क्षेत्रमिति (अध्याय 11, 12; प्र. 15, 16, 19, 33, 40): विधि और 16 हल अभ्यास — कक्षा 10 गणित (RBSE 2026-27)

📅 Wednesday, 21 October 2026 📖 पढ़ रहे हैं...
क्षेत्रमिति (अध्याय 11, 12)
बोर्डमाध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर
कक्षा / सत्र10 / 2026-27
विषयगणित (कोड 09)
पाठ्यपुस्तकNCERT गणित कक्षा 10, अध्याय 11 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल, अध्याय 12 पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन
बोर्ड के प्रारूप में अंकभारवृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल 5 + पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन 6 = 11 अंक
नमूना प्रश्न-पत्र में5 प्रश्न: 1 अंक के 3 (प्र. 15, 16, 19), 3 अंक का 1 (प्र. 33), 5 अंक का 1 (प्र. 40)

यह लेख क्षेत्रमिति के प्रश्नों (प्र. 15, 16, 19, 33, 40) के बारे में है। पूरे प्रश्न-पत्र का ढाँचा हमारे कक्षा 10 गणित प्रश्न पत्र प्रारूप एवं ब्लू प्रिंट 2026-27 में है; श्रृंखला के पिछले लेख सांख्यिकी और प्रायिकता, त्रिकोणमिति, बीजगणित और ज्यामिति पर हैं; और अभ्यास के लिए केस-आधारित प्रश्न तथा शब्द-समस्याओं के पृष्ठ देखें।

बोर्ड के नमूना प्रश्न-पत्र 2026-27 में क्षेत्रमिति के दो अध्यायों के 5 प्रश्न हैं, कुल 11 अंक के। दो बहुविकल्पी (प्र. 15 और 19) विद्यार्थी का कथन या सूत्र जाँचने वाले हैं, प्र. 33 तुलना का है, और पाँच अंक का प्र. 40 आंतरिक विकल्प वाला है।

इस लेख में पहले प्रश्नों का स्वरूप और कुंजी की बातें हैं, फिर दोनों अध्यायों की विधि, तुलना वाले प्रश्नों का ढंग और उत्तर लिखने की बातें, और अंत में 16 हल अभ्यास: 6 एक अंक के, 4 दो अंक के, 4 तीन अंक के और 2 पाँच अंक के।

चार बातें साफ़ रहें: (1) बोर्ड के प्रश्नों का केवल आशय हमारे शब्दों में है; पूरे प्रश्न और पूरे उत्तर बोर्ड की साइट पर देखिए। (2) अंक-विभाजन वहीं बोर्ड का है जहाँ छपा है: प्र. 40 में (2+2+1=5); प्र. 15, 16, 19 में (1) और प्र. 33 में (3)। हमारे अभ्यासों का विभाजन हमारा अनुमान है। (3) प्र. 16 की कुंजी और प्र. 40 के ‘अथवा’ की कुंजी पर हमारी पढ़त नीचे है; बाक़ी प्रश्न हमने स्वयं हल करके कुंजी से मिलाए हैं। (4) 16 प्रश्न और हल हमारे अपने हैं; हर उत्तर कंप्यूटर से सटीक रूप में जाँचा गया है और हर बहुविकल्पी में चारों विकल्प अलग हैं। लेख में चित्र नहीं हैं; आकृति का वर्णन शब्दों में है, उसे कॉपी में बनाइए।

अंतिम अद्यतन: 21 अक्टूबर 2026 · पढ़ने का समय: लगभग 40 मिनट

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1. बोर्ड के पेपर में क्षेत्रमिति

बोर्ड के नमूना प्रश्न-पत्र (गणित, विषय कोड 09, समय 3 घंटे 15 मिनट, पूर्णांक 80) के ब्लूप्रिंट में क्षेत्रमिति के दो अध्यायों के ये प्रश्न हैं। प्रश्नों का आशय हमारे शब्दों में, और उत्तर-कुंजी की बातें जैसी छपी हैं:

बोर्ड के नमूना प्रश्न-पत्र में क्षेत्रमिति के पाँच प्रश्न
प्र.अध्यायअंकप्रश्न का आशय (हमारे शब्दों में)उत्तर-कुंजी में
15111एक छात्र का कथन कि त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल निकालने के लिए केवल केंद्र कोण पर्याप्त है; इस कथन की परिकल्पना चुननासही विकल्प (ब): गलत, क्योंकि त्रिज्या भी चाहिए
16121दो समान घनों को जोड़कर घनाभ बनाया गया; घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल घन के क्षेत्रफल से कैसा होगासही विकल्प (ब), यानी कम हो जाएगा (नीचे हमारी पढ़त)
19111दो विद्यार्थियों के सूत्र π(R² − r²)θ/360 और π(R + r)(R − r)θ/360 से दो त्रिज्यखंडों के क्षेत्रफलों का अंतर; कौन सहीसही विकल्प (स): दोनों सही
33113दो त्रिज्यखंड (14 cm, 45°) और (7 cm, 180°); क्षेत्रफलों की तुलनाअनुपात 45 × 14 × 14 ÷ (180 × 7 × 7) = 1, क्षेत्रफल समान (3)
40125अर्धगोले पर शंकु वाला ठोस खिलौना (शंकु की ऊँचाई 2 cm, आधार का व्यास 4 cm, π = 3.14): खिलौने का आयतन; परिगत बेलन से आयतन का अंतर। अथवा: बेलन (ऊँचाई 10 cm, त्रिज्या 3.5 cm) के दोनों सिरों से अर्धगोले निकालकर बनी वस्तु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल‘उदाहरण 7, पेज 187’ का हवाला, (2+2+1=5)। अथवा: 2πrh + 2 × 2πr², कुल 374 cm²

अंकों का मिलान: 1 + 1 + 1 + 3 + 5 = 11, और अध्यायवार 5 + 6 = 11 (अध्याय 11: प्र. 15, 19, 33 = 1 + 1 + 3; अध्याय 12: प्र. 16, 40 = 1 + 5); यह बोर्ड के ब्लूप्रिंट से बैठता है। प्र. 40 में आंतरिक विकल्प है।

कुंजी और प्रश्नों से पाँच बातें (हमारी पढ़त):

  • प्र. 15: कुंजी (ब) है, यानी कथन गलत। NCERT के सारांश 11.2 (बिंदु 2) में क्षेत्रफल θ360 × πr² है, जिसमें r और θ दोनों हैं। एक ही 90° कोण पर त्रिज्या 7 cm हो तो क्षेत्रफल 38.5 cm² और 14 cm हो तो 154 cm² (हमारी गणना; π = 22/7); त्रिज्या अज्ञात हो तो 90° या 360° पर भी क्षेत्रफल तय नहीं होता (अभ्यास 7)।
  • प्र. 16: कुंजी (ब) है, पर हमारी पढ़त में हिंदी पाठ एकवचन ‘घन’ में है, इसलिए तुलना का आधार साफ़ नहीं। किनारा a लें तो दो अलग घनों का कुल क्षेत्रफल 12a², जुड़ने पर घनाभ का 10a², और एक घन का 6a²: घनाभ दोनों घनों के कुल से कम (10a² < 12a²) है, पर एक घन से अधिक (10a² > 6a²)। कुंजी तभी बैठती है जब तुलना दोनों घनों के कुल से हो; यही NCERT 12.3 की बात है कि जुड़ने पर कुछ पृष्ठ लुप्त हो जाते हैं। परीक्षा में यही आशय मानिए (हमारा सुझाव; अभ्यास 4)।
  • प्र. 19: दोनों सूत्र एक ही हैं, क्योंकि (R + r)(R − r) = R² − r²; इसलिए कुंजी (स)। दोनों में एक ही θ है, यानी दोनों त्रिज्यखंडों का कोण समान माना गया है। अंतर का सूत्र θ360 × π(R² − r²) है (अभ्यास 3)।
  • प्र. 33: कुंजी अनुपात A1A2 = θ1r1²θ2r2² से चलती है: 45 × 14 × 14 = 8820 और 180 × 7 × 7 = 8820, इसलिए अनुपात 1 और क्षेत्रफल समान; सीधे निकालने पर दोनों 24.5π = 77 cm² (π = 22/7; हमारी गणना)। कुंजी में केवल (3) छपा है।
  • प्र. 40: प्रश्न-पत्र में (2+2+1=5) छपा है; मुख्य भाग NCERT के उदाहरण 7 का है, जो हिंदी पुनर्मुद्रण 2026-27 में पेज 187 पर है (हमारी जाँच)। उसमें खिलौने का आयतन 25.12 cm³ और अंतर भी 25.12 cm³ छपा है; परिगत बेलन की त्रिज्या 2 cm और ऊँचाई 2 + 2 = 4 cm है, इसलिए बेलन 3.14 × 2² × 4 = 50.24 cm³ (हमारी गणना)। ‘अथवा’ की कुंजी में 2πrh + (2 × 2πr²) है: 220 + 154 = 374 cm²। कुंजी की इस पंक्ति में दूसरे पद का गुणनखंड हमारी पढ़त में 77 छपा दिखता है, जबकि 3.5 × 3.5 = 12.25 आता है और 4 × 22/7 × 12.25 = 154; अंतिम उत्तर 374 सही है।

समय: बोर्ड की प्रश्न-पत्र योजना में हल करने का संभावित समय 180 मिनट है (बहुविकल्पी 20, दो अंक 16, तीन अंक 28, पाँच अंक 116), और पढ़ने के 15 मिनट अलग हैं। इससे औसत: 1 अंक का प्रश्न 1 मिनट, 3 अंक का 3.5 मिनट, 5 अंक का 29 मिनट। क्षेत्रमिति के 5 प्रश्नों का औसत 3 × 1 + 3.5 + 29 = 35.5 मिनट बैठता है; प्र. 40 में सूत्र और मान ध्यान से लिखने का समय रखिए (हमारा अनुमान)।

2. वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल (अध्याय 11)

पाँच अंक: बहुविकल्पी प्र. 15 और 19, और तीन अंक का प्र. 33। NCERT के सारांश 11.2 में तीन ही सूत्र हैं, और बाक़ी सब इन्हीं से बनता है:

अध्याय 11 के सूत्र
क्या चाहिएसूत्र (त्रिज्या r, कोण θ)NCERT
चाप की लंबाईθ360 × 2πrसारांश 11.2, बिंदु 1
त्रिज्यखंड का क्षेत्रफलθ360 × πr²सारांश 11.2, बिंदु 2
वृत्तखंड का क्षेत्रफलसंगत त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल − संगत त्रिभुज का क्षेत्रफलसारांश 11.2, बिंदु 3
चतुर्थांश और अर्धवृत्तθ = 90° पर 14πr², θ = 180° पर 12πr²अभ्यास 11.1, प्रश्न 2 और 8

त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल (प्र. 15, 19 जैसे)

  1. r और θ अलग लिखिए। व्यास दिया हो तो आधा करके त्रिज्या लीजिए।
  2. भिन्न सरल कीजिए: 90360 = 14, 60360 = 16; इससे बाद की गुणा छोटी रहती है (अभ्यास 1, 8)।
  3. π का मान प्रश्न से लीजिए; 22/7 हो तो त्रिज्या में 7 का गुणज देखिए, ताकि 7 कट जाए (अभ्यास 1, 2)।
  4. चाप की लंबाई और क्षेत्रफल अलग हैं: लंबाई में 2πr, क्षेत्रफल में πr²; इकाइयाँ cm और cm² (अभ्यास 2)।

घड़ी की सुई और घूमते भाग (अभ्यास 8)

पहले कोण निकालिए। मिनट की सुई 60 मिनट में 360° घूमती है, यानी 1 मिनट में 6° (हमारी गणना); इसलिए 10 मिनट में 60°। फिर सुई की लंबाई को त्रिज्या मानकर त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल। NCERT अभ्यास 11.1 का प्रश्न 3 इसी का 14 cm और 5 मिनट वाला रूप है।

वृत्तखंड (अभ्यास 12)

वृत्तखंड का क्षेत्रफल = त्रिज्यखंड − त्रिभुज (सारांश 11.2, बिंदु 3)। जीवा केंद्र पर समकोण बनाए तो त्रिभुज OAB की दोनों त्रिज्याएँ आधार और ऊँचाई हैं, इसलिए उसका क्षेत्रफल 12r² है। NCERT अभ्यास 11.1 का प्रश्न 4 (त्रिज्या 10 cm, समकोण) इसी स्थिति का है।

चरने का क्षेत्रफल (अभ्यास 16)

वर्गाकार मैदान के कोने पर कोण 90° है, इसलिए रस्सी की लंबाई त्रिज्या वाला चतुर्थांश चरने का क्षेत्र है। पहले जाँचिए कि रस्सी भुजा से छोटी है, वरना चतुर्थांश मैदान से बाहर निकल जाएगा। रस्सी दोगुनी करने पर त्रिज्या दोगुनी और क्षेत्रफल चार गुना। NCERT अभ्यास 11.1 का प्रश्न 8 (15 m का मैदान, 5 m और 10 m की रस्सी) इसी ढंग का है।

आम गलतियाँ

  • θ360 लगाना भूल जाना, यानी पूरे वृत्त का क्षेत्रफल लिख देना (अभ्यास 1)।
  • चाप की लंबाई और त्रिज्यखंड के क्षेत्रफल के सूत्र उलझाना (अभ्यास 2)।
  • क्षेत्रफलों का अंतर R² − r² से निकलता है, (R − r)² से नहीं; दोनों बराबर नहीं हैं (अभ्यास 3)।
  • वृत्तखंड में त्रिभुज घटाना भूल जाना, या त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ही उत्तर में लिख देना (अभ्यास 12)।
  • 10 मिनट का कोण 10 × 6° = 60° की जगह 10 × 30° लिख देना; 30° पाँच मिनट का कोण है (अभ्यास 8)।

3. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन (अध्याय 12)

छह अंक: बहुविकल्पी प्र. 16 और पाँच अंक का प्र. 40। NCERT के अनुभाग 12.2 के अनुसार जुड़े ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल बाहर दिखने वाले वक्र पृष्ठों का योग है; अनुभाग 12.3 के अनुसार जुड़ने पर पृष्ठ का कुछ भाग लुप्त हो जाता है, पर आयतन भागों का योग रहता है। पहले तय कीजिए कि कौन-से पृष्ठ दिखते हैं:

अध्याय 12 के जुड़े हुए ठोस: कौन-से पृष्ठ और कौन-सा आयतन
ठोसपृष्ठीय क्षेत्रफल में क्या गिनेंआयतनकहाँ
बेलन के दोनों सिरों पर अर्धगोले (कैप्सूल)2πrh + 2πr² + 2πr² = 2πrh + 4πr²πr²h + 43πr³अभ्यास 12.1 प्रश्न 6; अभ्यास 9
अर्धगोले पर शंकु (खिलौना)2πr² + πrl, जहाँ l = √(r² + h²)23πr³ + 13πr²hअभ्यास 6, 10, 15
घन के ऊपर अर्धगोला6a² − πr² + 2πr² = 6a² + πr²a³ + 23πr³उदाहरण 2 (12.2); अभ्यास 13
बेलन के सिरों से अर्धगोले निकाले (प्र. 40 ‘अथवा’)2πrh + 2 × 2πr² (बेलन के वृत्ताकार सिरे नहीं गिने जाते)πr²h − 43πr³अभ्यास 12.1 प्रश्न 9
ठोस बेलन में शंक्वाकार गड्ढा2πrh + πr² + πrl (ऊपर का सिरा खुला)πr²h − 13πr²hअभ्यास 12.1 प्रश्न 8; अभ्यास 14
दो घन आमने-सामनेघनाभ का 2(lb + bh + hl), यानी दो घनों के योग से 2a² कम2a³अभ्यास 12.1 प्रश्न 1; अभ्यास 4

इस तालिका में अर्धगोले का वक्र पृष्ठ 2πr² और आयतन 23πr³ है; पूरे गोले का आयतन 43πr³ है, इसलिए दो अर्धगोलों का आयतन 43πr³ (अभ्यास 5)। शंकु का आयतन बेलन का 13 है जब आधार और ऊँचाई समान हों (अभ्यास 14)।

प्र. 40 जैसे प्रश्न की विधि (NCERT उदाहरण 7)

  1. त्रिज्या: व्यास दिया हो तो आधा; खिलौने में शंकु और अर्धगोले की त्रिज्या एक ही है।
  2. खिलौने का आयतन: अर्धगोला 23πr³ और शंकु 13πr²h, दोनों का योग (अभ्यास 10, 15)।
  3. परिगत बेलन: त्रिज्या वही; ऊँचाई = शंकु की ऊँचाई + अर्धगोले की त्रिज्या। NCERT के उदाहरण में यह 2 + 2 = 4 cm है।
  4. अंतर: बड़े आयतन में से छोटा घटाइए; बेलन खिलौने को घेरता है, इसलिए उसका आयतन अधिक आना चाहिए।
  5. π = 3.14 दिया हो तो 3.14 को सभी पदों से बाहर रखकर एक ही बार गुणा कीजिए, जैसे अभ्यास 15 में (18 + 24) × 3.14 (हमारा सुझाव)।

प्र. 16 जैसे प्रश्न की विधि

किनारे को संख्या मानकर तीनों क्षेत्रफल निकालिए: दो अलग घन, जुड़ा घनाभ, और एक घन। NCERT अभ्यास 12.1 का प्रश्न 1 इसी का संख्यात्मक रूप है (आयतन 64 cm³ वाले दो घन)। घनाभ का क्षेत्रफल दो घनों के कुल से कम इसलिए आता है कि जुड़ने पर दो फलक ढक जाते हैं (अभ्यास 4)।

आम गलतियाँ

  • जुड़े हुए ठोस में दोनों भागों के पूरे पृष्ठीय क्षेत्रफल जोड़ देना, जबकि जोड़ वाला तल गिना नहीं जाता (अभ्यास 4, 6)।
  • अर्धगोले के आयतन में 23 की जगह 43 या हर का 3 छोड़ देना (अभ्यास 5)।
  • शंकु के पृष्ठ में तिर्यक ऊँचाई l की जगह ऊँचाई h लेना (अभ्यास 6)।
  • कैप्सूल या अर्धगोले निकली वस्तु में बेलन के वृत्ताकार सिरे जोड़ देना (अभ्यास 9)।
  • घन पर अर्धगोले में घन का ढका हुआ आधार (πr²) न घटाना (अभ्यास 13)।
  • परिगत बेलन की ऊँचाई में अर्धगोले की त्रिज्या जोड़ना भूलना (अभ्यास 15)।

4. तुलना और कथन वाले प्रश्न

बोर्ड के प्र. 15, 19 और 33 में गणना कम और तर्क अधिक है। तीनों में एक ही विधि काम आती है: क्षेत्रफल θ और r² के गुणनफल के समानुपाती है, π और 360 दोनों ओर कट जाते हैं।

  1. अनुपात (प्र. 33 जैसे): A1A2 = θ1r1²θ2r2²। संख्याएँ रखकर पूरा क्षेत्रफल निकालने की ज़रूरत नहीं; अनुपात 1 आए तो क्षेत्रफल समान, 1 से अलग आए तो असमान (अभ्यास 11, जहाँ अनुपात 6 : 5 है)।
  2. सूत्र जाँचना (प्र. 19 जैसे): दोनों सूत्रों को सरल करके देखिए कि वे एक ही हैं या नहीं; या R और r की छोटी संख्याएँ रखकर मिलाइए। R = 7, r = 3 पर R² − r² = 40 है और (R − r)² = 16 (अभ्यास 3)।
  3. कथन परखना (प्र. 15 जैसे): एक उदाहरण दिखा दे कि उत्तर बदलता है, तो ‘इतना काफ़ी है’ वाला कथन गलत; अभ्यास 7 का कथन सही निकलता है, क्योंकि वहाँ त्रिज्या समान है। उत्तर में पहले ‘सही’ या ‘गलत’, फिर कारण (हमारा सुझाव)।
  4. कितने गुना: कोण दोगुना, त्रिज्या समान → क्षेत्रफल दोगुना; त्रिज्या दोगुनी, कोण समान → क्षेत्रफल चार गुना (अभ्यास 7, 16)।

5. उत्तर लिखने का ढंग

इस लेख में चित्र नहीं हैं; हर अभ्यास में आकृति का वर्णन शब्दों में है। उसे कॉपी में पेंसिल से बनाकर हल कीजिए।

  • π: प्रश्न में जो मान दिया हो वही लीजिए। NCERT के अभ्यास 11.1 और 12.1 में अन्यथा न कहे जाने पर π = 22/7 है; बोर्ड के प्र. 40 में 3.14 दिया है।
  • ‘π के पदों में’ पूछा जाए तो π रखकर ही उत्तर लिखिए, जैसे 36π cm³ (NCERT अभ्यास 12.2 का प्रश्न 1; अभ्यास 10, 14)।
  • इकाई: लंबाई cm, क्षेत्रफल cm², आयतन cm³; अभ्यास 9 में mm²। हर उत्तर के साथ इकाई लिखिए।
  • पूर्णांकन: ‘निकटतम’ पूछा जाए तभी पूर्णांक में बदलिए (NCERT अभ्यास 12.1 का प्रश्न 8); बाक़ी में पूरा मान लिखिए।
  • भागवार उत्तर: प्र. 40 में (2+2+1=5) छपा है, इसलिए खिलौने का आयतन, बेलन का आयतन और अंतर अलग-अलग पंक्ति में लिखिए और रेखांकित कीजिए (हमारा सुझाव; विभाजन का अनुमान: खिलौना 2, बेलन 2, अंतर 1)।
  • जाँच: अंतर धनात्मक आए, बेलन का आयतन खिलौने से अधिक आए, और जुड़े ठोस का क्षेत्रफल अलग भागों के कुल से कम आए।

6. 16 हल अभ्यास

पहले खुद हल कीजिए (आकृति बनाकर), फिर ‘उत्तर देखें’ या ‘हल देखें’ दबाइए। ‘प्र. 15 जैसा’ का अर्थ है कि अभ्यास उसी ढंग का है, बोर्ड का प्रश्न नहीं; आँकड़े हमने बदले हैं। हर हल के नीचे की टिप्पणी बताती है कि अंक-विभाजन बोर्ड की कुंजी से है या हमारा अनुमान।

एक अंक के (अभ्यास 1–6)

अभ्यास 1 1 अंक · प्र. 15 का आधार · NCERT 11.1, 11.2

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएत्रिज्या 14 cm और केंद्र कोण 90° वाले त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल कितना है? (π = 22/7)
  • (a) 616 cm²
  • (b) 77 cm²
  • (c) 154 cm²
  • (d) 308 cm²
उत्तर देखें

सही उत्तर: (c)

NCERT के सारांश 11.2 (बिंदु 2) के अनुसार क्षेत्रफल = θ360 × πr² = 90360 × 227 × 14 × 14 = 14 × 616 = 154 cm²। (a) 616 पूरे वृत्त का क्षेत्रफल है (θ/360 छूट गया); (b) 77 में कोण 45° ले लिया गया; (d) 308 अर्धवृत्त (180°) का क्षेत्रफल है।

अभ्यास 2 1 अंक · NCERT 11.1 का ढंग · NCERT 11.1, 11.2

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएत्रिज्या 7 cm और केंद्र कोण 90° वाले त्रिज्यखंड की चाप की लंबाई कितनी है? (π = 22/7)
  • (a) 11 cm
  • (b) 22 cm
  • (c) 38.5 cm
  • (d) 44 cm
उत्तर देखें

सही उत्तर: (a)

NCERT के सारांश 11.2 (बिंदु 1) के अनुसार चाप की लंबाई = θ360 × 2πr = 90360 × 2 × 227 × 7 = 14 × 44 = 11 cm। (b) 22 अर्धवृत्त की चाप है; (c) 38.5 त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल है, लंबाई नहीं; (d) 44 पूरे वृत्त की परिधि है।

अभ्यास 3 1 अंक · प्र. 19 जैसा · NCERT 11.1, 11.2

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएसमान केंद्र कोण θ वाले दो त्रिज्यखंडों की त्रिज्याएँ R और r (R > r) हैं। उनके क्षेत्रफलों का अंतर दो विद्यार्थियों ने इस प्रकार लिखा: विद्यार्थी A: π(R − r)² × θ360; विद्यार्थी B: π(R² − r²) × θ360। कौन सही है?
  • (a) विद्यार्थी A सही है
  • (b) विद्यार्थी B सही है
  • (c) दोनों सही हैं
  • (d) दोनों सही नहीं हैं
उत्तर देखें

सही उत्तर: (b)

दोनों क्षेत्रफल θ360 × πR² और θ360 × πr² हैं (NCERT सारांश 11.2), इसलिए अंतर θ360 × π(R² − r²), यानी B सही है। A में (R − r)² लिखा है, जो R² − r² के बराबर नहीं है। छोटी संख्याओं से जाँच: R = 7, r = 3 पर R² − r² = 40 जबकि (R − r)² = 16।

अभ्यास 4 1 अंक · प्र. 16 जैसा · NCERT 12.2, 12.3

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएकिनारा 3 cm वाले दो एक जैसे घनों को आमने-सामने जोड़कर 6 cm × 3 cm × 3 cm का घनाभ बनाया गया। घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल कितना है?
  • (a) 108 cm²
  • (b) 99 cm²
  • (c) 90 cm²
  • (d) 54 cm²
उत्तर देखें

सही उत्तर: (c)

घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(6 × 3 + 6 × 3 + 3 × 3) = 2 × 45 = 90 cm²। दूसरे ढंग से: जुड़ने पर 3 × 3 = 9 cm² के दो फलक ढक जाते हैं, इसलिए 2 × 54 − 2 × 9 = 90 (NCERT 12.3: जुड़ने पर पृष्ठ का कुछ भाग लुप्त हो जाता है)। (a) 108 दोनों घनों के अलग-अलग क्षेत्रफलों का योग है, (b) 99 में केवल एक फलक घटाया गया, (d) 54 एक घन का क्षेत्रफल है।

अभ्यास 5 1 अंक · प्र. 40 का आधार · NCERT 12.3

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएत्रिज्या 3 cm वाले ठोस अर्धगोले का आयतन कितना है? (π = 3.14)
  • (a) 28.26 cm³
  • (b) 113.04 cm³
  • (c) 169.56 cm³
  • (d) 56.52 cm³
उत्तर देखें

सही उत्तर: (d)

अर्धगोले का आयतन = 23πr³ = 23 × 3.14 × 3 × 3 × 3 = 56.52 cm³। (a) 28.26 = πr² (क्षेत्रफल) है, (b) 113.04 पूरे गोले का आयतन 43πr³ है, और (c) 169.56 = 2πr³ में हर का 3 छूट गया।

अभ्यास 6 1 अंक · NCERT 12.2 का ढंग · NCERT 12.2

हमारी रचना · सही विकल्प चुनिएत्रिज्या 3 cm वाले अर्धगोले पर उसी त्रिज्या का एक शंकु जुड़ा है, जिसकी ऊँचाई 4 cm है। इस खिलौने का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल कितना है?
  • (a) 42π cm²
  • (b) 33π cm²
  • (c) 30π cm²
  • (d) 51π cm²
उत्तर देखें

सही उत्तर: (b)

शंकु की तिर्यक ऊँचाई l = √(3² + 4²) = 5 cm। NCERT 12.2 के अनुसार खिलौने का क्षेत्रफल = अर्धगोले का वक्र पृष्ठ + शंकु का वक्र पृष्ठ = 2πr² + πrl = 18π + 15π = 33π cm²। (a) 42π में अर्धगोले का आधार-सहित क्षेत्रफल 27π लिया गया; (c) 30π में l की जगह ऊँचाई 4 ली गई; (d) 51π दोनों के कुल पृष्ठीय क्षेत्रफलों का योग है, जो गलत है।

दो अंक के (अभ्यास 7–10)

अभ्यास 7 2 अंक · प्र. 15 का विस्तार · NCERT 11.1, 11.2

हमारी रचना · 2 अंकएक विद्यार्थी का कथन है कि समान त्रिज्या वाले दो त्रिज्यखंडों में जिसका केंद्र कोण दोगुना है, उसका क्षेत्रफल भी दोगुना है। त्रिज्या 6 cm और कोण 30° तथा 60° लेकर इस कथन की जाँच कीजिए और कारण लिखिए।
हल देखें

चरण 1: दोनों क्षेत्रफल। 30° पर 30360 × π × 6² = 3π cm²; 60° पर 60360 × π × 6² = 6π cm²।

चरण 2: तुलना। 6π ÷ 3π = 2, इसलिए कोण दोगुना होने पर क्षेत्रफल दोगुना हुआ।

कारण: क्षेत्रफल = θ360 × πr² (NCERT सारांश 11.2) में r समान हो तो क्षेत्रफल θ के समानुपाती है। इसलिए कथन सही है।

उत्तर: कथन सही है; 3π cm² और 6π cm²

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: दोनों क्षेत्रफल 1, तुलना और कारण 1। बोर्ड के प्र. 15 में केवल (1) है; यह उसी ढंग का कथन-परीक्षण है, पर दो अंक के रूप में हमारी रचना है। ध्यान रखिए कि कथन तभी सही है जब त्रिज्या समान हो।

अभ्यास 8 2 अंक · NCERT अभ्यास 11.1 के प्रश्न 3 जैसा · NCERT 11.1

हमारी रचना · 2 अंकघड़ी की मिनट की सुई की लंबाई 21 cm है। 10 मिनट में सुई द्वारा तय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (π = 22/7)
हल देखें

चरण 1: कोण। मिनट की सुई 60 मिनट में 360° घूमती है, यानी 1 मिनट में 6°; इसलिए 10 मिनट में 10 × 6° = 60°।

चरण 2: क्षेत्रफल। त्रिज्या 21 cm और कोण 60° का त्रिज्यखंड: 60360 × 227 × 21 × 21 = 16 × 1386 = 231 cm²।

उत्तर: 231 cm²

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: कोण निकालना 1, क्षेत्रफल 1। NCERT अभ्यास 11.1 के प्रश्न 3 में 14 cm और 5 मिनट हैं; यहाँ संख्याएँ हमारी हैं।

अभ्यास 9 2 अंक · NCERT अभ्यास 12.1 के प्रश्न 6 जैसा · NCERT 12.2

हमारी रचना · 2 अंकएक कैप्सूल बेलन के रूप में है, जिसके प्रत्येक सिरे पर एक अर्धगोला जुड़ा है। बेलनाकार भाग की ऊँचाई 10 mm और त्रिज्या 7 mm है। कैप्सूल का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (π = 22/7)
हल देखें

चरण 1: कौन-से पृष्ठ। NCERT 12.2 के अनुसार जुड़े हुए ठोस में केवल बाहर दिखने वाले वक्र पृष्ठ गिने जाते हैं: बेलन का वक्र पृष्ठ और दोनों अर्धगोलों के वक्र पृष्ठ।

चरण 2: बेलन। 2πrh = 2 × 227 × 7 × 10 = 440 mm²।

चरण 3: दो अर्धगोले। 2 × 2πr² = 4πr² = 4 × 227 × 7 × 7 = 616 mm²।

कुल: 440 + 616 = 1056 mm²।

उत्तर: 1056 mm²

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: बेलन का वक्र पृष्ठ 1, दोनों अर्धगोले 1। ध्यान रखिए कि बेलन के वृत्ताकार सिरे नहीं गिने जाते, क्योंकि वहाँ अर्धगोले जुड़े हैं।

अभ्यास 10 2 अंक · NCERT 12.3 का ढंग · NCERT 12.3

हमारी रचना · 2 अंकएक ठोस खिलौना अर्धगोले पर खड़े शंकु के रूप में है। दोनों की त्रिज्या 3 cm है और शंकु की ऊँचाई 6 cm है। खिलौने का आयतन π के पदों में ज्ञात कीजिए।
हल देखें

शंकु: 13πr²h = 13 × π × 3² × 6 = 18π cm³।

अर्धगोला: 23πr³ = 23 × π × 3³ = 18π cm³।

कुल: NCERT 12.3 के अनुसार जुड़े ठोस का आयतन भागों के आयतनों का योग होता है: 18π + 18π = 36π cm³।

उत्तर: 36π cm³

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: शंकु 1, अर्धगोला 1; योग सहित। आयतन में, पृष्ठीय क्षेत्रफल से अलग, कोई भाग घटाया नहीं जाता (NCERT 12.3)।

तीन अंक के (अभ्यास 11–14)

अभ्यास 11 3 अंक · प्र. 33 का दूसरा रूप · NCERT 11.1, 11.2

हमारी रचना · 3 अंकएक विद्यार्थी का दावा है कि त्रिज्या 10 cm और कोण 36° वाले त्रिज्यखंड तथा त्रिज्या 5 cm और कोण 120° वाले त्रिज्यखंड के क्षेत्रफल बराबर हैं। इस दावे की जाँच कीजिए।
हल देखें

चरण 1: क्षेत्रफल। पहला: 36360 × π × 10² = 10π cm²। दूसरा: 120360 × π × 5² = 25π3 cm²।

चरण 2: अनुपात। दोनों में π और 360 उभयनिष्ठ हैं, इसलिए अनुपात = (36 × 10²) : (120 × 5²) = 3600 : 3000 = 6 : 5।

निष्कर्ष: अनुपात 1 नहीं है, इसलिए क्षेत्रफल बराबर नहीं हैं; पहला त्रिज्यखंड बड़ा है। दावा गलत है।

उत्तर: 10π और 25π/3 cm²; अनुपात 6 : 5; दावा गलत

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: दोनों क्षेत्रफल या अनुपात 2, निष्कर्ष 1। बोर्ड के प्र. 33 में दोनों त्रिज्यखंडों का क्षेत्रफल बराबर निकलता है (कुंजी में केवल (3) छपा है); यहाँ अनुपात बराबर नहीं है, ताकि सही और गलत दोनों स्थितियों का अभ्यास हो।

अभ्यास 12 3 अंक · NCERT 11.1 का ढंग (वृत्तखंड) · NCERT 11.1, 11.2

हमारी रचना · 3 अंकत्रिज्या 14 cm वाले वृत्त की एक जीवा केंद्र पर समकोण (90°) बनाती है। संगत लघु वृत्तखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (π = 22/7)
हल देखें

चरण 1: सूत्र। NCERT सारांश 11.2 (बिंदु 3): वृत्तखंड का क्षेत्रफल = संगत त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल − संगत त्रिभुज का क्षेत्रफल।

चरण 2: त्रिज्यखंड। 90360 × 227 × 14 × 14 = 154 cm²।

चरण 3: त्रिभुज। दो त्रिज्याएँ समकोण बनाती हैं, इसलिए ΔOAB का क्षेत्रफल = 12 × 14 × 14 = 98 cm²।

चरण 4: अंतर। 154 − 98 = 56 cm²।

उत्तर: 56 cm²

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: त्रिज्यखंड 1, त्रिभुज 1, अंतर 1। त्रिभुज का क्षेत्रफल निकालते समय आधार और ऊँचाई के रूप में दोनों त्रिज्याएँ लेना (समकोण होने के कारण) हमारा सुझाव है।

अभ्यास 13 3 अंक · NCERT अभ्यास 12.1 के प्रश्न 4 जैसा · NCERT 12.2

हमारी रचना · 3 अंककिनारा 14 cm वाले घनाकार ब्लॉक के ऊपर एक अर्धगोला रखा गया है। अर्धगोले का अधिकतम संभव व्यास कितना हो सकता है? इस ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (π = 22/7)
हल देखें

चरण 1: व्यास। अर्धगोला घन की ऊपरी फलक पर पूरा बैठे, इसलिए अधिकतम व्यास घन के किनारे के बराबर, 14 cm है; त्रिज्या r = 7 cm।

चरण 2: क्षेत्रफल का सूत्र। NCERT उदाहरण 2 (12.2) की तरह: ठोस का क्षेत्रफल = घन का कुल पृष्ठ − अर्धगोले के आधार का क्षेत्रफल + अर्धगोले का वक्र पृष्ठ = 6a² − πr² + 2πr² = 6a² + πr²।

चरण 3: मान। 6 × 14² = 1176 cm² और πr² = 227 × 7 × 7 = 154 cm²।

कुल: 1176 + 154 = 1330 cm²।

उत्तर: अधिकतम व्यास 14 cm; पृष्ठीय क्षेत्रफल 1330 cm²

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: अधिकतम व्यास 1, क्षेत्रफल का सूत्र और घटाव-जोड़ 1, मान 1। NCERT अभ्यास 12.1 के प्रश्न 4 में किनारा 7 cm है; यहाँ संख्याएँ हमारी हैं।

अभ्यास 14 3 अंक · NCERT अभ्यास 12.1 के प्रश्न 8 से जुड़ा · NCERT 12.3

हमारी रचना · 3 अंकत्रिज्या 6 cm और ऊँचाई 12 cm वाले ठोस बेलन में से उसी त्रिज्या और उसी ऊँचाई का शंक्वाकार गड्ढा निकाल दिया गया। बचे हुए ठोस का आयतन π के पदों में और उसका मूल बेलन के आयतन से अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल देखें

चरण 1: बेलन। πr²h = π × 6² × 12 = 432π cm³।

चरण 2: शंकु (गड्ढा)। 13πr²h = 13 × π × 6² × 12 = 144π cm³।

चरण 3: बचा ठोस। गड्ढा खोदने पर आयतन घटता है: 432π − 144π = 288π cm³।

चरण 4: अनुपात। 288π : 432π = 2 : 3।

जाँच: समान आधार और समान ऊँचाई वाला शंकु बेलन का 13 होता है, इसलिए बचा भाग 23 ✓।

उत्तर: 288π cm³; अनुपात 2 : 3

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: बेलन और शंकु 1, घटाव 1, अनुपात 1। यहाँ आयतन माँगा गया है; NCERT अभ्यास 12.1 के प्रश्न 8 में इसी ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल माँगा गया है।

पाँच अंक के (अभ्यास 15–16)

अभ्यास 15 5 अंक · प्र. 40 जैसा · NCERT 12.3 (उदाहरण 7)

हमारी रचना · 5 अंकएक ठोस खिलौना अर्धगोले पर खड़े लंब-वृत्तीय शंकु के आकार का है। शंकु की ऊँचाई 8 cm है और आधार का व्यास 6 cm है। (i) खिलौने का आयतन ज्ञात कीजिए। (ii) यदि इस खिलौने को परिगत करने वाला एक लंब-वृत्तीय बेलन हो, तो बेलन का आयतन ज्ञात कीजिए। (iii) बेलन और खिलौने के आयतनों का अंतर ज्ञात कीजिए। (π = 3.14)
हल देखें

(i) खिलौने का आयतन। त्रिज्या r = 6 ÷ 2 = 3 cm। अर्धगोला: 23 × 3.14 × 3³ = 18 × 3.14; शंकु: 13 × 3.14 × 3² × 8 = 24 × 3.14। कुल = (18 + 24) × 3.14 = 42 × 3.14 = 131.88 cm³।

(ii) परिगत बेलन। बेलन की त्रिज्या = खिलौने की त्रिज्या = 3 cm, और ऊँचाई = शंकु की ऊँचाई + अर्धगोले की त्रिज्या = 8 + 3 = 11 cm। आयतन = 3.14 × 3² × 11 = 99 × 3.14 = 310.86 cm³।

(iii) अंतर। 310.86 − 131.88 = 178.98 cm³ (यानी 57 × 3.14)।

जाँच: (99 − 42) × 3.14 = 57 × 3.14 = 178.98 ✓।

उत्तर: (i) 131.88 cm³; (ii) 310.86 cm³; (iii) 178.98 cm³

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: खिलौने का आयतन 2, बेलन 2, अंतर 1। बोर्ड के प्र. 40 में प्रश्न-पत्र और कुंजी दोनों में (2+2+1=5) छपा है और मुख्य भाग NCERT उदाहरण 7 का है; हमारा विभाजन उसी ढंग का है। बेलन की ऊँचाई में अर्धगोले की त्रिज्या जोड़ना न भूलिए।

अभ्यास 16 5 अंक · NCERT अभ्यास 11.1 के प्रश्न 8 जैसा · NCERT 11.1

हमारी रचना · 5 अंकएक घोड़ा वर्गाकार घास के मैदान (भुजा 20 m) के एक कोने के खूँटे से 7 m लंबी रस्सी से बँधा है। (आकृति बनाइए।) (i) घोड़ा मैदान के कितने क्षेत्रफल में चर सकता है? (ii) यदि रस्सी 14 m लंबी कर दी जाए, तो चरने का क्षेत्रफल कितना होगा? (iii) चरने के क्षेत्रफल में वृद्धि ज्ञात कीजिए। (π = 22/7)
हल देखें

चरण 1: आकृति। कोने पर वर्ग का कोण 90° है, इसलिए घोड़ा रस्सी की लंबाई को त्रिज्या मानकर चतुर्थांश (90° का त्रिज्यखंड) में चर सकता है। 7 m और 14 m दोनों भुजा 20 m से छोटे हैं, इसलिए पूरा चतुर्थांश मैदान के अंदर रहता है।

(i) 7 m रस्सी। 90360 × 227 × 7 × 7 = 14 × 154 = 38.5 m²।

(ii) 14 m रस्सी। 90360 × 227 × 14 × 14 = 14 × 616 = 154 m²।

(iii) वृद्धि। 154 − 38.5 = 115.5 m²।

जाँच: रस्सी दोगुनी करने पर त्रिज्या दोगुनी, इसलिए क्षेत्रफल चार गुना: 38.5 × 4 = 154 ✓।

उत्तर: (i) 38.5 m²; (ii) 154 m²; (iii) 115.5 m²

अंक-विभाजन हमारा अनुमान: चतुर्थांश का तर्क और (i) 2, (ii) 2, (iii) 1। NCERT अभ्यास 11.1 के प्रश्न 8 में मैदान 15 m और रस्सी 5 m और 10 m है; यहाँ संख्याएँ हमारी हैं। आकृति में मैदान, कोना और चतुर्थांश दिखाइए (हमारा सुझाव)।

7. जाँचें और सामान्य प्रश्न

पहले खुद सोचिए, फिर ‘उत्तर देखें’ दबाइए।

  1. बोर्ड के ब्लूप्रिंट में ‘वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल’ और ‘पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन’ के अंकभार क्रम से कितने-कितने हैं?
    • 6 और 5
    • 5 और 6
    • 4 और 7
    • 5 और 5
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: 5 और 6। ब्लूप्रिंट में वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल 5 और पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन 6 अंक का है। नमूने में प्र. 15, 19 (1 + 1) और 33 (3) मिलकर 5 हैं, तथा प्र. 16 (1) और 40 (5) मिलकर 6; कुल 11।

  2. दो त्रिज्यखंडों की त्रिज्याएँ 2 : 1 और केंद्र कोण 1 : 4 के अनुपात में हैं। उनके क्षेत्रफलों का अनुपात क्या है?
    • 1 : 2
    • 2 : 1
    • 1 : 4
    • 1 : 1
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: 1 : 1। क्षेत्रफलों का अनुपात = (θ₁ × r₁²) : (θ₂ × r₂²) = (1 × 4) : (4 × 1) = 1 : 1, क्योंकि π और 360 दोनों ओर कट जाते हैं। यह बोर्ड के प्र. 33 जैसी विधि है।

  3. बोर्ड के प्र. 40 की कुंजी में प्रश्न का स्रोत और अंक-विभाजन क्या छपा है?
    • उदाहरण 7, पेज 187; (2+2+1=5)
    • उदाहरण 5, पेज 187; (2+2+1=5)
    • अभ्यास 12.1 का प्रश्न 9; (3+2=5)
    • कोई हवाला नहीं; केवल (5)
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: उदाहरण 7, पेज 187; (2+2+1=5)। कुंजी में पाठ्यपुस्तक का हवाला ‘उदाहरण 7, पेज 187’ और अंक-विभाजन (2+2+1=5) छपा है; प्रश्न-पत्र में भी यही विभाजन है। उदाहरण 7 हिंदी पुनर्मुद्रण 2026-27 के पेज 187 पर है।

  4. किनारा a वाले दो घनों को आमने-सामने जोड़कर बने घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल कितना है?
    • 12a²
    • 11a²
    • 10a²
    • 6a²
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: 10a²। घनाभ 2a × a × a का है: 2(2a² + a² + 2a²) = 10a²। दूसरे ढंग से, दो घनों का कुल 12a² है और जुड़ने पर a² के दो फलक ढक जाते हैं: 12a² − 2a² = 10a² (NCERT 12.3)।

  5. प्र. 40 के ‘अथवा’ की कुंजी में बेलन (h = 10 cm, r = 3.5 cm) के दोनों सिरों से अर्धगोले निकालने पर कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल कितना है? (π = 22/7)
    • 220 cm²
    • 374 cm²
    • 154 cm²
    • 297 cm²
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: 374 cm²। कुंजी में 2πrh + (2 × 2πr²) लिखा है: 2 × 22/7 × 3.5 × 10 = 220 और 4 × 22/7 × 3.5² = 154; योग 374 cm²। 220 केवल बेलन का वक्र पृष्ठ है, 154 केवल दोनों अर्धगोलों का, और 297 में एक ही अर्धगोला (77) जुड़ा है।

सामान्य प्रश्न

क्षेत्रमिति के दो अध्यायों से कितने अंक आते हैं?

बोर्ड के ब्लूप्रिंट में वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल (अध्याय 11) 5 अंक का और पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन (अध्याय 12) 6 अंक का है, कुल 11। नमूना प्रश्न-पत्र में इनके पाँच प्रश्न हैं: एक अंक के प्र. 15, 16, 19; तीन अंक का प्र. 33; और पाँच अंक का प्र. 40 (आंतरिक विकल्प सहित)। मूल परीक्षा में प्रश्न या उनके क्रमांक बदल सकते हैं, यह हमारी सावधानी है।

प्र. 40 जैसे प्रश्न में क्या ध्यान रखें?

बोर्ड के नमूने में प्रश्न-पत्र और कुंजी दोनों में (2+2+1=5) छपा है और कुंजी NCERT के उदाहरण 7 का हवाला देती है। हमारा सुझाव: व्यास से त्रिज्या निकालिए; खिलौने का आयतन अर्धगोले और शंकु का योग लिखिए; परिगत बेलन की ऊँचाई = शंकु की ऊँचाई + अर्धगोले की त्रिज्या; फिर अंतर। ‘अथवा’ में पृष्ठ = बेलन का वक्र पृष्ठ + दोनों अर्धगोलों के वक्र पृष्ठ।

प्र. 16 में कुंजी (ब) ‘कम हो जाएगा’ कैसे बैठती है?

हमारी पढ़त में हिंदी पाठ एकवचन ‘घन’ में है, इसलिए तुलना का आधार साफ़ नहीं। किनारा a लें: दो अलग घनों का कुल 12a², जुड़ा घनाभ 10a², एक घन 6a²। कुंजी (ब) तभी बैठती है जब तुलना दोनों घनों के कुल से हो (NCERT 12.3: जुड़ने पर कुछ पृष्ठ लुप्त होते हैं); परीक्षा में यही आशय मानिए (हमारा सुझाव)।

त्रिज्यखंड और ठोसों के प्रश्नों में π = 22/7 लें या 3.14?

जो प्रश्न में दिया हो वही लीजिए। NCERT के अभ्यास 11.1 और 12.1 के शीर्षक में लिखा है कि अन्यथा न कहा जाए तो π = 22/7 लें; पर बोर्ड के प्र. 40 में π = 3.14 दिया है। ‘π के पदों में’ पूछा जाए तो π को संख्या से न बदलें (अभ्यास 10 और 14)। उत्तर के साथ इकाई लिखिए: क्षेत्रफल cm², आयतन cm³।

इस लेख के प्रश्न और उत्तर किसने लिखे हैं?

16 प्रश्न और उनके हल हमने स्वयं लिखे हैं; वे बोर्ड या किसी प्रकाशक से नहीं लिए गए। हर संख्यात्मक उत्तर कंप्यूटर-बीजगणित (SymPy) और सटीक भिन्नों से जाँचा गया है, और हर हल में दूसरे ढंग से जाँच दी गई है। बोर्ड के पाँच प्रश्नों का केवल आशय दिया गया है; मूल प्रश्न-पत्र बोर्ड की साइट से देखिए।

8. संदर्भ

  1. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर: Download Center, Model Question Papers 2027 और Secondary Model Question Paper (PDF): गणित (कोड 09) का नमूना प्रश्न-पत्र, ब्लूप्रिंट, प्रश्न-पत्र की योजना और उत्तर-कुंजी।
  2. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान: कक्षा 10 पाठ्यक्रम 2026-27 (PDF): गणित का पाठ्यक्रम।
  3. NCERT, गणित कक्षा 10, पुनर्मुद्रण 2026-27: अध्याय 11 वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल (हिंदी, English), अध्याय 12 पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन (हिंदी, English)।
  4. NCERTClasses: कक्षा 10 गणित प्रश्न पत्र प्रारूप एवं ब्लू प्रिंट 2026-27; सांख्यिकी और प्रायिकता: विधि और 16 हल अभ्यास; त्रिकोणमिति: विधि और 16 हल अभ्यास; बीजगणित: विधि और 16 हल अभ्यास; केस-आधारित प्रश्न; शब्द-समस्याएँ: 50 हल प्रश्न; 80/80 कैसे पाएँ: टॉपर कॉपी विश्लेषण।
श्रेणियाँ: कक्षा 10 · गणित · RBSE · क्षेत्रमिति · वृत्तों से संबंधित क्षेत्रफल · पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन · NCERT · पाठ्यक्रम 2026-27

NCERTClasses टीम · प्रकाशित: 21 अक्टूबर 2026 · अंतिम अद्यतन: 21 अक्टूबर 2026

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