (√65)² = 65। बराबरी के लिए 2√260 = 32, यानी 260 = 256 होना चाहिए, जो गलत है।

निष्कर्ष: AB + BC ≠ AC, इसलिए बिंदु संरेख नहीं हैं और विद्यार्थी का दावा गलत है।

उत्तर: AB + BC ≠ AC; बिंदु संरेख नहीं हैं, दावा गलत

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: तीन दूरियाँ 1, शर्त और सटीक तुलना 1, निष्कर्ष 1। पास-पास दशमलव मानों पर निर्णय न लें; वर्ग करके सटीक तुलना करें (हमारा सुझाव)।

अभ्यास 13 3 अंक · प्र. 13 का विस्तार · NCERT 6.3, 6.4

हमारी रचना · 3 अंकΔPQR में बिंदु E भुजा PQ पर और बिंदु F भुजा PR पर है। PE = 4.5 cm, EQ = 3 cm, PF = 6 cm और FR = 4 cm है। (i) क्या EF ∥ QR? कारण दीजिए। (ii) यदि QR = 10 cm हो, तो EF ज्ञात कीजिए।
हल देखें

(i) अनुपात: PEEQ = 4.53 = 32 और PFFR = 64 = 32। रेखा दो भुजाओं को एक ही अनुपात में बाँटती है, इसलिए NCERT की प्रमेय 6.2 (प्रमेय 6.1 का विलोम) से EF ∥ QR।

(ii) EF: EF ∥ QR होने से संगत कोण ∠PEF = ∠PQR बराबर हैं और ∠P उभयनिष्ठ है, इसलिए ΔPEF ~ ΔPQR (AA)। तब EFQR = PEPQ = 4.57.5 = 35, और EF = 10 × 35 = 6 cm।

जाँच: PF ÷ PR = 6 ÷ 10 = 35 ✓।

उत्तर: हाँ, EF ∥ QR; EF = 6 cm

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: अनुपात और प्रमेय 6.2 से समांतरता 2, EF 1। यहाँ PQ = PE + EQ = 7.5 cm और PR = 10 cm लिखना न भूलें।

अभ्यास 14 3 अंक · NCERT का ढंग (त्रिभाजन) · NCERT 7.3

हमारी रचना · 3 अंकबिंदुओं A(−3, 4) और B(6, −2) को जोड़ने वाले रेखाखंड को तीन बराबर भागों में बाँटने वाले दोनों बिंदुओं के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
हल देखें

चरण 1: अनुपात। A के पास वाला बिंदु P रेखाखंड को 1 : 2 में और B के पास वाला बिंदु Q उसे 2 : 1 में बाँटता है।

चरण 2: P (1 : 2)। x = 1 × 6 + 2 × (−3)3 = 03 = 0 और y = 1 × (−2) + 2 × 43 = 63 = 2, यानी P(0, 2)।

चरण 3: Q (2 : 1)। x = 2 × 6 + 1 × (−3)3 = 93 = 3 और y = 2 × (−2) + 1 × 43 = 03 = 0, यानी Q(3, 0)।

जाँच: A से P, P से Q और Q से B तक हर बार x में +3 और y में −2 का अंतर है, यानी तीनों भाग बराबर हैं ✓।

उत्तर: P(0, 2) और Q(3, 0)

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: अनुपात तय करना 1, P 1, Q 1। NCERT अभ्यास 7.2 में ऐसा ही त्रिभाजन-प्रश्न है, पर संख्याएँ हमारी हैं।

पाँच अंक के (अभ्यास 15–16)

अभ्यास 15 5 अंक · प्र. 38 जैसा · NCERT 7.3

हमारी रचना · 5 अंकबिंदुओं A(1, −2) और B(11, 8) को जोड़ने वाले रेखाखंड को 3 : 2 में आंतरिक रूप से विभाजित करने वाले बिंदु P के निर्देशांक ज्ञात कीजिए। फिर अनुपात बदलकर 2 : 3 कर दें, तो नया बिंदु P′ ज्ञात कीजिए। अंत में सत्यापित कीजिए कि P और P′ का मध्य-बिंदु वही है जो AB का मध्य-बिंदु है।
हल देखें

चरण 1: P (3 : 2)। m1 = 3, m2 = 2: x = 3 × 11 + 2 × 15 = 355 = 7 और y = 3 × 8 + 2 × (−2)5 = 205 = 4, यानी P(7, 4)।

चरण 2: P′ (2 : 3)। m1 = 2, m2 = 3: x = 2 × 11 + 3 × 15 = 255 = 5 और y = 2 × 8 + 3 × (−2)5 = 105 = 2, यानी P′(5, 2)।

चरण 3: मध्य-बिंदु। P और P′ का मध्य-बिंदु (7 + 52, 4 + 22) = (6, 3) है। AB का मध्य-बिंदु (1 + 112, −2 + 82) = (6, 3) है। दोनों एक ही हैं ✓ (3 : 2 और 2 : 3 के बिंदु मध्य-बिंदु से बराबर दूरी पर दोनों ओर होते हैं)।

जाँच: AP = 6√2 और PB = 4√2, यानी AP : PB = 3 : 2 ✓।

उत्तर: P(7, 4); P′(5, 2); दोनों का मध्य-बिंदु (6, 3) = AB का मध्य-बिंदु

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: सूत्र लिखकर P 2, P′ 2, मध्य-बिंदु की जाँच 1। बोर्ड के प्र. 38 की कुंजी में (2½+2½=5) छपा है; हमारी पढ़त में पहले बिंदु के 2½ और बदली स्थिति के 2½ हैं, इसलिए हर बिंदु में पूरा सूत्र लिखिए।

अभ्यास 16 5 अंक · प्र. 13 का विस्तार (समरूपता सहित) · NCERT 6.3, 6.4

हमारी रचना · 5 अंकΔABC में बिंदु D भुजा AB पर और बिंदु E भुजा AC पर इस प्रकार हैं कि DE ∥ BC। AD = 3 cm, DB = 5 cm, AC = 12 cm और BC = 16 cm है। (i) AE और EC ज्ञात कीजिए। (ii) सिद्ध कीजिए कि ΔADE ~ ΔABC। (iii) DE ज्ञात कीजिए। (आकृति बनाइए।)
हल देखें

(i) AE और EC: प्रमेय 6.1 से ADDB = AEEC = 35। AE : EC = 3 : 5 और AE + EC = AC = 12 cm, इसलिए AE = 38 × 12 = 4.5 cm और EC = 58 × 12 = 7.5 cm।

(ii) समरूपता: ΔADE और ΔABC में ∠A उभयनिष्ठ है। DE ∥ BC और AB तिर्यक रेखा है, इसलिए संगत कोण ∠ADE = ∠ABC। दो कोण बराबर हैं, अतः AA कसौटी से ΔADE ~ ΔABC।

(iii) DE: AB = AD + DB = 8 cm। समरूपता से DEBC = ADAB = 38, इसलिए DE = 16 × 38 = 6 cm।

जाँच: AEAC = 4.512 = 38 ✓।

उत्तर: AE = 4.5 cm, EC = 7.5 cm; ΔADE ~ ΔABC (AA); DE = 6 cm

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: AE और EC 2, समरूपता का तर्क 2, DE 1। AB = AD + DB लिखना और AE ÷ AC का अनुपात वही है, यह जाँच हमारा सुझाव है।

7. जाँचें और सामान्य प्रश्न

पहले खुद सोचिए, फिर ‘उत्तर देखें’ दबाइए।

  1. बोर्ड के प्रारूप में त्रिभुज (अध्याय 6), निर्देशांक ज्यामिति (अध्याय 7) और वृत्त (अध्याय 10) के अंकभार क्रम से कितने-कितने हैं?
    • 6, 4, 7
    • 4, 7, 6
    • 7, 6, 4
    • 4, 6, 7
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: 4, 7, 6। ब्लूप्रिंट में त्रिभुज 4, निर्देशांक ज्यामिति 7 और वृत्त 6 अंक का है; तीनों मिलाकर 17। नमूने के आठ प्रश्न 3 × 1 + 3 × 2 + 3 + 5 = 17 अंक के बैठते हैं।

  2. बोर्ड के प्र. 27 (कथन की समीक्षा) की उत्तर-कुंजी की रूपरेखा किस प्रमेय की उपपत्ति जैसी है?
    • प्रमेय 6.3 (AAA समरूपता)
    • प्रमेय 6.1 (आधारभूत समानुपातिकता)
    • प्रमेय 6.5 (SAS समरूपता)
    • प्रमेय 10.2 (स्पर्श रेखाएँ)
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: प्रमेय 6.5 (SAS समरूपता)। कुंजी में AB/DE = AC/DF और ∠A = ∠D दिया है, फिर PQ ∥ EF और ΔABC ≅ ΔDPQ लिखकर ΔABC ~ ΔDEF निकाला गया है; NCERT 6.4 में प्रमेय 6.5 की उपपत्ति भी इसी क्रम से चलती है।

  3. बाहरी बिंदु P से O केंद्र वाले वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ PA और PB हैं और ∠APB = 40°। ∠AOB कितना है?
    • 140°
    • 40°
    • 70°
    • 50°
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: 140°। चतुर्भुज OAPB में ∠OAP = ∠OBP = 90° (प्रमेय 10.1), इसलिए ∠AOB = 360° − 90° − 90° − 40° = 140°। 70° उसका आधा है, 50° = 90° − 40° है और 40° वही कोण दोहराता है।

  4. बिंदु (3, −4) की मूल-बिंदु से दूरी कितनी है?
    • 7
    • 25
    • 1
    • 5
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: 5। NCERT के सारांश 7.4 (बिंदु 2) के अनुसार दूरी = √(x² + y²) = √(9 + 16) = 5। 7 में 3 और 4 जोड़ दिए गए हैं, 25 में वर्गमूल भूल गए।

  5. बोर्ड के प्र. 38 की उत्तर-कुंजी में अंक-विभाजन क्या छपा है?
    • 2 + 3 = 5
    • 2½ + 2½ = 5
    • 1 + 2 + 2 = 5
    • केवल (5), विभाजन नहीं
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: 2½ + 2½ = 5। कुंजी में (2½+2½=5) छपा है। पहले भाग में P(6, 1) और बदली स्थिति के लिए P′(42/5, −1) है; ‘अथवा’ में (1, 3) और (2, 1) हैं।

सामान्य प्रश्न

ज्यामिति के तीन अध्यायों से कितने अंक आते हैं?

बोर्ड के ब्लूप्रिंट में त्रिभुज 4, निर्देशांक ज्यामिति 7 और वृत्त 6 अंक का है, कुल 17। नमूना प्रश्न-पत्र में इनके आठ प्रश्न हैं: एक अंक के प्र. 13, 17, 18; दो अंक के प्र. 26, 27, 28; तीन अंक का प्र. 32; और पाँच अंक का प्र. 38 (आंतरिक विकल्प सहित)। मूल परीक्षा में प्रश्न या उनके क्रमांक बदल सकते हैं, यह हमारी सावधानी है।

प्र. 27 जैसे ‘कथन की समीक्षा’ वाले प्रश्न में क्या लिखें?

बोर्ड के नमूने का कथन NCERT की प्रमेय 6.5 (SAS समरूपता) है, और कुंजी की रूपरेखा उसकी उपपत्ति जैसी है। हमारा सुझाव: पहले लिखिए कि कथन सही है, फिर दिया हुआ, सिद्ध करना है, रचना (DP = AB और DQ = AC काटकर PQ जोड़ना) और उपपत्ति, हर चरण के आगे कारण के साथ: प्रमेय 6.2 से PQ ∥ EF, SAS से ΔABC ≅ ΔDPQ, फिर ΔABC ~ ΔDEF। कुंजी में केवल (2) छपा है।

प्र. 13 की आकृति में क्या ध्यान रखें?

हमारी पढ़त में आकृति में AD = 1.5 cm, DB = 3 cm, AE = 1 cm और BC = 4 cm दिए हैं, और प्रमेय 6.1 से EC = 2, जो कुंजी का विकल्प (अ) है। BC इस प्रश्न में काम नहीं आता। आकृति में C पर समकोण जैसा दिखता है, पर दी लंबाइयों से समकोण नहीं बनता (हमारी गणना); इसलिए आकृति को पैमाने की न मानकर केवल दी हुई लंबाइयों से अनुपात बनाइए।

प्र. 38 में ‘बदली स्थिति’ वाला भाग कैसे करें?

पहले बदले हुए बिंदु लिखिए, फिर वही अनुपात दोबारा लगाइए; पहले मिले बिंदु को सीधे मत बदलिए। नमूने में A′(6, −3) और B′(12, 2) बनते हैं, और 2 : 3 पर x = (2 × 12 + 3 × 6)/5 = 42/5, y = (2 × 2 + 3 × (−3))/5 = −1। कुंजी में (2½+2½=5) छपा है, इसलिए हर बिंदु का पूरा सूत्र लिखिए।

इस लेख के प्रश्न और उत्तर किसने लिखे हैं?

16 प्रश्न और उनके हल हमने स्वयं लिखे हैं; वे बोर्ड या किसी प्रकाशक से नहीं लिए गए। हर संख्यात्मक उत्तर कंप्यूटर-बीजगणित (SymPy) और सटीक भिन्नों से जाँचा गया है, और हर हल में दूसरे ढंग से जाँच दी गई है। बोर्ड के आठ प्रश्नों का केवल आशय दिया गया है; मूल प्रश्न-पत्र बोर्ड की साइट से देखिए।

8. संदर्भ

  1. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर: Download Center, Model Question Papers 2027 और Secondary Model Question Paper (PDF): गणित (कोड 09) का नमूना प्रश्न-पत्र, ब्लूप्रिंट, प्रश्न-पत्र की योजना और उत्तर-कुंजी।
  2. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान: कक्षा 10 पाठ्यक्रम 2026-27 (PDF): गणित का पाठ्यक्रम।
  3. NCERT, गणित कक्षा 10, पुनर्मुद्रण 2026-27: अध्याय 6 त्रिभुज (हिंदी, English), अध्याय 7 निर्देशांक ज्यामिति (हिंदी, English), अध्याय 10 वृत्त (हिंदी, English)।
  4. NCERTClasses: कक्षा 10 गणित प्रश्न पत्र प्रारूप एवं ब्लू प्रिंट 2026-27; सांख्यिकी और प्रायिकता: विधि और 16 हल अभ्यास; त्रिकोणमिति: विधि और 16 हल अभ्यास; बीजगणित: विधि और 16 हल अभ्यास; केस-आधारित प्रश्न; शब्द-समस्याएँ: 50 हल प्रश्न; 80/80 कैसे पाएँ: टॉपर कॉपी विश्लेषण।
श्रेणियाँ: कक्षा 10 · गणित · RBSE · ज्यामिति · त्रिभुज · निर्देशांक ज्यामिति · वृत्त · स्पर्श रेखाएँ · NCERT · पाठ्यक्रम 2026-27

NCERTClasses टीम · प्रकाशित: 20 अक्टूबर 2026 · अंतिम अद्यतन: 20 अक्टूबर 2026

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